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August 29, 2026

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उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी की ग्रैंड एंट्री: राष्ट्रपति शवकत ने किया स्वागत, एक ही कार में दिखे दोनों नेता

PM Modi Uzbekistan Visit: राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने ताशकंद हवाई अड्डे पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. यह प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है. ताशकंद पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया ‘‘राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के गर्मजोशी भरे स्वागत के बीच ताशकंद पहुंचा. उनके इस विशेष सम्मान के लिए आभारी हूं. उज्बेकिस्तान की यह मेरी चौथी यात्रा है, जो हमारे द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाती है.’’ पीएम मोदी ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया प्रधानमंत्री मोदी ने पहुंचने के बाद यांगी उज्बेकिस्तान पार्क का दौरा किया और स्वतंत्रता स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. राष्ट्रपति मिर्जियोयेव भी उनके साथ स्मारक तक गए. यह स्मारक देश की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ पर स्थापित किया गया था और यह स्वतंत्रता एवं सद्भावना के आदर्शों का प्रतीक है. मोदी दो देशों उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की यात्रा के पहले चरण में ताशकंद पहुंचे हैं. इस यात्रा का उद्देश्य मध्य एशिया में हिंदुस्तान की रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना और इस क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संबंधों को और गहरा करना है. पीएम मोदी व्यापार, निवेश, डिजिटल संपर्क और रक्षा पर करेंगे वार्ता प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार, निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करेंगे. ताशकंद में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करेंगे पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने उज्बेकिस्तान जाने से पहले कहा था कि वह ताशकंद में शास्त्री स्मारक और ‘ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ऑरिएनटल स्टडी’ स्थित महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा करेंगे. उन्होंने कहा कि ये दोनों देशों के बीच कायम घनिष्ठ सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंधों के प्रति सम्मान के प्रतीक हैं. ताशकंद से प्रधानमंत्री किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जापारोव के निमंत्रण पर बिश्केक जाएंगे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 26वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. ये भी पढ़ें: नेपाल में तबाही का VIDEO: 800 मीटर लंबा ग्लेशियर गिरा था टूटकर, अब तक 669 मौतें, 2426 लापता The post उज्बेकिस्तान में पीएम मोदी की ग्रैंड एंट्री: राष्ट्रपति शवकत ने किया स्वागत, एक ही कार में दिखे दोनों नेता appeared first on Naya Vichar.

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बुरे समय में कौन देता है साथ और कौन छोड़ जाता है हाथ? चाणक्य ने बताया सच्चे इंसान को पहचानने का आसान तरीका

