Hot News

June 2, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

मुंबई लीग में तुषार देशपांडे का डबल धमाका, गेंदबाजी छोड़िए अब बल्ले से लाया तूफान

T20 Mumbai League 2026 : वानखेड़े स्टेडियम में आकाश टाइगर्स और मराठा रॉयल्स के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला. आमतौर पर अपनी तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर तुषार देशपांडे ने इस बार बल्ले से वो कर दिखाया, जिसकी उम्मीद शायद आकाश टाइगर्स को भी नहीं रही होगी. तुषार के इस जबरदस्त प्रदर्शन की वजह से मराठा रॉयल्स ने सुपर ओवर में आकाश टाइगर्स को मात दी. पहली पारी में टाइगर्स के बल्लेबाजों ने दिखाया था दम वानखेड़े स्टेडियम में टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी आकाश टाइगर्स की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 165 रन बनाए थे. टीम की तरफ से अजीत यादव ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 17 गेंदों पर 5 छक्कों की मदद से 37 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. वहीं, कप्तान सरफराज खान ने 19 गेंदों में 28 रन बनाए, जबकि जय बिस्टा ने 25 और सक्षम पाराशर ने 26 रनों का योगदान दिया. मराठा रॉयल्स की ओर से बॉलिंग में मैक्सवेल स्वामीनाथन और अर्जुन दानी ने दो-दो विकेट लिए. देशपांडे ने किफायती बॉलिंग की और चार ओवर में महज 15 रन खर्च करते हुए एक विकेट अपने नाम किया. संकट में फंसी थी मराठा रॉयल्स, तुषार ने कराई मैच में वापसी 166 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मराठा रॉयल्स की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम ने लगातार अंतराल पर अपने विकेट गंवाए. हालांकि, तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सचिन यादव ने 39 गेंदों में 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 54 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी स्पोर्ट्सी, लेकिन उनके आउट होते ही टीम संकट में आ गई. मराठा रॉयल्स ने महज 121 रन पर अपने 6 विकेट खो दिए थे. ऐसे समय पर छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए तुषार देशपांडे ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 14 गेंदों में 2 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के जड़कर 33 रन ठोक दिए. तुषार के इस तूफान की बदौलत मराठा रॉयल्स ने स्कोर को 151 तक पहुंचाया, लेकिन निचले क्रम की लड़खड़ाहट के कारण रेगुलर ओवर्स में मैच टाई पर खत्म हुआ. सुपर ओवर में भी चला देशपांडे का बल्ला मैच का फैसला सुपर ओवर में होना तय हुआ और यहां भी मराठा रॉयल्स ने तुषार देशपांडे पर ही भरोसा जताया. तुषार ने इस भरोसे को सही साबित करते हुए सुपर ओवर में दो शानदार चौके लगाए और अकेले 13 रन बटोर लिए. रॉयल्स ने आकाश टाइगर्स के सामने जीत के लिए 17 रनों का लक्ष्य रखा. जवाब में आकाश टाइगर्स की ओर से कप्तान सरफराज खान और अजीत यादव की जोड़ी मैदान पर उतरी, लेकिन वे सुपर ओवर में सिर्फ 11 रन ही बना सके. आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा थे तुषार देशपांडे तुषार राजस्थान रॉयल्स की तरफ से स्पोर्ट्स रहे थे, जो क्वालिफायर 2 से बाहर हो गई थी. आईपीएल के इस सीजन में तुषार को 7 मैचों में सिर्फ 4 विकेट मिले थे और उनका इकॉनमी रेट 11.95 भी काफी महंगी रही थी. (इनपुट -अरकम अब्दुल मन्नान) The post मुंबई लीग में तुषार देशपांडे का डबल धमाका, गेंदबाजी छोड़िए अब बल्ले से लाया तूफान appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सम्राट चौधरी बोले- जिस दिन पार्टी कहेगी झोला उठाकर चल दूंगा, जानिए बिहार के सीएम ने क्यों कही ये बात

