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May 14, 2026

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झारखंड में 20 जून से शुरू होगा SIR, चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम

रांची से विवेक चंद्र की रिपोर्ट Jharkhand SIR 2026: निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है. इसके तहत झारखंड समेत 16 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराया जाएगा. झारखंड में यह प्रक्रिया 20 जून से शुरू होगी और 7 अक्तूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. 30 जून से घर-घर जाएंगे बीएलओ निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, झारखंड में 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इसके बाद पांच अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. दावे और आपत्तियां पांच अगस्त से चार सितंबर तक लिये जाएंगे. सभी दावों और आपत्तियों के निबटारे के बाद सात अक्तूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी. 36 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचेगा अभियान निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर फेज-III के दौरान देशभर में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. इसके लिए 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) लगाए जाएंगे. नेतृत्वक दलों को भी प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलए नियुक्त करने की अपील की गई है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके. झारखंड में 2.64 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक झारखंड में कुल 2 करोड़ 64 लाख 89 हजार 777 मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. इसके लिए राज्य में 29,571 बीएलओ तैनात किए जाएंगे, जबकि विभिन्न नेतृत्वक दलों की ओर से 21,644 बीएलए लगाए जाएंगे. चुनाव आयोग का कहना है कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे और आवश्यक सुधार दर्ज करेंगे. 30 जून से शुरू होगा घर-घर सत्यापन अभियान झारखंड में एसआईआर कार्यक्रम के तहत तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य 20 जून से 29 जून 2026 तक चलेगा. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इस दौरान मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन ऑफ पोलिंग स्टेशन) भी किया जाएगा. अगस्त में प्रकाशित होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार झारखंड में 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया जाएगा. वहीं, दावे और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक चलेगी. 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 7 अक्टूबर 2026 को झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. आयोग का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी. चुनाव आयोग ने नेतृत्वक दलों से मांगा सहयोग निर्वाचन आयोग ने कहा कि एसआईआर एक सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता, नेतृत्वक दल और चुनाव अधिकारी सभी की अहम भूमिका होती है. आयोग ने सभी नेतृत्वक दलों से प्रत्येक बूथ पर बीएलए नियुक्त करने की अपील की है ताकि प्रक्रिया में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके. आयोग ने यह भी कहा कि पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है. हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाद में होगा एसआईआर निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में फिलहाल एसआईआर कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है. इन क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बाद में कार्यक्रम जारी किया जाएगा. एक नजर में देखें झारखंड में एसआईआर का कार्यक्रम तैयारी और प्रशिक्षण: 20 जून से 29 जून 2026 घर-घर सत्यापन: 30 जून से 29 जुलाई 2026 ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन: 5 अगस्त 2026 दावा और आपत्ति अवधि: 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 दावा-आपत्ति निपटारा: 3 अक्टूबर 2026 तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 अक्टूबर 2026 इसे भी पढ़ें: गाजे-बाजे के साथ हो रही थी शादी, ऐन सिंदूरदान के वक्त बिदक गई दुल्हन क्या है एसआईआर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाता है. इसमें मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाने और पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का कार्य किया जाता है. इससे चुनावी प्रक्रिया को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलती है. इसे भी पढ़ें: शादीशुदा युवक ने खुद को कुंवारा बताकर युवती को फंसाया, शोषण के बाद दी धमकी The post झारखंड में 20 जून से शुरू होगा SIR, चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड, ओडिशा सहित 16 राज्यों और 3 UTs में SIR की घोषणा: देखें पूरा शेड्यूल

निर्वाचन आयोग ने कहा कि इस चरण में दिल्ली, ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड, त्रिपुरा, दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव में एसआईआर होगा. मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे अधिकारी निर्वाचन आयोग ने बताया, एसआईआर के तीसरे चरण के दौरान 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तर के अधिकारी 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे करेंगे. एसआईआर के तीसरे चरण में दिल्ली को शामिल किया जाएगा, जहां सात अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. एसआईआर का तीसरा चरण पूरा होने पर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरा देश इसके अंतर्गत आ जाएगा. Election Commission of India has directed the conduct of the Special Intensive Revision (SIR) in 16 States and 3 Union Territories (UTs) as per Annexure-I. pic.twitter.com/5ekmPOJhMo — ANI (@ANI) May 14, 2026 इन राज्यों में बाद में होगी SIR की घोषणा चुनाव आयोग ने बताया, हिमपात वाले क्षेत्रों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एसआईआर का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा. इन राज्यों में SIR की प्रक्रिया हो चुकी है पूरी बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, गोवा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है. असम में एक विशेष पुनरीक्षण किया गया था. ये भी पढ़ें: झारखंड में 20 जून से शुरू होगा SIR, चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम The post झारखंड, ओडिशा सहित 16 राज्यों और 3 UTs में SIR की घोषणा: देखें पूरा शेड्यूल appeared first on Naya Vichar.