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय का बहुत जानकार, होशियार और समझदार इंसान माना जाता है. उनकी बताई बातें आज भी हमें जिंदगी सही तरीके से जीने का रास्ता दिखाती हैं. उन्होंने इंसानों की सोच और उनके व्यवहार को बहुत करीब से समझा था. फिर उन्होंने ‘ज्ञान की बातें’ नाम की किताब लिखी. उनकी बातें सैकड़ों साल पुरानी होने के बाद भी आज के समय में बिल्कुल सच साबित होती हैं. चाणक्य का कहना था कि जब जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा हो और खुशियां हों, तब नए दोस्त बनाना बहुत आसान होता है. लेकिन इंसान की असली पहचान तब होती है जब उस पर अचानक कोई बड़ी मुसीबत आ जाए या पैसों की बहुत तंगी हो जाए. चाणक्य नीति हमें बहुत ही आसान तरीके से यह सिखाती है कि बुरे समय में सच्चे दोस्तों और स्वार्थी लोगों के बीच पहचान कैसे की जाती है. आज के इस आर्टिकल में हम बहुत ही सिंपल और आसान भाषा में यही समझेंगे कि मुश्किल वक्त में अपने और पराए का फर्क कैसे करें और सही इंसान को कैसे पहचानें. मुसीबत के समय ही होती है सच्ची परीक्षा जैसा चाणक्य बताते हैं, जब आपके पास सब कुछ ठीक होता है, तो आपके लिए दोस्त बनाना बहुत आसान हो जाता है. लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब आप खुद किसी मुसीबत में फंसते हैं. जो इंसान आपके बुरे समय में बिना किसी स्वार्थ के आपके साथ खड़ा रहता है, वही आपका सबसे सच्चा दोस्त होता है. लेकिन, जो लोग आपके अच्छे दिनों में आपके साथ रहते हैं, घूमते-फिरते हैं, लेकिन आप पर मुसीबत आते ही गायब हो जाते हैं या फिर बहाने बनाते हैं, इस तरह के लोग कभी भी आपके अपने नहीं हो सकते हैं. ये भी पढ़ें: परिवार को भी नहीं पता होनी चाहिए आपकी ये 5 बातें, चाणक्य की इस सलाह में छिपा है खुशहाल जिंदगी का राज पैसों की कमी में दिखती है लोगों की असली नीयत चाणक्य नीति के अनुसार, पैसों की तंगी किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ा मुश्किल का दौर होता है. चाणक्य कहते हैं कि जब आपके पास पैसे खत्म होते हैं, तभी आपके आसपास के लोगों का जो असली चेहरा होता है वह आपके सामने आता है. जो लोग आपके साथ सिर्फ आपके पैसों या फिर आपका फायदा उठाने के लिए जुड़े हुए थे, पैसों की तंगी होते ही वे तुरंत आपसे दूरी बनाने लग जाएंगे. लेकिन जो इंसान आपके पास एक रुपया न होने पर भी आपकी इज्जत करे, आपको हिम्मत दे और अपनी कैपेसिटी के हिसाब से आपकी मदद करे, वही इंसान जिंदगी में भरोसा करने लायक होता है. मुश्किल वक्त में अपनों की पहचान चाणक्य बताते हैं, किसी भी रिश्ते की सच्चाई उस समय पता चलती है जब घर पर कोई बड़ी मुसीबत आ जाए. एक सच्चा पार्टनर या फिर दोस्त वह होता है जो कठिन से कठिन हालात में भी आपका हाथ नहीं छोड़ता है और आपके साथ मिलकर उस परेशानी का मुकाबला करता है. अगर कोई भी इंसान आपके सुख और अच्छे समय में तो आगे-आगे रह रहा है, लेकिन दुखों के आते ही तुरंत पीछे हट जा रहा है, तो आपको यह समझ जाना चाहिए कि वह सिर्फ नाम का ही आपका अपना है. इंसान को परखने का सबसे सिंपल नियम चाणक्य नीति की सबसे बड़ी सीख और सबक यही है कि आपको कभी भी किसी पर भी आंखें मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए. किसी को भी अपना सच्चा दोस्त या फिर पार्टनर मानने से पहले यह जरूर देख लें कि वह मुसीबत के समय में आपके साथ कैसा बर्ताव कर रहा है. जो लोग सिर्फ आपके मुंह पर मीठी-मीठी बातें करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर गायब हो जाते हैं, उनसे तुरंत दूरी बना लेने में ही समझदारी है. दोस्तों की गिनती भले ही कम हो, लेकिन वे ऐसे होने चाहिए जो हर मोड़ पर आपके साथ खड़े रहें. ये भी पढ़ें: स्त्रीओं को अपनी ये 5 बातें हर किसी से रखनी चाहिए छिपाकर, शेयर कीं तो लोग उठा सकते हैं फायदा The post बुरे समय में कौन देता है साथ और कौन छोड़ जाता है हाथ? चाणक्य ने बताया सच्चे इंसान को पहचानने का आसान तरीका appeared first on Naya Vichar.

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म्याऊं-म्याऊं! मुंबई मेट्रो की पहली बिल्ली अधिकारी ने संभाला पदभार, जानिए पूरा मामला…

