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May 16, 2026

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बिहार के 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुरू होगी AI की पढ़ाई, देखिए लिस्ट

Bihar Engineering College: (अमृता सिंह) बिहार में शिक्षा व्यवस्था को मॉडर्न बनाने के लिए कई पहल किए जा रहे हैं. ऐसे में तकनीकी शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए राज्य के 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग की पढ़ाई शुरू होगी. अखिल हिंदुस्तानीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने इसकी मंजूरी दे दी है. इन 10 कॉलेजों में शुरू होगी एआई की पढ़ाई बख्तियारपुर इंजीनियिरंग कॉलेज मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान गया इंजीनिरिंग कॉलेज छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज सुपौल इंजीनियरिंग कॉलेज दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज मुंगेर इंजीनियियिरंग कॉलेज पूर्णिया इंजीनियिरंग कॉलेज भागलपुर इंजीनियिरंग कॉलेज वैशाली इंजीनियरिंग कॉलेज कब से शुरू होगा कोर्स? जानकारी के मुताबिक, नए कोर्स 2026-27 से शुरू होंगे. 2025 में इस कोर्स के मान्यता के लिए कॉलेजों ने आवेदन किया था. साथ ही विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस संबंध में लेटर जारी कर तैयारी शुरू कर दी है. लेटर के अनुसार, हर कॉलेज में 60-60 सीटों पर एडमिशन लिया जायेएगा. यह कोर्स बीटेक स्तर पर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग शाखा के अधीन संचालित होगा. कंप्यूटर साइंस और उससे जुड़ी शाखाओं की बढ़ी मांग विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग का कहना है कि वर्तमान में कंप्यूटर साइंस और उससे जुड़ी शाखाओं की मांग तेजी से बढ़ी है. अधिकतर इंस्टीट्यूशन में इन शाखाओं की सीटें पूरी तरह भर रही हैं. विभाग का मानना है कि नए सिलेबस भविष्य में स्कील्ड इंजीनियर तैयार करने में अहम भूमिका निभायेंगे. कॉलेजों में इन सब्जेक्ट्स के लिए शिक्षकों की नियुक्ति भी की जायेगी. नए कोर्स के बारे में जानिए जानकारी के मुताबिक, एआई और मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग कोर्स के तहत छात्र-छात्राओं को डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, एल्गोरिद्म डिजाइन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों की पढ़ाई कराई जाएगी. Also Read: अयोध्या से जुड़ेगा बिहार का सीतामढ़ी, फोरलेन रोड के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू The post बिहार के 10 इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुरू होगी AI की पढ़ाई, देखिए लिस्ट appeared first on Naya Vichar.

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क्या समय के साथ कमजोर हो जाता है स्मार्टफोन का कैमरा? जानिए सच

