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July 31, 2026

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ITR Filing Deadline: आपकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है या 31 अगस्त? ऐसे करें तुरंत पता

अगर आप अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं कर पाए हैं और इस बात को लेकर उलझन में हैं कि आपकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है या 31 अगस्त, तो पहले यह जानना जरूरी है कि आप किस कैटेगरी के टैक्सपेयर हैं. दरअसल, ITR भरने की डेडलाइन सभी के लिए एक जैसी नहीं होती. यह इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी आय का स्रोत क्या है और आपके खातों का टैक्स ऑडिट होना जरूरी है या नहीं. किन लोगों को 31 जुलाई तक ITR भरना है? अगर आप: सैलरी पाने वाले कर्मचारी हैं, पेंशनर हैं, या आपकी आय सिर्फ हाउस प्रॉपर्टी या कैपिटल गेन से होती है, तो आपके लिए ITR दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. ऐसे टैक्सपेयर्स आमतौर पर ITR-1 या ITR-2 फॉर्म भरते हैं. टैक्स विभाग की सलाह है कि आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न दाखिल कर दें, ताकि पोर्टल पर भीड़ की परेशानी से बचा जा सके. किन लोगों को 31 अगस्त तक का समय मिला है? अगर आपकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और आपके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, तो आपके पास 31 अगस्त तक का समय है. इसमें शामिल हैं: छोटे कारोबारी, सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल, कंसल्टेंट, फ्रीलांसर, ITR-3 या ITR-4 भरने वाले नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर, नॉन-ऑडिट फर्म के पार्टनर. उन्हें अतिरिक्त समय इसलिए दिया गया है ताकि वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित कर सकें और आय से जुड़े आंकड़ों का सही मिलान कर सकें. अपनी ITR की आखिरी तारीख कैसे पता करें? सबसे पहले यह देखें कि आपकी आय का स्रोत क्या है. आपकी आय का प्रकार ITR भरने की आखिरी तारीख सैलरी, पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी या कैपिटल गेन 31 जुलाई बिजनेस या प्रोफेशन की आय (टैक्स ऑडिट नहीं) 31 अगस्त जिन मामलों में टैक्स ऑडिट जरूरी है 31 अक्टूबर ट्रांसफर प्राइसिंग दस्तावेज वाले मामले 30 नवंबर यानी अगर आपकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से नहीं है, तो आपको 31 जुलाई की समय सीमा का पालन करना होगा. वहीं, बिजनेस या प्रोफेशन से आय होने पर और टैक्स ऑडिट लागू नहीं होने पर 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल किया जा सकता है. डेडलाइन चूकने पर क्या नुकसान हो सकता है? अगर आप अपनी तय समय सीमा के भीतर ITR दाखिल नहीं करते हैं, तो इसके वित्तीय असर भी हो सकते हैं। देरी होने पर: बकाया टैक्स पर ब्याज देना पड़ सकता है. लेट फाइलिंग फीस लग सकती है. कुछ तरह के नुकसान (Losses) को भविष्य की आय के खिलाफ समायोजित करने का मौका भी छूट सकता है. इसलिए सबसे पहले यह तय करें कि आप किस कैटेगरी के टैक्सपेयर हैं और उसी के हिसाब से अपनी आखिरी तारीख के भीतर ITR दाखिल करें. ये भी पढ़ें: ITR भरने का बस कल तक मौका! 31 जुलाई छूटी तो देना पड़ सकता है जुर्माना The post ITR Filing Deadline: आपकी आखिरी तारीख 31 जुलाई है या 31 अगस्त? ऐसे करें तुरंत पता appeared first on Naya Vichar.

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टुलू मंडल से नाम जोड़ने पर भड़के अनुव्रत, बोले- जरूरत पड़ी तो मानहानि का मुकदमा करूंगा

