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June 7, 2026

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कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर कुमार विश्वास का तंज- भारत को नेपाल बनाने की कोशिश!

Kumar Vishwas On CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार (6 जून) को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर जाने माने कवि और वक्ता कुमार विश्वास ने तंज कसा है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब विदेशों में बैठे कुछ लोग सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रभाव के जरिए हिंदुस्तान की दिशा तय करने में लगे हैं. उन्होंने नैनीताल में बिना किसी का नाम लिए इशारों-इशारों में कहा कि जर्मनी और अमेरिका में बैठे लोग तुर्किए के लाइक्स के सहारे हिंदुस्तान को नेपाल बनाने के प्रयास में लगे हैं, और देश का युवा संस्कार दिखाने के लिए उनके साथ खड़ा हो रहा है. View this post on Instagram A post shared by Asian News International (@ani_trending) जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर सीजेपी ने मांगा धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा इससे पहले शनिवार (6 जून) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके भी प्रदर्शन में शामिल हुए. विरोध प्रदर्शन में हजारों युवाओं और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की. कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच (तिलचट्टा) के मुखौटे पहने हुए नजर आए. सीजेपी कर रहा है देशव्यापी आंदोलन की तैयारी प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुरू किया गया उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते. आंदोलन खत्म होने के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मीडिया से बात करते हुए अपने आगे के प्लान पर बात की. उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को पूरे देश में विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है. दीपके ने कहा- जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन सफल रहा. हजारों युवा इसमें शामिल हुए. जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे. आने वाले दिनों में आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी. क्या है कॉकरोच जनता पार्टी? कॉकरोच जनता पार्टी युवाओं के नेतृत्व वाला एक ऑनलाइन आंदोलन है, जो विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहा है. संगठन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE), सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (CUET) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है. एक सप्ताह का अल्टीमेटम सीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा है कि संगठन केंद्र प्रशासन को एक सप्ताह का समय देगा. उनका कहना था कि या तो प्रशासन केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाए या फिर धर्मेंद्र प्रधान स्वयं इस्तीफा दें. यदि ऐसा नहीं होता है तो देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित प्रदर्शन में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए थे. इसके अलावा हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, हिंदुस्तानीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा तथा विभिन्न वामपंथी छात्र और युवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया. The post कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर कुमार विश्वास का तंज- हिंदुस्तान को नेपाल बनाने की कोशिश! appeared first on Naya Vichar.

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तृणमूल में बगावत के बीच ‘इंडिया’ की बैठक में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली रवाना

खास बातें ममता से पहले दिल्ली पहुंचे अभिषेक बनर्जी टीएमसी संसदीय दल में भी बगावत की आशंका बंगाल विधानसभा के 80 में 58 टीएमसी विधायकों ने बनाया अलग गुट Mamata Banerjee Delhi Visit: सांसदों को एकजुट रखने की कोशिश करेंगी ममता संदीपन का दावा- संसद में भी विधानसभा जैसी होगी स्थित लोकसभा में टीएमसी के हैं 28 सांसद Mamata Banerjee Delhi Visit: तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी पार्टी के सांसदों के बीच फूट की अटकलों के बीच, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक से एक दिन पहले रविवार को दिल्ली के लिए रवाना हो गयीं. पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी के साथ राज्यसभा सदस्य डोला सेन और लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी भी गये हैं. ममता से पहले दिल्ली पहुंचे अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे, जबकि पार्टी नेतृत्व उन आशंकाओं से जूझने लगा है कि बगावत अब उसके संसदीय दल तक भी फैल सकती है. ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक को पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की बैठक के लिए रविवार को एक साथ दिल्ली रवाना होना था, लेकिन डायमंड हार्बर से सांसद एक दिन पहले ही शनिवार को दिल्ली पहुंच गये. टीएमसी संसदीय दल में भी बगावत की आशंका उम्मीद है कि सोमवार को होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले, तृणमूल का शीर्ष नेतृत्व अपनी पार्टी के भीतर की स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करेगा. यह कदम उन समाचारों के बीच उठाया जा सकता है, जिनमें कहा जा रहा है कि पार्टी के असंतुष्ट नेता और सांसद संसद में भी वही स्थिति पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं, जो पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा में हो चुकी है. इसे भी पढ़ें : विद्रोह के बीच तृणमूल की सर्जरी, अभिषेक के अधिकार घटे, सुखेंदु-सौगत और महुआ को ममता ने दी बड़ी जिम्मेदारी बंगाल विधानसभा के 80 में 58 टीएमसी विधायकों ने बनाया अलग गुट तृणमूल के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी के आधिकारिक विधायक दल से बगावत कर अलग गुट बना लिया है. इस नये गुट को विधानसभा में मुख्य विपक्ष के रूप में मान्यता भी मिल गयी है. इसे ममता बनर्जी के लिए पार्टी बनने के बाद सबसे बड़े नेतृत्वक झटकों में से एक माना जा रहा है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सांसदों को एकजुट रखने की कोशिश करेंगी ममता घटनाक्रम से परिचित सूत्रों का दावा है कि संसद के दोनों सदनों के सांसदों के बीच समर्थन जुटाने के प्रयास जारी हैं. ममता बनर्जी के दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी सांसदों और नेताओं को एकजुट बनाये रखने के लिए नेतृत्वक बातचीत और बैठकें होने की संभावना है, क्योंकि संकेत मिल रहे हैं कि बागी सांसद अगले कुछ दिनों के भीतर अपना कदम उठा सकते हैं. संदीपन का दावा- संसद में भी विधानसभा जैसी होगी स्थित तृणमूल के बागी विधायक एवं पार्टी के नये विधायक दल के उपनेता संदीपन साहा के अनुसार, नयी दिल्ली में पार्टी के संसदीय दल के भीतर भी वैसा ही घटनाक्रम हो रहा है, जैसा पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुआ था. इसे भी पढ़ें : 1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी Mamata Banerjee Delhi Visit: लोकसभा में टीएमसी के हैं 28 सांसद विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल की हार के बाद, पार्टी के कई नेताओं ने खुलकर अभिषेक बनर्जी और उनकी नेतृत्व शैली की आलोचना की है. बशीरहाट से सांसद हाजी नुरूल इस्लाम के निधन के बाद, वर्तमान में पार्टी के लोकसभा में 28 सदस्य हैं. इसे भी पढ़ें कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन कहां है TMC की टॉलीवुड ब्रिगेड? बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी से दूर हुए फिल्मी सितारे कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन बंगाल में ढह गया ममता बनर्जी का सबसे अभेद्य किला, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने दिया इस्तीफा The post तृणमूल में बगावत के बीच ‘इंडिया’ की बैठक में शामिल होने के लिए ममता बनर्जी दिल्ली रवाना appeared first on Naya Vichar.