कई लोग महसूस करते हैं कि नया स्मार्टफोन खरीदने के कुछ महीनों या सालों बाद उसकी कैमरा क्वाॅलिटी पहले जैसी नहीं रहती. फोटो धुंधली आने लगती है, फोकस धीमा हो जाता है और लो-लाइट में तस्वीरें खराब दिखने लगती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या स्मार्टफोन का कैमरा भी समय के साथ थक जाता है? जवाब थोड़ा दिलचस्प है. ज्यादातर मामलों में कैमरा सेंसर खराब नहीं होता, बल्कि कई दूसरी वजहें उसकी परफॉर्मेंस को प्रभावित करने लगती हैं. कैमरा सेंसर नहीं, ये चीजें होती हैं असली जिम्मेदार स्मार्टफोन कैमरा का सेंसर आमतौर पर कई साल तक ठीक काम कर सकता है. लेकिन कैमरा लेंस पर धूल, फिंगरप्रिंट और छोटे स्क्रैच जमा होने लगते हैं. यही वजह है कि फोटो की शार्पनेस और क्लैरिटी कम महसूस होती है. कई बार लोग कैमरा साफ किए बिना ही यह मान लेते हैं कि कैमरा खराब हो गया है. इसके अलावा फोन के गिरने या झटके लगने से कैमरा मॉड्यूल का अलाइनमेंट भी थोड़ा बिगड़ सकता है. इससे ऑटोफोकस पर असर पड़ता है और तस्वीरें ब्लर आने लगती हैं. सॉफ्टवेयर अपडेट भी बदल देते हैं कैमरा एक्सपीरियंस कई बार समस्या हार्डवेयर में नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर प्रॉसेसिंग में होती है. कंपनियां समय-समय पर कैमरा एल्गोरिद्म अपडेट करती हैं. कुछ अपडेट्स के बाद फोटो प्रोसेसिंग का तरीका बदल जाता है, जिससे यूजर्स को कैमरा क्वाॅलिटी पहले से अलग महसूस हो सकती है. अगर फोन में स्टोरेज लगभग फुल हो जाए या RAM पर ज्यादा लोड रहे, तब भी कैमरा ऐप स्लो हो सकता है. इससे फोटो क्लिक होने में देरी, लैग और वीडियो रिकॉर्डिंग में दिक्कत देखने को मिल सकती है. गर्मी और नमी भी पहुंचाती हैं नुकसान स्मार्टफोन का कैमरा लंबे समय तक ज्यादा गर्मी या नमी में रहने से प्रभावित हो सकता है. लगातार धूप में इस्तेमाल, गेमिंग के दौरान ओवरहीटिंग या पानी की हल्की नमी भी कैमरा सेंसर और लेंस पर असर डाल सकती है. कई बार कैमरा लेंस के अंदर फॉग जैसा असर दिखने लगता है, जिससे फोटो क्वाॅलिटी खराब हो जाती है. ऐसे बढ़ाएं कैमरा की लाइफ अगर आप चाहते हैं कि स्मार्टफोन कैमरा लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करे, तो कैमरा लेंस को नियमित रूप से माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें. फोन को बार-बार गिरने से बचाएं और बहुत ज्यादा गर्म जगहों पर इस्तेमाल न करें. साथ ही फालतू ऐप्स हटाकर स्टोरेज खाली रखें ताकि कैमरा ऐप स्मूद चले. जरूरत पड़ने पर कैमरा ऐप का कैश क्लियर करना और फोन को अपडेट रखना भी फायदेमंद हो सकता है. अगर कैमरा लगातार ब्लर फोटो दे रहा है, तो सर्विस सेंटर में जांच करवाना बेहतर रहेगा. हर खराब फोटो का मतलब कैमरा खराब होना नहीं अक्सर लोग मान लेते हैं कि स्मार्टफोन पुराना होने के साथ कैमरा भी कमजोर हो जाता है. जबकि असल में ज्यादातर मामलों में वजह धूल, सॉफ्टवेयर, स्टोरेज या फिजिकल डैमेज होती है. सही देखभाल और मेंटेनेंस के साथ स्मार्टफोन कैमरा कई साल तक अच्छी फोटो क्लिक कर सकता है. यह भी पढ़ें: इंटरनेट से लेकर SSD तक, WFH के लिए जरूरी हैं ये चीजें, वरना होगी दिक्कत The post क्या समय के साथ कमजोर हो जाता है स्मार्टफोन का कैमरा? जानिए सच appeared first on Naya Vichar.

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महिला T20 विश्व कप 2026 के लिए पाकिस्तान टीम की घोषणा, फातिमा सना संभालेंगी कमान

स्वयं ऋषि T20 WC 2026: पाकिस्तान की नजरे इस बड़े टूर्नामेंट में अच्छे प्रदर्शन पर होगी जिनका हालिया प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शनिवार को आगमी T20 विश्व कप के लिए अपने 15 सदस्य के स्क्वॉड की घोषणा कर दी है. इसमें फातिमा सना टीम की कप्तानी करते दिखेगी. स्क्वॉड में 5 नए चेहरों को मौका  इस बार पाकिस्तानी चयनकर्ताओं ने नए युवा खिलाडियों को मौका दिया है. इस घोषित स्क्वॉड में 5 खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपना पहला T20 विश्व कप स्पोर्ट्सेंगी. इन नए चेहरों में एमन फातिमा, नतालिया परवेज, रामीन शमीम, सिएरा जबीन, तस्मिया रुबाब शामिल है. पीसीबी को उम्मीद है की ये युवा चेहरे टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करेंगे. टीम में खिलाडियों का शानदार संतुलन  पाकिस्तान की सबसे बड़ी ताकत उसकी गेंदबाजी रही है. तेज गेंदबाजी में फातिमा सना के साथ डायना बेग और तस्मिया रुबाब पेस अटैक को लीड करेंगी. वहीं स्पिन विभाग की कमान सादिया इकबाल और नशरा संधू के हाथों में होंगी. दूसरी ओर बल्लेबाजी में टॉप ऑर्डर की जिम्मेदारी गुल फिरोजा, मुनिबा अली और आयशा जफर संभालेंगी. इसके अलावा मिडिल आर्डर में आलिया रियाज और इरम जावेद जैसी अनुभवी खिलाड़ी नजर आएगी.  पहले ही मैच में हिंदुस्तान से महामुकाबला  14 जून को बिर्मिंघम में होने वाले महामुकाबले पर पूरी दुनिया की नजरें रहेंगी. जहां हिंदुस्तान का मुकाबला अपने चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होगा. विश्व कप से ठीक पहले पाक टीम 28 मई से आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ ट्राई-सीरीज भी स्पोर्ट्सेगी. PAK टीम: फातिमा सना (कप्तान), गुल फिरोजा, आयशा जफर, इरम जावेद, एमान फातिमा, आलिया रियाज, नतालिया परवेज, सायरा जबीन, मुनीबा अली, तुबा हसन, रमीन शमीम, सादिया इकबाल, नाशरा संधू, डायना बेग, तस्मिया रुबाब.  The post स्त्री T20 विश्व कप 2026 के लिए पाकिस्तान टीम की घोषणा, फातिमा सना संभालेंगी कमान appeared first on Naya Vichar.