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट पत्थर कारोबारी टुलू मंडल के साथ अपना नाम जोड़े जाने पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनुव्रत मंडल ने तीखी नाराजगी जाहिर की है.उन्होंने साफ कहा कि उन्हें बेवजह टुलू मंडल का करीबी बताया जा रहा है. यदि इस तरह उनके नाम को बदनाम करने की कोशिश जारी रही, तो वह संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे. बेटी की शादी में भी नहीं गये थे अनुव्रत अनुव्रत मंडल ने कहा कि जब वह तृणमूल कांग्रेस के बीरभूम जिला अध्यक्ष थे, तब बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने आते थे. इससे कोई उनका करीबी नहीं हो जाता. उन्होंने कहा-टुलू मंडल की बेटी की शादी में भी मैं नहीं गया था. मैं किसी भी शादी या भोज में शामिल नहीं होता. सभी दावों को किया खारिज बीरभूम में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि टुलू मंडल के पत्थर कारोबार के तेजी से विस्तार के पीछे नेतृत्वक संरक्षण था. हालांकि, अनुव्रत मंडल ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है. इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें टुलू मंडल अब तक फरार उधर, टुलू मंडल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की समाचार है. बताया जा रहा है कि वह फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है. ऐसे में अनुव्रत मंडल के बयान के बाद इस पूरे मामले ने नया नेतृत्वक मोड़ ले लिया है. Also Read: उत्तर बंगाल में पर्यटन को नयी उड़ान, सैंडकफू में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल 10 कंटेनर होम The post टुलू मंडल से नाम जोड़ने पर भड़के अनुव्रत, बोले- जरूरत पड़ी तो मानहानि का मुकदमा करूंगा appeared first on Naya Vichar.

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‘रील बनवाई, पेमेंट नहीं दिया’, वाराणसी की कंटेंट क्रिएटर ने ज्वेलरी कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला

UP News: वाराणसी की कंटेंट क्रिएटर और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वैष्णवी (@vaishnavii_official) ने Shree Balaji Gold Into Cash Pvt. Ltd. पर प्रमोशनल रील के बदले भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है. करीब 1.25 लाख फॉलोअर्स वाली वैष्णवी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो और कई पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि मार्च 2026 में उन्होंने कंपनी के लिए प्रमोशनल रील बनाई थी, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद उन्हें तय भुगतान नहीं मिला. उन्होंने यह भी कहा कि भुगतान के लिए कई बार दुकान जाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कंपनी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ‘कई बार दुकान गई, फिर भी नहीं मिला भुगतान’ वैष्णवी का दावा है कि रील तैयार करने के बाद से वह करीब 20 बार कंपनी की दुकानों पर भुगतान लेने पहुंचीं. उनके अनुसार, हर बार स्टाफ ने अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें टाल दिया. बाद में जब उनकी कथित तौर पर कंपनी के डायरेक्टर दिव्यांशु सेठ से मुलाकात हुई, तो उन्हें भुगतान करने से इनकार कर दिया गया और रील हटाने के लिए कहा गया. वैष्णवी का कहना है कि यह मांग उस समय की गई, जब रील पर पहले ही अच्छे-खासे व्यूज और लाइक्स आ चुके थे. फर्जी कमेंट्स और झूठे दावों का भी लगाया आरोप कंटेंट क्रिएटर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट और कमेंट्स में आरोप लगाया कि कंपनी ने उनका वीडियो अपनी प्रोफाइल पर अपलोड कर उस पर बड़ी संख्या में बॉट और फर्जी कमेंट्स कराए, जिनमें उन्हें “फ्रॉड” बताया गया. इसके अलावा वैष्णवी ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से मीडिया में यह कहा जा रहा है कि उन्होंने 2.60 लाख रुपये की चांदी खरीदी थी और 40 हजार रुपये का भुगतान बाकी है. वैष्णवी ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कंपनी से कोई सामान खरीदा ही नहीं. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई लेन-देन हुआ है तो कंपनी जीएसटी नंबर और इनवॉइस वाला बिल, भुगतान का रिकॉर्ड और दुकान से सामान ले जाने का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करे. अन्य क्रिएटर्स को दी चेतावनी, कंपनी का पक्ष आना बाकी वैष्णवी ने अन्य कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि वे संबंधित कंपनी के साथ किसी भी तरह का प्रमोशनल कंटेंट करने से पहले पूरा भुगतान सुनिश्चित कर लें. उनका कहना है कि उन्होंने अपना अनुभव इसलिए सार्वजनिक किया है ताकि दूसरे क्रिएटर्स को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े. नया विचार इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है. समाचार लिखे जाने तक Shree Balaji Gold Into Cash Pvt. Ltd. या उसके डायरेक्टर दिव्यांशु सेठ की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है. यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा. Must Read- मुख्तार के गढ़ में गरजे योगी, बोले- रामलीला में असलहा लहराने वालों को मिट्टी में ही दफन होना पड़ेगा The post ‘रील बनवाई, पेमेंट नहीं दिया’, वाराणसी की कंटेंट क्रिएटर ने ज्वेलरी कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला appeared first on Naya Vichar.

