Hot News

July 31, 2026

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

CWG 2026 Live Day 9: प्रीति पवार का दमदार पंच, जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराकर फाइनल में पहुंचीं

स्कॉटलैंड में CWG 2026 का नौवां दिन हिंदुस्तान के लिए रोमांचक होगा. नीरज चोपड़ा गोल्ड जीतने के दावेदार हैं, वहीं 10 हिंदुस्तानीय मुक्केबाज सेमीफाइनल में उतरेंगे. वेटलिफ्टर लवप्रीत और डिस्कस थ्रोअर सीमा ने पदक जीतकर टीम का उत्साह बढ़ाया है. The post CWG 2026 Live Day 9: प्रीति पवार का दमदार पंच, जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को हराकर फाइनल में पहुंचीं appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

सावन 2026: अगस्त में कब हैं सोम और भौम प्रदोष व्रत? नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व

Pradosh Vrat 2026: प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है. यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. भक्त यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं. वर्ष 2026 का अगस्त महीना विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस दौरान पवित्र सावन मास रहेगा. सावन में पड़ने वाले प्रदोष व्रत का पुण्य और फल कई गुना अधिक माना जाता है. अगस्त 2026 में प्रदोष व्रत की तिथियां और शुभ मुहूर्त पहला प्रदोष व्रत: सोम प्रदोष (10 अगस्त 2026) सावन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर सोम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 9 अगस्त 2026, रात 9:30 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त: 10 अगस्त 2026, शाम 6:24 बजे सोम प्रदोष व्रत महत्व: सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष कहा जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत और भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि तथा मनचाहा वरदान प्राप्त होता है. दूसरा प्रदोष व्रत: भौम प्रदोष (25 अगस्त 2026) सावन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 24 अगस्त 2026, रात 7:50 बजे त्रयोदशी तिथि समाप्त: 25 अगस्त 2026, रात 9:29 बजे भौम प्रदोष का महत्व: मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ हनुमान जी और मंगल ग्रह की आराधना का भी विशेष महत्व माना गया है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से मंगल दोष के अशुभ प्रभाव कम होते हैं, साहस और ऊर्जा में वृद्धि होती है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. यह भी पढ़ें: श्रावणी मेला 2026: देवघर के आसमान में ड्रोन शो ने बिखेरा शिवमय नजारा, पहले दिन 74,987 श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण The post सावन 2026: अगस्त में कब हैं सोम और भौम प्रदोष व्रत? नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

BMC नेताओं को क्यों झटकेदार लगी Mahindra Scorpio-N? आखिर Toyota Innova Crysta में ऐसा क्या है जो सफर को बना देता है ज्यादा आरामदायक

