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August 28, 2026

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ENG vs PAK: लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने कसा शिकंजा, रॉबिन्सन-आर्चर के आगे 110 रन पर सिमटा पाकिस्तान

England vs Pakistan: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड ने पहली पारी में 290 रन बनाए. इसके जवाब में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान को सिर्फ 110 रन पर आउट कर दिया. पहली पारी में इंग्लैंड को 180 रन से बढ़त मिल गया. पाकिस्तानी बल्लेबाजों के खिलाफ इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई ओली रॉबिन्सन ने की. उन्होंने चार विकेट अपने नाम किए, जबकि जोफ्रा आर्चर को तीन और जोश टंग को दो सफलताएं मिली. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने लगातार विकेट लिए. उन्होंने पाकिस्तान को बड़ा स्कोर बनाने का मौका ही नहीं दिया. पाकिस्तान 110 पर ऑल आउट पाकिस्तान की पहली पारी 110 रन पर समाप्त हुई. इंग्लैंड के 290 रन के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम पूरे दबाव में दिखाई दी और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही. पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा अजान अवैस 46 और सऊद शकील ने 16 रन बनाए. इस दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज 10 रन का आंकड़ा नहीं पार कर सका. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने इस दौरान इतनी कसी हुई गेंदबाजी की कि पाकिस्तानी बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके. एक छोर पर विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हुआ तो पाकिस्तान उससे उबर नहीं पाया. ये भी पढ़ें: जानें कौन हैं सोनल दिनुशा? जिन्होंने हिंदुस्तान के खिलाफ 420 रन बनाकर लूटी महफिल रॉबिन्सन और आर्चर का कहर इंग्लैंड की ओर से ओली रॉबिन्सन सबसे सफल गेंदबाज रहे. उन्होंने चार विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया. रॉबिन्सन की एक सीधी गेंद ने सऊद शकील को बोल्ड किया, जो 16 रन पर स्पोर्ट्स रहे थे. उनके अलावा तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने तीन विकेट अपने नाम किए. आर्चर की तेज बाउंसर से बल्लेबाज बचने में कामयाब नहीं हो सके और दबाव में आ गए, जिसमें उन्होंने कप्तान बाबर आजम का भी विकेट लिया. जोश टंग ने भी अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा और दो विकेट हासिल किए. इंग्लैंड के तीनों तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन का नतीजा पाकिस्तान के स्कोर पर साफ नजर आया. पाकिस्तान पर 180 रन की बढ़त 290 रन के जवाब में 110 रन पर ऑलआउट होने के कारण पाकिस्तान 180 रन पीछे रह गया. यानी मैच की पहली बड़ी बढ़त इंग्लैंड के हाथ में है. अब मुकाबले का अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा. इंग्लैंड के पास अब अपनी भारी बढ़त को और बढ़ाने का मौका है, जबकि पाकिस्तान को वापसी के लिए जल्दी विकेट चटकाने होंगे, जो दूसरे इनिंग में बहुत मुश्किल हो सकता है. ये भी पढ़ें: Forbes India List 2026: विराट कोहली सबसे महंगे सेलिब्रिटी, धोनी-सचिन भी टॉप-10 में; देखें पूरी लिस्ट The post ENG vs PAK: लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने कसा शिकंजा, रॉबिन्सन-आर्चर के आगे 110 रन पर सिमटा पाकिस्तान appeared first on Naya Vichar.

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राखी के दिन जन्मी बेटी का नाम रखने में हो रही है उलझन? ये 20 नाम कर देंगे आपकी तलाश आसान

