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August 28, 2026

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Nepal Flood ग्राउंड जीरो रिपोर्ट : काठमांडू के त्रिभुवन मेडिकल कॉलेज के बाहर मची चीख-पुकार, पोस्टरों में अपनों को तलाश रहे लोग

काठमांडू स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग मेडिकल कॉलेज के बाहर का नजारा देखकर किसी का भी कलेजा कांप उठे. शुक्रवार की सुबह से ही अस्पताल परिसर के बाहर सैकड़ों बेबस और हताश लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है, जो अपनों की एक समाचार पाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं. दीवारों पर टंगी तस्वीरें बनीं एकमात्र उम्मीद अस्पताल प्रशासन द्वारा परिसर की बाहरी दीवारों पर मृतकों और घायलों की तस्वीरों के पोस्टर लगाये गये हैं. सुबह से ही लोग इन दीवारों के पास अनहोनी की आशंका लिए पोस्टरों को निहारते नजर आ रहे हैं. कोई दीवार पर लगी किसी तस्वीर को देखकर अचानक फफक कर रो पड़ता है, तो कोई धुंधली तस्वीर में अपने भाई, पिता या शिशु की पहचान करने की कोशिश कर रहा है. नेपाल बाढ़ :अस्पताल के बाहर पोस्टर्स में अपनों को तलाशते लोग परिसर के बाहर सन्नाटा और अपनों का इंतजार अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर खड़े लोगों की आंखें पथरा चुकी हैं. अंदर रखे शवों की शिनाख्त के लिए परिजनों को सीमित संख्या में भेजा जा रहा है, जिससे बाहर खड़े लोगों की बेचैनी हर बीतते मिनट के साथ बढ़ती जा रही है. कई परिवार बीते 24 घंटे से बिना खाए-पीए इसी उम्मीद में गेट के बाहर डटे हैं कि शायद कोई चमत्कार हो जाए और उनका अपना सुरक्षित मिल जाये. आपदा के व्यापक प्रभाव और शवों की स्थिति के कारण शिनाख्त कर पाना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनी हुआ है. अस्पताल प्रशासन डिजिटल फोटो और कागजी सूचियों के जरिए पहचान प्रक्रिया को गति देने की कोशिश कर रहा है. लेकिन परिजनों की बढ़ती संख्या के आगे व्यवस्था छोटी पड़ती दिख रही है. ये भी पढ़ें : Nepal Flood : विनाशकारी बाढ़ के बाद चीन ने जारी किया लेवल-4 अलर्ट, बैरियर झील टूटने का खतरा; निचले इलाकों में मच सकती है तबाही The post Nepal Flood ग्राउंड जीरो रिपोर्ट : काठमांडू के त्रिभुवन मेडिकल कॉलेज के बाहर मची चीख-पुकार, पोस्टरों में अपनों को तलाश रहे लोग appeared first on Naya Vichar.

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लोहरदगा में अपराधियों का तांडव: सड़क निर्माण साइट पर तीन राउंड फायरिंग, वाहनों में लगाई आग; गार्ड को लगी गोली