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सुबह गैस और पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? ये आसान घरेलू उपाय दिलाएंगे आराम

Morning Bloating Cure: सुबह सोकर उठते ही पेट भारी लगना, गैस बनने लगना या फिर पेट फूल जाना आज के समय में बेहद ही कॉमन प्रॉब्लम बन गयी है. कुछ लोग जब सुबह के समय असहज महसूस करने लगते हैं तो इसका असर उनके पूरे दिन पर पड़ता है. अक्सर सुबह के समय अगर आपका पेट फूल रहा है या फिर आपको डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम हो रही है तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. इन कारणों में रात को देर से खाना खाना, गलत डाइट लेना, कम पानी पीना और डाइजेस्टिव सिस्टम का कमजोर होने सबसे प्रमुख हैं. यह प्रॉब्लम कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अच्छी बात यह भी है कि आप कुछ नेचुरल चीजों का इस्तेमाल करके इस प्रॉब्लम से आसानी से राहत पा सकते हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको ऐसी ही 3 चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके घर पर ही मौजूद है और इनका सेवन आप पेट फूलने की समस्या से राहत पाने के लिए आसानी से कर सकते हैं. चलिए इन चीजों के बारे में जानते हैं विस्तार से. पेट फूलने में फायदेमंद गुनगुना पानी और नींबू सुबह के समय अगर आप खाली पेट गुनगुना पानी पीना शुरू कर देते हैं, तो इसे काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. अगर आप इसमें ऊपर से नींबू का रस मिला देते हैं, तो यह और भी ज्यादा फायदेमंद ड्रिंक बन जाता है. यह आपके शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने में मदद करता है और साथ ही आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को भी एक्टिव कर देता है. इसके सेवन से आपके पेट में जमा गैस बाहर निकलता है और साथ ही आपका पेट ज्याद हल्का भी महसूस होने लग जाता है. जब आप हर सुबह इस आदत को अपनाने लगते हैं, तो धीरे-धीरे आपकी ब्लोटिंग की प्रॉब्लम कम होने लग जाती है. ये भी पढ़ें: क्या होगा जब आप हर सुबह पीने लगेंगे मेथी का पानी? जान लें इसके 5 चौंका देने वाले फायदे हर सुबह पीएं सौंफ का पानी सौंफ का इस्तेमाल डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स को खत्म करने के लिए काफी पुराने समय से किया जाता रहा है. इसे सबसे पुराने और असरदार घरेलू उपायों में से भी एक माना जाता है. इसमें कुछ ऐसी क्वालिटीज पायी जाती हैं जो गैस और अपच की प्रॉब्लम को कम करने में मदद करते हैं. इसके लिए आपको रात को सोने से पहले एक ग्लास पानी में एक चम्मच सौंफ को भिगो देना है और अगली सुबह फिर इसी पानी को पी लेना है. आप अगर चाहें तो इस पानी को थोड़ा सा गुनगुना भी करके पी सकते हैं. इससे पेट की इन्फ्लेमेशन कम होती है और साथ ही आपको ज्यादा आराम भी मिलता है. अदरक की चाय का सेवन अदरक में कुछ ऐसी कुदरती चीजें पायी जाती हैं जो आपके डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं. यह आपके पेट में बनने वाले गैस को कम करने के साथ ही खाने को जल्दी डाइजेस्ट करने में भी मदद कर सकता है. ऐसे में सुबह के समय आपके लिए अदरक की चाय पीना काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. आप अगर चाहें तो गुनगुने पानी में थोड़ा सा अदरक का रस मिक्स करके भी इसका सेवन कर सकते हैं. इसके सेवन से आपके पेट की जलन, भारीपन और ब्लोटिंग की प्रॉब्लम से छुटकारा मिल सकता है. इन बातों का भी रखें खास ख्याल आपके लिए सिर्फ घरेलू उपायों को अपनाना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ हेल्दी आदतों को अपनाना और पुरानी आदतों को बदलना भी जरूरी है. रात को सोने से पहले बहुत ही ज्यादा फ्राइड या फिर हैवी चीजें खाने से बचें. इसके अलावा आपको खाने के तुरंत बाद ही सोने की अपनी आदत को भी जल्द से जल्द बदल देना चाहिए. पूरे दिन के दौरान सही मात्रा में पानी पीते रहें और लाइट एक्सरसाइज या फिर मॉर्निंग वॉक को भी अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाएं. ये छोटी-छोटी आदतें आपके पेट को हेल्दी रखने में मदद कर सकती हैं. ये भी पढ़ें: 30 की उम्र के बाद आपकी ये पुरानी आदतें पड़ सकती हैं भारी, आज ही अपनाएं नया लाइफस्टाइल The post सुबह गैस और पेट फूलने की समस्या से हैं परेशान? ये आसान घरेलू उपाय दिलाएंगे आराम appeared first on Naya Vichar.