महिंद्रा Scorpio-N हिंदुस्तानीय बाजार की सबसे लोकप्रिय एसयूवी में गिनी जाती है. दमदार रोड प्रेजेंस, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और शानदार ऑफ-रोड क्षमता इसकी सबसे बड़ी पहचान है. लेकिन हाल ही में मुंबई महानगरपालिका (BMC) में इसे लेकर एक अलग ही बहस शुरू हो गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ वरिष्ठ नेताओं ने शिकायत की कि Scorpio-N की पिछली सीट पर सफर के दौरान ज्यादा झटके महसूस होते हैं, जिससे कमर दर्द की परेशानी हो रही है. इसके बाद Toyota Innova Crysta को विकल्प के तौर पर लेने का प्रस्ताव चर्चा में आ गया. सवाल यह है कि जब दोनों गाड़ियां मजबूत लैडर-फ्रेम प्लैटफॉर्म पर बनी हैं, तब आखिर आराम के मामले में इतना बड़ा फर्क क्यों महसूस होता है? इसके पीछे वाहन इंजीनियरिंग और डिजाइन से जुड़े कई अहम कारण हैं. ऊंचा डिजाइन बनाता है Scorpio-N को ज्यादा हिलने वाला वाहन Scorpio-N एक पारंपरिक एसयूवी है, जिसे खराब रास्तों, ऊबड़-खाबड़ इलाकों और ऑफ-रोड ड्राइविंग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसी वजह से इसका ग्राउंड क्लीयरेंस ज्यादा है और पूरी बॉडी जमीन से काफी ऊंची रहती है. जब कोई ऊंची एसयूवी गड्ढों, स्पीड ब्रेकर या तेज मोड़ से गुजरती है, तो उसका सेंटर ऑफ ग्रैविटी भी ऊपर होने के कारण गाड़ी में साइड-टू-साइड मूवमेंट ज्यादा महसूस होता है. पीछे बैठने वाले यात्रियों को सिर और शरीर में ज्यादा झटके महसूस हो सकते हैं. यही वजह है कि लंबे सफर में कुछ लोगों को यह अनुभव कम आरामदायक लग सकता है. इसके मुकाबले Toyota Innova Crysta एक एमपीवी है, जिसकी बॉडी जमीन के ज्यादा करीब रहती है. इसका सेंटर ऑफ ग्रैविटी नीचे होने से गाड़ी कम डोलती है और पीछे बैठे यात्रियों को ज्यादा स्थिर अनुभव मिलता है. सस्पेंशन ट्यूनिंग भी दोनों गाड़ियों के अनुभव को बदल देती है किसी भी वाहन की राइड क्वालिटी केवल उसके प्लैटफॉर्म पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सस्पेंशन ट्यूनिंग भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती है. Mahindra ने Scorpio-N के सस्पेंशन को इस तरह तैयार किया है कि यह खराब रास्तों और ऑफ-रोड परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करे. मजबूत सेटअप होने की वजह से छोटे गड्ढों और सड़क की हल्की अनियमितताओं का असर केबिन के अंदर थोड़ा ज्यादा महसूस हो सकता है. दूसरी ओर Toyota Innova Crysta का पूरा फोकस आरामदायक सफर पर रखा गया है. इसका सस्पेंशन शहर की सड़कों, स्पीड ब्रेकर और गड्ढों के झटकों को काफी हद तक सोख लेता है. यही कारण है कि टैक्सी ऑपरेटर, कॉर्पोरेट फ्लीट और लंबी दूरी तक पीछे बैठकर सफर करने वाले लोग अक्सर Innova Crysta को प्राथमिकता देते हैं. पीछे की सीट का डिजाइन भी आराम में निभाता है बड़ी भूमिका सिर्फ सस्पेंशन ही नहीं, सीट का डिजाइन भी सफर को आरामदायक या थकाऊ बना सकता है. Scorpio-N की दूसरी पंक्ति में सामान्य बेंच सीट मिलती है. ऊंची एसयूवी होने की वजह से बैठने की पोजिशन अलग होती है और लंबे समय तक यात्रा करने पर कुछ लोगों को कमर या पीठ पर दबाव महसूस हो सकता है. वहीं Innova Crysta अपने आरामदायक कैप्टन सीट विकल्प के लिए जानी जाती है. इनमें अलग-अलग आर्मरेस्ट, बेहतर अंडर-थाई सपोर्ट और पीछे झुकने की सुविधा मिलती है. इससे शरीर को बेहतर सहारा मिलता है और लंबे सफर में थकान कम महसूस होती है. इसके अलावा गाड़ी की ऊंचाई कम होने से अंदर बैठना और बाहर निकलना भी आसान होता है, जो बुजुर्ग यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधा देता है. क्या Scorpio-N खराब एसयूवी है? जवाब बिल्कुल नहीं BMC में उठे इस विवाद का मतलब यह नहीं है कि Scorpio-N किसी तरह से खराब वाहन है. दोनों गाड़ियों का उद्देश्य अलग-अलग है. अगर आपकी प्राथमिकता ऑफ-रोड ड्राइविंग, मजबूत रोड प्रेजेंस, ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस और एडवेंचर है, तो Scorpio-N बेहतरीन विकल्प मानी जाती है. लेकिन अगर आपकी रोजाना की यात्रा शहर में होती है, अक्सर पीछे बैठकर सफर करते हैं और सबसे ज्यादा महत्व आरामदायक राइड को देते हैं, तो Innova Crysta जैसी एमपीवी ज्यादा उपयुक्त साबित हो सकती है. इसलिए वाहन चुनते समय केवल कीमत या फीचर्स नहीं, बल्कि अपनी जरूरत और उपयोग का तरीका भी जरूर ध्यान में रखना चाहिए. ये भी पढ़ें: जुलाई में लॉन्च हुई ये 8 नई कारें, किसी में 526Km की रेंज तो किसी में नया टर्बो इंजन, देखें पूरी लिस्ट The post BMC नेताओं को क्यों झटकेदार लगी Mahindra Scorpio-N? आखिर Toyota Innova Crysta में ऐसा क्या है जो सफर को बना देता है ज्यादा आरामदायक appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