अमित कुमार राज की रिपोर्ट कुड़ू (लोहरदगा): लोहरदगा सदर थाना क्षेत्र के कैमो महुवाटोली स्थित बाइपास सड़क निर्माण साइट पर गुरुवार की देर रात मोटरसाइकिल सवार दो हथियारबंद अपराधियों ने गोलीबारी और आगजनी की घटना को अंजाम दिया. अपराधियों ने करीब तीन राउंड फायरिंग की. गोलीबारी में साइट की सुरक्षा में तैनात गार्ड शशिभूषण लकड़ा के हाथ में गोली लग गई. जिन्हें लोहरदगा सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है. बाइक से पहुंचे थे दो हथियारबंद अपराधी जानकारी के अनुसार, देर रात एक मोटरसाइकिल पर सवार दो हथियारबंद अपराधी महुवाटोली स्थित निर्माण साइट पर पहुंचे. साइट पर पहुंचते ही उन्होंने वहां मौजूद लोगों को धमकाना शुरू कर दिया. इसी दौरान अपराधियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सुरक्षा गार्ड शशिभूषण लकड़ा घायल हो गए. अचानक हुई गोलीबारी से निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई. वहां मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और स्थानीय लोग गोलीबारी के बाद वाहनों में लगाई आग गोलीबारी के बाद अपराधियों ने निर्मा ये भी पढ़ें- खान-खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में 7 सितंबर को बरही में JMM का धरना एसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी समेत पुलिस के कई अधिकारी और जवान घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया. पुलिस आसपास के इलाकों में भी छानबीन कर रही है. अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. तकनीकी माध्यमों से भी सुराग जुटाये जा रहे हैं. लेवी या विकास कार्य बाधित करने की आशंका घटना के पीछे अपराधियों की मंशा को लेकर पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. प्रारंभिक तौर पर विकास कार्य को बाधित करने, निर्माण कंपनी से लेवी मांगने अथवा इलाके में भय का माहौल कायम करने की आशंका जतायी जा रही है. हालांकि, घटना का वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर सड़क निर्माण साइट पर हुई गोलीबारी और आगजनी ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिये हैं. घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भय का माहौल है. लोगों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. रांची में चल रहा घायल गार्ड का इलाज घायल गार्ड शशिभूषण लकड़ा का रांची में इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और घटना में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है. ये भी पढ़ें- सौंदा डी में आधी रात दो हाथियों का उत्पात, दुकान का शटर तोड़ा; ग्रामीणों में दहशत The post लोहरदगा में अपराधियों का तांडव: सड़क निर्माण साइट पर तीन राउंड फायरिंग, वाहनों में लगाई आग; गार्ड को लगी गोली appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flash Flood Latest Updates Hindi: दिल्ली-काठमांडू रास्ता बंद, 40 किमी तक सड़क का नामोनिशान मिटा; हजारों ट्रक फंसे

Nepal Flood Live : नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने कुछ ही मिनटों में भारी तबाही मचा दी. तेज रफ्तार से आया पानी कई बस्तियों में घुस गया और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. नया विचार की टीम अब ग्राउंड जीरो पर है और मौके से हालात की ताजा तस्वीर आपके सामने रख रही है. बाढ़ के बाद तबाही का मंजर कैसा है, कहां-कहां रास्ते बंद हैं और राहत-बचाव का काम किस तरह चल रहा है, जानिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में. The post Nepal Flash Flood Latest Updates Hindi: दिल्ली-काठमांडू रास्ता बंद, 40 किमी तक सड़क का नामोनिशान मिटा; हजारों ट्रक फंसे appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल से प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: आसमान में हेलिकॉप्टर दिखते ही जागती है उम्मीद, पलभर में फिर छा जाती है मायूसी