Samrat Choudhary On Bungalow Row: बिहार में प्रशासनी बंगले को लेकर जारी नेतृत्वक घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है. शेखपुरा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि वह पद और प्रशासनी आवास से मोह रखने वालों में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व कहेगा कि अब उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई है, वह 24 घंटे के भीतर प्रशासनी आवास छोड़कर अपने निजी घर चले जाएंगे. सम्राट चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर सियासत गरमाई हुई है. ’24 घंटे में झोला उठाकर निकल जाऊंगा’ मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नेतृत्व में जनता की सेवा के लिए आए हैं, किसी प्रशासनी घर या सुविधा के लिए नहीं. उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और हमारे नेता कहेंगे कि आपका काम यहीं समाप्त होता है, सम्राट चौधरी 24 घंटे के भीतर अपना झोला उठाकर अपने प्राइवेट घर में चला जाएगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पद और आवास स्थायी नहीं होते, बल्कि जनता की सेवा सबसे महत्वपूर्ण होती है. “24 घंटे के भीतर अपना झोला लेकर चला जाऊंगा…” शेखपुरा: राबड़ी देवी के प्रशासनी आवास को लेकर चल रहे विवाद पर CM सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर निशाना. कहा- कुछ लोगों को प्रशासनी आवास का मोह है. बेटा अलग घर चाहता है, माता जी अलग घर चाहती हैं. लेकिन मैं उस विचार का व्यक्ति हूं जो पद और… pic.twitter.com/voQayIXzkN — Naya Vichar (@prabhatkhabar) June 2, 2026 ‘प्रशासनी आवास किसी की बपौती नहीं’ सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वह प्रशासनी आवास पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाहर लिख दिया जाए कि यह लोकसेवक का आवास है. यह जनता की सेवा का केंद्र है, किसी की निजी संपत्ति नहीं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रशासनी आवास और प्रशासनी सुविधाएं नियमों के तहत मिलती हैं और समय आने पर उन्हें छोड़ना भी पड़ता है. ‘मैं कई पदों पर रहा, लेकिन घर का मोह नहीं रखा’ मुख्यमंत्री ने अपने नेतृत्वक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों में मंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं. इसके बावजूद उन्होंने लंबे समय तक अपने निजी घर में रहना पसंद किया. उन्होंने बताया कि नेतृत्व के सफर में अब तक वह कई प्रशासनी आवास बदल चुके हैं. आज जिस घर में वह रह रहे हैं, वह उनका ग्यारहवां प्रशासनी आवास है. बिना नाम लिए साधा निशाना अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रशासनी घरों से इतना लगाव रखते हैं कि उन्हें सिर्फ अपने आवास की चिंता रहती है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को बेटे के लिए अलग घर और परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए अलग व्यवस्था चाहिए, जबकि उनकी प्रशासन जनता की सेवा को प्राथमिकता देती है. ‘जनता की भलाई के लिए नेतृत्व’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी प्रशासन का लक्ष्य केवल जनता के हित में काम करना है. उन्होंने कहा कि बिहार में सुशासन और विकास की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जनप्रतिनिधियों को हमेशा जनता के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी प्रशासन जनता की भलाई और राज्य के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी. Also Read: बिहार में अब नहीं होगी बालू की कमी, 161 नए घाटों से जल्द शुरू होगा खनन, निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार The post सम्राट चौधरी बोले- जिस दिन पार्टी कहेगी झोला उठाकर चल दूंगा, जानिए बिहार के सीएम ने क्यों कही ये बात appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में