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बुधवार को ‘Bhoot Bangla’ ने पलटा गेम, वहीं ‘Dhurandhar 2’ ने की रिकॉर्ड कमाई; देखें रांची में कहां और कितने बजे हैं शोज

Dhurandhar 2 vs Bhoot Bangla Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों दो बड़ी फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. एक तरफ रणवीर सिंह की एक्शन फिल्म ‘धुरंधर 2’ लगातार कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है, तो दूसरी ओर अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ भी दर्शकों को थिएटर तक खींचने में सफल हो रही है. जहां ‘धुरंधर 2’ को रिलीज हुए 56 दिन हो चुके हैं, वहीं ‘भूत बंगला’ को सिनेमाघरों में लगभग एक महीना पूरा होने वाला है. अब सवाल ये है कि आखिर किस फिल्म ने बुधवार को ज्यादा कमाई की और किसने बॉक्स ऑफिस पर बाजी मारी? आइए जानते हैं दोनों फिल्मों का ताजा कलेक्शन. धुंधर 2 बनाम भूत बंगला में कौन आगे? Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, धुरंधर 2 ने रिलीज के 56वें दिन यानी बुधवार को करीब 0.37 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. फिल्म की कुल कमाई अब कई भाषाओं को मिलाकर इस तरह पहुंच चुकी है— Hindi: ₹1,075.77 करोड़ Telugu: ₹43.03 करोड़ Tamil: ₹19.79 करोड़ Kannada: ₹3.85 करोड़ Malayalam: ₹1.77 करोड़ यानी फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब ₹1,144.21 करोड़ हो चुका है. इसी के साथ ‘धुरंधर 2’ साल 2026 की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई है. वहीं दूसरी तरफ, ‘भूत बंगला’ ने रिलीज के 27वें दिन बुधवार को शानदार 1.25 करोड़ रुपये कमाए. इसके बाद फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बढ़कर ₹163.05 करोड़ तक पहुंच गया है. बुधवार को किसकी हुई जीत? अगर सिर्फ बुधवार की कमाई की बात करें, तो ‘भूत बंगला’ ने ‘धुरंधर 2’ को पीछे छोड़ दिया. जहां रणवीर सिंह की फिल्म 56वें दिन 0.37 करोड़ ही जुटा पाई, वहीं अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ने 1.25 करोड़ का कारोबार कर बाजी मार ली. हालांकि ओवरऑल कलेक्शन के मामले में ‘धुरंधर 2’ अभी भी काफी आगे चल रही है और बॉक्स ऑफिस पर उसका दबदबा कायम है. रांची में गुरुवार को ‘भूत बंगला’ की शो टाइमिंग्स रांची में गुरुवार को ‘धुरंधर 2’ की शो टाइमिंग्स यह भी पढ़ें: Bollywood-South Box Office Clashes: सलमान वर्सेज प्रभास तक, 2026-2027 के बीच इन सुपरस्टार्स की टक्कर से हिल जाएगा बॉक्स ऑफिस The post बुधवार को ‘Bhoot Bangla’ ने पलटा गेम, वहीं ‘Dhurandhar 2’ ने की रिकॉर्ड कमाई; देखें रांची में कहां और कितने बजे हैं शोज appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल के स्कूलों में सुबह-सुबह वंदे मातरम गाना अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी सरकार ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी करने को कहा