मुंबई हिंदुस्तान की आर्थिक राजधानी है. यहां हर रोज लाखों लोग अपनी मंजिलों तक पहुंचने के लिए लोकल ट्रेनों और मेट्रो का सहारा लेते हैं. इसी भागदौड़ भरी जिंदगी में, एक ऐसी समाचार आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है. मुंबई मेट्रो में एक बिल्ली को ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ (Chief Feline Officer) का पद दिया गया है. जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना. यह कोई मजाक नहीं, बल्कि हकीकत है. इस खास फैसले के पीछे की पूरी कहानी क्या है, आइए जानते हैं. एक बिल्ली, जो बनी मुंबई मेट्रो का चेहरा यह मामला तब चर्चा में आया जब मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में एक प्यारी सी बिल्ली की तस्वीर थी, जिसे ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ के तौर पर पेश किया गया था. इस पोस्ट ने तुरंत ही लोगों का ध्यान खींचा और यह वायरल हो गई. लोग यह जानने को उत्सुक थे कि आखिरकार एक बिल्ली को यह अहम पद क्यों और कैसे मिला. कौन हैं यह ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’? इस ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ का नाम ‘जीरा’ (Zeera) है. जीरा कोई आम बिल्ली नहीं है. वह मुंबई मेट्रो के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) मेट्रो स्टेशन पर रहती है. वह पिछले कुछ समय से स्टेशन परिसर का हिस्सा बन गई है और यात्रियों के साथ-साथ मेट्रो कर्मचारियों के बीच भी काफी लोकप्रिय है. जीरा की शांत और मिलनसार प्रकृति ने उसे स्टेशन का एक बहुत अहम हिस्सा बना दिया है. नियुक्ति के पीछे की असली वजह दरअसल, जीरा की ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ के तौर पर नियुक्ति एक औपचारिक पद नहीं है, बल्कि यह एक क्रिएटिव मार्केटिंग और पीआर (पब्लिक रिलेशन्स) का हिस्सा है. MMRCL का मकसद लोगों का ध्यान मेट्रो की ओर आकर्षित करना और यात्रा को और भी सुखद बनाना है. जीरा, जो पहले से ही स्टेशन पर एक जाना-पहचाना चेहरा है, इस पहल के लिए एकदम सही साबित हुई. MMRCL के एक अधिकारी के अनुसार, “हमारा विभाग चाहता था कि हमारी मेट्रो सेवा लोगों के दिलों में बस जाए. जीरा स्टेशन पर मौजूद है और यात्रियों को अक्सर उसका साथ मिलता है. उसे ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ बनाकर, हम न सिर्फ लोगों को हंसाना चाहते हैं, बल्कि यह भी दिखाना चाहते हैं कि हम अपने यात्रियों और अपने कर्मचारियों की छोटी-छोटी खुशियों का भी ख्याल रखते हैं.” जीरा का रोजमर्रा का ‘काम’ ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ के तौर पर ज़ीरा का काम असल में काफी मजेदार है. वह दिनभर स्टेशन पर घूमती है, यात्रियों को देखकर पूंछ हिलाती है, और कभी-कभी तो उनकी गोद में बैठकर प्यार भी करवाती है. शिशु उसे देखकर बहुत खुश होते हैं और कई यात्री तो उसके साथ तस्वीरें भी खिंचवाते हैं. स्टेशन पर जीरा की देखभाल मुंबई मेट्रो के कर्मचारी जीरा का बहुत ख्याल रखते हैं. वे उसे नियमित रूप से खाना-पीना देते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि वह स्वस्थ और सुरक्षित रहे. स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ के बीच भी जीरा आराम से रहती है और किसी को परेशान नहीं करती. उसकी मौजूदगी ने स्टेशन के माहौल को काफी सकारात्मक बना दिया है. लोगों की प्रतिक्रियाएं एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “वाह! मुंबई मेट्रो ने कमाल कर दिया. जीरा को ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ बनाना एक शानदार आइडिया है. इससे जरूर ज्यादा लोग मेट्रो इस्तेमाल करेंगे.” वहीं, एक इंस्टाग्राम यूजर ने कमेंट किया, “मेरी अगली मुंबई यात्रा पर मैं जरूर जीरा से मिलने जाऊँगा. यह सबसे क्यूट ‘अधिकारी’ है जिसे मैंने देखा है.” क्या होगा आगे? फिलहाल, जीरा अपनी ‘मुख्य बिल्ली अधिकारी’ की भूमिका का भरपूर आनंद ले रही है. मुंबई मेट्रो भी इस पहल से मिली लोगों की तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया से खुश है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यह खास फैसला मुंबई मेट्रो की छवि को और कितना बेहतर बनाती है और क्या यह पहल अन्य शहरों के लिए प्रेरणा बनती है. तब तक, जीरा मुंबई मेट्रो स्टेशन पर अपनी प्रजा के दिलों पर राज कर रही है. ये भी पढ़ें: J&K Drone Alert: राजौरी-पुंछ में दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी The post म्याऊं-म्याऊं! मुंबई मेट्रो की पहली बिल्ली अधिकारी ने संभाला पदभार, जानिए पूरा मामला… appeared first on Naya Vichar.