Baby Girl Names: रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के प्यार का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के उत्सव का दिन है. सोचिए, अगर इसी खास दिन आपके घर एक नन्ही परी का जन्म हो जाए, तो खुशियां दोगुनी हो जाएंगी. हमारे घरों में बेटियों को हमेशा से मां लक्ष्मी का रूप माना जाता रहा है. ऐसे में अगर बेटी का जन्म राखी के दिन हो जाए, तो इस नन्हीं सी जान को और भी खास माना जाता है. अगर आपके घर भी राखी के दिन बेटी ने जन्म लिया है और आप उसके लिए एक नाम की तलाश कर रहे हैं, तो यह लेख आपकी मदद करेगा. आज हम आपके लिए कुछ ऐसे नाम लेकर आए हैं, जो बोलने में आसान हैं, सुनने में सुंदर लगते हैं और जिनका अर्थ भी बहुत प्यारा निकलता है. इस आर्टिकल में बताए गए कुछ नाम त्योहार के ‘शुभ’ और ‘सुरक्षा’ वाले पहलू से भी जुड़े हैं, तो कुछ बारिश और खुशहाली से, जो एक नए जीवन के आगमन का प्रतीक हो सकते हैं. तो चलिए, इस नन्हीं सी परी के इन नामों पर एक नजर डालते हैं और साथ ही इनके अर्थ भी जानते हैं. raksha bandhan born baby girl names राखी के दिन जन्मी बेटी के लिए सुंदर नाम रक्षा: इस नाम का सीधा अर्थ होता है सुरक्षा या रक्षा का धागा. राखी के त्योहार से जुड़ा यह नाम बहुत ही सरल और प्यारा है. लक्ष्मी: धन, खुशी और समृद्धि की देवी को ही लक्ष्मी कहा जाता है. राखी पर घर आई बच्ची के लिए इससे बेहतर नाम और क्या हो सकता है. श्री: यह नाम भी देवी लक्ष्मी का ही दूसरा नाम है. इसका अर्थ होता है चमक, धन और शुभ काम. अनुष्का: इस नाम का अर्थ होता है प्यार, दयालु स्वभाव और भगवान का दिया हुआ अनमोल तोहफा. ईशानी: यह देवी पार्वती का एक नाम है. यह नाम ताकत और सच्चाई को दिखाता है. श्रद्धा: इस नाम का अर्थ होता है भरोसा, आदर और दिल से की गई भक्ति. अवनि: अवनि का सीधा और आसान अर्थ होता है हमारी धरती या जमीन. यह नाम सब कुछ सहने की ताकत को दिखाता है. वृंदा: इस नाम का अर्थ होता है तुलसी का पौधा. हमारे घरों में तुलसी को बहुत पवित्र माना जाता है. मेघा: इस नाम का अर्थ होता है सावन के महीने में आसमान में छाने वाले काले काले बादल. यह बारिश और हरियाली का सूचक है, जो समृद्धि लाता है. बरखा: इस नाम का अर्थ होता है सावन के मौसम में होने वाली प्यारी सी बारिश, जो चारों तरफ खुशहाली लाती है. यह नए जीवन और उत्सव का प्रतीक है. ऋतु: इस नाम का अर्थ होता है मौसम का चक्र, जैसे गर्मी, सर्दी या बारिश का मौसम. पावनी: इस नाम का अर्थ होता है जो बहुत साफ और पवित्र हो, जैसे नदी का बहता हुआ पानी. आन्या: इस नाम का अर्थ होता है जो सबसे अलग हो और जिसकी कोई सीमा न हो. दीया: इस नाम का अर्थ होता है छोटा सा दीपक या रोशनी, जो अंधेरे को दूर भगाकर पूरे घर को चमका देता है. काव्या: इस नाम का अर्थ होता है एक सुंदर सी कविता. यह नाम कला और समझदारी को दिखाता है. रिया: इस नाम का अर्थ होता है एक अच्छी गायिका या वो लड़की जो अपनी बातों और आवाज से सबका दिल जीत ले. सिद्धि: इस नाम का अर्थ होता है किसी काम में सफलता मिलना या मंजिल को पा लेना. तारा: इस नाम का अर्थ होता है आसमान में टिमटिमाता हुआ सितारा, जो सबको रास्ता दिखाता है. अनन्या: इस नाम का अर्थ होता है कोई ऐसा जिसके जैसा कोई दूसरा ना हो, यानी जो बहुत खास हो. प्रिशा: इस नाम का बहुत प्यारा अर्थ होता है भगवान की तरफ से मिला एक बेहद खूबसूरत तोहफा. ये भी पढ़ें: बेटी के नाम में चाहिए मिठास और मॉडर्न अंदाज, ये 30 नाम सुनते ही चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान ये भी पढ़ें: बेटे के लिए चुनें राजा-महाराजाओं से प्रेरित ये 20 रॉयल नाम, हर नाम की है अपनी एक खास पहचान The post राखी के दिन जन्मी बेटी का नाम रखने में हो रही है उलझन? ये 20 नाम कर देंगे आपकी तलाश आसान appeared first on Naya Vichar.