Vande Mataram Mandatory in West Bengal Schools: पश्चिम बंगाल की नयी प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा ‘राष्ट्रवादी’ बदलाव किया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली प्रशासन ने राज्य के सभी प्रशासनी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (Assembly) के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य कर दिया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इसे सोमवार से सख्ती से लागू किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि राष्ट्र के प्रति सम्मान जगाने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था. सोमवार से बदल जायेगी स्कूलों की प्रार्थना शिक्षा विभाग द्वारा 13 मई को जारी निर्देश के अनुसार, अब राज्य के हर स्कूल में कक्षाओं की शुरुआत से पहले होने वाली सभा में ‘वंदे मातरम’ गाया जायेगा. आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि सभा में मौजूद प्रत्येक छात्र को राष्ट्रगीत के गायन में भाग लेना होगा. आदेश को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जायेगा. स्कूलों को प्रमाण के तौर पर असेंबली का दस्तावेजीकरण करना होगा. वीडियो रिकॉर्डिंग भी करने को कहा गया है. बंगाल के सचिवालय ‘नबान्न’ से होगी सीधी निगरानी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगले सोमवार से इसकी शुरुआत होगी. मैं खुद नबान्न (सचिवालय) जाकर इस आदेश के कार्यान्वयन की समीक्षा करूंगा. इसे भी पढ़ें : राष्ट्रीय चेतना की धड़कन है ‘वंदे मातरम’ : शुभेंदु केंद्र के सख्त कानून और बंगाल का नया मिजाज यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब केंद्र प्रशासन ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971’ में संशोधन की तैयारी कर रही है. नये नियमों के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन में जान-बूझकर बाधा डालना अब एक दंडनीय अपराध बन सकता है. बंगाल प्रशासन के इस फैसले को केंद्र की उसी राष्ट्रवादी मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें समय और गीतों के क्रम पर उलझे शिक्षक अब तक बंगाल के स्कूलों में मुख्य रूप से रवींद्रनाथ टैगोर रचित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया जाता था. पिछली ममता बनर्जी प्रशासन ने ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को राज्य गीत के रूप में पेश किया था. अब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित ‘वंदे मातरम’ के जुड़ जाने से शिक्षकों के बीच कुछ व्यावहारिक सवाल उठ रहे हैं. शिक्षकों के एक वर्ग का कहना है कि सुबह की सभा का समय सीमित होता है. इतने सारे गीतों को एक साथ गाने से कक्षाओं के समय पर असर पड़ सकता है. वामपंथी शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि प्रशासन गीतों के क्रम और समय-सारणी (Time-Table) को लेकर और अधिक स्पष्ट निर्देश जारी करे. इसे भी पढ़ें : ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष समारोह समिति का गठन दशकों बाद स्कूलों में गूंजेगा वंदे मातरम बंगाल की मिट्टी से उपजे वंदे मातरम की घर वापसी को भाजपा प्रशासन अपनी एक बड़ी सांस्कृतिक जीत मान रही है. दशकों बाद बंगाल के स्कूलों में वंदे मातरम की गूंज सुनाई देगी, जो राज्य की बदलती नेतृत्वक और सामाजिक दिशा का स्पष्ट संकेत है. इसे भी पढ़ें वंदे मातरम् को लेकर केंद्र की अधिसूचना के खिलाफ हाइकोर्ट में याचिका राज्यपाल ने ‘वंदे मातरम मार्च’ का किया नेतृत्व The post बंगाल के स्कूलों में सुबह-सुबह वंदे मातरम गाना अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी करने को कहा appeared first on Naya Vichar.

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Instagram ने बैन कर दिया आपका अकाउंट? मिनटों में हो सकता है रिकवर, जानें सीक्रेट तरीका