रांची के मधुकम 50-60 साल से रहने वालों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अतिक्रमण हटाने का आदेश लिया वापस

रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने रांची के रातू रोड स्थित मधुकम क्षेत्र में 50-60 वर्षों से घर बनाकर रह रहे गैर आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत दी है. अदालत ने महादेव उरांव की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पहले जारी अतिक्रमण हटाने के आदेश को वापस ले लिया. साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ता पर 12 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. यह राशि मामले से प्रभावित 12 परिवारों को एक-एक लाख रुपये के रूप में दी जाएगी. अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ता महादेव उरांव ने न्यायालय के समक्ष महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया और शपथ पत्र में भ्रामक जानकारी देकर अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया. कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग की गंभीर श्रेणी में माना और इस पर कड़ी नाराजगी जताई. एकल पीठ के आदेश पर दायर की थी अवमानना याचिका महादेव उरांव ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर एकल पीठ के उस आदेश का अनुपालन कराने की मांग की थी, जिसमें हेहल के अंचलाधिकारी को मधुकम की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था. इसी आदेश के आधार पर प्रशासन ने खादगड़ा शिवदुर्गा मंदिर रोड के समीप मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने 12 मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की थी. सुनवाई में सामने आया करोड़ों रुपये के लेनदेन का तथ्य सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि याचिकाकर्ता ने संबंधित लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेनदेन की जानकारी अदालत से छुपाई थी. इतना ही नहीं, जिन 12 परिवारों पर कार्रवाई का सीधा असर पड़ रहा था, उन्हें मूल रिट याचिका में प्रतिवादी भी नहीं बनाया गया था. अदालत ने माना कि यदि यह तथ्य पहले सामने होते, तो मामले की सुनवाई का स्वरूप अलग हो सकता था. प्रभावित परिवारों को राहत, बेदखली पर लगी रोक हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन 12 परिवारों को तत्काल राहत मिली है, जो पिछले कई दशकों से मधुकम क्षेत्र में रह रहे हैं. अदालत ने अतिक्रमण हटाने के पूर्व आदेश को वापस लेते हुए स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सभी पक्षों को सुनने के सिद्धांत के आधार पर ही आगे बढ़नी चाहिए. पीड़ितों ने बताया था खरीदकर बनाया था घर मामले में प्रभावित परिवारों का कहना था कि वे 50-60 वर्षों से इस इलाके में रह रहे हैं. उनके अनुसार उन्होंने संबंधित भूमि मालिक को प्रति डिसमिल 5.25 लाख रुपये की दर से भुगतान कर जमीन खरीदी थी और उसके बाद मकान बनाकर रह रहे हैं. उनका आरोप था कि भुगतान के बावजूद उन्हें अवैध कब्जाधारी बताकर बेदखल करने की कार्रवाई की जा रही थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था. इसे भी पढ़ें: रांची में सपनों के आशियाने पर चला प्रशासन का बुलडोजर, इलाके में अफरा-तफरी अदालत की सख्त टिप्पणी हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि न्यायालय के सामने तथ्य छुपाना और झूठा शपथ पत्र दाखिल करना गंभीर मामला है. अदालत ने स्पष्ट किया कि कोई भी पक्ष न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर दूसरे पक्ष के अधिकारों का हनन नहीं कर सकता. इसी कारण याचिकाकर्ता पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे 12 प्रभावित परिवारों के बीच समान रूप से वितरित करने का निर्देश दिया गया. इस फैसले को मधुकम मामले में प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है. इसे भी पढ़ें: Bulldozer Action: रांची के रातू में गरजा बुलडोजर, अवैध निर्माण ध्वस्त, झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर हुआ एक्शन The post रांची के मधुकम 50-60 साल से रहने वालों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, अतिक्रमण हटाने का आदेश लिया वापस appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

भरत तिवारी केस: STF जवान की गिरफ्तारी पर माता-पिता बोले- सामने आएगा एनकाउंटर का सच, दोषियों को फांसी हो; CM सम्राट पर जताया भरोसा