Jamun Benefits for Diabetes: गर्मियों के इन दिनों में आपको जामुन काफी आसानी से देखने को मिल जाएंगे. ये जामुन सिर्फ खाने में टेस्टी नहीं होते हैं, इन्हें सेहत के लिए भी काफी ज्याद फायदेमंद माना जाता है. अगर आपको डायबिटीज है तो आपके लिए यह फल और भी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है. कई रिसर्च में यह पाया गया है कि जामुन में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करके रखने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं. आपको शायद यह जानकार हैरानी हो लेकिन छोटे-छोटे दिखने वाले जामुन में आपको एंथोसाइनिन, पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉइड जैसे एलिमेंट्स पाए जाते हैं, जो आपकी सेहत को कई तरह से फायदा पहुंचा सकते हैं. तो चलिए जामुन खाने से होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानते हैं. ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद जामुन में कुछ ऐसे नेचुरल एलिमेंट्स पाए जाते हैं जो आपके शरीर में शुगर को सही से इस्तेमाल करने में मदद कर सकते हैं. खासकर जब बात आती है जमीन के बीजों की तो कुछ रिसर्च यह भी बताते हैं कि इसमें ऐसे प्रॉपर्टीज होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करके रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, जामुन आपके लिए कोई दवा नहीं है लेकिन अगर आप इसे एक सीमित मात्रा में खाते हैं तो आपको अपने डायबिटीज को कंट्रोल में करके रखने में मदद मिल सकती है. एंटीऑक्सीडेंट से लोडेड होते हैं जामुन जामुन में भरपूर मात्रा में एंथोसाइनिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो इसे गहरा बैंगनी रंग पाने में मदद करती है. कई रिसर्च में यह भी पाया जाता गया है कि एंथोसाइनिन से लोडेड फूड आइटम्स आपके शरीर में शुगर लेवल्स को बेहतर तरीके से कंट्रोल करके रखने में मदद कर सकते हैं. यह एक बड़ी वजह है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन एक फायदेमंद फल माना जाता है. शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले एलिमेंट्स से बचाव डायबिटीज की वजह से आपके शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और इन्फ्लेमेशन बढ़ सकता है. अगर आप इसे समय रहते कंट्रोल नहीं करते हैं तो आपको कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं. जामुन में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स आपके शरीर के सेल्स को डैमेज होने से बचाने में मदद कर सकते हैं और साथ ही आपको हेल्दी रखने में एक अहम भूमिका निभा सकते हैं. फाइबर से लोडेड होते हैं जामुन जामुन में आपको एक अच्छी मात्रा में फाइबर मिल जाता है. अगर आपकी नहीं पता है तो बता दें यह फाइबर खाना खाने के तुरंत बाद ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करता है. इसके अलावा फाइबर आपके डाइजेशन को बेहतर बनाता है और साथ ही पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद भी करता है. ऐसा होने की वजह से आपको बार-बार भूख लगने की प्रॉब्लम से छुटकारा भी मिल जाता है. हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद डायबिटीज के मरीजों में दिल से जुडी बीमारियों के होने का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है. कुछ रिसर्च यह भी बताते हैं कि जामुन में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स और अन्य न्यूट्रीएंट्स कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल्स को बेहतर बनाने में काफी हद तक मदद कर सकते हैं. अगर ये दोनों ही चीजें कंट्रोल में रहे तो आपके लिए अपने हार्ट को हेल्दी रखने में ज्यादा मदद मिल सकती है. जामुन खाते समय इन बातों का रखें ख्याल भले ही जामुन एक न्यूट्रिशियस फल है, लेकिन फिर भी आपको इसका सेवन एक सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर आप डायबिटीज की दवा या फिर इंसुलिन लेते हैं, तो रेगुलर बेसिस पर जामुन का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर या फिर डाइटिशियन की सलाह आपको जरूर ले लेना चाहिए. इसके अलावा आपको यह बात भी हमेशा याद रखनी चाहिए जामुन किसी बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि यह आपके हेल्दी डाइट का एक हिस्सा है. ये भी पढ़ें: पेट की जिद्दी चर्बी से हैं परेशान? हर सुबह पिएं ये ड्रिंक्स, एक महीने में 4 से 5 किलो तक कम हो सकता है वजन The post डायबिटीज के मरीजों के लिए कितना फायदेमंद है जामुन? यहां जानिए आसान भाषा में appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया

DK Shivakumar : कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार 3 जून को शपथ लेने वाले हैं. वे सिद्धारमैया की जगह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.शपथ से पहले डीके शिवकुमार ने गांधी परिवार के प्रति अपनी कृतज्ञता जाहिर की है. गांधी परिवार के भरोसे ने मेरे नेतृत्वक करियर को प्रभावित किया डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि गांधी परिवार ने उनके करियर को काफी प्रभावित किया है. वे लिखते हैं कि गांधी परिवार के लीडरशिप से तो उनका नेतृत्वक करियर प्रभावित हुआ ही, साथ ही उनके भरोसे ने भी उनके करियर पर काफी असर डाला है. शिवकुमार लिखते हैं कि गांधी परिवार के भरोसे ने उनके करियर को संवारा. उनका भरोसा मुझे नेतृत्वक सफर के विभिन्न पड़ावों पर मिला, जिसने मेरे करियर को नई दिशा दी. The Gandhi family has played a defining role in my political journey, not merely through leadership, but through the faith they placed in me at different stages of my life. I often reflect on Shri Rajiv Gandhi avaru, who saw potential in a young worker even before I could see it… pic.twitter.com/vHqOHvNYQY — DK Shivakumar (@DKShivakumar) June 2, 2026 राजीव गांधी को किया याद डीके शिवकुमार ने अपने पोस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद किया. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि राजीव गांधी ने उनकी क्षमता को पहचाना था और उन्हें आगे आकर काम करने का मौका दिया था. राजीव गांधी के बारे में डीके शिवकुमार ने लिखा है कि उन्होंने मुझे इस बात के प्रेरित किया कि मैं अपना जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित करूं. शिवकुमार ने अपने पोस्ट में कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के प्रति भी अपना सम्मान प्रकट किया. उन्होंने लिखा कि सोनिया गांधी ने उन्हें उस वक्त सपोर्ट किया, जब वे करियर के कठिन दौर से गुजर रहे थे. उन्होंने मुझे सिखाया की लीडरशिप क्या होता है. लीडर वो होता है, जो बुरे समय में भी आपका साथ दे आपके बगल में खड़ा रहे. राहुल गांधी के सपोर्ट की भी चर्चा की डीके शिवकुमार ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के बारे में भी बात किया और बताया कि वे हर समय उनकी मदद करते हैं और उनका मार्गदर्शन करते रहते हैं. लोकतंत्र के वैल्यूज में उनकी आस्था को प्रेरणास्रोत बताते हुए डीके शिवकुमार ने उनकी तारीफ की. साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी की भी तारीफ की और लिखा कि कार्यकर्ताओं तक उनकी पहुंच बहुत अच्छी है. ये भी पढ़ें : क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है? डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया, होंगे प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री The post डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