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खान सर की कोचिंग में नहीं मिले जरूरी सुरक्षा इंतजाम, जांच में मिलीं 10 बड़ी कमियां, विभाग ने दी चेतावनी

Khan Global Studies Fire Safety Notice: बिहार फायर सर्विस ने पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज को फायर सेफ्टी मानकों में कमी पाए जाने के बाद नोटिस जारी किया है. सीनियर कमांडेंट रितेश कुमार पांडे ने नया विचार के रिपोर्टर रोहित वर्मा को बताया कि हाल ही में हुए फायर सेफ्टी ऑडिट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं. संस्थान को 7 से 10 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है. रितेश कुमार पांडे ने बताया कि दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हुई हाल की घटनाओं के बाद सभी होटल, कोचिंग संस्थानों और अन्य भीड़भाड़ वाले परिसरों की जांच की जा रही है. सभी को अग्निशमन सुरक्षा नियमों का पालन करने का आदेश दिया गया है. पहले भी किया गया था ऑडिट सीनियर कमांडेंट ने बताया कि खान ग्लोबल स्टडीज का पहले भी फायर ऑडिट किया गया था. उस समय भी कई सुझाव दिए गए थे. संस्थान को आपातकालीन सीढ़ी बनाने, पर्याप्त क्षमता का पानी का टैंक लगाने और ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाने की सलाह दी गई थी. हालिया जांच में पाया गया कि कई जरूरी व्यवस्थाएं अब भी पूरी नहीं की गई हैं. इसी वजह से नोटिस जारी किया गया है. 25 मई को हुई थी जांच फायर सर्विस की टीम ने 25 मई को संस्थान की जांच की थी. जांच के दौरान कई सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने की बात सामने आई. इसके बाद संस्थान को कमियां दूर करने के लिए 7 से 10 दिन का समय दिया गया है. अधिकारियों ने साफ कहा है कि तय समय के भीतर सुधार नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर परिसर को खाली करवाकर सील भी किया जा सकता है. खान ग्लोबल स्टडीज में मिलीं ये प्रमुख कमियां बिल्डिंग में फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं मिला. नियम के अनुसार 25 हजार लीटर क्षमता का ओवरहेड वाटर टैंक होना चाहिए, लेकिन केवल 5 हजार लीटर का टैंक मौजूद है. 900 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाला फायर पंप नहीं लगाया गया है. डाउन कमर सिस्टम नहीं पाया गया. एग्जिट साइनेज की व्यवस्था नहीं है. फायर अलार्म सिस्टम उपलब्ध नहीं है. आवश्यक संख्या में ABC और CO2 प्रकार के फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिले. इलेक्ट्रिकल सुरक्षा के लिए रबर मैट नहीं लगाया गया है. सेटबैक की व्यवस्था नहीं पाई गई. भवन में दो सीढ़ियां होनी चाहिए, लेकिन यह व्यवस्था नहीं है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें एक ही सीढ़ी होने पर भी उठे सवाल फायर सर्विस अधिकारियों के अनुसार भवन में केवल एक सीढ़ी होने की बात भी सामने आई है. आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त सीढ़ी की जरूरत बताई गई है. अधिकारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले संस्थानों में फायर सेफ्टी के नियमों का पालन बेहद जरूरी है. इसलिए सभी संस्थानों को निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया है. फायर सर्विस विभाग ने संकेत दिया है कि जिन संस्थानों में गंभीर खामियां मिली हैं और समय पर सुधार नहीं किया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में पहले परिसर खाली कराया जाएगा और उसके बाद सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. इसे भी पढ़ें: बिहार में BHU की ब्रांच खोलने की तैयारी, प्रशासन देगी जमीन, TRE 4 आया बड़ा अपडेट बिहार में 14 जून तक खराब रहेगा मौसम का हाल, 60 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बारिश और वज्रपात का भी खतरा The post खान सर की कोचिंग में नहीं मिले जरूरी सुरक्षा इंतजाम, जांच में मिलीं 10 बड़ी कमियां, विभाग ने दी चेतावनी appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

सरायरंजन थाने में पदस्थापित प्रशिक्षु आईपीएस अनिकेत कुमार द्विवेदी की भावपूर्ण विदाई