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Splitsvilla 16 Finale: ‘स्प्लिट्सविला 16’ का फिनाले आज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे विनर की जंग

Splitsvilla 16 Finale: एमटीवी का पॉपुलर डेटिंग रियलिटी शो ‘स्प्लिट्सविला X6’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है. सनी लियोनी और करण कुंद्रा की ओर से होस्ट किया गया यह शो 9 जनवरी से शुरू हुआ था. करीब पांच महीने बाद अब इसका ग्रैंड फिनाले होने जा रहा है. फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आखिर इस सीजन की ट्रॉफी कौन अपने नाम करेगा. शो के ग्रैंड फिनाले का पहला हिस्सा 15 मई को प्रसारित किया गया था, जबकि आखिरी भाग 16 मई को ऑन एयर होगा. इसी एपिसोड में इस सीजन के विजेताओं का ऐलान भी किया जाएगा. कब और कहां देखें ‘स्प्लिट्सविला X6’ का फिनाले? ‘स्प्लिट्सविला X6’ का ग्रैंड फिनाले 16 मई शाम 7 बजे एमटीवी इंडिया पर टेलीकास्ट किया जाएगा. अब फैंस को उस पल का इंतजार है जब इस सीजन की विनिंग जोड़ी का नाम सामने आएगा. ये हैं शो के 4 फाइनलिस्ट कपल इस बार ट्रॉफी के लिए चार जोड़ियां आमने-सामने हैं. इनमें कुशल तनवर उर्फ गुल्लू और कैरा अनु, योगेश रावत और रुरु ठाकुर, सोराब बेदी और निहारिका तिवारी, साथ ही टेन डे विलियर्स और सौंधार्या शेट्टी शामिल हैं. कुशल और कैरा के साथ टेन और सौंधार्या ने सबसे पहले ‘टिकट टू फिनाले’ टास्क जीतकर अपनी जगह पक्की की थी. इसके बाद सेमीफाइनल राउंड जीतकर बाकी दो जोड़ियां भी फिनाले में पहुंचीं. सोशल मीडिया पर वायरल हुई विनर की चर्चा फिनाले से पहले सोशल मीडिया और रेडिट पर विनर को लेकर काफी चर्चा हो रही है. एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि कुशल तनवर और कैरा अनु इस सीजन के विजेता बन सकते हैं. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर “कुशैरा की जीत” तेजी से ट्रेंड करने लगा. हालांकि अभी तक मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 20 लाख रुपये की प्राइज मनी पर टिकी नजर सनी लियोनी और करण कुंद्रा ने बताया था कि दर्शक जियोहॉटस्टार ऐप के जरिए अपनी पसंदीदा जोड़ी को वोट कर सकते हैं. सबसे ज्यादा वोट पाने वाली जोड़ी को 20 लाख रुपये की इनामी राशि दी जाएगी. यह भी पढ़ें- Chand Mera Dil: बॉक्स ऑफिस पर भीड़ जुटाने की तैयारी, पहले दिन इतने सस्ते मिलेंगे टिकट The post Splitsvilla 16 Finale: ‘स्प्लिट्सविला 16’ का फिनाले आज, जानिए कब और कहां देख सकेंगे विनर की जंग appeared first on Naya Vichar.