क्या थी सुष्मिता सेन और ललित मोदी के ब्रेकअप की असली वजह? हुआ खुलासा

पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी और बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन का रिश्ता साल 2022 में काफी चर्चा में रहा था. जब ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर अपने रिश्ते का खुलासा किया था, तब यह समाचार कई दिनों तक सुर्खियों में बनी रही. हालांकि कुछ समय बाद दोनों के अलग होने की समाचारें भी सामने आने लगीं. अब ललित मोदी ने पहली बार खुलकर बताया है कि आखिर उनके और सुष्मिता के रिश्ते के खत्म होने की वजह क्या थी. सुष्मिता सेन को बताया बेहद खास हाल ही में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ललित मोदी ने सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते को याद किया. ललित ने कहा, “सुष्मिता मेरे लिए बहुत खास थीं. उन्होंने मुझे कई मायनों में बेहतर इंसान बनने में मदद की. उस समय वह मेरी जिंदगी का एक अहम हिस्सा थीं और शायद आज भी होतीं, लेकिन हमारे बीच दूरी बहुत ज्यादा थी.” उन्होंने आगे बताया, “उनका करियर हिंदुस्तान में था और मेरी जिंदगी लंदन में. यही हमारे रिश्ते की सबसे बड़ी चुनौती बन गई. लेकिन वह रिश्ता मेरे लिए बेहद खास था. मेरे पास उनसे जुड़ी बहुत खूबसूरत यादें हैं. आज भी वह मेरी अच्छी दोस्त हैं और मैं उनके लिए हमेशा अच्छा ही चाहता हूं.” सिंगल मदर के रूप में की तारीफ ललित मोदी ने बातचीत के दौरान सुष्मिता सेन की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “वह एक शानदार स्त्री हैं. उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के साथ जो जिंदगी बनाई है, वह प्रेरणादायक है. उनके माता-पिता भी बेहद खास हैं. एक सिंगल मदर के तौर पर उन्होंने बेहतरीन काम किया है. मैं हमेशा हैरान होता हूं कि वह हर चुनौती के साथ खुद को और मजबूत कैसे बनाती हैं. मैं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं.” साल 2022 में रिश्ते का किया था खुलासा गौरतलब है कि साल 2022 में ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन के साथ छुट्टियों की कई तस्वीरें शेयर की थीं. तस्वीरों के साथ उन्होंने अपने रिश्ते का ऐलान करते हुए इसे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत बताया था. हालांकि कुछ महीनों बाद दोनों के अलग होने की अटकलें तेज हो गईं. इसके बाद उनके ब्रेकअप की समाचारें सामने आने लगी थी. यह भी पढ़ें- कंगना रनौत के बाद अब भूमि पेडनेकर की नेतृत्व में एंट्री? खुद दिया ये जवाब The post क्या थी सुष्मिता सेन और ललित मोदी के ब्रेकअप की असली वजह? हुआ खुलासा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Realme P4R 5G: 8000mAh बैटरी के साथ मचा सकता है धमाल, लॉन्च से पहले कीमत और फीचर्स लीक