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : सरायरंजन थाना परिसर में शनिवार की शाम प्रशिक्षु आईपीएस अनिकेत कुमार द्विवेदी को भावपूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि आज सरायरंजन थाना क्षेत्र के लिए एक बेहद भावुक और महत्वपूर्ण क्षण है। प्रशिक्षु आईपीएस अनिकेत कुमार त्रिवेदी ने अपने छोटे से कार्यकाल में क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने का जो सराहनीय कार्य किया है, वह वाकई प्रेरणादायक है। एक पुलिस अधिकारी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यही होती है कि जब वह किसी क्षेत्र से विदा ले, तो जनता और मातहत कर्मचारियों के दिलों में उसके प्रति अगाध सम्मान हो और विदाई के समय सबकी आंखें नम हों। वहीं सदर डीएसपी ने संजय कुमार पांडे ने उनके कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव और कुशल नेतृत्व को याद करते रखते हुए उनके आगामी सुनहरे भविष्य एवं उनके नए सफल कार्यकालों के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वह आगे जहां भी जाएंगे, अपनी बेहतर सेवाएं देंगे। और इसी तरह न्याय और जन सेवा की एक नई मिसल पेश करते रहेंगे। मौके पर मुख्यालय डीएसपी दिवाकर कुमार, इंस्पेक्टर संदीप कुमार, मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, घटहो थानाध्यक्ष रजनीश रंजन, एसआई रविकांत कुमार रवि, आनंद कुमार सिंह, कैलाश प्रसाद यादव, विनोद गुप्ता, रजनीश कुमार, प्रमुख वीणा कुमारी, उपप्रमुख संजीव ठाकुर, मुखिया राजीव कुमार झा, मो. अलाउद्दीन, राम कुमार झा,नीरज झा, बैजनाथ ठाकुर, गुड्डू राय, संजय कुमार शहीद दर्जनों गणमान्य मौजूद रहे।

आस्था, समस्तीपुर

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : प्रखंड के झखड़ा पतैली में जारी श्री विष्णु महायज्ञ के छठे दिन कथावाचिका साध्वी साक्षी श्यामाजी ने श्रीभागवत कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि लीला और क्रिया में अंतर होता है। अभिमान तथा सुखी रहने की इच्छा प्रक्रिया कहलाती है। इसे ना तो कर्तव्य का अपमान है और ना ही सुखी रहने की इच्छा, बल्कि दूसरों को सुखी रखने की इच्छा को लीला कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने यही लीला की, जिससे समस्त गोकुलवासी सुखी और संपन्न थे।उन्होंने कहा कि माखन चोरी का आशय मन की चोरी से है। कन्हैया ने मन की चोरी की। उन्होंने तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए उपस्थित श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेने पर कंस उनकी मृत्यु के लिए राज्य की सबसे बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। राक्षसी पूतना भेष बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है, परंतु भगवान उसका वध कर देते हैं। इसी प्रकार कार्तिक माह में बृजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न रखने के लिए पूजन कार्यक्रम की तैयारी करते हैं,परंतु भगवान श्रीकृष्ण उनको इंद्र की पूजा करने से मना कर देते हैं और गोवर्धन की पूजा करने को कहते हैं। यह बात सुनकर भगवान इंद्र नाराज हो जाते हैं और गोकुल को बहाने के लिए भारी वर्षा करते हैं। भारी वर्षा देखकर भगवान श्रीकृष्ण कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी लोगों को उसके नीचे छिपा लेते हैं। इससे भगवान इंद्र का अभिमान चकनाचूर हो जाता है। वहीं मथुरा को कंस के आतंक से बचने के लिए भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध कर देते हैं। मौके पर आयोजन समिति के अध्यक्ष गणेश पाठक, सचिव राहुल झा सहित रामबाबू झा, शशिभूषण झा, टुनटुन झा, श्री नारायण झा, राज नारायण झा, अशोक कुमार झा, फेकन झा, मोद नारायण झा, कृष्ण कन्हैया झा, प्रवीण कुमार झा, विनोद साह, सुंदरेश्वर शर्मा एवं समस्त ग्रामीण सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।

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विद्रोह के बीच ममता बनर्जी ने की टीएमसी की सर्जरी, अभिषेक हुए साइडलाइन, सुखेंदु को बड़ी जिम्मेदारी