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वाल्मीकि घोटाले में घिरे बी नागेंद्र ने दिया मंत्री पद से इस्तीफा, ऐलान करते ही फूट-फूटकर रोए; बोले- मेरे दस्तखत किसी लेनदेन में नहीं

कर्नाटक के कांग्रेस नेता और मंत्री बी नागेंद्र ने शुक्रवार ( 28 अगस्त) को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. यह मामला महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में हुए एक कथित घोटाले से जुड़ा है. इस वजह से मंत्री जी पर इस्तीफे का बहुत दबाव था, क्योंकि उन पर एक आरोप लगा था. 89 करोड़ के कथित घोटाले का आरोप बी नागेंद्र का इस्तीफा महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित 89 करोड़ रुपये के घोटाले के बीच आया है. इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार प्रशासन और संबंधित नेताओं पर सवाल उठा रहा था. “हम इस मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं, क्योंकि जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है,” कांग्रेस नेता ने कहा. घोटाले की जांच को लेकर भी दबाव बढ़ता जा रहा था. इस कथित घोटाले में 89 करोड़ रुपये की राशि का गलत इस्तेमाल हुआ है. आरोप है कि प्रशासनी पैसों का इस्तेमाल नियमों के विरुद्ध किया गया, जिसमें गबन और पैसे के लेन-देन में गड़बड़ी शामिल है. इसमें फंड का इस्तेमाल बिना सही इजाजत या प्रक्रियाओं का पालन किए हुए किया गया. हालांकि, घोटाले की प्रकृति और इस्तेमाल किए गए फंड के विशिष्ट प्रकारों का विवरण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है, और न ही किसी आधिकारिक रिपोर्ट या ऑडिट का उल्लेख किया गया है. मंत्री नागेंद्र का पक्ष: ‘मेरे हस्ताक्षर किसी भी लेनदेन में नहीं हैं’ इस्तीफा देने का ऐलान करते हुए बी नागेंद्र ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि किसी भी लेनदेन में उनके दस्तखत नहीं हैं. नागेंद्र ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों से खुद को अलग बताया और कहा कि वह मामले में किसी तरह की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार नहीं हैं. इस्तीफे का ऐलान करते समय नागेंद्र भावुक हो गए और बहुत रोए. दो साल में दूसरी बार मंत्री पद से हटे बी नागेंद्र करीब दो साल के कार्यकाल में दूसरी बार मंत्री पद से हटे हैं. वाल्मीकि निगम से जुड़े कथित घोटाले ने कर्नाटक की कांग्रेस प्रशासन पर भी नेतृत्वक दबाव बढ़ाया है. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद अब इस मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं. ये भी पढ़ें: कर्नाटक के यादगीर में शिक्षकों का RSS पथ संचलन में हिस्सा लेना: निलंबन और कानूनी कार्रवाई, जानिए पूरा मामला The post वाल्मीकि घोटाले में घिरे बी नागेंद्र ने दिया मंत्री पद से इस्तीफा, ऐलान करते ही फूट-फूटकर रोए; बोले- मेरे दस्तखत किसी लेनदेन में नहीं appeared first on Naya Vichar.

समस्तीपुर

राखी के धागों में बंधा हिंदू-मुस्लिम भाईचारा, मुसरीघरारी में दिखी गंगा-जमुनी संस्कृति 

नया विचार न्यूज सरायरंजन। रक्षा बंधन के पावन अवसर पर मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। क्षेत्र की कई हिंदू बहनों ने मुस्लिम भाई मो. नशीरुद्दीन की कलाई पर राखी बांधकर आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे का संदेश दिया। रक्षा बंधन के मौके पर बहनों ने मो. नशीरुद्दीन की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखी, स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की कामना की। वहीं, नशीरुद्दीन ने भी सभी बहनों का सम्मान करते हुए उन्हें भाई के रूप में स्नेह और सुरक्षा का भरोसा दिया। इस दौरान माहौल भावुक और सौहार्दपूर्ण बना रहा। मो. नशीरुद्दीन ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और आपसी सद्भाव का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धर्म और मजहब अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत और भाईचारा सभी को एक-दूसरे से जोड़ता है। समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। मुसरीघरारी में हुए इस आयोजन ने सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी तस्वीर पेश की। राखी के पवित्र धागों ने यह संदेश दिया कि आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे का रिश्ता धर्म की सीमाओं से कहीं ऊपर है।