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नेपाल में तबाही का VIDEO: 800 मीटर लंबा ग्लेशियर गिरा था टूटकर, अब तक 669 मौतें, 2426 लापता

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का खौफनाक वीडियो सामने आया है. वीडियो में करीब 800 मीटर लंबा ग्लेशियर पहाड़ से टूटकर नीचे गिरता और अपने साथ बर्फ, पानी, कीचड़ व मलबे का सैलाब लाता नजर आ रहा है. इस आपदा में अब तक 669 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग अभी भी लापता हैं. तीन दिन बाद सामने आया ग्लेशियर टूटने का वीडियो ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को मिले नए फुटेज में हिमालय की एक पहाड़ी की चोटी से ग्लेशियर टूटने के बाद का भयावह दृश्य कैद हुआ है. वीडियो में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा अचानक पहाड़ से अलग होकर नीचे घाटी की तरफ गिरता दिखाई देता है. इसके साथ बर्फ, चट्टान, कीचड़ और पानी तेजी से नीचे की ओर बहते नजर आते हैं. तिब्बत से टूर गाइड के समूह ने बनाया वीडियो बताया गया है कि टूर गाइड जीहा यीति और उनके साथ मौजूद लोगों का समूह बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऊंचे स्थान पर पहुंचा था. वहां से उन्हें नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे थे. इसी दौरान उन्होंने ग्लेशियर के टूटने की घटना को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. अचानक टूटकर नीचे गिरा विशाल ग्लेशियर फुटेज में ग्लेशियर का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा अचानक टूटता दिखाई देता है. बर्फ और चट्टानों का यह विशाल हिस्सा पहाड़ से नीचे गिरते हुए घाटी की तरफ बढ़ता है. इसके बाद पूरे इलाके में धूल और मलबे का गुबार छा जाता है. वैज्ञानिकों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ से टूटकर हजारों फीट नीचे गिरा था. बर्फ, पानी और मलबे ने मचाई तबाही ग्लेशियर टूटने के बाद पहाड़ से नीचे की ओर पानी, बर्फ और मलबे का बेहद तेज बहाव शुरू हो गया. देखते ही देखते यह सैलाब नदी की घाटी में फैल गया और रास्ते में आने वाली इमारतों व अन्य ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया. ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पानी और मलबे का यह प्रवाह बेहद तेज था और कई जगहों पर इमारतें कुछ ही सेकेंड में इसकी चपेट में आ गईं. रास्ते बंद मिले, तबाही का हुआ अंदाजा टूर गाइड और उनका समूह जब बाद में पहाड़ से नीचे की ओर आया, तो उन्हें कई रास्ते बंद मिले. इसके बाद उन्हें आसपास के इलाकों में आई तबाही की जानकारी मिली. अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. वैज्ञानिकों के लिए भी बड़ी चुनौती विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ग्लेशियर टूटने की घटनाओं का पहले से सटीक अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है. हिमालय में बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना और जमी हुई जमीन यानी पर्माफ्रॉस्ट का कमजोर होना पहाड़ी इलाकों को अस्थिर कर सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसे घटनाक्रम भविष्य में और गंभीर आपदाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं ये भी पढ़ें: चीन के जनरल झाओ जोंगकी पर गिरी गाज, गलवान हिंसा के मास्टरमाइंड को शी ने किया बर्खास्त The post नेपाल में तबाही का VIDEO: 800 मीटर लंबा ग्लेशियर गिरा था टूटकर, अब तक 669 मौतें, 2426 लापता appeared first on Naya Vichar.