बट्टार (नेपाल) से मनोज गुप्ता की रिपोर्ट Nepal Flash Floods: रसुवा के बाढ़ग्रस्त इलाकों से राहत और बचाव कार्य कर जैसे ही कोई सैन्य हेलिकॉप्टर प्रशिक्षण केंद्र के परिसर में उतरता है, सड़क किनारे खड़ी बदहवास भीड़ एक उम्मीद के साथ उसकी ओर दौड़ पड़ती है. लेकिन, अपनों का कोई अता-पता न मिलने पर लोग फिर से मायूस होकर पीछे लौट आते हैं. सविता की उम्मीद, शायद वे सुरंग में सुरक्षित हों इन्हीं गमगीन चेहरों के बीच सविता अधिकारी भी अपने पति की तलाश में घंटों से टकटकी लगाये बैठी हैं. त्रिशूली हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत उनके पति बाढ़ आने के बाद से ही संपर्कविहीन हैं. सविता को यह नहीं पता कि उनके पति बाढ़ के तेज बहाव में बह गये हैं या कहीं सुरक्षित स्थान पर फंसे हैं. सविता को जानकारी मिली थी कि त्रिशूली हाइड्रो के कुछ कर्मचारी और कंपनी के मालिक सुरंग के भीतर चले गये थे और सेना वहां बचाव अभियान चला रही है. स्थिति की सच्चाई जानने के लिए सविता रोते-बिलखते सैन्य केंद्र के गेट पर पहुंचीं और अधिकारियों से गुहार लगायी. बाद में उन्हें एक रिश्तेदार के साथ भीतर जाने की अनुमति मिली. सविता ने सजल आंखों से कहा, संभव है मेरे पति सुरंग के भीतर सुरक्षित हों और इसी वजह से नेटवर्क न होने के कारण संपर्क नहीं हो पा रहा है. मुझे पूरा यकीन है कि सेना उन्हें जल्द बाहर निकाल लेगी. 74 वर्ष की सजल आंखें और अंतहीन इंतजार 74 वर्षीय पदम बहादुर कंडेल भी अपने रिश्तेदार की खोज में बट्टार पहुंचे हैं. लगातार बहते आंसुओं के बीच उनकी वृद्ध आंखें हर आते-जाते हेलिकॉप्टर को निहारती हैं. रसुवा बाढ़ में उनके रिश्तेदार खलप्रसाद तिमिल्सिना फंसे हुए हैं. रुंधे गले से पदम बहादुर कहते हैं, हेलिकॉप्टर तो लगातार मंडरा रहे हैं, पर उसमें हमारा अपना कोई नहीं उतर रहा. नुवाकोट के तादी से आये बासुदेव रिजाल अपने भांजे की तलाश में भटक रहे हैं. सूर्यगढ़ी-5 निवासी उनका भांजा अपने 11 साथियों के साथ गोसाइंकुंड ट्रेकिंग के लिए निकला था. बेत्रावती के समीप उनकी बस अचानक उफनती बाढ़ की चपेट में आ गयी. भांजा और उसका एक साथी अपनी जान बचाने के लिए पास के एक मकान की छत पर चढ़ने में सफल रहे थे. उन्होंने रोते हुए घर पर फोन कर कहा था, अगर यह घर टिका रहा तो हम बच जाएंगे. लेकिन, कुछ ही पलों बाद नदी का प्रचंड वेग पूरे मकान के साथ उन दोनों को भी बहा ले गया. बासुदेव ने बताया कि उन्होंने पूरी जानकारी सेना और पुलिस को सौंप दी है. अब परिवार की बस इतनी ही गुहार है कि कम से कम भांजे का पार्थिव शरीर मिल जाये, ताकि वे उसे अंतिम विदाई दे सकें. बाढ़ में अटका जीवन : स्कूली शिशु भी फंसे आपदा का असर बट्टार के स्थानीय जीवन पर भी बुरी तरह पड़ा है. यह क्षेत्र स्वयं बाढ़ से ग्रस्त हुआ है और नदी की दोनों ओर कई लोग फंसे हुए हैं. पंचलिंगे माध्यमिक विद्यालय के कई छात्र फुटसल (स्पोर्ट्स) स्पोर्ट्सने के लिए विदुर आए थे, लेकिन अचानक आयी प्राकृतिक तबाही के कारण सड़क मार्ग ठप हो गया और वे घर नहीं लौट सके. विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने पूरी रात दहशत के साए में गुजारी. उनके घर वाले भी बेहद चिंतित हैं. फिलहाल सेना हेलिकॉप्टर के माध्यम से इन विद्यार्थियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने का प्रयास कर रही है. बट्टार में गूंजती हेलिकॉप्टरों की हर आवाज के साथ लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं. कोई अपने प्रियजन के सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहा है, तो कोई कम-से-कम उनका अंतिम दर्शन पाने की प्रतीक्षा में खड़ा है. रसुवा की बाढ़ ने यहां सिर्फ तबाही के निशान नहीं छोड़े हैं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की जिंदगी को अनिश्चितता और असहनीय पीड़ा के बीच लाकर खड़ा कर दिया है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood Update: नेपाल में फिर बाढ़ का खतरा, 20 लाख घन मीटर पानी से भरी झील टूटी तो मचेगी तबाही; चीन ने किया अलर्ट आंखों देखी : जिंदगी में ऐसी भयावह तबाही कभी नहीं देखी, नदी में तैर रहे थे शवों के टुकड़े झारखंड के हजारीबाग निवासी नारायण महतो इन दिनों देवघाट के पास हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं. उन्होंने बाढ़ के दौरान हुई भयावह त्रासदी को अपनी आंखों से देखा. घटना के बाद उन्होंने बताया कि अपने जीवन में उन्होंने ऐसी भयानक स्थिति पहले कभी नहीं देखी थी. नारायण महतो ने बताया कि बाढ़ का पानी अपने साथ इंसानों के शवों के टुकड़े, वाहनों का सामान और कई तरह की वस्तुएं बहाकर ला रहा था. नदी का पानी इतना काला और गंदा हो गया था कि स्थिति देखकर डर लग रहा था. उन्होंने कहा कि बाढ़ की तेज धारा और गंदे पानी के कारण मछलियां भी अपनी जान बचाने के लिए नदी से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं. यह दृश्य बेहद भयावह था.बाढ़ के दौरान वहां बना सब-सेक्शन ब्रिज भी बुरी तरह हिल रहा था. पुल की स्थिति देखकर वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गयी थी.हर पल जान का खतरा महसूस हो रहा था. हालांकि, नारायण महतो और उनके साथ काम करने वाले अन्य लोग सुरक्षित हैं. उन्होंने अपने परिवार को फोन कर सुरक्षित होने की जानकारी दी, जिसके बाद घरवालों ने राहत की सांस ली. उन्होंने कहा कि इस त्रासदी की भयावह तस्वीरें लंबे समय तक उनके जेहन में रहेंगी. ये भी पढ़ें: नेपाल से नया विचार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: त्रिशूली-नारायणी से 64 शव बरामद, मोर्चरी हाउस फुल; बनाए जा रहे अस्थाई शवगृह The post नेपाल से नया विचार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: आसमान में हेलिकॉप्टर दिखते ही जागती है उम्मीद, पलभर में फिर छा जाती है मायूसी appeared first on Naya Vichar.