Instagram Account Banned: मई 2026 में इंस्टाग्राम यूजर्स के लिए एक बड़ी परेशानी सामने आई है. हिंदुस्तान समेत कई देशों में अचानक लोगों के अकाउंट बैन, सस्पेंड या लॉगआउट हो रहे हैं. सबसे हैरानी की बात यह है कि कई यूजर्स का कहना है कि उन्हें बिना किसी चेतावनी के उनका प्रोफाइल डिसेबल कर दिया गया. इस समस्या का असर सिर्फ नॉर्मल यूजर्स तक सीमित नहीं है. कंटेंट क्रिएटर्स, स्टूडेंट्स, छोटे बिजनेस चलाने वाले लोग और इंफ्लुएंसर्स भी इससे परेशान हैं.  आमतौर पर लोग अकाउंट वापस पाने के लिए सिर्फ ‘Appeal’ बटन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि Meta Platforms एक और छिपा हुआ ऑप्शन भी देता है. इसे Account Recovery Support सिस्टम कहा जाता है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं. क्यों बंद होता है Instagram अकाउंट? इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक बंद हो जाना कई वजहों से हो सकता है. अगर प्लेटफॉर्म को लगे कि कोई यूजर स्पैम कर रहा है, फेक एंगेजमेंट बढ़ा रहा है, बार-बार नियम तोड़ रहा है, संदिग्ध लॉगिन कर रहा है या फिर थर्ड-पार्टी ऐप्स और बॉट्स का यूज कर रहा है, तो अकाउंट डिसेबल किया जा सकता है. हालांकि, कई बार ऐसा भी होता है कि इंस्टाग्राम का ऑटोमेटेड सिस्टम गलती से असली यूजर्स को भी फ्लैग कर देता है. ऐसे मामलों में इंस्टाग्राम (मेटा) का कहना है कि अगर आपको लगता है कि आपका अकाउंट गलती से बैन हुआ है, तो आप रिव्यू के लिए अपील कर सकते हैं. Instagram अकाउंट वापस पाने का तरीका एक तरीका ऐसा भी है जिसके बारे में कई लोगों को पता नहीं होता. अगर आपका मेटा अकाउंट एक्सेस नहीं हो रहा, तो सिर्फ ऐप के अंदर दिए गए Appeal option पर डिपेंड रहना जरूरी नहीं है. दरअसल, Meta की अपनी official Account Recovery Support system भी है. यहां से आप सीधे recovery help ले सकते हैं. यानी अगर नॉर्मल तरीके काम नहीं कर रहे, तो आप कंपनी के recovery tools के जरिए अपना अकाउंट वापस पाने की कोशिश कर सकते हैं. ये स्टेप्स फॉलो करें  सबसे पहले इंस्टाग्राम खोलकर नॉर्मल तरीके से लॉगिन करने की कोशिश करें. अगर अकाउंट disabled होने का मैसेज दिखे, तो ‘Learn More’ या ‘Appeal’ वाले ऑप्शन पर टैप करें. अगर इंस्टाग्राम आपसे मांगे, तो selfie verification या कोई ID proof सबमिट करें. अकाउंट हैक या बंद होने की स्थिति में Meta के official recovery portal का यूज भी किया जा सकता है. अपने ईमेल इनबॉक्स के साथ-साथ spam folder भी जरूर चेक करें, क्योंकि रिकवरी से जुड़ी जानकारी वहीं आ सकती है. बार-बार अलग-अलग डिवाइस या VPN से लॉगिन करने की कोशिश न करें, इससे मामला और उलझ सकता है. अगर कोई third-party follower बढ़ाने वाला या automation app जुड़ा है, तो उसे हटा दें. अकाउंट वापस मिल जाने के बाद सेफ्टी के लिए two-factor authentication चालू कर लें. यह भी पढ़ें: अब देखते ही गायब हो जाएगी फोटो, Instagram पर आया Snapchat जैसा फीचर The post Instagram ने बैन कर दिया आपका अकाउंट? मिनटों में हो सकता है रिकवर, जानें सीक्रेट तरीका appeared first on Naya Vichar.

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16 अंकों के साथ RCB की जगह लगभग पक्की, CSK और RR के लिए बढ़ी मुश्किलें

RCB: विराट कोहली के शानदार शतक के दम पर RCB ने KKR को हराकर अंक तालिका में शीर्ष पर कब्जा जमा लिया है. हालांकि, RCB के नंबर-1 पर पहुँचते ही बाकी टीमों के लिए प्लेऑफ का समीकरण काफी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण हो गया है. आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की दौड़ से अब तक सिर्फ मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स ही आधिकारिक तौर पर बाहर हुई हैं. लीग स्टेज के अभी 13 मैच स्पोर्ट्से जाने बाकी हैं. 🚨 POINTS TABLE OF IPL 2026 🚨 – RCB tops the points table with 16 points in 12 matches.– Gujarat Titans slipped to 2nd position. pic.twitter.com/H0m9ALhtdZ — Maina Singh (@Maina_Singhx77) May 13, 2026 सभी 8 टीमों में प्लेऑफ का समीकरण रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): बेंगलुरु के प्लेऑफ में पहुँचने की संभावना अब 99 प्रतिशत हो गई है. टीम ने 12 में से 8 मैचों में जीत दर्ज कर 16 अंक हासिल कर लिए हैं और फिलहाल अंक तालिका में पहले स्थान पर काबिज है. हालांकि, बेंगलुरु के ‘टॉप-2’ में रहने की संभावना 77.6 प्रतिशत है। गुजरात टाइटंस (GT): गुजरात के ‘टॉप-4’ (प्लेऑफ) में जगह बनाने के चांस 99.7 प्रतिशत हैं. GT ने अब तक 12 में से 8 मैच जीते हैं और 16 अंकों के साथ वे अंक तालिका में दूसरे नंबर पर हैं. गुजरात के ‘टॉप-2’ में अपनी जगह पक्की करने की संभावना 82.6 प्रतिशत आंकी गई है. सनराइजर्स हैदराबाद (SRH): SRH के प्लेऑफ में पहुँचने की संभावना 77% है, जबकि टॉप-2 में रहने की संभावना 31.4% है. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR): रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से हारने के बाद, KKR के प्लेऑफ में पहुँचने की संभावना घटकर अब मात्र 2.6% रह गई है. यदि वे अपने शेष सभी मैच जीत भी जाते हैं, तब भी अधिकतम 15 अंकों तक ही पहुँच पाएंगे। इसका मतलब यह है कि उनके टॉप-2 में जगह बनाने की संभावना अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है. दिल्ली कैपिटल्स (DC): कोलकाता की ही तरह, दिल्ली कैपिटल्स की भी टॉप-2 में पहुँचने की संभावना अब खत्म हो गई है. दिल्ली के प्लेऑफ में जाने की संभावना भी महज 2.7% है. पंजाब किंग्स (PBKS): PBKS के प्लेऑफ में जाने के चांस 63.6% हैं, लेकिन उनके टॉप-2 में रहने की संभावना घटकर 22.2% रह गई है. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK): CSK के प्लेऑफ में जाने की संभावना 53.2% है, लेकिन उनके टॉप-2 में रहने की उम्मीद सिर्फ 19% है. राजस्थान रॉयल्स (RR): RR के टॉप-4 में रहने की संभावना 53% है, जबकि उनके टॉप-2 में रहने का चांस 15.3% है. The post 16 अंकों के साथ RCB की जगह लगभग पक्की, CSK और RR के लिए बढ़ी मुश्किलें appeared first on Naya Vichar.