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Video : जब मेरे पति खून से सनी वर्दी में घर लौटे तो वह पल बहुत दर्दनाक था, CJP प्रोटेस्ट में घायल ACP की पत्नी ने बताया अपना दर्द

Video : 20 जुलाई को दिल्ली में पुलिस और CJP प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक ACP की पत्नी ने अपना दर्द साझा किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने कहा कि 20 जुलाई की रात जब मेरे पति घायल हालत में घर लौटे, वह पल मेरे और हमारी दो साल की बेटी के लिए बेहद दर्दनाक था. आज मैं दिल्ली पुलिस के अन्य जवानों के परिवारों के साथ यहां आई हूं, ताकि हम अपनी आपबीती लोगों के सामने रख सकें. दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की बेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना दर्द साझा किया. उन्होंने बताया कि उनके पिता पहले हिंदुस्तानीय नौसेना में मरीन कमांडो थे और 15 साल तक देश की सेवा कर चुके हैं. बाद में वे दिल्ली पुलिस में शामिल हुए. बेटी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उनके पिता जंतर-मंतर पर बैरिकेड्स के पास ड्यूटी पर थे. वे अक्सर घर आकर बताते थे कि आंदोलन में छात्रों के साथ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं. उनकी वर्दी खून से सनी हुई थी: बेटी ने बताया सब-इंस्पेक्टर (SI) की बेटी ने कहा कि 25 जुलाई को भीड़ ने उनके पिता को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की. उन्हें गंभीर हालत में RML अस्पताल ले जाया गया, जहां वे करीब चार घंटे तक बेहोश रहे. रात में जब साथी पुलिसकर्मी उन्हें घर लाए तो उनकी वर्दी खून से सनी हुई थी. बेटी ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके पिता को ही अपराधी बताया गया, जिससे परिवार को बहुत दुख पहुंचा. इसके बाद उन्होंने अन्य पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की. यह छात्रों का नहीं, उपद्रवियों का प्रदर्शन था दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल एक पुलिसकर्मी के परिजन ने कहा कि यह सिर्फ छात्रों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसमें कुछ उपद्रवी तत्व भी शामिल थे. उनका आरोप है कि इन लोगों ने छात्रों के आंदोलन को बदनाम करने और संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की. उन्होंने मांग की कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए. वहीं, जिन छात्रों का रिकॉर्ड साफ है, उनकी जांच पूरी होने के बाद उन्हें राहत दी जानी चाहिए. The post Video : जब मेरे पति खून से सनी वर्दी में घर लौटे तो वह पल बहुत दर्दनाक था, CJP प्रोटेस्ट में घायल ACP की पत्नी ने बताया अपना दर्द appeared first on Naya Vichar.

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Parliament Session Live : JPSC-JSSC विवाद पर संसद परिसर में बोलीं महुआ माजी- CM ने तुरंत कार्रवाई की, जांच जारी है

Parliament Session Live : संसद के मानसून सत्र में शुक्रवार को (31 जुलाई) कई अहम विधेयकों पर चर्चा हो सकती है. लोकसभा में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किया जा सकता है. प्रशासन इन विधेयकों को सदन से मंजूरी दिलाने की तैयारी में है. संसद के हर अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ. The post Parliament Session Live : JPSC-JSSC विवाद पर संसद परिसर में बोलीं महुआ माजी- CM ने तुरंत कार्रवाई की, जांच जारी है appeared first on Naya Vichar.

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भरत तिवारी पर सबसे पहले गोली चलाने वाला STF जवान अरेस्ट, 24 जुलाई को ही CM सम्राट से मिला था परिवार