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‘पवन सिंह नहीं आते तो 2 लाख+ वोटों से जीतते’, पावर स्टार को हरानेवाले सांसद ने दो साल बाद खोले राज

Karakat MP Rajaram Singh On Pawan Singh : बिहार की सियासत में कराकाट लोकसभा सीट का चुनाव लंबे समय तक चर्चा में रहा. एक तरफ भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह निर्दलीय मैदान में थे, तो दूसरी ओर महागठबंधन की ओर से सीपीआई (माले) के राजाराम सिंह चुनाव लड़ रहे थे. नतीजे आए तो राजाराम सिंह ने 1,05,858 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. अब उन्होंने उस चुनाव की पूरी कहानी बताते हुए पवन सिंह की चुनावी एंट्री और अपनी जीत को लेकर बड़ा दावा किया है. बिहार की अन्य समाचारें यहां क्लिक कर पढ़ें. ‘पवन सिंह नहीं आते तो दो लाख के मार्जिन से जीतते’ नया विचार की सोशल टीम से बातचीत के दौरान राजाराम सिंह ने बताया कि कराकाट में उनकी जीत महज चुनाव प्रचार के कुछ दिनों का नतीजा नहीं थी. बल्कि वर्षों से आम लोगों, गरीबों और किसानों के बीच किए गए संघर्ष का परिणाम थी. उन्होंने कहा कि कराकाट में इंडिया गठबंधन की लहर थी और बाकी उम्मीदवारों ने वोट काटने का काम किया. उनकी जीत को पवन सिंह से जोड़ने वाले दावों पर राजाराम सिंह ने कहा कि अगर पवन सिंह चुनाव मैदान में नहीं आते, तो उनकी जीत का अंतर करीब दो लाख वोटों का होता. राजाराम सिंह ने कहा, “पवन सिंह अगर नहीं आते चुनाव में, तो यहां हम लोग दो लाख के मार्जिन से जीतते हैं. एक लाख पांच हजार नहीं, दो लाख के मार्जिन से जीतते हैं.” हालांकि, यह राजाराम सिंह का नेतृत्वक दावा है. 2024 के आधिकारिक चुनाव परिणाम में उनकी जीत का अंतर 1,05,858 वोट रहा था. ‘जिस दिन टिकट मिला, उसी दिन जीत तय हो गई थी’ राजाराम सिंह ने दावा किया कि कराकाट में महागठबंधन की जमीन पहले से मजबूत थी. उनके मुताबिक जिस दिन महागठबंधन की ओर से उन्हें टिकट मिला, उसी दिन उनकी जीत की नींव पड़ गई थी. उन्होंने कहा कि कराकाट में इंडिया गठबंधन की लहर थी और चुनाव को लेकर सर्वे करने वाले कई लोगों और मीडिया कर्मियों ने भी इस माहौल को महसूस किया था. राजाराम सिंह के अनुसार, यह लहर सिर्फ चुनाव प्रचार के दौरान नहीं बनी थी. उन्होंने अपने लंबे नेतृत्वक संघर्ष, गरीबों और आम जनता के मुद्दों तथा किसान आंदोलन को भी इसका आधार बताया. उन्होंने औरंगाबाद में सामाजिक न्याय से जुड़े आंदोलनों का भी जिक्र किया. बिना शोर-शराबे के कछुए की चाल चलते रहे राजा राम कराकाट का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प रहा क्योंकि एक तरफ पवन सिंह की स्टार पावर थी. भोजपुरी फिल्मों और संगीत की दुनिया में लोकप्रिय पवन सिंह जब चुनाव मैदान में उतरे तो मुकाबला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया. दूसरी ओर राजाराम सिंह की छवि अपेक्षाकृत सादगी और जमीनी नेतृत्व से जुड़े नेता की रही. चुनावी माहौल में पवन सिंह की