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इंटरनेट से लेकर SSD तक, WFH के लिए जरूरी हैं ये चीजें, वरना होगी दिक्कत

वर्क फ्रॉम होम अब सिर्फ आईटी सेक्टर तक सीमित नहीं रहा. फ्रीलांसर, कंटेंट क्रिएटर, ऑनलाइन टीचर, कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव और कॉर्पोरेट कर्मचारी बड़ी संख्या में घर से काम कर रहे हैं. लेकिन घर को ऑफिस जैसा माहौल बनाना उतना आसान नहीं होता जितना दिखता है. इंटरनेट की धीमी स्पीड, बार-बार सिस्टम हैंग होना या मीटिंग के दौरान आवाज साफ न पहुंचना काम को प्रभावित कर सकता है. यही वजह है कि अब लोग अपने होम ऑफिस सेटअप पर पहले से ज्यादा ध्यान देने लगे हैं. तेज इंटरनेट बना सबसे बड़ी जरूरत वर्क फ्रॉम होम का सबसे अहम हिस्सा इंटरनेट कनेक्शन है. अगर वीडियो कॉल बार-बार कट रही हो या फाइल अपलोड होने में समय लग रहा हो, तो काम की रफ्तार धीमी हो जाती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि स्मूद वीडियो मीटिंग और ऑनलाइन वर्क के लिए कम से कम 30Mbps की स्पीड जरूरी है. इसके साथ ड्यूल-बैंड वाई-फाई राउटर बेहतर कनेक्टिविटी देने में मदद करता है. SSD वाला कंप्यूटर बढ़ाता है काम की स्पीड सिर्फ इंटरनेट ही नहीं, आपका कंप्यूटर भी तेज होना चाहिए. पुराने हार्ड डिस्क वाले सिस्टम कई बार स्लो हो जाते हैं, जिससे ऐप्स खुलने और फाइल लोड होने में समय लगता है. SSD स्टोरेज वाले लैपटॉप और डेस्कटॉप तेजी से बूट होते हैं और मल्टीटास्किंग आसान बनाते हैं. यही कारण है कि अब अधिकतर प्रोफेशनल SSD आधारित सिस्टम को प्राथमिकता दे रहे हैं. ऑनलाइन मीटिंग के लिए अच्छे हेडफोन जरूरी वर्क फ्रॉम होम में मीटिंग्स का बड़ा रोल होता है. ऐसे में आवाज साफ सुनाई देना और माइक्रोफोन का बेहतर होना बेहद जरूरी है. नॉइज कैंसिलेशन फीचर वाले हेडफोन बैकग्राउंड शोर कम करने में मदद करते हैं. इससे मीटिंग के दौरान कम्युनिकेशन बेहतर होता है और प्रोफेशनल अनुभव मिलता है. स्मार्टफोन और पावर बैकअप भी हैं जरूरी घर से काम करते समय स्मार्टफोन बैकअप डिवाइस की तरह काम करता है. अगर लैपटॉप या इंटरनेट में दिक्कत आए तो फोन के जरिए जरूरी काम संभाला जा सकता है. इसके अलावा गर्मियों में बिजली कटौती बड़ी समस्या बनती जा रही है. ऐसे में वाई-फाई राउटर और जरूरी डिवाइस के लिए यूपीएस या पावर बैकअप सिस्टम उपयोगी साबित हो सकता है. बेसिक सॉफ्टवेयर पहले से रखें तैयार वर्क फ्रॉम होम के दौरान बार-बार सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना परेशानी बढ़ा सकता है. इसलिए सिस्टम में पहले से जरूरी ऐप्स इंस्टॉल होना चाहिए. गूगल क्रोम, जूम, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और क्लाउड स्टोरेज ऐप्स जैसे टूल्स काम को आसान बनाते हैं. सही सॉफ्टवेयर और मजबूत सेटअप घर को पूरी तरह प्रोफेशनल वर्कस्पेस में बदल सकते हैं. यह भी पढ़ें: Google Chrome में वेबसाइट बहुत धीरे खुलती है? Cache क्लियर करने से मिलेगा फायदा, जानें तरीका The post इंटरनेट से लेकर SSD तक, WFH के लिए जरूरी हैं ये चीजें, वरना होगी दिक्कत appeared first on Naya Vichar.