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J&K Drone Alert: राजौरी-पुंछ में दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर संभाग के राजौरी और पुंछ जिलों में शुक्रवार ( 28 अगस्त ) रात बालाकोट के बेहरूती गांव में ड्रोन मंडराता नजर आया और बाद में मंगलनार-दाबरोटे की तरफ बढ़कर पाकिस्तान लौट गया. हिंदुस्तानीय सेना ने इन इलाकों में बड़े पैमाने पर सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया है. सुरक्षा बलों की चौकसी बढ़ा दी गई है और हर संदिग्ध हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है. इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है. सुरक्षा बलों की बढ़ी हुई चौकसी सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती इलाकों में कई बार संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं. इन घटनाओं के बाद, सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों जिलों में तलाशी अभियान को और तेज कर दिया है. सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ या संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. सेना के जवान हर गांव, जंगल और पहाड़ी इलाके की बारीकी से जांच कर रहे हैं. ड्रोन की आवाजाही वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, और रात के समय भी निगरानी लगातार जारी है. ड्रोन की गतिविधियों का बढ़ता खतरा आतंकवादियों द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल हथियारों, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक नए तरीके के तौर पर किया जा रहा है. राजौरी और पुंछ जैसे इलाके, जो अपनी पहाड़ी और घने जंगलों वाली भौगोलिक स्थिति के कारण थोड़े संवेदनशील माने जाते हैं, ऐसे खतरों के प्रति अधिक सचेत रहने की आवश्यकता है. हाल की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है, और इसी वजह से सेना ने इस बार सर्च ऑपरेशन में कोई भी कसर नहीं छोड़ने का फैसला किया है. स्थानीय प्रशासन का सहयोग सेना के साथ-साथ, स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सहयोग कर रहा है. लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या वस्तु की सूचना तुरंत सुरक्षा बलों को दें. पुलिस भी इस अभियान में सेना के साथ मिलकर काम कर रही है. गांवों और कस्बों में नियमित रूप से गश्त लगाई जा रही है ताकि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे सुरक्षित महसूस कर सकें. पहले भी देखी गई है ऐसी घटनाएं यह पहली बार नहीं है जब जम्मू संभाग में ड्रोन गतिविधि देखी गई हो. पिछले कुछ सालों में, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स गिराने की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं. खास तौर पर, जम्मू हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को और भी सतर्क कर दिया था. इन घटनाओं को देखते हुए, सेना ने सीमावर्ती इलाकों में अपनी निगरानी प्रणाली को और मज़बूत किया है. सेना का कड़ा रुख सेना के अधिकारी इस मामले को लेकर बेहद गंभीर हैं. उनका कहना है कि किसी भी तरह की घुसपैठ या नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा. इस बार का सर्च ऑपरेशन बहुत व्यापक है और इसमें आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. ड्रोन का पता लगाने के लिए विशेष उपकरण लगाए गए हैं और सेना के जवान हर पल सतर्क हैं. भविष्य की रणनीति राजौरी और पुंछ जैसे इलाकों में ड्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए, सेना और सुरक्षा एजेंसियां ​​अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर रही हैं. सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने के साथ-साथ, ड्रोन विरोधी तकनीकों पर भी जोर दिया जा रहा है. इस बार के सर्च ऑपरेशन का मकसद सिर्फ संदिग्ध ड्रोन गतिविधि का पता लगाना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना भी है. सेना का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू और उसके आसपास का इलाका पूरी तरह से सुरक्षित रहे. ये भी पढ़ें: MP Weather Alert: एमपी के पूर्वी हिस्से में अगले 4 दिन बरसेगा पानी, रीवा-शहडोल समेत 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट The post J&K Drone Alert: राजौरी-पुंछ में दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सेना का सर्च ऑपरेशन जारी appeared first on Naya Vichar.

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मानसून में बाइक राइडर्स की बल्ले-बल्ले: बारिश में भी आपकी राइड सूखी रखेगी डिटैचेबल छतरी