Bharat Tiwari Encounter Case STF Jawan Arrested : भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी कथित पुलिस मुठभेड़ मामले में बड़ा मोड़ आ गया है. घटना के करीब डेढ़ महीने बाद बिहार एसटीएफ (STF) के जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है. STF जवान के गिरफ्तारी के बाद मृतक भरत तिवारी के माता-पिता का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे न्याय की दिशा में पहली बड़ी कार्रवाई बताया है. परिजनों ने साफ कहा कि अब सच सामने आने की उम्मीद जगी है और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी. परिजनों ने जताई खुशी, कहा अब खुलेगा राज भरत तिवारी के माता-पिता ने अक्षय कुमार की गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए कहा कि यह न्याय की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जो भरोसा दिलाया था, वह अब सच होता दिख रहा है. परिवार का कहना है कि जिस जवान ने पहली गोली चलाई थी, उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है. अब पूछताछ में उसी के जरिए उस दिन की पूरी सच्चाई सामने आएगी. परिजनों ने उम्मीद जताई कि आगे अन्य अधिकारियों की भी गिरफ्तारी होगी और सभी दोषियों को सजा मिलेगी. मां की मांग, सभी आरोपियों को मिले कड़ी सजा भरत तिवारी की मां ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके बेटे की हत्या में शामिल सभी लोगों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की. मां ने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने मरने से पहले कुछ अधिकारियों का नाम लिया था, इसलिए उन सभी की निष्पक्ष जांच जरूरी है. क्या है पूरा मामला 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी को गोली लगी थी. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे मुठभेड़ बताया था, जबकि परिवार लगातार इसे फर्जी एनकाउंटर करार दे रहा है. परिजनों का आरोप है कि भरत तिवारी ने पुलिस के सामने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई. गिरफ्तारी से पहले क्या हुआ? भरत तिवारी की मौत के बाद परिवार लगातार आरोपित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा था. मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हुई औक तब तत्कालीन जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार और एसटीएफ जवान अक्षय कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए. मामले में पुलिस अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई भी हुई. कथित एनकाउंटर पर उठे थे सवाल घटना के बाद से ही लगातार इस कथित पुलिस एनकाउंटर पर सवाल लोग उठा रहे हैं और भरत तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं. वहीं, इस घटना के बाद प्रशासन ने रिटायर्ज जस्टिस विनोद कुमार के नेतृत्व में न्यायिक आयोग का गठन किया गया था. इसमें जांच की प्रक्रिया चल रही है और लोगों की बारी-बारी से गवाही कराई जा रही है. इस घटना में जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार को पटना सचिवालय अटैच कर दिया गया है. वहीं तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को पुलिस मुख्यालय क्लोज कर दिया गया है. वहीं इस मामले में एसटीएफ के जवान की गिरफ्तारी इस मामले में बड़ी अहम मानी जा रही. वायरल वीडियो बना अहम सबूत इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब घटना से जुड़ा एक सोशल मीडिया लाइव वीडियो सामने आया. वीडियो में भरत तिवारी को पुलिस के सामने हथियार छोड़ते और हाथ उठाकर सरेंडर करते देखा गया. परिवार का दावा है कि इसके बावजूद उस पर कई गोलियां चलाई गईं. इस वीडियो को जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है. मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद तेज हुई कार्रवाई 24 जुलाई को भरत तिवारी के परिजनों ने सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था. सीएम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि स्वर्गीय भरत तिवारी जी के परिवार को न्याय मिलेगा. उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी बात सुनी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया था. STF जवान पर पहला फायर करने का आरोप जांच के दौरान एसटीएफ जवान अक्षय कुमार पर पहली गोली चलाने का आरोप सामने आया. घटना के बाद से वह फरार चल रहा था, जिसे पुलिस और एसटीएफ की टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार किया. भोजपुर एसपी ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है. कई अधिकारियों पर भी लटकी कार्रवाई की तलवार इस मामले में दर्ज एफआईआर में सिर्फ अक्षय कुमार ही नहीं, बल्कि कई पुलिस अधिकारी भी नामजद हैं. इनमें तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ और शाहपुर थानाध्यक्ष शामिल हैं. अब जवान की गिरफ्तारी के बाद यह जांच और गहरी हो गई है कि सरेंडर के बाद गोली चलाने का आदेश किसने दिया था. आगे और खुल सकते हैं राज सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार जवान से पूछताछ के बाद कई और अहम खुलासे हो सकते हैं. जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले की परत-दर-परत जांच कर रही हैं. इस कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल, परिजनों को न्याय की उम्मीद है और पूरे प्रदेश की नजर इस मामले की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है. Also Read : भरत तिवारी की मां आज से भूख हड़ताल पर बैठेंगी? रिटायर्ड जज ने जांच को लेकर दी नई जानकारी The post भरत तिवारी केस: STF जवान की गिरफ्तारी पर माता-पिता बोले- सामने आएगा एनकाउंटर का सच, दोषियों को फांसी हो; CM सम्राट पर जताया भरोसा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पाकिस्तान : बलूचिस्तान के कोयला खदान में विस्फोट, 32 की मौत; 5-5 लाख मुआवजे की घोषणा