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शादी के खिलाफ थे सूरज नांबियार, मौनी रॉय ने दिया था ये अल्टीमेटम, इंटरव्यू में किया था खुलासा

मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार इन दिनों अपने रिश्ते को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं. दोनों के तलाक की समाचारों के बीच अब उनका एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस इंटरव्यू में सूरज ने खुलकर बताया था कि शुरुआत में वह किसी एक्ट्रेस को डेट करने और शादी करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से दोनों अलग रह रहे हैं. हालांकि अब तक कपल की तरफ से रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। एक्ट्रेस को डेट करने को लेकर कन्फ्यूज थे सूरज ईटाइम्स को दिए पुराने इंटरव्यू में सूरज नांबियार ने बताया था कि जब उनकी और मौनी की मुलाकात दुबई में हुई थी, तब उन्हें एक्ट्रेस की जिंदगी से जुड़ी पब्लिसिटी का ज्यादा अंदाजा नहीं था. सूरज ने कहा था, “हमारे रिश्ते की शुरुआत में मैं और मौनी दुबई और विदेशों में मिलते थे. वहां ऐसा नहीं था कि उनके आसपास हमेशा फैंस और पैपराजी हो. लेकिन जब मैं पहली बार मुंबई आया और लोगों को मौनी के साथ सेल्फी लेते और पैपराजी को तस्वीरें क्लिक करते देखा, तब मुझे एहसास हुआ कि यह जिंदगी कैसी है.” उन्होंने आगे कहा, “सच कहूं तो मैं शुरुआत में इस बात को लेकर निश्चित नहीं था कि मैं किसी एक्ट्रेस को डेट करना चाहता हूं या नहीं. मुझे समझ आ गया था कि मौनी से शादी करने का मतलब है हमेशा पब्लिक लाइफ में रहना.” शादी के खिलाफ थे सूरज नांबियार उसी इंटरव्यू में सूरज ने यह भी बताया था कि वह लंबे समय तक शादी के खिलाफ थे. उन्होंने कहा, “काफी समय तक मैं शादी के विचार के खिलाफ था. लेकिन शादी के एक साल बाद मुझे महसूस हुआ कि यह काफी सुकून भरा अनुभव है और मैं इसे दूसरों को भी सलाह दूंगा. मौनी शुरू से ही शादी को लेकर साफ थी” उन्होंने कहा, “कुछ साल डेट करने के बाद मौनी ने साफ कह दिया था कि या तो शादी करो या फिर रिश्ता खत्म करो. मैं लगातार समय ले रहा था, लेकिन एक दिन मुझे एहसास हुआ कि अगर मैंने उनसे शादी नहीं की तो मैं उन्हें खो दूंगा. तभी मैंने तय किया कि हमें शादी कर लेनी चाहिए, क्योंकि मुझे लगा कि उनके साथ मेरी जिंदगी बेहतर होगी.” मौनी रॉय ने मांगी प्राइवेसी तलाक की अफवाहों के बीच मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर कर मीडिया से अपील की कि उनके बारे में गलत समाचारें न चलाई जाएं. मौनी ने सभी से प्राइवेसी बनाए रखने की भी गुजारिश की. वहीं दूसरी तरफ सूरज नांबियार ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया है और अब तक इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है. यह भी पढ़ें- मौनी रॉय की स्टारडम से बढ़ीं दूरियां? नई रिपोर्ट में रिश्ते को लेकर चौंकाने वाला खुलासा The post शादी के खिलाफ थे सूरज नांबियार, मौनी रॉय ने दिया था ये अल्टीमेटम, इंटरव्यू में किया था खुलासा appeared first on Naya Vichar.