गर्मी से राहत देने वाले मानसून की पहली फुहारें, लेकिन दोपहिया वाहन चालकों के लिए शुरू हो जाती है एक नई मुश्किल. हिंदुस्तान में मानसून की फुहारें गर्मी से राहत तो दिलाती हैं, लेकिन सड़कों पर दोपहिया वाहनों से निकलने वाले करोड़ों लोगों के लिए यह मौसम किसी परीक्षा से कम नहीं होता. बारिश और हवा में भीगते हुए बाइक चलाना बाइक वालों के लिए एक मुश्किल काम बन जाता है. लेकिन अब मुंबई के दो भाइयों ने इस रोजमर्रा की चुनौती का एक अनूठा और व्यावहारिक समाधान खोज निकाला है. आईआईटी बॉम्बे से पढ़े इंजीनियर विधेय और उनके वास्तुकार (आर्किटेक्ट) भाई कश्यप ने मिलकर एक खास बाइक पर आसानी से लगने और हटने वाली छतरी तैयार की है, जिसे ‘सेपाल शील्ड’ (SEPAL Shield) नाम दिया गया है. यह एक ऐसी सुरक्षा छतरी है. इसे बिना किसी प्रोफेशनल मैकेनिक या बाइक में छेद किए महज कुछ ही मिनटों में आसानी से इंस्टॉल हो जाती है. आज देश भर में 20,000 से अधिक राइडर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं और बारिश के दिनों में भी सुगम व सुरक्षित सफर का आनंद ले रहे हैं. आप भी इसका अनुभव कर सकते हैं. तीन साल की मेहनत: कैसे बनी सेपाल शील्ड इस नवाचार की शुरुआत एक साधारण सोच से हुई थी कि क्या दोपहिया वाहनों को बिना कार में बदले, किफायती तरीके से वही सुरक्षा दी जा सकती है जो एक चार पहिया गाड़ी में मिलती है? इस विचार को असल में बदलने का सफर काफी कठिन था. दोनों भाइयों को प्रोटोटाइप तैयार करने और उसे सड़क पर उतारने में लगभग तीन साल का समय लगा. इस दौरान उन्हें तेज हवा के दबाव, पानी के रिसाव और हिंदुस्तानीय सड़कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा. कई असफलताओं के बाद उन्होंने ऐसा डिज़ाइन विकसित किया जो न केवल राइडर को बारिश, धूल और तेज हवा से बचाता है, बल्कि तेज रफ्तार में भी बाइक के संतुलन को पूरी तरह बनाए रखता है. डिलीवरी बॉयज से लेकर नौकरीपेशा लोगों के लिए वरदान मानसून के दौरान बाइक सवारों के लिए भीगना केवल कपड़ों का गीला होना भर नहीं है, बल्कि यह उनकी आजीविका और उत्पादकता से जुड़ी गंभीर समस्या है. फूड और कूरियर डिलीवरी करने वाले एजेंट्स के लिए सामान को सुरक्षित और सूखा रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. कल्पना कीजिए, एक डिलीवरी बॉय के पास एक बड़ा ऑर्डर है, लेकिन लगातार बारिश से उसका सामान खराब होने का डर बना रहता है. वहीं दूसरी ओर, कॉलेज जाने वाले छात्र और दफ्तर के कर्मचारी बारिश में पूरी तरह भीगने के कारण समय और स्वास्थ्य दोनों गंवा बैठते हैं. जिन मध्यमवर्गीय परिवारों का रोज़ का काम और आमदनी दोपहिया वाहन पर टिकी है, उनके लिए यह शील्ड बेहद मददगार साबित हो रही है. इसने बारिश के कारण होने वाले व्यावसायिक नुकसान और असुविधा को काफी हद तक कम कर दिया है. यह आपकी समस्या का एक बेहतरीन हल है. 20,000 राइडर्स का भरोसा और जमीनी नवाचार का संदेश शुरुआती दौर में एक प्रयोग के रूप में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज देश भर के हजारों चालकों का पसंदीदा साधन बन चुका है. 20,000 से अधिक दोपहिया चालक अब बिना बारिश की चिंता किए अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं. यह सफलता दर्शाती है कि बड़े बदलाव लाने के लिए हमेशा जटिल या बहुत ज्यादा महंगी तकनीक की जरूरत नहीं होती. कभी-कभी आसपास मौजूद उन समस्याओं को पहचानना और उनका व्यावहारिक हल ढूंढना ही सबसे बड़ा इनोवेशन बन जाता है, जिन्हें लोग अब तक अपनी मजबूरी मानकर स्वीकार कर चुके थे. ये भी पढ़ें: हफ्तों तक पार्किंग में खड़ी रहती है कार? इन 5 बातों का रखें ध्यान वरना नुकसान पक्का है ये भी पढ़ें: चाहे आप Alto चला रहे हो या Mercedes… यह एक गलती कार को पहुंचा सकती है बड़ा नुकसान अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) {“type”:”faq”,”question”:”1. सेपाल शील्ड (SEPAL Shield) क्या है और यह कैसे काम करती है?”,”answer”:”सेपाल शील्ड बाइक और स्कूटरों के लिए बनाई गई एक ऐसी छतरी और विंडशील्ड प्रणाली है जो आसानी से लगाई और हटाई जा सकती है. यह राइडर को बारिश, तेज हवा और धूप से बचाती है. इसे लगाने के लिए बाइक में किसी भी तरह की ड्रिलिंग या मैकेनिक की मदद की आवश्यकता नहीं होती.”}{“type”:”faq”,”question”:”2. क्या तेज रफ्तार में सेपाल शील्ड से बाइक का बैलेंस बिगड़ता है?”,”answer”:”नहीं, इसे हिंदुस्तानीय सड़कों और मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है. तीन साल के कड़े विंड-रेजिस्टेंस टेस्ट के बाद तैयार किया गया यह डिज़ाइन तेज रफ्तार में भी बाइक की स्थिरता बनाए रखता है.”}{“type”:”faq”,”question”:”3. इस इनोवेटिव प्रॉडक्ट को किसने बनाया है?”,”answer”:”इसे मुंबई के दो भाइयों- कश्यप (जो कि एक आर्किटेक्ट हैं) और उनके भाई विधेय (आईआईटी बॉम्बे से पासआउट इंजीनियर) ने मिलकर तैयार किया है.”} The post मानसून में बाइक राइडर्स की बल्ले-बल्ले: बारिश में भी आपकी राइड सूखी रखेगी डिटैचेबल छतरी appeared first on Naya Vichar.