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक कोयला खदान में विस्फोट होने से 32 लोगों के मारे जाने की सूचना है.पीटीआई न्यूज के अनुसार खदान में 10 लोगों के फंसे होने की सूचना है, जिसकी वजह से मृतकों की संख्या में वृद्धि हो सकती है. अधिकारियों का मानना है कि फंसे हुए खनिकों की जान को खतरा है और बचावकर्मी उन तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. मीथेन गैस के कारण हुआ विस्फोट प्रशासनी खान निरीक्षक गनी बलोच ने कहा कि बृहस्पतिवार को हुआ विस्फोट संभवत: मीथेन गैस के कारण हुआ. यह घटना बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के बाहरी इलाके में हुई. अधिकारियों और प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने एक बयान में बताया कि विस्फोट के कुछ घंटे बाद सात लोगों के शव को निकाला गया. बाद में आपातकालीन दलों को 25 अन्य शव मिले. बयान में कहा गया कि तलाश और बचाव अभियान जारी है तथा बचाव दल फंसे हुए बाकी खनिकों का पता लगाने और उन्हें बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बलोच ने कहा कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक फंसे हुए हर खनिक का पता नहीं लग जाता. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है. बलोच ने बताया कि मीथेन गैस में विस्फोट के बाद किसी के जीवित मिलने की संभावना कम हो जाती है क्योंकि ऑक्सीजन का स्तर शून्य हो जाता है. बचावकर्मी भी खदान के अंदर बेहद सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं. पांच-पांच लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने शवों को उनके परिवारों को सौंपना शुरू कर दिया है. बलूचिस्तान के खदान एवं खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने कहा कि बचाव दल बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं. नोशेरवानी ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि प्रांतीय प्रशासन विस्फोट में मारे गए प्रत्येक खनिक के परिवार को पांच-पांच लाख पाकिस्तानी रुपये का मुआवजा देगी. ये भी पढ़ें :जल्द खत्म हो सकता है गाजा युद्ध: ट्रंप का दावा- हमास हथियार छोड़ेगा, धीरे-धीरे हटेगी इजरायली सेना The post पाकिस्तान : बलूचिस्तान के कोयला खदान में विस्फोट, 32 की मौत; 5-5 लाख मुआवजे की घोषणा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