समस्तीपुर

जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरायरंजन में कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति कार्यालय शुरू

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड मुख्यालय में शुक्रवार को कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के कार्यालय का शुभारंभ किया गया। कार्यालय का उद्देश्य क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों तक मामला पहुंचाना है। कार्यालय प्रशासनी कार्यालय दिवस पर नियमित रूप से खुला रहेगा। आगामी सोमवार से यहां आम लोगों की समस्याओं को लेकर कार्य शुरू किया जाएगा। तात्कालिक रूप से कार्यालय का संचालन जीविका कार्यालय और प्रखंड आपूर्ति कार्यालय के समीप से किया जाएगा। कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद ने सम्मानित सदस्यों की उपस्थिति में फीता काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया। इस दौरान पुष्प वर्षा कर कार्यक्रम का स्वागत किया गया। अध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद ने कहा कि कार्यालय के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा। समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े। उद्घाटन कार्यक्रम में प्रो. अमरेंद्र कुमार, मिलन सिंह, शकीर रजा, संजय राय, विदेशी राय, विनोद बिहारी वाजपेयी, रणजीत राय, बिनोद चौधरी, कृष्णा देवी सहित प्रखंड के दर्जनों कर्मचारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।

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रांची से पटना जा रही Vande Bharat Express ट्रैक्टर से टकरायी, इंजन के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त

हजारीबाग: रांची से पटना जा रही वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस (22350) गुरुवार की शाम हजारीबाग स्टेशन से करीब 10 किलोमीटर पहले रेलवे ट्रैक पर ट्रैक्टर से टकरा गयी. हादसे में ट्रेन के इंजन के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया. दुर्घटना के बाद वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस करीब आधे घंटे तक मौके पर रुकी रही. ट्रैक्टर को रेलवे ट्रैक से हटाने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया. रांची से शाम 4:15 बजे खुली वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस को शाम 6:21 बजे हजारीबाग स्टेशन पहुंचना था. हादसे के कारण ट्रेन करीब आधे घंटे तक दुर्घटनास्थल पर रुकी रही. इसके बाद ट्रेन शाम 7:05 बजे हजारीबाग स्टेशन पहुंची. जांच के बाद कोडरमा के लिए रवाना हुई ट्रेन हजारीबाग स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन की जांच की गयी. जांच के बाद वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस हजारीबाग स्टेशन से कोडरमा के लिए रवाना हो गयी. The post रांची से पटना जा रही Vande Bharat Express ट्रैक्टर से टकरायी, इंजन के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त appeared first on Naya Vichar.

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PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त कहीं अटक न जाए, जानें पीएम किसान से जुड़ी ये खास बात