रैलियों और लोकप्रियता के बीच राजाराम सिंह लगातार अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में डटे रहे. राजाराम सिंह ने इसी अंतर को अपनी जीत की वजहों में गिनाते हुए कहा कि वह बिना किसी तामझाम और शोर-शराबे के लगातार काम करते रहे. पवन सिंह के समर्थकों के दावे पर क्या बोले राजाराम? राजाराम सिंह से जब पूछा गया कि पवन सिंह के समर्थक उनकी जीत को पवन सिंह की वजह से जोड़ते हैं, तो उन्होंने इस दावे को खारिज किया. उनका कहना था कि कराकाट में उनकी अपनी नेतृत्वक जमीन थी और पवन सिंह की गैरमौजूदगी में भी वह बड़ी जीत हासिल करते. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में पवन सिंह की मौजूदगी से वोटों का विभाजन हुआ, लेकिन इससे उनकी जीत की बुनियाद नहीं बदली. आगे पूरी बातचीत का वीडियो देखें… View on Instagram पवन सिंह के MLC बनने पर भी राजाराम ने साधा निशाना बातचीत के दौरान पवन सिंह के बाद में एमएलसी बनने के मुद्दे पर भी राजाराम सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है और उन्होंने पवन सिंह के चुनाव लड़ने पर कभी आपत्ति नहीं जताई. हालांकि, उन्होंने पवन सिंह से एक नेतृत्वक सवाल जरूर पूछा था. राजाराम सिंह ने कहा कि जब केंद्र में मोदी प्रशासन के दौर में कथित तौर पर अभिव्यक्ति और पत्रकारिता से जुड़े सवाल उठे, तब कई पत्रकारों, फिल्मकारों और साहित्यकारों ने पुरस्कार लौटाए थे. उन्होंने सवाल किया कि उस समय पवन सिंह कहां खड़े थे. एमएलसी बनने पर शुभकामना देने के सवाल पर राजाराम सिंह ने कहा कि जब पवन सिंह भाजपा के समर्थन से एमएलसी बने हैं तो उनकी ओर से शुभकामना देने का कोई सवाल नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि पवन सिंह युवा हैं और उन्हें अपना मेहनत करना चाहिए. 2024 में काराकाट का नतीजा क्या रहा था? काराकाट लोकसभा चुनाव 2024 में राजाराम सिंह को 3,80,581 वोट मिले थे. वहीं पवन सिंह को 2,74,723 और उपेंद्र कुशवाहा को 2,53,876 वोट मिले थे. राजाराम सिंह ने पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा दोनों को पीछे छोड़ते हुए 1,05,858 वोटों से चुनाव जीता था. यही नतीजा काराकाट को 2024 के लोकसभा चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल करने की बड़ी वजह बना था. अब सांसद राजाराम सिंह का यह बयान एक बार फिर उसी चुनाव की याद दिला रहा है- जहां एक तरफ स्टारडम था, दूसरी तरफ जमीनी नेतृत्व; एक तरफ पवन सिंह की लोकप्रियता थी, तो दूसरी तरफ राजाराम सिंह का संगठन और नेतृत्वक अनुभव. चुनाव खत्म होने के दो साल बाद भी कराकाट की वह सियासी भिड़ंत बिहार की नेतृत्व में चर्चा का विषय बनी हुई है. Also Read: नेपाल की बाढ़ में ‘आपदा में अवसर’! उफनती गंडक में जान जोखिम में डालकर सिलेंडर-लकड़ी बटोर रहे लोग The post ‘पवन सिंह नहीं आते तो 2 लाख+ वोटों से जीतते’, पावर स्टार को हरानेवाले सांसद ने दो साल बाद खोले राज appeared first on Naya Vichar.