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सीएम के काफिले में 3 गाड़ियां, PM की अपील के बाद एक-एक गाड़ी से ऑफिस पहुंचे बिहार के मंत्री

Bihar Politics: (मिथिलेश कुमार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल रंग लाने लगी है. अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम किए जाने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने कम से कम गाड़ियों में निकलने की घोषणा कर इस पर अमल शुरू कर दिया है. सीएम सम्राट चौधरी आज जब दरभंगा के लिए रवाना हुए तो पटना एयरपोर्ट सिर्फ 3 गाड़ियों के साथ पहुंचे थे. कोई ताम-झाम नहीं और पीएम नरेंद्र मोदी की अपील को सम्राट चौधरी ने अपने स्तर से लागू करने की शुरुआत कर दी है. नित्यानंद राय ने लिया ये फैसला इसी कड़ी में गुरुवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी कम से कम गाड़ियों से निकलने का फैसला किया है. उजियारपुर के सांसद और केंद्र प्रशासन में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के कार्यालय से बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को लेटर लिखकर इसकी सूचना दी गई है. लेटर में कहा गया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने अपने बिहार दौरे के क्रम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो गाड़ियां देने को कहा है. इनमें एक गाड़ी सीआरपीएफ जवानों के लिए और दूसरी गाड़ी राज्य पुलिस के लिए मांग की गई है. मुख्य सचिव को कहा गया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के जिलों के दौरे के समय वहां अतिरिक्ति गाड़ियों की व्यवस्था नहीं किए जाने संबंधी आदेश सभी जिलों को दिया जाए. स्वागत के दौरान गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं करने की अपील गृह राज्य मंत्री की ओर से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी को लेटर लिखकर कहा गया है कि उनके जिलों के दौरे के समय बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गाड़ियों की लंबी लाइन के साथ पहुंचते हैं. प्रदेश अध्यक्ष को लिखे लेटर में कहा गया है कि ऐसा कोई भी उपयोग उनके किसी कार्यक्रम में नहीं किया जाए. उनकी ओर से इस संबंध में संबंधित इलाके के विधायकों को भी लेटर भेज कर जानकारी दी जाएगी, कि उनके कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ियों की लाइन नहीं रहे. अशोक चौधरी-श्वेता गुप्ता एक-एक गाड़ी से पहुंचे जेडीयू ऑफिस राज्य प्रशासन के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और श्वेता गुप्ता गुरुवार को जेडीयू ऑफिस में पहले से निर्धारित जन सुनवाई कार्यक्रम में पहुंचे तो उनके साथ एक ही गाड़ी थी. इसके अलावा खान-भूतत्व एवं कला संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार गयाजी गुरुवार को ट्रेन से पहुंचेंगे. Also Read: स्कूल में पढ़ाने के साथ जनगणना ड्यूटी भी करेंगे शिक्षक, बिहार प्रशासन ने कंफ्यूजन किया क्लियर The post सीएम के काफिले में 3 गाड़ियां, PM की अपील के बाद एक-एक गाड़ी से ऑफिस पहुंचे बिहार के मंत्री appeared first on Naya Vichar.

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क्या आप भी रातभर जागकर पुरानी बातें सोचते रहते हैं? जानें ओवरथिंकिंग के इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने का तरीका