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JSSC माध्यमिक आचार्य रिजल्ट पर उठे सवाल , 28% सफल निजी यूनिवर्सिटी से – 5 साल बाद PG करने वाले भी पास

सुनील कुमार झा की रिपोर्ट रांची. राज्य में माध्यमिक आचार्य पद पर नियुक्ति के लिए हुई परीक्षा के परिणाम के बाद सफल अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. जेएसएससी द्वारा अनुशंसित अभ्यर्थियों में करीब 28 फीसदी निजी विश्वविद्यालयों से पीजी की डिग्री हासिल करने वाले हैं. कुल 377 सफल अभ्यर्थियों में से 244 अभ्यर्थी निजी विश्वविद्यालयों से पढ़े हैं. इनमें 108 अभ्यर्थी राज्य के दो निजी विश्वविद्यालयों से पीजी की डिग्री हासिल करने वाले हैं. मामला केवल निजी विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं मामला केवल निजी विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है. सफल अभ्यर्थियों की शैक्षणिक समय-सीमा की पड़ताल में कई ऐसे मामले सामने आये हैं, जहां स्नातक की पढ़ाई पूरी करने और पीजी करने के बीच पांच से आठ वर्ष का अंतर है. इसके बाद इन अभ्यर्थियों ने माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में सफलता हासिल की. स्नातक के कई साल बाद पीजी करने पर सवाल माध्यमिक आचार्य पद पर नियुक्ति के लिए वर्ष 2025 में 23 विषयों में पहली बार स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया गया था. ऐसे में स्नातक के पांच से आठ वर्ष बाद पीजी की पढ़ाई करना और फिर नियुक्ति परीक्षा में सफल होना जांच का विषय बन गया है. आठ वर्ष बाद पीजी की पढ़ाई करीब 100 सफल अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के लगभग पांच से आठ वर्ष बाद पीजी की पढ़ाई की. ऐसे में यह जांच जरूरी मानी जा रही है कि इन वर्षों के दौरान पीजी में नामांकन कब लिया गया, नियमित पढ़ाई कब हुई, परीक्षा कब आयोजित हुई और डिग्री कब जारी की गयी. समाजशास्त्र और नेतृत्व शास्त्र में सबसे अधिक सफल निजी विश्वविद्यालयों से सफल अभ्यर्थियों की संख्या समाजशास्त्र और नेतृत्व शास्त्र विषय में सबसे अधिक है. समाजशास्त्र में 22 और नेतृत्व शास्त्र में 33 अभ्यर्थी निजी विश्वविद्यालयों से सफल हुए हैं. गृह विज्ञान में भी एक निजी विश्वविद्यालय से 14 अभ्यर्थियों के सफल होने की जानकारी सामने आयी है. कई अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के वर्ष में ही पूरी की पीजी सफल अभ्यर्थियों में ऐसे लोगों की संख्या भी उल्लेखनीय है, जिन्होंने 2022-24 और 2023-25 सत्र में पीजी की पढ़ाई पूरी की है. माध्यमिक आचार्य नियुक्ति के लिए वर्ष 2025 में आवेदन आमंत्रित किया गया था. ऐसे में नियुक्ति परीक्षा से ठीक पहले या नियुक्ति वाले वर्ष में पीजी की डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों की शैक्षणिक समय-सीमा भी जांच का अहम बिंदु बन गयी है. सफल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक भी जांच के दायरे में हैं. उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के अंक 65 से 68 फीसदी के आसपास हैं. इस तरह की एकरूपता को भी जांच का विषय माना जा रहा है. खोरठा में एक ही निजी विवि से नौ अभ्यर्थी सफल खोरठा विषय में