हिंदुस्तानीय स्मार्टफोन बाजार में बड़ी बैटरी वाले फोन्स की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में Realme का आगामी स्मार्टफोन Realme P4R 5G लॉन्च से पहले ही चर्चा में आ गया है. लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फोन 8000mAh की विशाल बैटरी के साथ आ सकता है, जो इसे अपने सेगमेंट के सबसे ज्यादा बैटरी क्षमता वाले स्मार्टफोन्स में शामिल कर सकती है. यदि सामने आई जानकारी सही साबित होती है, तो यह डिवाइस उन यूजर्स को आकर्षित कर सकता है जो लंबे बैकअप, गेमिंग और मल्टीमीडिया उपयोग के लिए नया स्मार्टफोन तलाश रहे हैं. बजट सेगमेंट में बड़ी बैटरी वाला नया दावेदार Realme P4R 5G को लेकर सामने आई जानकारी बताती है कि कंपनी इस फोन के जरिए मिड-रेंज सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाने की तैयारी कर रही है. फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी बताई जा रही है. आज भी ज्यादातर स्मार्टफोन 5000mAh से 6000mAh बैटरी के साथ आते हैं. ऐसे में 8000mAh बैटरी फोन को एक अलग पहचान दे सकती है. इससे बार-बार चार्जिंग की जरूरत कम हो सकती है और लंबे समय तक गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग तथा सोशल मीडिया उपयोग का अनुभव बेहतर हो सकता है. फास्ट चार्जिंग और गेमिंग पर भी रहेगा फोकस लीक रिपोर्ट्स के अनुसार फोन में 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिल सकता है. बड़ी बैटरी होने के बावजूद यह तकनीक चार्जिंग समय को कम करने में मदद कर सकती है. इसके अलावा फोन में लगभग 5300mm² का VC कूलिंग सिस्टम मिलने की उम्मीद है. यह फीचर लंबे गेमिंग सेशन के दौरान डिवाइस को अधिक गर्म होने से बचाने में मदद कर सकता है. ऐसे में यह स्मार्टफोन युवाओं और मोबाइल गेमर्स के बीच लोकप्रिय हो सकता है. डिस्प्ले और प्रॉसेसर को लेकर क्या है जानकारी? रिपोर्ट्स के मुताबिक Realme P4R 5G में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले दिया जा सकता है. हाई रिफ्रेश रेट की वजह से स्क्रॉलिंग और गेमिंग का अनुभव ज्यादा स्मूद महसूस हो सकता है. प्रॉसेसर के तौर पर MediaTek Dimensity 6300 या Dimensity 7400 चिपसेट मिलने की संभावना जताई जा रही है. इनमें से किसी भी प्रॉसेसर के साथ फोन रोजमर्रा के उपयोग, मल्टीटास्किंग और गेमिंग को आसानी से संभाल सकता है. कैमरा और स्टोरेज विकल्प भी हो सकते हैं आकर्षक फोटोग्राफी के लिए फोन में 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा मिलने की उम्मीद है. इसके साथ एक अतिरिक्त कैमरा भी दिया जा सकता है. हालांकि कैमरा सेटअप की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. स्टोरेज और रैम की बात करें तो यह स्मार्टफोन 4GB + 128GB, 6GB + 128GB और 6GB + 256GB जैसे विकल्पों में लॉन्च हो सकता है. इससे अलग-अलग बजट वाले ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार मॉडल चुनने का मौका मिलेगा. कीमत और लॉन्च को लेकर क्या संकेत मिल रहे हैं? एक लीक तस्वीर में फोन के बॉक्स पर 44,999 रुपये की MRP दिखाई गई है, लेकिन बाजार में इसकी वास्तविक कीमत इससे काफी कम हो सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार Realme P4R 5G की शुरुआती कीमत 25,000 रुपये से कम रखी जा सकती है. कंपनी ने अभी तक लॉन्च डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे आने वाले कुछ हफ्तों में हिंदुस्तानीय बाजार में पेश किया जा सकता है. लॉन्च के बाद इसकी बिक्री Flipkart और अन्य ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर शुरू होने की संभावना है. यह भी पढ़ें: 7000mAh बैटरी वाला Realme 5G फोन हुआ सस्ता, 144Hz डिस्प्ले के साथ मिल रहा बड़ा ऑफर यह भी पढ़ें: Realme P4 Series के बढ़ गए दाम, खरीदने से पहले जान लें नई कीमत The post Realme P4R 5G: 8000mAh बैटरी के साथ मचा सकता है धमाल, लॉन्च से पहले कीमत और फीचर्स लीक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव

Patna NEET Student Suicide News: (नितिश सिंह की रिपोर्ट) पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र से एक दुखद समाचार सामने आई है. NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी. मृतका की पहचान समस्तीपुर निवासी श्रुति कुमारी के रूप में हुई है. घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है. सुबह कमरे में नहीं दिखी तो हुआ शक जानकारी के अनुसार, श्रुति सचिवालय कॉलोनी के रोड नंबर-2ए स्थित एक हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी. बताया जा रहा है कि सोमवार रात वह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई थी. मंगलवार सुबह जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकली तो हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं को शक हुआ. कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद दरवाजे को धक्का दिया गया, जो खुल गया. कमरे के अंदर का दृश्य देखकर सभी लोग हैरान रह गए. श्रुति फंदे से लटकी हुई मिली. तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई. हॉस्टल संचालिका ने पुलिस को दी जानकारी घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल संचालिका आभा सिंह ने पत्रकार नगर थाना पुलिस को सूचित किया. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद पटना में रहने वाले छात्रा के रिश्तेदार भी हॉस्टल पहुंच गए. सहेली से शेयर की थी परेशानी प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, श्रुति ने हाल के दिनों में अपनी कुछ परेशानियों का जिक्र अपनी एक सहेली से किया था. सहेली ने उसे कुछ दिन के लिए घर जाने की सलाह भी दी थी. बताया जा रहा है कि वह करीब 10 दिन पहले ही अपने घर से पटना लौटी थी. मोबाइल की जांच में जुटी पुलिस पुलिस मामले की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में कुछ ऐसे संकेत मिले हैं कि एक युवक उसे परेशान कर रहा था. हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है. छात्रा की मां शिक्षिका हैं, जबकि पिता किसान हैं. पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है. साथ ही एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी. Also Read: पत्नी को पढ़ाने के लिए बेची जमीन, दिलाई स्कूटी, BPSC टीचर का पति बोला- बॉयफ्रेंड से रातभर करती थी बात, दार्जिलिंग भी साथ गई The post पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने की आत्महत्या, हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला शव appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

टाटा स्टील के पूर्व स्पोर्ट्स ऑफिसर और अर्जुन अवार्डी बलविंदर सिंह का निधन

जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट  Jamshedpur News : जमशेदपुर : टाटा स्टील के पूर्व स्पोर्ट्स ऑफिसर और लगातार दस वर्षों तक शॉट पुट के नेशनल चैंपियन रहे अर्जुन अवार्डी सरदार बलविंदर सिंह ‘बाबा धालीवाल’ का निधन हो गया है. 68 वर्षीय बलविंदर सिंह लंबे समय से फेफड़े के कैंसर से पीड़ित थे. उन्होंने सोमवार को चंडीगढ़ के लिवासा अस्पताल में अंतिम सांस ली. वह अपने पीछे पत्नी हरदीश कौर, बेटे परमजीत सिंह और दो बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं. उनके निधन से स्पोर्ट्स जगत और टाटा स्टील परिवार में शोक की लहर है. युवा खिलाड़ियों को तराशने में निभाई अहम भूमिका मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले बलविंदर सिंह का शॉट पुट में ऐसा दबदबा था कि उनकी उपलब्धियों को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी शामिल किया गया था. टाटा स्टील से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह स्पोर्ट्स से लगातार जुड़े रहे. वह स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), एथलीट फेडरेशन ऑफ इंडिया और पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़कर युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम कर रहे थे. वर्तमान में वह चंडीगढ़ में एक स्पोर्ट्स एकेडमी चला रहे थे, जहां से प्रशिक्षण पाकर करीब 20 से 25 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया. इसके अलावा वह दिल्ली के गुरुद्वारा बाबा विरसा सिंह गोविंद सदन के प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. जमशेदपुर : टाटा स्टील के पूर्व स्पोर्ट्स ऑफिसर, अर्जुन अवार्डी और 10 बार के नेशनल शॉट पुट चैंपियन बलविंदर सिंह ‘बाबा धालीवाल’ का निधन हो गया. उनके निधन से स्पोर्ट्स जगत और टाटा स्टील परिवार में शोक की लहर है.#Jamshedpur #BalwinderSingh #ArjunaAwardee #Sport #PrabhatKhabarJharkhand pic.twitter.com/M5BdpPpET9 — Naya Vichar Jharkhand (@jharkhand_pk) June 2, 2026 3 जून को चंडीगढ़ में होगा अंतिम संस्कार पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, बलविंदर सिंह का अंतिम संस्कार 3 जून को चंडीगढ़ के सेक्टर 25 स्थित बर्निंग घाट पर किया जाएगा. उनकी बेटी हरमन कौर के इंग्लैंड से लौटने के बाद अंतिम विदाई दी जाएगी. स्पोर्ट्स जगत और सामाजिक संगठनों ने जताया गहरा शोक उनके निधन पर टाटा स्टील स्पोर्ट्स विभाग के पदाधिकारियों, सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह, इंटरनेशनल साइकिलिस्ट सरदार इंद्रजीत सिंह सहित, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रणजीत सिंह, शैलेंद्र सिंह, प्रधान सरदार निशान सिंह, कौमी सिख मोर्चा के अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह, सतबीर सिंह सोमू देश के कई नामचीन खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स संघों ने गहरा दुख व्यक्त किया है. स्पोर्ट्स प्रेमियों ने इसे राष्ट्र और स्पोर्ट्स जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है. यह भी पढ़ें: भू-माफिया और रंगबाजों पर काल बनकर टूटेगी झारखंड पुलिस, ADG ने दिया ‘जीरो टॉलरेंस’ का अल्टीमेटम यह भी पढ़ें: Palamu News: रामपुर विवाद पर बोले भाजपा नेता ज्योतिरीश्वर सिंह, चेहरा देखकर नहीं, सच्चाई पर होना चाहिए न्याय The post टाटा स्टील के पूर्व स्पोर्ट्स ऑफिसर और अर्जुन अवार्डी बलविंदर सिंह का निधन appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