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NIA की टीम पहुंची धनबाद, प्रिंस खान के पाकिस्तान कनेक्शन की होगी जांच, तथ्य सही पाये गये तो घोषित किया जा सकता है आतंकी

धनबाद से नीरज अंबष्ट की रिपोर्ट धनबाद. वासेपुर के फरार अपराधी प्रिंस खान से जुड़े आपराधिक और कथित आतंकी नेटवर्क की जांच के लिए एनआइए की टीम गुरुवार को धनबाद पहुंची. एनआइए प्रिंस खान की गतिविधियों और कथित आतंकी संपर्कों से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. जांच में तथ्य सही पाये गये, तो प्रिंस खान को आतंकी घोषित किया जा सकता है. पाकिस्तान कनेक्शन की जांच जांच का मुख्य फोकस प्रिंस खान के विदेश में रहने के दौरान बने कथित संपर्कों और पाकिस्तान कनेक्शन पर है. सूत्रों के अनुसार, दुबई में रहने के दौरान प्रिंस खान अपनी पत्नी और भाई के साथ था. इसी दौरान उसके पाकिस्तानी स्त्री फोजिया बलोच और उसके जीजा तौकिर बलोच के संपर्क में आने की बात सामने आयी है. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद जुड़े लोगों तक पहुंच दावा किया जा रहा है कि तौकिर बलोच ने प्रिंस खान को पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों तक पहुंचाया था. हालांकि, इन दावों की एनआइए अपने स्तर पर जांच कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी. झारखंड में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही टीम धनबाद पहुंचने के बाद एनआइए की टीम ने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रिंस खान से जुड़े मामलों और उसके नेटवर्क की जानकारी जुटायी. एनआइए प्रिंस खान के खिलाफ धनबाद समेत झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी जुटा रही है. जांच के दौरान वासेपुर में उसके कथित गुर्गों, सहयोगियों और आपराधिक नेटवर्क पर भी फोकस किया जा रहा है. किस तरह संचालित कर रहा है अपना आपराधिक नेटवर्क प्रिंस खान के पूर्व संपर्कों और सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. स्थानीय स्तर पर उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है. एनआइए यह भी पता लगाने में जुटी है कि विदेश में रहते हुए प्रिंस खान ने अपने आपराधिक नेटवर्क को किस तरह संचालित किया. गुर्गों और सहयोगियों की भी होगी जांच धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि एनआइए की टीम धनबाद आयी है. फरार भगोड़ा अपराधी प्रिंस खान और उससे जुड़े संगठित अपराध से संबंधित डिटेल टीम के साथ साझा किया जा रहा है, ताकि एनआइए के स्तर से भी कार्रवाई की जा सके. ये भी पढ़ें: JSSC CGL घोटाला: CID ने दिल्ली से 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार, बेंगाबाद से ASO हिरासत में प्रिंस खान के कथित आतंकी संपर्कों से जुड़े तथ्य जांच में प्रिंस खान के कथित आतंकी संपर्कों से जुड़े तथ्य सही पाये जाते हैं या नहीं, यह एनआइए की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल एजेंसी उसके आपराधिक नेटवर्क, विदेश में बने संपर्कों और कथित पाकिस्तान कनेक्शन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. The post NIA की टीम पहुंची धनबाद, प्रिंस खान के पाकिस्तान कनेक्शन की होगी जांच, तथ्य सही पाये गये तो घोषित किया जा सकता है आतंकी appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: नेपाल में बना 150 किमी का ‘डेथ कॉरिडोर’, त्रिशूली नदी में हर ओर तैर रहे शव