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कौन है ISIS का आतंकी अबू बक्र अल-मैनुकी, जो अमेरिका-नाइजीरिया के संयुक्त अभियान में मारा गया

ISIS Commander : इस्लामिक स्टेट का कुख्यात आतंकवादी अबू बक्र अल-मैनुकी अमेरिका और नाइजीरिया के संयुक्त अभियान में मारा गया है. उसके मारे की समाचार की पुष्टि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है. ट्रंप ने देर रात एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस संयुक्त अभियान की घोषणा की. ट्रंप ने अपने पोस्ट में बताया कि अबू बक्र अल-मैनुकी वैश्विक स्तर पर इस्लामिक स्टेट समूह का दूसरा सबसे बड़ा आतंकी था. ट्रंप ने कहा कि उसे ऐसा लगा था कि वह अफ्रीका में छिप सकता है लेकिन उसे यह नहीं पता था कि हमारे पास ऐसे सूत्र हैं, जो हमें उसकी गतिविधियों की जानकारी देते रहते थे. अल-मैनुकी के बारे में यह कहा जाता है कि वह अमेरिका के खिलाफ साजिशें कर रहा था. “Tonight, at my direction, brave American forces and the Armed Forces of Nigeria flawlessly executed a meticulously planned and very complex mission to eliminate the most active terrorist in the world from the battlefield. Abu-Bilal al-Minuki, second in command of ISIS…” -… pic.twitter.com/KF8MYet9CB — The White House (@WhiteHouse) May 16, 2026 कौन था अबू बक्र अल मैनुकी? अबू बक्र अल-मैनुकी इस्लामिक स्टेट का प्रमुख नेतृत्वकर्ता था. उसके बारे में यह कहा जाता है कि वह इस्लामिक स्टेट का वैश्विक स्तर पर दूसरे नंबर का कमांडर था. आतंकी समूहों पर नजर रखने वाली संस्था काउंटर एक्सट्रीमिज्म प्रोजेक्ट के अनुसार उसका जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो प्रांत में हुआ था. 2018 में मम्मन नूर के मारे जाने के बाद उसने पश्चिम अफ्रीका में आईएस की बागडोर संभाली थी.उसके बारे में यह कहा जाता है कि वह ज्यादातर अफ्रीका के साहेल इलाके में रहता था, यह लगभग 3,800 किलोमीटर लंबी और सैकड़ों किलोमीटर चौड़ी पट्टी है जो अटलांटिक महासागर से लेकर पूर्व में लाल सागर तक फैली हुई है. यह इलाका कई देशों में फैला है. ये भी पढ़ें : नीट परीक्षा रद्द होने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, NTA को भंग करने की मांग; NSUI का प्रदर्शन उत्तर हिंदुस्तान में हीटवेव का कहर, दक्षिण में बारिश ; 26 को केरल में दस्तक दे सकता है मानसून The post कौन है ISIS का आतंकी अबू बक्र अल-मैनुकी, जो अमेरिका-नाइजीरिया के संयुक्त अभियान में मारा गया appeared first on Naya Vichar.

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‘अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाओ, आम आदमी को राहत दो’, मशहूर अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ने सरकार को दी बड़ी सलाह