खास बातें पहली बार दीदी ने भाईपो के पर कतरे राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक के अधिकार घटे सांगठनिक फैसलों पर अभिषेक का एकाधिकार खत्म भाईपो के पूरी टीम की दीदी ने कर दी छुट्टी शहरी और ग्रामीण समितियों का बंटवारा विद्रोह को कुचलने का आखिरी मास्टरस्ट्रोक संसदीय दल पर कड़ा अनुशासन जाली हस्ताक्षर और मेयरों के इस्तीफे के बीच वजूद बचाने की जंग Mamata Banerjee Clips Abhishek Banerjee Wings: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ऐतिहासिक और करारी हार के बाद पार्टी में बगावत के बीच ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला किया है. लगातार बढ़ते आंतरिक असंतोष और विधायकों-सांसदों को मनाने के लिए पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सांगठनिक सर्जिकल स्ट्राइक की है. पहली बार दीदी ने भाईपो के पर कतरे पार्टी में हुए अभूतपूर्व फेरबदल में ममता बनर्जी ने पहली बार अपने भतीजे (भाईपो) और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के खासमखास लोगों को पूरी तरह से साइडलाइन कर दिया है. संगठन को टूट से बचाने के लिए ममता बनर्जी ने अभिषेक के पूरे कोर ग्रुप को पार्टी के नीति-निर्धारक फैसलों से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक के अधिकार घटे नये सांगठनिक ढांचे में पार्टी के नंबर 2 माने जाने वाले अभिषेक बनर्जी के राष्ट्रीय महासचिव पद के अधिकारों को व्यावहारिक रूप से सीमित कर दिया गया है. अब पार्टी की कमान पूरी तरह से पुराने और अनुभवी नेताओं की कोर कमेटी को सौंप दी गयी है. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें सांगठनिक फैसलों पर अभिषेक का एकाधिकार खत्म सांगठनिक फेरबदल की सूची में अभिषेक बनर्जी के राष्ट्रीय महासचिव (National General Secretary) पद को लेकर इस बार कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है. इससे नेतृत्वक गलियारों में चर्चा तेज है कि ममता बनर्जी ने सांगठनिक फैसलों पर उनका एकाधिकार पूरी तरह समाप्त कर दिया है. तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में ममता ने राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन को पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली में मुख्य रणनीतिकार के रूप में दोबारा स्थापित किया है, जो सीधे ममता बनर्जी को रिपोर्ट करेंगे. इसे भी पढ़ें : 1998 में आंदोलन की कोख से जन्म, सत्ता का घमंड और ऐतिहासिक पतन, पढ़ें ममता बनर्जी की पार्टी TMC की पूरी कहानी भाईपो के पूरी टीम की दीदी ने कर दी छुट्टी सोशल मीडिया से लेकर चुनाव प्रबंधन तक पर अभिषेक बनर्जी की जिस युवा टीम का कब्जा था, उन्हें हटा दिया गया है. उत्तर 24 परगना, नदिया और मालदा जैसे महत्वपूर्ण जिलों के जिला अध्यक्षों को हटा दिया गया है. इन्हें अभिषेक का बेहद करीबी माना जाता था. इन जिलों में विधानसभा चुनाव 2026 में पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन रहा. शहरी और ग्रामीण समितियों का बंटवारा कोलकाता नगर निगम के पूर्व मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद, कोलकाता और दक्षिण 24 परगना के सांगठनिक जिलों की कमान वापस सुब्रत बख्शी और अरूप विश्वास जैसे पुराने वफादारों को सौंपी गयी है. इसे भी पढ़ें : कहां है TMC की टॉलीवुड ब्रिगेड? बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी से दूर हुए फिल्मी सितारे विद्रोह को कुचलने का आखिरी मास्टरस्ट्रोक रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 58 से अधिक विधायकों और कई सांसदों द्वारा तृणमूल नेतृत्व को दी गयी खुली चुनौती के बाद ममता बनर्जी ने अपने पुराने साथियों की शरण ली है. बगावत को शांत करने और बागी गुट से बातचीत का रास्ता खोलने के लिए ममता बनर्जी ने वरिष्ठ नेता सौगत रॉय और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय को ‘हाई-पावर्ड पॉलिसी डिसीजन कमेटी’ में शामिल किया है. Mamata Banerjee Clips Abhishek Banerjee Wings: संसदीय दल पर कड़ा अनुशासन दिल्ली से लेकर कोलकाता तक मची नेतृत्वक जंग को दबाने के लिए कल्याण बनर्जी को चीफ व्हिप की जिम्मेदारी देकर सांसदों पर कड़ा शिकंजा कसने का जिम्मा सौंपा गया है. इसके अलावा महुआ मोईत्रा को राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का खोया हुआ रसूख वापस लाने के लिए फ्रंटलाइन पर खड़ा किया गया है. इसे भी पढ़ें : ममता बनर्जी के साथ हो गया बड़ा स्पोर्ट्सा! शुभेंदु प्रशासन के खौफ से पुरुलिया में TMC ने अपने ही दफ्तर पर चलवाया बुलडोजर जाली हस्ताक्षर और मेयरों के इस्तीफे के बीच वजूद बचाने की जंग नेतृत्वक जानकारों के अनुसार, यह सांगठनिक सर्जरी केवल एक सामान्य बदलाव नहीं है. पार्टी के भीतर ममता बनर्जी की सत्ता को बचाये रखने का आखिरी प्रयास है. एक तरफ फिरहाद हकीम जैसे कद्दावर नेताओं ने कोलकाता के मेयर पद से यह कहकर इस्तीफा दे दिया कि वे ‘बिना सेना के सेनापति’ नहीं रहना चाहते, तो दूसरी तरफ कालीघाट बैठकों के दस्तावेजों में जाली हस्ताक्षरों के आरोपों की जांच सीआईडी (CID) कर रही है. इसे भी पढ़ें कालीघाट की बैठकों के ‘सीक्रेट दस्तावेज’ लीक, रीतब्रत ने पूछे 3 सवाल, सीआईडी खंगालेगी विधायकों का मोबाइल लोकेशन टूट गयी तृणमूल कांग्रेस, रीतब्रत 58 बागी विधायकों के समर्थन से बने विपक्ष के नेता, बोले- ममता मंजूर, अभिषेक नहीं अधीर रंजन चौधरी का बड़ा बयान- अपनी ही करनी का फल भुगत रही हैं टीएमसी चीफ ममता बनर्जी बंगाल में ढह गया ममता बनर्जी का सबसे अभेद्य किला, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने दिया इस्तीफा The post विद्रोह के बीच ममता बनर्जी ने की टीएमसी की सर्जरी, अभिषेक हुए साइडलाइन, सुखेंदु को बड़ी जिम्मेदारी appeared first on Naya Vichar.