शहजाद पूनावाला ने BJP से तोड़ा नाता, X बायो अपडेट कर दी जानकारी

क्या शहजाद पूनावाला ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है? यह सवाल उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को देखकर उठ रहा है. हालांकि, अभी तक उनकी ओर से या पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बायो अपडेट किया है, जिसमें अब BJP का जिक्र कहीं नजर नहीं  आ रहा है. हालांकि, उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइफ लॉन्ग फॉलोअर्स बताया है. पूनावाला ने क्यों छोड़ी बीजेपी? पूनावाला ने गुरुवार (30 जुलाई) को अपना X बायो अपडेट किया, लेकिन इस्तीफे की वजह साफ नहीं बताई. CNN-News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पूनावाला ने इसके पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है. शहजाद पूनावाला ने 2017 में कांग्रेस से नाता तोड़ने के बाद बीजेपी का दामन थामा था. कांग्रेस में रहते हुए पार्टी के अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को लेकर उनका विवाद हुआ था. बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी का नेशनल स्पोकपर्सन बनाया गया. राहुल गांधी पर निशाना साधते रहे हैं शहजाद पूनावाला शहजाद पूनावाला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के समर्थक नेताओं में गिने जाते रहे हैं. वह टीवी डिबेट और अन्य मंचों पर अपने आक्रामक बयानों के लिए जाने जाते हैं. सोशल मीडिया पर भी वह लगातार कांग्रेस और उसके नेताओं, खासकर राहुल गांधी पर निशाना साधते रहे हैं. पूनावाला ने सोशल मीडिया पर दिए थे संकेत पूनावाला के X अकाउंट पर हाल के कुछ पोस्ट से संकेत मिल रहे थे कि वह सक्रिय नेतृत्व से दूरी बनाने का मन बना रहे हैं. उन्होंने बिना किसी कैप्शन के अपने पुराने इंटरव्यू के कुछ वीडियो क्लिप शेयर किए थे. इन इंटरव्यू में उन्होंने नेतृत्व छोड़ने की संभावना को लेकर बात की थी. इसके बाद उनके बीजेपी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं. The post शहजाद पूनावाला ने BJP से तोड़ा नाता, X बायो अपडेट कर दी जानकारी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Video : संसद परिसर में ‘चढ़ावा चोरी’ मामले पर अनोखा प्रदर्शन : पुजारी बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपात्र में डाला चढ़ावा

Ram Mandir Donation Row : संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु और पुजारी के वेश में संसद परिसर पहुंचे. उनके सामने एक दानपात्र रखा गया था, जिसमें विपक्षी सांसद सांकेतिक रूप से चढ़ावा डालते नजर आए. सबसे ज्यादा चर्चा उस समय हुई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए और उन्होंने दानपात्र में पैसे डालकर विरोध को समर्थन दिया. इस दौरान विपक्षी सांसद ‘चढ़ावा चोर- गद्दी छोड़’ के नारे लगाते रहे. दानपात्र से पैसे जेब में रखने की एक्टिंग भी की प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने माहौल को व्यंग्यात्मक बनाने के लिए दानपात्र में पड़े पैसे अपनी जेब में रखने की सांकेतिक एक्टिंग भी की. इस पर वहां मौजूद विपक्षी सांसदों के बीच हल्की हंसी-मजाक का माहौल बन गया. प्रदर्शन का मकसद राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन के आरोपों को लेकर प्रशासन को घेरना और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाना था. सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो संसद परिसर में हुए इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ये भी पढ़ें : Video : जब मेरे पति खून से सनी वर्दी में घर लौटे तो वह पल बहुत दर्दनाक था, CJP प्रोटेस्ट में घायल ACP की पत्नी ने बताया अपना दर्द The post Video : संसद परिसर में ‘चढ़ावा चोरी’ मामले पर अनोखा प्रदर्शन : पुजारी बने पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दानपात्र में डाला चढ़ावा appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

JPSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले में पूछताछ के लिए आज फिर CID दफ्तर पहुंचे एल खियांग्ते