Tax wealthy, not fuel and gold: देश में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल, दूध और सोने की कीमतों में जो आग लगी है, उसने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है. इस बीच, जाने-माने अर्थशास्त्री और यूएन के पूर्व सलाहकार संतोष मेहरोत्रा ने प्रशासन को अपनी वित्तीय रणनीति (Fiscal Strategy) बदलने की एक बेहद महत्वपूर्ण सलाह दी है. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन को तेल और सोने जैसी चीजों पर इनडायरेक्ट टैक्स (अप्रत्यक्ष कर) बढ़ाकर आम जनता पर बोझ डालने के बजाय, देश के ‘सुपर-रिच’ (अति-अमीर) और अरबपतियों पर भारी टैक्स लगाना चाहिए. “तेल-सोने पर टैक्स बढ़ाना यानी नौकरियों पर कुल्हाड़ी” संतोष मेहरोत्रा का मानना है कि जब प्रशासन पेट्रोल, डीजल और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी या टैक्स बढ़ाती है, तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान मिडिल क्लास और गरीब परिवारों को होता है. तेल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन महंगा होता है, जिससे हर छोटी-बड़ी चीज के दाम बढ़ जाते हैं. टैक्स बढ़ने से छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) की लागत बढ़ती है, जिससे वे बंद होने की कगार पर पहुंच जाते हैं और लोगों की नौकरियां चली जाती हैं. उन्होंने कहा, “अगर प्रशासन डॉलर अरबपतियों और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) पर सरचार्ज लगा दे, तो उसे तेल या सोने के दाम बढ़ाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. अमीरों से आसानी से पैसा जुटाया जा सकता है.” अगले 3 महीने में ₹100 का हो सकता है डॉलर! रुपये की लगातार गिरती सेहत पर चिंता जताते हुए मेहरोत्रा ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में रुपया ₹90 के अंदर से फिसलकर लगभग ₹96 प्रति डॉलर तक पहुंच चुका है. अगर पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहा युद्ध और भू-नेतृत्वक तनाव जारी रहा, तो अगली तिमाही (3 महीने) के भीतर रुपया बहुत आसानी से ₹100 के पार निकल जाएगा. कच्चा तेल $150 के पार जाने का डर ईरान युद्ध और वैश्विक संकट को लेकर उन्होंने एक और डराने वाली भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा कि अगर यह युद्ध नहीं रुका, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर सकती हैं. हिंदुस्तान अपनी जरूरत का अधिकांश तेल बाहर से मंगाता है, ऐसे में $150 का रेट हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा. इन सेक्टर्स पर मंडरा रहा है खतरा मेहरोत्रा के मुताबिक, तेल, गैस और फर्टिलाइजर (खाद) की सप्लाई रुकने या महंगी होने का असर इन उद्योगों पर सबसे ज्यादा दिख रहा है. सिरेमिक्स (मिट्टी/टाइल उद्योग) रेस्टोरेंट और होटल बिजनेस जेम्स एंड ज्वेलरी (रत्न और आभूषण उद्योग) इन लेबर-इंटेंसिव (जहां ज्यादा लोग काम करते हैं) सेक्टर्स में मंदी आने की वजह से बड़े पैमाने पर नौकरियां जा रही हैं और शहरों से मजदूर वापस गांवों की तरफ लौटने (Reverse Migration) को मजबूर हो रहे हैं. Also Read : अभी और बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम! समझें पूरा गणित The post ‘अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाओ, आम आदमी को राहत दो’, मशहूर अर्थशास्त्री संतोष मेहरोत्रा ने प्रशासन को दी बड़ी सलाह appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड में जल्द होगी मॉनसून की एंट्री, 5 जून तक पहुंचने की उम्मीद

Jharkhand Monsoon: झारखंड में मई के महीने में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. राज्य के कई इलाकों में कहीं तेज हवाएं तो कहीं झमाझम बारिश ने गर्मी का असर कम कर दिया है. इसी बीच हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने संभावना जताई है कि इस बार मॉनसून समय से पहले पहुंच सकता है.  5 जून तक झारखंड में मॉनसून की दस्तक  आइएमडी के अनुसार, देश में इस वर्ष मॉनसून के समय से पूर्व पहुंचने की उम्मीद है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में इस वर्ष मॉनसून के 26 मई तक पहुंचने की संभावना है. हालांकि यह चार दिन पहले या चार दिन बाद भी पहुंच सकता है. इसके 10 से 12 दिन बाद यानी पांच से छह जून तक झारखंड पहुंचने की उम्मीद है. आइएमडी के अनुसार, चार दिन आगे-पीछे होने की संभावना बनी रहती है.  12 दिन पहले पहुंचने की संभावना  अगर पूर्वानुमान सही रहा, तो झारखंड में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मॉनसून 12 दिन पहले पहुंचेगा. मई माह में झारखंड के कई इलाकों में लगभग हर दिन आंधी के साथ बारिश हो रही है. इससे संभावना है कि कुछ दिनों के बाद से ही झारखंड में प्री-मॉनसून बारिश शुरू हो सकती है. पिछले वर्ष यानी 2025 में मॉनसून केरल में 24 मई को पहुंचा था, लेकिन झारखंड में 17 जून तक पहुंचा था. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की अवधि जून से सितंबर तक रहती है.  अल-नीनो से बारिश में कमी आइएमडी ने कहा कि देश में कम वर्षा का कारण अल नीनो परिस्थितियों का विकसित होना हो सकता है. मौसम विभाग ने एक मई को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा था कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो-साउदर्न ओसिलेशन (इएनएसओ) की तटस्थ परिस्थितियां धीरे-धीरे अल नीनो की स्थिति की ओर बढ़ रही हैं. विभाग ने यह भी कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. मौसम वैज्ञानिक ने क्या कहा? मौसम विज्ञान विभाग केंद्र, रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने नया विचार से बातचीत में कहा कि आज यानी 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मॉनसून पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि मॉनसून के केरल में 26-27 मई तक पहुंचने की उम्मीद है. यह भी पढ़ें: जनता लाइन में और पूंजीपति फायदे में, JMM महासचिव विनादे पांडेय ने भाजपा पर बोला हमला यह भी पढ़ें: Hazaribagh: 24 घंटे में 4 मौत पर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में हंगामा, डीसी ने बैठाई जांच कमिटी The post झारखंड में जल्द होगी मॉनसून की एंट्री, 5 जून तक पहुंचने की उम्मीद appeared first on Naya Vichar.