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ऋषभ पंत के शॉट से टूटा ब्रॉडकास्टिंग ड्रोन, चोटिल होते-होते बचे खिलाड़ी; देखें VIDEO

Rishabh Pant: हिंदुस्तान और अफगानिस्तान के बीच मुल्लानपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में स्पोर्ट्से जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के दौरान क्रिकेट मैदान पर एक बेहद दुर्लभ और चौंकाने वाली घटना देखने को मिली. हिंदुस्तानीय स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के एक गगनचुंबी शॉट ने लाइव ब्रॉडकास्टिंग में इस्तेमाल हो रहे ड्रोन को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके बाद कुछ समय के लिए स्पोर्ट्स रोकना पड़ा. पंत के शॉट से ड्रोन हुआ क्षतिग्रस्त यह घटना हिंदुस्तानीय पारी के दौरान हुई, जब ऋषभ पंत अपने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. अफगानिस्तान के गेंदबाज हशमतउल्लाह की एक फ्लाइटेड गेंद पर पंत ने क्रीज से बाहर निकलकर लंबा शॉट स्पोर्ट्सने का प्रयास किया. गेंद काफी ऊंचाई तक गई और सीधे मैदान के ऊपर उड़ रहे ब्रॉडकास्टिंग ड्रोन से जा टकराई. टक्कर इतनी तेज थी कि ड्रोन का एक हिस्सा टूटकर मैदान पर गिर गया. जिसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. View this post on Instagram A post shared by Cric Madness TV (@cricmadnesstv) कुछ देर तक स्पोर्ट्स रुका हालांकि, राहत की बात यह रही कि ड्रोन खाली जगह पर गिरा. अगर ड्रोन पिच या खिलाड़ी के पास गिरता को शायद कोई दर्घटना हो सकती थी. घटना के बाद अंपायरों ने तुरंत स्पोर्ट्स रोक दिया और ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत टूटे हुए ड्रोन को हटाया. जिसके बाद कमेंटेटर्स से लेकर दर्शक तक हैरान रह गए. ड्रोन से टक्कर के बाद मैदान पर सुरक्षा जांच की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि स्पोर्ट्स दोबारा शुरू करने में कोई जोखिम न हो. पंत ने स्पोर्ट्सी 81 रनों की पारी ड्रोन से टक्कर की इस घटना के अलावा ऋषभ पंत ने अपनी बल्लेबाजी से भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. आईपीएल 2026 के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी कर रहे पंत ने शानदार लय दिखाई और 121 गेंदों पर 81 रन बनाए. अपनी पारी में उन्होंने 6 चौके और 3 छक्के लगाए. पंत शतक की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे, लेकिन अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी की गेंद पर बड़ा शॉट स्पोर्ट्सने के प्रयास में आउट हो गए. हिंदुस्तान ने बनाए 564 रन हिंदुस्तानीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 564 रन बनाकर पारी को घोषित कर दिया. हिंदुस्तान के लिए शुभमन गिल ने 126, केएल राहुल ने 100, ऋषभ पंत ने 81, साई सुदर्शन ने 81, वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52, मानव सुथार ने 28, यशस्वी जायसवाल ने 24 रन बनाए. अफगानिस्तान के लिए मोहम्मद सलीम सैफी ने 6 विकेट चटकाए. यह भी पढें: मानव सुथार का ड्रीम डेब्यू, पहले ही ओवर में अब्दुल मलिक को किया आउट The post ऋषभ पंत के शॉट से टूटा ब्रॉडकास्टिंग ड्रोन, चोटिल होते-होते बचे खिलाड़ी; देखें VIDEO appeared first on Naya Vichar.

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एलपीजी की कीमत में वृद्धि पर भड़के खरगे, बीजेपी नेताओं से पूछा-अब क्यों सिलेंडर लेकर सड़क पर नहीं बैठ रहे?