रांचीः JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) परीक्षा में गड़बड़ी मामले को लेकर JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से पूछताछ जारी है. मामले में पूछताछ के लिए आज (31 जुलाई) तीसरे दिन एक बार फिर वे CID कार्यालय पहुंचे है. एल खियांग्ते कड़ी सुरक्षा के बाच सीआईडी कार्यालय पहुंचे है जहां उनसे CID के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं. बता दें, पहले दिन 28 जुलाई (मंगलवार) को सीआईडी ने एल खियांग्ते से करीब 8 घंटे तक JPSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले पूछताछ की थी. इस दौरान उनका पासपोर्ट जब्त किया था. पूछताछ में के दौरान SIT ने उनसे सवाल किया था कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी क्या भूमिका थी. गड़बड़ी के सूत्रधार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर और अब खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत अभय तिवारी से उनके क्या संबंध थे. उपपरीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता तबादले के बाद भी जेपीएससी में कैसे बनी रहीं. इस दौरान खियाग्ते ने ज्यादातर सवालों के गोलमोल जवाब दिए और कहा कि सबकुछ नियम के तहत हुआ. वहीं 29 जुलाई (बुधवार) को दूसरे दिन भी सीआईडी ने उनसे घंटों तक पूछताछ की इस दौरान सीआईडी के अधिकारियों ने परीक्षा संचालन, चयन प्रक्रिया और भर्ती से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली और देर शाम पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें जाने की अनुमति दी थी. एजेंसी ने जारी किया है व्हाट्सएप नंबर और ईमेल ID बता दें, JPSC सिविल सेवा परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कर रही जांच एजेंसी ने प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) में सफल घोषित अभ्यर्थियों से उनकी OMR शीट की कार्बन कॉपी मांगी है. साथ ही इसके लिए व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी भी जारी किया है. सीआईडी ने सफल अभ्यर्थियों से कहा है कि वे पेपर-1 और पेपर-2 की ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी का PDF बनाकर या उसकी तस्वीर व्हाट्सएप नंबर 9934309058 या ईमेल आईडी Complainjpsc.cid@jhpolice.gov.in के जरिए सीआईडी की SIT को भेजने को कहा है. अबतक 10 लोगों की हो चुकी हैं गिरफ्तारी इससे पहले CID ने उनके कांके रोड स्थित प्रशासनी आवास और जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी कर दस्तावेज जब्त किए थे. साथ ही टीडीपीएल के दफ्तर से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड कब्जे में लिए थे. इस मामले में अब तक उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं. पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है. लगातार कार्रवाई से परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. 21 जुलाई को अध्यक्ष पद से दिया था इस्तीफा एल खियांग्ते ने 21 जुलाई 2026 को जेपीएससी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है जिसके बाद से यह पद खाली पड़ा है. अध्यक्ष की नियुक्ति के बिना आयोग कोई भी परीक्षा लेने या रिजल्ट जारी करने में असमर्थ है. हालांकि संभावना जताई जा रही है कि 6 अगस्त 2026 से पहले आयोग में नए अध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है या किसी IAS अधिकारी को इसका प्रभार मिल सकता है. इसे लेकर राज्य प्रशासन की ओर से मंथन चल रहा है. The post JPSC परीक्षा में गड़बड़ी मामले में पूछताछ के लिए आज फिर CID दफ्तर पहुंचे एल खियांग्ते appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

पहले सावन सोमवार शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये 5 चीजें, भोलेनाथ करेंगे हर मनोकामना पूरी

Sawan 2026: भगवान भोलेनाथ की भक्ति को समर्पित सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है. इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा. इस बार सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को पड़ रहा है.यदि आप भी इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने जा रहे हैं, तो पूजा में कुछ विशेष सामग्री जरूर शामिल करें. धार्मिक मान्यता है कि इन वस्तुओं को शिवलिंग पर अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं.  सोमवार को शिवलिंग पर चढ़ाएं ये चीजें गंगाजल एवं शुद्ध जल: तांबे के लोटे से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए शिवलिंग पर जल अर्पित करें. इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है. बेलपत्र: भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है. सोमवार के दिन 11 या 21 अखंड बेलपत्र चढ़ाएं. ध्यान रखें कि बेलपत्र की चिकनी सतह शिवलिंग की ओर रहे. धतूरा और आक के फूल: पौराणिक मान्यता है कि भगवान शिव को धतूरा और आक के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मकता दूर होती है और कार्यों में सफलता मिलती है. शहद: शिवलिंग पर शहद अर्पित करने से वाणी में मधुरता आती है और पारिवारिक रिश्तों में चल रहा तनाव दूर होता है. सफेद चंदन: भगवान शिव को सफेद चंदन का लेप लगाने से उनकी शीतल कृपा प्राप्त होती है. मान्यता है कि इससे कुंडली के ग्रह दोष भी शांत होते हैं. अक्षत : पूजा में बिना टूटे हुए स्वच्छ अक्षत अर्पित करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. सावन के पहले सोमवार का शुभ मुहूर्त (3 अगस्त 2026) पूजन मुहूर्त समय ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 4:19 से 5:01 बजे तक अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:54 बजे तक प्रदोष काल सायं 6:26 से 7:56 बजे तक यह भी पढ़ें: श्रावणी मेला 2026: देवघर के आसमान में ड्रोन शो ने बिखेरा शिवमय नजारा, पहले दिन 74,987 श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण The post पहले सावन सोमवार शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये 5 चीजें, भोलेनाथ करेंगे हर मनोकामना पूरी appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top