‘यह किसी की बपौती नहीं’, CM सम्राट राबड़ी आवास मामले पर बोले- बेटा और माताजी को अलग-अलग घर चाहिए

Rabri Awas: ‘यह किसी की बपौती नहीं हो सकती है. यह राजतंत्र थोड़े है कि आपको जो घर मिला, उसी घर में रहेंगे. बेटा को अलग घर चाहिए और माताजी को अलग चाहिए और जनता को छोड़ दीजिए.’ यह बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शेखपुरा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा. बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने प्रशासनी बंगला खाली करने से मना कर दिया था. साथ ही उन्होंने प्रशासन को चैलेंज भी किया था कि फोर्स बुलवाकर आवास खाली करवा लें. सीएम सम्राट चौधरी ने और क्या कहा? शेखपुरा में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने यह भी कहा, कुछ लोगों को चिंता लगी रहती है कि हमारा घर बचा रहे. लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि पिछले 10 वर्षों (2016 से 2026) में कई बार मंत्री बना, उपमुख्यमंत्री बना और गृह मंत्री भी बना, लेकिन मैं प्रशासनी घर में नहीं रहता था. मात्र 2400 एस्क्वायर फीट के अपने घर में रहता था. लेकिन आज नीतीश कुमार और पीएम मोदी ने मुझे बिहार की सेवा करने का मौका दिया है. नीतीश कुमार को लेकर क्या बोले? अपने भाषण के दौरान सम्राट चौधरी ने यह भी कहा, नीतीश कुमार को कोई नोटिस नहीं मिला था. लेकिन उनका धन्यवाद करते हैं कि मैंने 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 1 मई को नीतीश कुमार ने प्रशासनी घर खाली कर दिया और नए घर में चले गए. लोग उनको देखना चाहते हैं जो लोकतंत्र में जनता के सेवक होते हैं. राबड़ी देवी के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने राबड़ी आवास खाली नहीं करने पर कहा था, नीतीश कुमार पूर्व मुख्यमंत्री हैं. पहले उनको आवास खाली करना चाहिए. उनको 15 दिन का नोटिस भेजा जाना चाहिए. जब नीतीश कुमार आवास खाली कर देंगे तो राबड़ी देवी भी कर देंगी. सीएम हाउस का नाम लोक सेवक आवास करने पर भी बोले सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, जब मैं मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट किया तो मैंने कहा कि यह मुख्यमंत्री का आवास जरूर है लेकिन आप ये बाहर में लिखवा दीजिए कि ये लोक सेवक आवास आवास है. आज मैं जिस घर में हूं यह मेरा 11वां घर है. लेकिन कुछ लोगों को मोह है. इस तरह से सीएम सम्राट चौधरी ने इशारे-इशारे में विपक्ष पर निशाना साधा. Also Read: 3 जून को पटना आयेंगे नितिन नवीन, MLC कैंडिडेट को लेकर करेंगे बैठक, नाम हो सकते हैं फाइनल The post ‘यह किसी की बपौती नहीं’, CM सम्राट राबड़ी आवास मामले पर बोले- बेटा और माताजी को अलग-अलग घर चाहिए appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