Nepal Flash Flood: 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ की वजह से त्रिशूली नदी में शव बहते दिख रहे हैं. तिब्बत सीमा से लेकर नारायणी के संगम तक 150 किलोमीटर का दायरा फिलहाल’डेथ कॉरिडोर’ में तब्दील हो चुका है. गुरुवार शाम तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 309 शव निकाले गए जबकि 1500 से अधिक लोग मलबे में लापता हैं. The post नया विचार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: नेपाल में बना 150 किमी का ‘डेथ कॉरिडोर’, त्रिशूली नदी में हर ओर तैर रहे शव appeared first on Naya Vichar.

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राखी बांधने से पहले बहनें जरूर कर लें ये काम, वरना त्योहार वाले दिन पड़ जाएंगे लेने के देने

Raksha Bandhan Preparation Tips: रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने और मिठाई खिलाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते को खास बनाने का दिन भी है. इस दिन हर बहन चाहती है कि उसकी राखी की थाली से लेकर उसका पूरा लुक तक एकदम सही रहे. अगर आप भी राखी बांधने से पहले अपनी तैयारी पूरी रखना चाहती हैं, तो कुछ छोटे-छोटे काम पहले ही निपटा लें. इससे आखिरी समय की भागदौड़ कम होगी और आप त्योहार को आराम से एंजॉय कर पाएंगी. राखी की थाली पहले से तैयार कर लें राखी बांधने के समय सबसे पहले पूजा की थाली की जरूरत पड़ती है. इसलिए इसे आखिरी वक्त के लिए न छोड़ें. एक साफ थाली में राखी, रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और थोड़ा सा फूल रख दें. अगर चाहें तो थाली को फूलों या छोटी सजावटी चीजों से सजा सकती हैं. रात में ही थाली तैयार करने से अगले दिन काफी समय बचेगा. भाई के लिए गिफ्ट पैक करके रखें (Raksha Bandhan Preparation Tips) राखी पर भाई को गिफ्ट देने का भी रिवाज है. अगर आपने उसके लिए कोई तोहफा खरीदा है, तो उसे उसी दिन पैक करने के बजाय पहले से तैयार रखें. गिफ्ट पेपर, रिबन या छोटा सा ग्रीटिंग कार्ड लगाकर इसे खास बनाया जा सकता है. यह भी पढ़ें: राखी पर गिफ्ट से पहले भेजें ये प्यारे मैसेज, पढ़ते ही चेहरे पर आ जाएगी स्माइल अपना आउटफिट और ज्वेलरी निकालकर रखें राखी वाले दिन तैयार होने में काफी समय लग जाता है. इसलिए एक रात पहले ही अपनी साड़ी, सूट या कोई भी पसंदीदा आउटफिट निकालकर रख लें. इसके साथ ज्वेलरी, चूड़ी, बिंदी, फुटवियर और बैग भी तैयार रखें. भाई की पसंद की मिठाई और नाश्ता रखें राखी पर सिर्फ मिठाई ही नहीं, भाई की पसंद का कोई नाश्ता या खाना भी तैयार रखा जा सकता है. अगर वह घर आने वाला है, तो उसकी पसंद की कोई डिश पहले से तय कर लें. ज्यादा मेहनत वाली चीज बनाने के बजाय ऐसी रेसिपी चुनें, जिसे आसानी से और कम समय में तैयार किया जा सके. इससे भाई को सरप्राइज भी मिलेगा और त्योहार का मजा भी बढ़ जाएगा. यह भी पढ़ें: भाई-बहन के लिए लगाएं ये प्यारे और दिल छू लेने वाले स्टेटस The post राखी बांधने से पहले बहनें जरूर कर लें ये काम, वरना त्योहार वाले दिन पड़ जाएंगे लेने के देने appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल बाढ़ की आंखों देखी: काला पड़ा नदी का पानी, मलबे के साथ बहती रहीं लाशें, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दहला देने वाली कहानी