PM Kisan 24th Installment : पीएम किसान की 24वीं किस्त की तारीख प्रशासन ने अभी तय नहीं की है. इससे पहले 23वीं किस्त 20 जून 2026 को किसानों के खातों में भेजी गई थी. अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसान अभी से अपनी e-KYC, बैंक खाते की जानकारी और जमीन के रिकॉर्ड जरूर जांच लें. साथ ही PM Kisan की लाभार्थी सूची में अपना नाम और Beneficiary Status भी चेक कर लें, ताकि किस्त जारी होने के समय किसी तरह की परेशानी न हो. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रशासन हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद देती है. यह रकम एक साथ नहीं मिलती, बल्कि ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में प्रशासन की ओर से ट्रांसफर किये जाते हैं. यानी हर चार महीने में किसानों को ₹2,000 की आर्थिक सहायता मिलती है. कब आ सकती है किस्त? क्या किया जा रहा दावा किसानों को PM Kisan की 24वीं किस्त का इंतजार है. पिछली किस्त जारी होने के बाद सामान्य किस्त चक्र के हिसाब से अगली ₹2,000 की रकम आने का लोग अंदाजा लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है. ऐसे में सितंबर, अक्टूबर या किसी खास दिन किस्त आने का दावा करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर तुरंत भरोसा न करें. पैसा कब जारी होगा, इसकी सही जानकारी केवल प्रशासन की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी. ये भी पढ़ें: PM Kisan 24th Installment: 24वीं किस्त के ₹2,000 के लिए ऐसे ऑनलाइन करें e-KYC और जांचें बेनेफिशियरी स्टेटस किस्त से पहले किसान जरूर जांच लें ये 6 बातें अगली किस्त का पैसा खाते में आने से पहले किसानों को अपनी जानकारी एक बार जरूर जांच लेनी चाहिए. ये बातें खास तौर पर चेक करें: e-KYC पूरी है या नहीं : अगर e-KYC अधूरी है, तो इसे जल्द पूरा कर लें. बैंक खाते की जानकारी सही है या नहीं : खाते का नंबर और अन्य बैंक डिटेल सही होनी चाहिए. आधार की जानकारी सही है या नहीं : आधार से जुड़ी जानकारी में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए. जमीन का रिकॉर्ड सही है या नहीं : योजना में दर्ज जमीन से जुड़ी जानकारी की भी जांच कर लें. पिछली किस्त मिली है या नहीं : यह जरूर देखें कि पिछली ₹2,000 की किस्त आपके खाते में पहुंची थी या नहीं. PM Kisan में स्टेटस एक्टिव है या नहीं : अपना Beneficiary Status चेक करें और देखें कि आपका नाम योजना में एक्टिव है या नहीं. The post PM Kisan 24th Installment : 24वीं किस्त कहीं अटक न जाए, जानें पीएम किसान से जुड़ी ये खास बात appeared first on Naya Vichar.

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चारों तरफ तबाही, बालकनी में फंसा परिवार, नेपाल-तिब्बत सीमा से आया नया डरावना वीडियो

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में बाढ़ के बीच एक मकान की बालकनी में कई लोग फंसे नजर आ रहे हैं. चारों तरफ मलबा और तेज बहाव वाला पानी दिखाई दे रहा है. बालकनी में फंसे लोगों का वीडियो वायरल नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में हल्के नीले रंग की एक इमारत की बालकनी में कई लोग खड़े दिखाई देते हैं. नीचे तेज बहाव के साथ मिट्टी, पत्थर और मलबा बहता नजर आता है. वीडियो में आसपास के इलाकों में भी भारी तबाही दिखाई दे रही है. कई जगह घरों और दूसरी इमारतों के आसपास मलबा जमा है. बाढ़ के बाद भी नहीं थमी परिवार की मुश्किल कुछ घंटे बाद उस यूजर ने एक और वीडियो शेयर किया, जो बाढ़ का पानी उतरने के बाद का है. इस वीडियो में वही हल्के नीले रंग का मकान दिखाई देता है. पानी उतर चुका है, लेकिन मकान की दीवारों, बालकनी और निचली मंजिलों पर मोटी कीचड़ की परत जमी हुई है. वीडियो में कमरों के अंदर कुछ लोग बैठे नजर आते हैं. एक व्यक्ति बालकनी में खड़ा है, जबकि छत पर भी एक शख्स दिखाई देता है. मकान के आसपास का पूरा इलाका कीचड़ और मलबे से पटा हुआ है. कैसे आई इतनी भयावह बाढ़? यह आपदा 26 अगस्त को नेपाल के रासुवा जिले और चीन के तिब्बत क्षेत्र से लगे हिमालयी इलाके में शुरू हुई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ऊंचाई वाले इलाके में ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिरा. इसके साथ बर्फ और चट्टानों का मलबा नदी में पहुंचा, जिससे पानी का बहाव अचानक बेहद तेज हो गया. बाढ़ का पानी ल्हेन्दे खोला से होते हुए भोटे कोशी और फिर त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा. कुछ इलाकों में नदी का जलस्तर महज 30 मिनट में करीब 9 मीटर तक बढ़ गया. रासुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग जैसे इलाकों में भी इसका असर पहुंचा. तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके और सीमा के पास स्थित व्यापारिक क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुए. नेपाल में आपदा को बाद कैसी है वर्तमान स्थिति 28 अगस्त की ताजा जानकारी के मुताबिक नेपाल में इस आपदा से मरने वालों की संख्या 469 पहुंच गई है. चीन की ओर से तिब्बत में भी मौतों की पुष्टि की गई है. दोनों देशों में मिलाकर 1,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक और पर्यटक भी शामिल हैं. बाढ़ ने घरों के साथ-साथ सड़क, पुल और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. कम से कम 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़क के बह जाने की रिपोर्ट सामने आई है. इससे राहत और बचाव दलों के लिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. अभी टला नहीं है खतरा तबाही के बाद अब एक और खतरे की चिंता बढ़ गई है. मलबे के कारण नदी के रास्ते में पानी जमा होकर एक झील जैसी स्थिति बन गई है. इसके बढ़ते पानी से दोबारा तेज बाढ़ आने का खतरा पैदा हो गया है. चीन ने तिब्बत के प्रभावित इलाके में सुरक्षा कारणों से बचाव अभियान को अस्थायी रूप से रोककर टीमों को पीछे हटने का आदेश दिया है. अधिकारियों को आशंका है कि जमा पानी और मलबे के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं. नेपाल में भी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. इस बीच राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. लेकिन खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कें और दुर्गम पहाड़ी इलाका अभियान में बड़ी चुनौती बने हुए हैं. The post चारों तरफ तबाही, बालकनी में फंसा परिवार, नेपाल-तिब्बत सीमा से आया नया डरावना वीडियो appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flood Updates : अबतक 469 लोगों को लील चुकी है नेपाल की बाढ़, 1000 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं

तिब्बत में हुए हिमस्खलन के बाद भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का बहाव रुक गया, जिससे तिब्बत-नेपाल के बाॅर्डर वाले इलाकों में बाढ़ से भारी तबाही मची. बाढ़ के तेज बहाव में कई अहम पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गईं. आठ जिलों से बरामद किए गए हैं शव नेपाल पुलिस ने एक बयान में कहा कि देश में मृतक संख्या बढ़कर 469 हो गई हैं. नेपाल में कुल आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं. तिब्बत में तीन लोगों की मौत हुई है. पुलिस के अनुसार, चितवन से 178, नवलपरासी पूर्व से 110, गोरखा से 44, नुवाकोट से 37 और धादिंग जिले से 33 शव बरामद किए गए हैं. इसी तरह तनाहू से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं. बचाव अभियान जारी नेपाल के रसुवा और आस-पास के जिलों में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आने के बाद से कम से कम 1000 लोग लापता हैं. इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं. अब तक प्रभावित इलाकों से 1,545 घायल व्यक्तियों और फंसे हुए लोगों को बचाया जा चुका है. इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज हो रहा है, जहां परिजन बड़ी बेसब्री से अपनों की तलाश कर रहे हैं त्रासदी के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा. अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं. 29 अगस्त से सभी परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला द काठमांडू पोस्ट अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने और बचे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि जमीन पर काम करने वाली टीम नदी के किनारे और नदी के बहाव की दिशा में बसे इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं. इस बीच, नेपाल प्रशासन ने विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद बने हालात को देखते हुए 29 अगस्त से सभी परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है.शिक्षा मंत्री और प्रशासन के प्रवक्ता सश्मित पोखरेल ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थगित परीक्षाओं को सही समय पर दोबारा आयोजित करने की योजना बनाएं.मंत्रालय ने स्कूलों और कॉलेजों से यह भी कहा है कि वे छात्रों और शिक्षकों के लिए मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की व्यवस्था करें, छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और जरूरी मदद एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करें. ये भी पढ़ें : Nepal Flood : विनाशकारी बाढ़ के बाद चीन ने जारी किया लेवल-4 अलर्ट, बैरियर झील टूटने का खतरा; निचले इलाकों में मच सकती है तबाही The post Nepal Flood Updates : अबतक 469 लोगों को लील चुकी है नेपाल की बाढ़, 1000 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, तबाही वाले इलाके में बढ़ा जलस्तर, अलर्ट

Nepal Flood : नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. शुक्रवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 469 हो गई, जबकि 1,545 लोगों को बचाया जा चुका है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं. बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाएं, बैंक शाखाएं, पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़क भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है. The post Nepal Flood : नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, तबाही वाले इलाके में बढ़ा जलस्तर, अलर्ट appeared first on Naya Vichar.

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