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर किया गया था. लगातार हो रही जांच के बीच गुरुवार देर रात फिर कार्रवाई हुई. भरत तिवारी को सबसे पहले गोली मारने वाले एसटीएफ के जवान को गिरफ्तार कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि जांच के दौरान जो सबूत मिले हैं, उसी के आधार पर एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया गया है. भरत के सरेंडर बाद मारी थी गोली जानकारी के मुताबिक, जिस जवान को अरेस्ट किया गया है, उस पर भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भी हत्या का आरोप लगाया था. भरत तिवारी ने जब सरेंडर कर दिया था, उसके बाद एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार ने ही सबसे पहले गोली चलाई थी. ऐसे में अब एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. पुलिस कई दिनों से कर रही थी छापेमारी गिरफ्तारी के बाद जवान को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जाएगा. बताया जाता है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में दर्ज प्राथमिकी के बाद से अक्षय कुमार फरार था. पुलिस और जांच एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी. जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई. परिजनों को सीएम सम्राट ने दिया था आश्वासन 24 जुलाई को भरत तिवारी के परिजनों ने सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था. सीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा. उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया था. मामले में जांच जारी भरत तिवारी की कथित एनकाउंटर में मौत के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा. घटना को लेकर परिजनों और विभिन्न संगठनों ने न्यायिक जांच की मांग करते हुए आंदोलन भी किया था. मामले की जांच अभी जारी है और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. Also Read: बिहार में 6000 करोड़ की लागत से लगेगा स्टील प्लांट, रोजगार और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा The post भरत तिवारी पर सबसे पहले गोली चलाने वाला STF जवान अरेस्ट, 24 जुलाई को ही CM सम्राट से मिला था परिवार appeared first on Naya Vichar.

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भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरी: 6 की मौत; कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

Bhiwandi Building Collapse : महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार रात करीब 11:30 बजे बड़ा हादसा हो गया, जब एक चार मंजिला रिहायशी इमारत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया. इस इमारत में कुल 48 कमरे थे, जिनमें हर मंजिल पर 12 कमरे बने हुए थे. हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. एक घायल शिशु को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 7 से 8 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. पहले आई थीं दरारें, लोगों को बाहर निकाला गया स्थानीय लोगों के मुताबिक रात करीब 9 बजे इमारत से तेज आवाजें आने लगी थीं और दीवारों में दरारें दिखने लगी थीं. इसके बाद लोगों ने तुरंत नगर निगम और प्रशासन को सूचना दी. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था, लेकिन इसी दौरान इमारत की बी विंग अचानक ढह गई. बताया जा रहा है कि कुछ लोग बाहर निकल रहे थे, जबकि मरम्मत का काम कर रहे मजदूर अंदर ही रह गए. मरम्मत के दौरान हुआ हादसा भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे ने बताया कि नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था. इसके बावजूद यहां मरम्मत का काम चल रहा था. शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह मरम्मत बिना जरूरी अनुमति के कराई जा रही थी. अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर मृतकों के मरम्मत कार्य में लगे मजदूर होने की आशंका है. हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है. NDRF और फायर ब्रिगेड का रेस्क्यू जारी हादसे के बाद मौके पर एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (TDRF), फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की टीमें पहुंच गईं. रेस्क्यू ऑपरेशन में डॉग स्क्वॉड, चार फायर इंजन, दो एम्बुलेंस और भारी मशीनों की मदद ली जा रही है. प्रशासन का कहना है कि मलबे में फंसे सभी लोगों को निकालने तक बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा. ये भी पढ़ें : अभिजीत भट्टाचार्य का इंस्टा पोस्ट: 1947-1977 के शिक्षा मंत्रियों की सूची शेयर कर लिखा- ‘1947 से शुरू हुआ जिहाद’ The post भिवंडी में चार मंजिला इमारत गिरी: 6 की मौत; कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका appeared first on Naya Vichar.

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‘रावण तीनों लोकों का स्वामी है, तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा’… रणबीर कपूर के इस डायलॉग पर क्यों मचा विवाद?

नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया. फिल्म के शानदार विजुअल्स और स्टारकास्ट की खूब तारीफ हुई, लेकिन भगवान श्रीराम बने रणबीर कपूर का एक डायलॉग विवाद का कारण बन गया. ट्रेलर में श्रीराम कहते हैं, “रावण तीनों लोकों का स्वामी है, तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा.” इस डायलॉग के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. कुछ लोगों का कहना है कि भगवान श्रीराम के संवाद इस तरह की आधुनिक भाषा में नहीं होने चाहिए. वहीं कई लोग इसे फिल्म की प्रस्तुति का हिस्सा मान रहे हैं. Ramayan Dialogue Controversy: आखिर रामायण के डायलॉग का विरोध क्यों हो रहा है? विरोध करने वालों का कहना है कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं. इसलिए उनके संवाद गंभीर और पारंपरिक भाषा में होने चाहिए. उनका मानना है कि आधुनिक शब्दों का इस्तेमाल पौराणिक किरदारों की छवि और उनकी गरिमा पर असर डाल सकता है. Ramayan Dialogue Criticism: सोशल मीडिया यूजर ने क्या कहा? इस विवाद के बीच ध्रुवनियम (Dhruvnium) नाम के एक सोशल मीडिया यूजर की पोस्ट भी वायरल हो रही है. यूजर का कहना है कि फिल्म में डायलॉग का मतलब नहीं बदला गया है, बल्कि उसे आज के दर्शकों के लिए आसान भाषा में लिखा गया है. उनके मुताबिक, भगवान श्रीराम के मूल संवाद संस्कृत के श्लोकों में हैं, जिन्हें हर कोई आसानी से नहीं समझ सकता. इसलिए उन्हीं श्लोकों के भाव और अर्थ को सरल हिंदी के डायलॉग में बदला गया है. यानी शब्द बदले हैं, लेकिन उनका मतलब और भावना वही रखी गई है. हालांकि, यह सोशल मीडिया यूजर की व्यक्तिगत राय है. फिल्म के मेकर्स ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. View on Instagram Ramayan Dialogue Criticism: वाल्मीकि रामायण में क्या लिखा है? वाल्मीकि रामायण में भगवान श्रीराम के कई संवाद संस्कृत के श्लोकों में लिखे गए हैं. आज के समय में हर दर्शक संस्कृत नहीं समझता. इसलिए फिल्मों में अक्सर उन्हीं श्लोकों के भाव और अर्थ को आसान हिंदी में बताया जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उसे समझ सकें. कोशिश यही रहती है कि भाषा आसान हो, लेकिन मूल संदेश और भावना में कोई बदलाव न आए. Ramayan Dialogue Explained: फिल्मों में भाषा को आसान क्यों रखा जाता है? जब किसी धार्मिक ग्रंथ या महाकाव्य पर फिल्म बनाई जाती है, तो उसकी भाषा को आज के दर्शकों के हिसाब से आसान बनाया जाता है. इसका मकसद कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना होता है. इसलिए कठिन संस्कृत श्लोकों की जगह आसान डायलॉग लिखे जाते हैं, लेकिन उनकी मूल भावना को बरकरार रखने की कोशिश की जाती है. Ramayan: आखिर पूरा मामला क्या है? ‘रामायण’ के इस डायलॉग को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है. कुछ लोग इसे भगवान श्रीराम के किरदार के खिलाफ मान रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि यह सिर्फ संस्कृत श्लोकों के भाव को आसान भाषा में पेश करने की कोशिश है. फिलहाल यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है. अब फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शक इन संवादों को किस तरह स्वीकार करते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी. ये भी पढ़ें: मॉडर्न साड़ी, सैलून स्टाइल बाल…. रामायण में लारा दत्ता का कैकेयी लुक देख भड़के नेटिजन्स The post ‘रावण तीनों लोकों का स्वामी है, तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा’… रणबीर कपूर के इस डायलॉग पर क्यों मचा विवाद? appeared first on Naya Vichar.

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पीएम मोदी के AI-जनरेटेड वीडियो मामले में Meta पर शिकंजा, India Head के खिलाफ FIR

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के AI से बनाए गए फर्जी वीडियो मामले में FIR दर्ज की है. इस मामले में Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई सोशल मीडिया यूजर्स को आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन मॉर्फ्ड वीडियो की जांच की जा रही है. यह किसी बड़ी टेक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ दर्ज प्रमुख मामलों में से एक है. पुलिस सूत्रों के हवाले से इंडिया टुडे ने यह समाचार प्रकाशित की है. समाचार के मुताबिक, यह मामला Facebook और Instagram जैसे Meta के प्लेटफॉर्म पर फैले फर्जी और बदले हुए वीडियो (मॉर्फ्ड वीडियो) से जुड़ा है. जांच में पता लगाया जा रहा है कि इन वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह तो नहीं किया गया. पुलिस हिंदुस्तानीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी कानून (IT Act) के तहत संभावित उल्लंघनों की जांच कर रही है. हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta के रिप्रेजेंटेटिव को कुछ दिन पहले तलब किया था. पुलिस ने कंपनी से पूछा था कि AI से बने फर्जी वीडियो, स्कैम और फेक विज्ञापनों को पहचानने और हटाने के लिए उसके पास क्या इंतजाम हैं. इसके बाद अब इस मामले में FIR दर्ज की गई है. ये भी पढ़ें: पी एम मोदी के नये वीडियो पर CJP का तंज: बोले दीपके- देश का भविष्य नहीं, स्किन दिख रही ज्यादा ब्राइट किस चीज की जांच कर रही है साइबर क्राइम पुलिस साइबर क्राइम पुलिस अब इन AI से बनाए गए वीडियो की जांच कर रही है. पुलिस पता लगा रही है कि ये वीडियो कहां से बनाए गए और सोशल मीडिया पर कैसे तेजी से वायरल हुए. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि Meta के सिक्योरिटी अरेंजमेंट इन्हें रोकने में कितने कारगर थे. पुलिस वीडियो बनाने, अपलोड करने और शेयर करने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है. The post पीएम मोदी के AI-जनरेटेड वीडियो मामले में Meta पर शिकंजा, India Head के खिलाफ FIR appeared first on Naya Vichar.