LPG Price Hike : एलपीजी की कीमत में वृद्धि पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर मोदी प्रशासन पर हमला बोला है. उन्होंने रविवार को घरेलू गैस की कीमतों में वृद्धि को लेकर मोदी प्रशासन पर तीखा हमला किया और तीन सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा कि यूपीए की प्रशासन के दौरान महंगाई को लेकर हो-हल्ला करने वाले बीजेपी के नेता अब क्यों चुप हैं. खरगे ने पूछा सवाल-मोदी जी के दावों का क्या हुआ? मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने पोस्ट में लिखा है कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया संघर्ष के जवाब में 41 देशों में ईंधन के स्रोत होने के बड़े-बड़े दावे किए थे, उनका क्या हुआ? उन्होंने पूछा कि आज भी ग्रामीण इलाकों में एलपीजी की कमी क्यों है. कांग्रेस अध्यक्ष की यह टिप्पणी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़ाकर 942 रुपये करने के बाद आई है. खरगे ने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा-घरेलू एलपीजी के दामों में आग की लपटें आम जनता की रसोई को भस्म करने पर तुली हुई हैं. मोदी प्रशासन ने पिछले 4 महीनों में घरेलू रसोई गैस की कीमत में 89 रुपये की बढ़ोतरी की है. घरेलू LPG दामों में आग की लपटें आम जनता की रसोई को भस्म करने पर तुली हुई है !! मोदी प्रशासन ने पिछले 4 महीनों में घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में ₹89 की बढ़ोतरी की है। हमारे 3 सवाल — 1️⃣ संसद में मोदी जी ने लंबी-चौड़े दावे किए थे कि वे West Asia War के चलते 41 देशों से Fuel… pic.twitter.com/xE7uzFFsq6 — Mallikarjun Kharge (@kharge) June 7, 2026 खरगे ने पूछे तीन सवाल खरगे ने मोदी प्रशासन से तीन सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा कि हमारे तीन सवाल हैं. पहला सवाल यह है कि संसद में मोदी जी ने लंबे-चौड़े दावे किए थे कि वह पश्चिम एशिया युद्ध के चलते 41 देशों से ईंधन प्राप्त कर रहे हैं. उसका क्या हुआ? ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी एलपीजी की किल्लत क्यों है? दूसरा सवाल यह है कि 2025-26 में उज्ज्वला योजना में 5.56 करोड़ परिवारों ने केवल एक या एक भी रिफिल नहीं करवाया. इनमें से 3.30 करोड़ ने तो एक भी सिलेंडर रिफिल नहीं लिया. यह तो पश्चिम एशिया संकट के पहले की बात है. क्या यह मोदी प्रशासन की लूट का नतीजा नहीं है? तीसरा सवाल यह है कि मोदी जी और बीजेपी के नेता यूपीए प्रशासन के दौरान महंगाई का शोर मचाते थे. क्या ये सच नहीं है कि मोदी प्रशासन ने 12 सालों में घरेलू एलपीजी के दामों में 530 रुपये की बढ़ोतरी की है? अब भाजपा के नेता सड़कों पर सिलेंडर लेकर क्यों नहीं बैठ रहे हैं? ये भी पढ़ें : हिंदुस्तान-नेपाल सीमा विवाद पर बोले नेपाली विदेश मंत्री-दोनों देश आपसी बातचीत से सुलझा सकते हैं मुद्दे अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान को दिया अल्टीमेटम- 7 दिनों के अंदर इस्तीफा दें, आपने अभी ट्रेलर देखा है… The post एलपीजी की कीमत में वृद्धि पर भड़के खरगे, बीजेपी नेताओं से पूछा-अब क्यों सिलेंडर लेकर सड़क पर नहीं बैठ रहे? appeared first on Naya Vichar.

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9 महीने बीतने को आए, मोहसिन नकवी अब तक दबाए बैठा है भारत का एशिया कप, आखिर कब मिलेगी सूर्या की ट्रॉफी?