त्रिशूली और नारायणी नदी के पुल पर मौजूद नया विचार के रिपोर्टर चंदन ने एक प्रत्यक्षदर्शी से बात की, जिसने बाढ़ का ऐसा खौफनाक मंजर देखा, जिसे याद कर आज भी उसकी रूह कांप उठती है. उसने बताया कि तेज बहाव में सब कुछ बहता जा रहा था. तभी उसकी नजर पानी में तैरती दो लाशों पर पड़ी. एक शव की हड्डियां तक बाहर निकली हुई थीं, जबकि दूसरा शव बुरी तरह क्षत-विक्षत होकर फुटबॉल की तरह गोल नजर आ रहा था. उसकी लगभग सारी हड्डियां टूट चुकी थीं. आंखों के सामने मौत का यह वीभत्स मंजर देखकर वह भीतर तक टूट गया. View on Instagram नेपाल में बाढ़ की तबाही का खौफनाक मंजर देखने वाला यह प्रत्यक्षदर्शी झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है. उसने बताया कि इस भयावह स्थिति के बीच घर से लगातार फोन आ रहे हैं. परिवार और रिश्तेदार बार-बार उसे वापस लौटने के लिए कह रहे हैं. सैकड़ों फोन उसके पास आ चुके हैं. हर कोई उसकी सलामती को लेकर चिंतित है. वह परिवार को समझाता है कि जहां है, सुरक्षित है. लेकिन इन फोन कॉल्स के बीच उसकी आवाज में भी अपनों की चिंता साफ झलकती है. उसने कहा, “हम यहां कमाने आए हैं, इसलिए लौटना आसान नहीं है.” ये भी पढ़ें: Nepal Flash Floods : अपनों की तलाश में अस्पतालों के बाहर जुटी बदहवास भीड़, एंबुलेंस के सायरन पर दौड़ रहे परिजन लग रहा था कि देखते ही देखते सारे पुल बह जाएंगे प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बाढ़ का मंजर इतना भयावह था कि ऐसा लग रहा था मानो आसमान टूटकर जमीन पर आ जाएगा और देखते ही देखते सारे पुल बह जाएंगे. नदियों का पानी पूरी तरह काला पड़ चुका था. तेज धार के साथ मलबे और शव बहते हुए आ रहे थे. हालात इतने खौफनाक थे कि बड़ी-बड़ी मछलियां भी पानी से निकलकर तड़प रही थीं. पानी इतना गंदा और जहरीला हो चुका था कि वे खुद को बचाने के लिए छटपटा रही थीं. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, कई मछलियां 10 से 15 किलो तक की थीं. चारों तरफ तबाही, चीख-पुकार और मौत का सन्नाटा पसरा था. हजारीबाग निवासी नारायण महतो इन दिनों नेपाल के देवघाट के पास स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं. The post नेपाल बाढ़ की आंखों देखी: काला पड़ा नदी का पानी, मलबे के साथ बहती रहीं लाशें, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दहला देने वाली कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Nepal Flash Flood Latest Updates Hindi: आंखों के सामने पानी में तैरती दिखीं लाशें, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई रूह कंपा देने वाली कहानी

Nepal Flood Live : नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने कुछ ही मिनटों में भारी तबाही मचा दी. तेज रफ्तार से आया पानी कई बस्तियों में घुस गया और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला. नया विचार की टीम अब ग्राउंड जीरो पर है और मौके से हालात की ताजा तस्वीर आपके सामने रख रही है. बाढ़ के बाद तबाही का मंजर कैसा है, कहां-कहां रास्ते बंद हैं और राहत-बचाव का काम किस तरह चल रहा है, जानिए हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में. The post Nepal Flash Flood Latest Updates Hindi: आंखों के सामने पानी में तैरती दिखीं लाशें, प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई रूह कंपा देने वाली कहानी appeared first on Naya Vichar.

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