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Bankipur Bypoll: बांकीपुर में पिछले 4 चुनावों में इस बार सबसे कम हुई वोटिंग, क्या हो सकती है वजह?

Bankipur Bypoll: पटना की बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को महज 34.31 प्रतिशत वोटिंग हुई. यह पिछले नवंबर में हुए चुनाव (41.35 प्रतिशत) से करीब सात प्रतिशत कम है. इतना ही नहीं, आंकड़ों पर नजर डालें तो, इस बार पिछले चार चुनावों में सबसे कम वोटिंग हुई है. 2020 जो कि कोरोना महामारी का समय था, उस वक्त भी इस बार से ज्यादा प्रतिशत वोटिंग हुई थी. किस साल कितने प्रतिशत हुई वोटिंग? आंकड़ों की बात करें तो, 2010 में 36.96%, 2015 में 40.24%, 2020 में 35.91% और 2025 में 41.35% प्रतिशत वोटिंग हुई थी. जबकि इस बार वोटिंग प्रतिशत सिर्फ 34.31 में ही सिमटकर रह गई. इन आंकड़ों को देखते हुए अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इसकी वजह क्या रही और इस तरह के वोटिंग प्रतिशत से किसी पार्टी को फायदा हुआ या नहीं. कम वोटिंग प्रतिशत की क्या हो सकती है वजह? वोटिंग प्रतिशत कम होने को लेकर कई तरह की वजहें सामने आईं. मतदान वाले दिन कई वोटर्स के ओपिनियन सामने आए. उनमें से कुछ का यह कहना था कि बांकीपुर विधानसभा में रहने वाले कई लोग जिले से बाहर रहते हैं. चाहे वे रोजगार के मकसद से रह रहे हो या फिर पढ़ाई के. ऐसी स्थिति दोनों ही चीजें जरूरी होने की वजह से कई लोग वोट डालने के लिए घर लौटे ही नहीं. इतना ही नहीं, कई वोटर्स ने रूचि ही नहीं दिखाई. वोटिंग के लिए बने कई बूथों पर सुबह-सुबह मात्र एक-दो लोग ही मतदान के लिए पहुंचे थे. दोपहर के वक्त लोग थोड़ी ज्यादा संख्या में घर से निकले और मतदान किए लेकिन अचानक जब बारिश हुई तो फिर वोटिंग स्लो हो गई. इस तरह से कई वजहें कम वोटिंग प्रतिशत की मानी जा रही है. कितने बजे तक कितनी हुई वोटिंग? 30 जुलाई को शाम 6 बजे तक हुई वोटिंग के बाद 25 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई. टोटल 422 बूथों पर वोटिंग हुई. सुबह 9:00 बजे तक वोटिंग प्रतिशत 4.61 रहा. इसके बाद 11:00 बजे तक 11.50%, दोपहर 1:00 बजे तक 20.01%, 3:00 बजे तक 27.90%, शाम 5:00 बजे तक 33.57% और 6:00 बजे तक 34.31% वोटिंग हुई. 3 अगस्त को होगी वोटिंग गुरुवार की देर शाम सभी 422 मतदान केंद्रों से ईवीएम एएन कॉलेज के स्ट्रॉन्ग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचाई गई. अब तीन अगस्त को मतों की गिनती होगी. सूत्रों के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक रिजल्ट घोषित कर दिए जायेंगे. मतगणना के लिए 14 टेबल की व्यवस्था की गई है. कुल 30 राउंड में वोटों की गिनती पूरी होगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के कारण सीट खाली होने से यह उपचुनाव हुआ है. Also Read: Bihar Rain Alert: बिहार के इन 25 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी, बिजली गिरने की भी संभावना The post Bankipur Bypoll: बांकीपुर में पिछले 4 चुनावों में इस बार सबसे कम हुई वोटिंग, क्या हो सकती है वजह? appeared first on Naya Vichar.

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