India Asia Cup 2025 Trophy: एशिया कप 2025 का खिताब जीतने के करीब नौ महीने बाद भी हिंदुस्तानीय टीम को उसकी ट्रॉफी नहीं मिली है. मैदान पर पाकिस्तान को हराकर चैंपियन बनने वाली टीम इंडिया आज भी उस ट्रॉफी का इंतजार कर रही है, जिसे टूर्नामेंट के बाद विजेता टीम को सौंपा जाना था. इस पूरे विवाद के केंद्र में हैं पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के प्रमुख मोहसिन नकवी. 28 सितंबर 2025 को दुबई में स्पोर्ट्से गए एशिया कप फाइनल में, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में, हिंदुस्तान ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवां एशिया कप खिताब जीता था. पाकिस्तान ने हिंदुस्तान को 146 रन का टारगेट दिया था, जिसे टीम इंडिया ने 19.1 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाकर हासिल कर लिया. एक समय पर हिंदुस्तान 10 रन पर 2 विकेट गंवाकर संघर्ष कर रहा था, लेकिन तिलक वर्मा की शानदार पारी ने हिंदुस्तान को जीत का तिलक लगाया.  हिंदुस्तान की ट्रॉफी लेकर भाग गए मोहसिन नकवी यहां तक तो ठीक था, लेकिन मैच खत्म होने के बाद ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह में ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि विजेता हिंदुस्तानीय टीम को ट्रॉफी ही नहीं मिली. हिंदुस्तानीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जबकि नकवी इस बात पर अड़े रहे कि ट्रॉफी वही सौंपेंगे. नतीजा यह हुआ कि समारोह समाप्त हो गया और ट्रॉफी किसी को नहीं दी गई. उस रात हिंदुस्तानीय खिलाड़ी बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाने को मजबूर हुए. बाद रिपोर्ट्स में कहा गया कि नकवी ट्रॉफी को अपने होटल मके कमरे में लेकर चले गए. और फिर बाद में समाचार आई कि ट्रॉफी एसीसी के नियंत्रण में चली गई. ट्रॉफी लेने के कई प्रयास हुए मामला यहीं नहीं रुका. हिंदुस्तानीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी फाइनल के बाद कहा था कि चैंपियन टीम ट्रॉफी की हकदार होती है. वहीं हिंदुस्तानीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई और इसे स्पोर्ट्स भावना के खिलाफ बताया. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि हिंदुस्तान चाहता था कि किसी तटस्थ अधिकारी के हाथों ट्रॉफी दी जाए, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद एसीसी की बैठकों में भी यह मुद्दा उठा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोहसिन नकवी ने विवाद पर खेद जताया, लेकिन ट्रॉफी को व्यक्तिगत रूप से सौंपने की अपनी शर्त से पीछे नहीं हटे. यही वजह है कि महीनों बाद भी यह मामला पूरी तरह सुलझ नहीं पाया. आज तक नहीं मिला हिंदुस्तान का एशिया कप  नवंबर 2025 में इस बात की चर्चा आईसीसी की मीटिंग में उठाई गई थी, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए समिति भी बनाई गई. लेकिन इसका क्या हुआ कुछ समाचार सामने नहीं आई. आज तक हिंदुस्तानीय टीम को औपचारिक रूप से एशिया कप 2025 की ट्रॉफी नहीं सौंपी गई है. चाहते क्या हैं नकवी? अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मोहसिन नकवी क्या चाहते हैं? क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ ट्रॉफी सौंपने का मामला नहीं रह गया है. नकवी एक साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री, पीसीबी प्रमुख और अभी भी वह एसीसी अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. अप्रैल 2025 में उन्होंने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष का पद संभाला था. ऐसे में ट्रॉफी विवाद क्रिकेट से आगे बढ़कर प्रतिष्ठा और नेतृत्वक संदेश का विषय बन गया है.  फिलहाल स्थिति यह है कि एशिया कप जीतने वाली हिंदुस्तानीय टीम के नाम रिकॉर्ड में खिताब दर्ज है, लेकिन ट्रॉफी अब भी उसके हाथों तक नहीं पहुंची है. नौ महीने बाद भी यह सवाल कायम है कि क्या एसीसी इस विवाद का समाधान निकाल पाएगी या फिर एशिया कप 2025 हमेशा उस टूर्नामेंट के रूप में याद किया जाएगा, जिसमें विजेता टीम को ट्रॉफी ही नहीं मिली. नकवी ने इसे अपनी इज्जत का सवाल बना लिया है. वह किसी भी कीमत पर हिंदुस्तान के विजेताओं को सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन पहलगाम हमले की वजह से गुस्से में हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों ने उनकी यह इच्छा पूरी नहीं होने दी थी. लेकिन हिंदुस्तान की जीती हुई ट्रॉफी को हजम करने की भी एक सीमा है. अप्रैल 2027 में वह इस पद से हटेंगे. इसके बाद बांग्लादेश या अफगानिस्तान के पास इसकी अध्यक्षता जाएगी, क्योंकि एशियन क्रिकेट काउंसिल की अध्यक्षता रोटेशनल बेसिस पर होती है.  ये भी पढ़ें:- फीफा वर्ल्ड कप 2026 होगा नेमार का ‘द लास्ट डांस’? ब्राजीलियाई स्टार के कमेंट से बवाल ये भी पढ़ें:- वैभव सूर्यवंशी ने बताया अपना फ्यूचर प्लान, राजस्थान रॉयल्स ने शेयर किया खास वीडियो अप्रैल 2027 के बाद मिल सकती है हिंदुस्तान की एशिया कप 2025 ट्रॉफी 2021 में हिंदुस्तान से जय शाह इसके अध्यक्ष थे, फिर 2024 में श्रीलंका के  शम्मी सिल्वा ने कार्यभार संभाला, वहीं 2025 में मोहसिन नकवी का नंबर लगा. 2027 में इसकी अध्यक्षता अफगानिस्तान के पास जाने का सबसे ज्यादा चांस है, क्योंकि 2018 में बांग्लादेश के नजमुल हसन ही इसके प्रेसिडेंट थे. ऐसे में अगर मोहसिन नकवी अप्रैल 2027 तक हिंदुस्तान की एशिया कप ट्रॉफी 2025 को पचा सके, तो इसकी एसीसी की अध्यक्षता जाते ही हिंदुस्तान को अपनी ट्रॉफी मिलेगी. अभी कहां हैं नकवी? फिलहाल मोहसिन नकवी ईरान युद्ध में अपने देश के आर्मी चीफ के पोस्टमैन बनकर तेहरान में चिट्ठी लेकर गए हैं. पाकिस्तान ईरान युद्ध में अमेरिका की ओर अप्रत्यक्ष रूप से नियुक्त प्रत्यक्ष वार्ताकार बना हुआ है. हालांकि, दो बार की कोशिशों के बाद भी कुछ खास नतीजा नहीं निकल पाया है. The post 9 महीने बीतने को आए, मोहसिन नकवी अब तक दबाए बैठा है हिंदुस्तान का एशिया कप, आखिर कब मिलेगी सूर्या की ट्रॉफी? appeared first on Naya Vichar.

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अन्नपूर्णा योजना में बड़ी गड़बड़ी से हड़कंप, 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी महिलाओं का पैसा पुरुष के खाते में ट्रांसफर