How to stop Overthinking: क्या आपके साथ कभी भी ऐसा हुआ है कि आप किसी छोटी सी बात को पूरे दिन सोचते रहे हैं. यह जो भी बात है आपके दिमाग से निकल ही नहीं रही है? कभी किसी की कही हुई बात याद आ रही है तो कभी अपनी कोई पुरानी गलती के बारे में बैठकर सोच रहे हैं. कई बार तो ऐसा भी होता है कि आप अपने फ्यूचर को लेकर हर समय टेंशन में बैठे रहते हैं. अगर आपके साथ इनमें से कुछ भी होता है तो आप अकेले तो बिलकुल भी नहीं है. आज की तेज दौड़ती जिंदगी में किसी भी बात को लेकर ओवरथिंकिंग करना एक कॉमन प्रॉब्लम बन चुकी है. किसी बात को थोड़ी देर सोचना तो ठीक है लेकिन जब यह आदत बढ़ जाती है तो प्रॉब्लम्स की शुरुआत भी यही से होती है. किसी भी चीज को हद से ज्यादा सोचने से दिमाग थक जाता है, रात को सही से नींद नहीं आती है और धीरे-धीरे स्ट्रेस भी बढ़ने लगता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी ओवरथिंकिंग की इस आदत से बाहर निकल सकते हैं. इसके अलावा यह तरीके आपके दिमाग को एक बार फिर से शांत और हल्का महसूस करने में भी मदद कर सकते हैं. ओवरथिंकिंग क्यों होती है? अगर आपको हर समय ओवरथिंकिंग हो रही है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. कई बार यह कॉन्फिडेंस की कमी, दिल में छिपा असफलता का डर या फिर हर काम को बिलकुल परफेक्ट तरीके से करने की चाहत भी हो सकती है. इसके अलावा कुछ लोग दूसरों की बातों को कुछ ज्यादा ही दिल से लगा लेते हैं, जो धीरे-धीरे आदत बनने लगती है और इसी तरह से आप किसी भी बात को लेकर बार-बार सोचने लगते हैं. तो चलिए जानते हैं ओवरथिंकिंग से बाहर निकलने का आसान और कारगर तरीका. ये भी पढ़ें: गर्मियों में घर लौटते ही करते हैं ये 5 काम? सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसान दिमाग को बिजी रखें, खाली न छोड़ें जब आपका दिमाग खाली रहता है तो अक्सर इसमें बेकार की चीजें चलती रहती हैं. खाली दिमाग बेकार की चीजों के तरफ आसानी से खिंचा चला जाता है. अगर आप ओवरथिंकिंग से बाहर निकलना चाहते हैं, तो आपको किसी काम में खुद को बिजी रखना शुरू कर देना चाहिए. किताबें पढ़ें, अपना काम करते रहें या फिर एक्सरसाइज करें. अगर आपको म्यूजिक सुनना पसंद है तो आप इसका सहारा भी ले सकते हैं. जब आपका दिमाग किसी क्रिएटिव काम में लगा हुआ रहता है, तो निगेटिव थिंकिंग अपने आप कम होने लगती है और आपका दिमाग भी शांत रहने लगता है. बीते समय में नहीं आज में जीना सीखें अगर आप ओवरथिंकिंग कर रहे हैं तो इसकी एक वजह यह भी हो सकती है कि आप बीते समय की चीजों में फंसे हुए हैं, या फिर आने वाले समय की चिंता आपको सता रही है. ओवरथिंकिंग से निकलने के लिए सबसे पहले अपने ‘आज’ पर ध्यान देना शुरू कर दें. आप जो भी काम कर रहे हैं उसी पर अपने पूरे फोकस को लगाएं. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका दिमाग अपनी जगह से भटकता नहीं है और आप ज्यादा शांत भी महसूस करने लग जाते हैं. हर बात को ज्यादा सीरियसली न लें अक्सर हम यह गलती करते हैं कि छोटी से छोटी बात को भी काफी बड़ा समझने लग जाते हैं. अगर आपकी भी यही आदत है तो यह बिलकुल भी सही नहीं है. हर एक चीज को दिल पर लगाना और हर एक बात के बारे में ज्यादा सोचना कभी भी अच्छा नहीं माना जाता है. कई बार ऐसा भी होता है कि लोग हमसे कुछ कह तो देते हैं, लेकर उसका मतलन उतना डीप नहीं होता है जितना हम अपने आप में समझ लेते हैं. आपके लिए बेहतर होगा कि आप कुछ चीजों और बातों को हल्के में लेना भी सीख लें. ये भी पढ़ें: क्या होगा जब आप हर सुबह पीने लगेंगे मेथी का पानी? जान लें इसके 5 चौंका देने वाले फायदे अपने इमोशंस शेयर करें अगर आपके दिल में बहुत सारी बातें एक साथ चल रही हैं, तो आपको कभी भी इन्हें अपने अंदर दबाकर रखने की गलती नहीं करनी चाहिए. अपने दिल में चल रही बातों और चीजों को अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या फिर फैमिली मेंबर के साथ शेयर करें. कई बार जब आप अपनी दिल की बातों को किसी और से शेयर करते हैं तो आपका मन हल्का होता है और साथ ही आपकी सोच भी क्लियर हो जाती है. मेडिटेशन और योग प्रैक्टिस करें अगर आप अपने दिमाग को शांत करना चाहते हैं तो आपको मेडिटेशन या फिर योग का सहारा लेना शुरू कर देना चाहिए. दिमाग को शांत करने के लिए ये सबसे बेस्ट उपायों में से हैं. एक शांत जगह पर बैठ जाएं और कुछ मिनटों तक गहरी सांस लेते रहें. इस समय आपको अपने दिमाग में चल रही चीजों को भी कंट्रोल करने की कोशिश करनी है. जब आप ऐसा करते हैं तो आपका स्ट्रेस कम होने के साथ ही चीजों को सोचने की आपकी कैपिसिटी भी बेहतर होती है. ये भी पढ़ें: 30 की उम्र के बाद आपकी ये पुरानी आदतें पड़ सकती हैं भारी, आज ही अपनाएं नया लाइफस्टाइल The post क्या आप भी रातभर जागकर पुरानी बातें सोचते रहते हैं? जानें ओवरथिंकिंग के इस चक्रव्यूह से बाहर निकलने का तरीका appeared first on Naya Vichar.

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