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बंगाल में 2011 के बाद का जाति प्रमाणपत्र संदिग्ध, राज्य सरकार ने सत्यापन के दिये आदेश

मुख्य बातें फर्जी प्रमाण पत्र की जांच के निर्देश Caste Certificates: कोलकाता. पश्चिम बंगाल प्रशासन ने पूर्ववर्ती प्रशासन के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर राज्य में वर्ष 2011 से जारी सभी जाति प्रमाणपत्रों का पुन: सत्यापन करने का निर्णय लिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने शुक्रवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर पुन: सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. पूर्व प्रशासन के कार्यकाल में जाति प्रमाणपत्र जारी करने में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप बार-बार सामने आये थे. फर्जी प्रमाण पत्र की जांच के निर्देश राज्य के जनजातीय विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री खुदीराम टुडू ने कहा कि उस दौरान कई फर्जी प्रमाणपत्र जारी किये गये थे. टुडू ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में बड़ी संख्या में फर्जी एससी, एसटी और ओबीसी प्रमाण पत्र जारी किये गये और कई लोगों ने इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करके लाभ उठाया. मंत्री ने पहले कहा था कि जिन अधिकारियों की देखरेख में ऐसे प्रमाणपत्र जारी किये गये थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. Also Read: पश्चिम बंगाल को केंद्र प्रशासन से मिला उपहार, रेलवे के तीन प्रोजेक्ट मंजूर The post बंगाल में 2011 के बाद का जाति प्रमाणपत्र संदिग्ध, राज्य प्रशासन ने सत्यापन के दिये आदेश appeared first on Naya Vichar.

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झारखंड हाईकोर्ट के जज दीपक रोशन पहुंचे रामगढ़ सिविल कोर्ट

रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्ट Ramgarh News: झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपक रोशन आज शनिवार करीब 9:00 बजे रामगढ़ जिले के सिविल कोर्ट पहुंचे. इस दौरान उन्होंने न्यायिक व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की स्थिति की जानकारी ली.   अधिकारियों ने किया स्वागत सिविल कोर्ट पहुंचने पर न्यायमूर्ति दीपक रोशन का स्वागत जिला सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन, उपायुक्त ऋतुराज और एसपी मुकेश कुमार लुणायत ने किया. बैठक में की गई समीक्षा इसके बाद न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने जिला सत्र न्यायाधीश तौफीकुल हसन, उपायुक्त ऋतुराज और एसपी मुकेश कुमार लुणायत के साथ बैठक की. बैठक में विधि-व्यवस्था का जायजा लिया गया और न्यायालय के कार्यों की समीक्षा की गई. साथ ही रामगढ़ जिले की स्थिति की जानकारी भी ली गई. डिपोजिशन सेंटर का उद्घाटन न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने सिविल कोर्ट परिसर में वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर का उद्घाटन किया. साथ ही इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया. यह भी पढ़ें: जनता लाइन में और पूंजीपति फायदे में, JMM महासचिव विनादे पांडेय ने भाजपा पर बोला हमला यह भी पढ़ें: Hazaribagh: 24 घंटे में 4 मौत पर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में हंगामा, डीसी ने बैठाई जांच कमिटी The post झारखंड हाईकोर्ट के जज दीपक रोशन पहुंचे रामगढ़ सिविल कोर्ट appeared first on Naya Vichar.

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