खास बातें 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी गड़बड़ी? तृणमूल का वार- ममता की लक्ष्मी भंडार बेहतर थी प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण प्रशासन बैकफुट पर, जांच और डेटा में सुधार के आदेश Annapurna Yojana: डेटाबेस री-वेरिफिकेशन क्या है पूरा मामला? कैसे सामने आयी गड़बड़ी संजीत बोले- खाते में अन्नपूर्णा भंडार के पैसे कैसे आये, नहीं मालूम प्रशासनी पैसा वापस करने के लिए उठायेंगे कदम Annapurna Yojana: पश्चिम बंगाल की हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रशासन की महत्वाकांक्षी ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ (Annapurna Bhandar Yojana) में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है. स्त्री सशक्तिकरण और कल्याण के लिए शुरू की गयी योजना का लाभ एक पुरुष को मिला है. लक्ष्मी भंडार योजना जैसी गंभीर विसंगति के सामने आते ही विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी गड़बड़ी? इस प्रशासनी योजना का लाभ पाने के लिए स्त्रीओं ने 12 पन्नों का विस्तृत आवेदन फॉर्म भरा था. इस फॉर्म में पहचान पत्र से लेकर बैंक विवरण तक की जानकारी ली गयी थी. इतने कड़े और लंबे वेरिफिकेशन प्रोसेस के बावजूद, जब प्रशासन ने योजना की राशि जारी की, तो वह स्त्रीओं के साथ-साथ एक पुरुष के बैंक अकाउंट में भी क्रेडिट हो गयी. तृणमूल का वार- ममता की लक्ष्मी भंडार बेहतर थी इस प्रशासनिक चूक को लपकते हुए तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और प्रवक्ताओं ने शुभेंदु प्रशासन की नयी नीति और कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल किये हैं. टीएमसी ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रशासन ने ममता बनर्जी प्रशासन की बेहद लोकप्रिय ‘लक्ष्मी भंडार योजना’ का मुकाबला करने के लिए बिना किसी ठोस तैयारी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के जल्दबाजी में ‘अन्नपूर्णा भंडार योजना’ को लागू कर दिया. इसे भी पढ़ें : अन्नपूर्णा भंडार के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, ऐसे पक्का करें 3000 रुपए प्रशासनिक अक्षमता का प्रमाण टीएमसी नेताओं ने कहा कि जो प्रशासन 12 पन्नों का फॉर्म भरवाने के बाद भी यह जांचने में अक्षम है कि लाभार्थी स्त्री है या पुरुष, वह राज्य की करोड़ों स्त्रीओं के साथ न्याय कैसे करेगी? उन्होंने मांग की है कि इस पूरे घोटाले या चूक की तुरंत उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें प्रशासन बैकफुट पर, जांच और डेटा में सुधार के आदेश इस मामले के तूल पकड़ते ही राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग तथा स्त्री कल्याण विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है. गड़बड़ी को तकनीकी खामी (Technical Glitch) या डेटा एंट्री ऑपरेटर की गलती माना जा रहा है. संबंधित विभाग ने बैंकों और आईटी टीम को तत्काल प्रभाव से इस विसंगति को सुधारने और प्रभावित स्त्री लाभार्थियों के खातों में सही तरीके से राशि भेजने का निर्देश दिया है. Annapurna Yojana: डेटाबेस री-वेरिफिकेशन भविष्य में ऐसी फजीहत से बचने के लिए प्रशासन अब अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत जमा हुए सभी आवेदनों के डिजिटल डेटाबेस का दोबारा भौतिक सत्यापन (Re-verification) करने की तैयारी में है, ताकि अपात्र लोगों या गलत खातों को सिस्टम से तुरंत बाहर किया जा सके. इसे भी पढ़ें : बंगाल में लक्ष्मीर भंडार घोटाले की होगी SIT जांच, 30 लाख फर्जी खाते खंगालेंगे अधिकारी क्या है पूरा मामला? कैसे सामने आयी गड़बड़ी मामला नदिया जिले के भीमपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव का है. संजीत विश्वास पेशे से ग्रामीण चिकित्सक हैं. उन्हें प्रशासनी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिलता है. नियमित रूप से पेंशन की राशि निकालने के लिए बैंक के कस्टमर सर्विस सेंटर (सीएससी) जाते हैं. संजीत विश्वास ने बताया कि हाल ही में पेंशन की राशि निकालने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि उनके खाते में वृद्धावस्था पेंशन के अलावा अन्नपूर्णा भंडार योजना के 3,000 रुपए भी जमा हुए हैं. यह देखकर वह खुद हैरान रह गये. संजीत बोले- खाते में अन्नपूर्णा भंडार के पैसे कैसे आये, नहीं मालूम संजीत विश्वास ने कहा कि उन्होंने कभी अन्नपूर्णा योजना के लिए आवेदन नहीं किया. न ही वह इस योजना के पात्र लाभार्थी हैं. ऐसे में उनके खाते में यह राशि कैसे पहुंची, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. संजीत विश्वास ने कहा- मैं वृद्धावस्था पेंशन के पैसे निकालने गया था. वहीं पता चला कि मेरे खाते में अन्नपूर्णा योजना के 3,000 रुपए जमा हुए हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे हुआ. मैंने पैसा नहीं निकाला. मैंने केवल पेंशन की राशि निकाली. इसे भी पढ़ें : बंगाल में बदला सियासी मिजाज! भाजपा की 3000 रुपए वाले ‘अन्नपूर्णा भंडार’ के फॉर्म बांट रहे ममता बनर्जी के पार्षद प्रशासनी पैसा वापस करने के लिए उठायेंगे कदम संजीत ने कहा कि वह इस मामले की जानकारी स्थानीय पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत प्रधान को देंगे. यदि जांच में पता चलता है कि यह राशि गलती से उनके खाते में जमा हुई है, तो वह प्रशासनी नियमों के अनुसार इसे वापस करने के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे. इसे भी पढ़ें बंगाल में ‘अन्नपूर्णा भण्डार’ योजना शुरू, स्त्रीओं के खाते में आने लगे 3000 रुपये बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के 3 बड़े धमाके! 5 रुपए में मिलेगा मछली-चावल, 27 से भरे जायेंगे ‘अन्नपूर्णा योजना’ के फॉर्म अन्नपूर्णा भंडार योजना : 11 पन्ने के फॉर्म से पूरी कुंडली खंगालेगी शुभेंदु प्रशासन, आवेदन के लिए देने होंगे 30 सवालों के जवाब लक्ष्मी भंडार योजना 2026: बंगाल की सबसे बड़ी प्रशासनी योजना में कितने रुपए मिलते हैं, कौन और कैसे ले सकता है लाभ? The post अन्नपूर्णा योजना में बड़ी गड़बड़ी से हड़कंप, 12 पन्नों का फॉर्म भरने के बाद भी स्त्रीओं का पैसा पुरुष के खाते में ट्रांसफर appeared first on Naya Vichar.

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