विदेशी नागरिकों के लिए भारत के वीजा और रजिस्ट्रेशन नियम बदले, जानिए अब क्या करना होगा

Immigration and Foreigners Rules 2025: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स रूल्स, 2025’ (Immigration and Foreigners Rules, 2025) के तहत एक नया नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके जरिए विदेशी नागरिकों के हिंदुस्तान में रुकने, रजिस्ट्रेशन कराने और बच्चों के जन्म से जुड़े कई अहम नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि ये नए नियम क्या हैं. 180 दिन या उससे कम के वीजा पर क्या बदला?  पहले नियम था कि अगर कोई विदेशी नागरिक 180 दिन या उससे कम के वीजा पर हिंदुस्तान आया है और वह अपनी वीजा अवधि से ज्यादा रुकना चाहता है, तो उसे हिंदुस्तान आने के 180 दिन पूरे होने के बाद अगले 14 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होता था. अब प्रशासन ने इस 14 दिन की समयसीमा को खत्म कर दिया है. नए नियम के मुताबिक, अगर आप अपने वीजा की अवधि से ज्यादा दिन हिंदुस्तान में रुकना चाहते हैं, तो आपको 180 दिन पूरे होने से पहले ही किसी भी समय अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. 180 दिन से ज्यादा के वीजा वालों के लिए क्या शर्त है?  लंबे समय के वीजा (180 दिन से अधिक) वाले विदेशी नागरिकों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं. अब ऐसे नागरिकों का एक बार का प्रवास (Stay) 180 दिनों से ज्यादा का नहीं हो सकता. अगर वे किसी एक मौके पर या पूरे कैलेंडर ईयर में कुल मिलाकर 180 दिनों से ज्यादा रुकना चाहते हैं, तो उन्हें 180 दिन खत्म होने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा. ध्यान रहे, यह रजिस्ट्रेशन अब सिर्फ बेहद जरूरी या आपातकालीन परिस्थितियों (Emergent Circumstances) में ही दिया जाएगा. विदेशी माता-पिता के बच्चों के लिए क्या राहत है?  पुराने नियम के तहत, यदि हिंदुस्तान में किसी विदेशी जोड़े के घर बच्चा पैदा होता था, तो वीजा सेवाओं या एग्जिट परमिशन (हिंदुस्तान से बाहर जाने की अनुमति) के लिए माता-पिता को ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को सूचना देना जरूरी था. अब नए नियमों में बड़ी राहत दी गई है: अगर माता-पिता में से कोई भी एक हिंदुस्तानीय नागरिक है और वे शिशु की हिंदुस्तानीय नागरिकता बनाए रखना चाहते हैं, तो अब ऑनलाइन पोर्टल पर 30 दिनों के भीतर सूचना देने की यह अनिवार्यता लागू नहीं होगी. हालांकि, अगर वह बच्चा हिंदुस्तान में रहते हुए बाद में किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तो माता-पिता को इस बदलाव की जानकारी 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को देनी होगी. अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के लिए क्या निर्देश हैं? इस नए नोटिफिकेशन में उन अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है, जो विदेशी नागरिकों को इलाज या ठहरने (Lodging) की सुविधा देते हैं. इन संस्थानों के लिए अब प्रशासनिक प्रक्रियाओं और रिपोर्टिंग के नियमों को पहले से ज्यादा संशोधित और स्पष्ट कर दिया गया है ताकि विदेशी मरीजों का डेटा सही तरीके से दर्ज हो सके. ये भी पढ़ें: BharatPe ने लॉन्च किया ‘BharatPe Flex’, अब बिना बैंक बैलेंस के भी कर सकेंगे UPI पेमेंट, जानें कैसे करेगा काम  The post विदेशी नागरिकों के लिए हिंदुस्तान के वीजा और रजिस्ट्रेशन नियम बदले, जानिए अब क्या करना होगा appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top