सफल नौ अभ्यर्थियों का संबंध एक ही निजी विश्वविद्यालय से है. खास बात यह है कि इस विषय में शीर्ष सात सफल अभ्यर्थियों ने भी इसी निजी विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है. इस कारण इस विषय के परिणाम और संबंधित अभ्यर्थियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है. ये भी पढ़ें: पुलिस एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो के खिलाफ खोला मोर्चा, 5 दिन में गिरफ्तारी की मांग इसलिए उठ रहे हैं सवाल पहला: कई अभ्यर्थियों ने स्नातक के तुरंत बाद पीजी नहीं किया. स्नातक और पीजी के बीच पांच से आठ वर्ष का अंतर है. दूसरा: वर्ष 2025 में 23 विषयों में पहली बार पीजी प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन जारी हुआ. नियुक्ति परीक्षा से कुछ समय पहले कई अभ्यर्थियों ने पीजी की डिग्री हासिल की. तीसरा: निजी विश्वविद्यालयों से सफल कई अभ्यर्थियों के अंक 65 से 68 फीसदी के आसपास हैं. अंकों में इस तरह की समानता भी जांच का विषय है. चौथा: खोरठा विषय में सफल नौ अभ्यर्थियों का एक ही निजी विश्वविद्यालय से होना और शीर्ष सात अभ्यर्थियों का उसी विश्वविद्यालय से पीजी करना भी सवाल खड़े करता है. ये भी पढ़ें: JPSC APP परीक्षा रद्द मामले में अभ्यर्थियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने प्रशासन के फैसले पर स्टे देने से किया इनकार इन बिंदुओं पर हो सकती है जांच -अभ्यर्थी के नामांकन फॉर्म और नामांकन की तारीख -पीजी में प्रवेश के लिए इस्तेमाल किये गये स्नातक प्रमाणपत्र -हर सेमेस्टर/वर्ष की परीक्षा की तारीख -परीक्षा में अभ्यर्थी की उपस्थिति का रिकॉर्ड -आंतरिक मूल्यांकन और लिखित परीक्षा के प्राप्तांक -अंकपत्र और रिजल्ट जारी होने की तारीख -मूल रजिस्टर में दर्ज अंक और जारी अंकपत्र का मिलान -डिग्री/प्रोविजनल प्रमाणपत्र जारी होने की तारीख -संबंधित सत्र में विश्वविद्यालय की मान्यता और पाठ्यक्रम की स्थिति The post JSSC माध्यमिक आचार्य रिजल्ट पर उठे सवाल , 28% सफल निजी यूनिवर्सिटी से – 5 साल बाद PG करने वाले भी पास appeared first on Naya Vichar.

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ग्रेटर नोएडा में बच्ची की हत्या के आरोपी का एनकाउंटर, 24 घंटे में पुलिस ने किया ढेर, CCTV में दिखा था पूरा सच

UP Police Encounter: जिस बच्ची को परिवार शुक्रवार से गांव की गलियों और आसपास के इलाकों में तलाश रहा था, उसका शव खेत में बोरी के अंदर मिला. ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी बलराज को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर एनकाउंटर में मार गिराया. शनिवार शाम करीब 5 बजे आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की. पुलिस की फायरिंग में वह घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्ची की मौत से परिवार में मातम पसरा है. CCTV ने खोला बच्ची के लापता होने का राज बच्ची 28 अगस्त को घर से अचानक लापता हो गई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की और पांच टीमें लगाई गईं. आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान बच्ची दोपहर करीब 3 बजे बलराज के साथ जाती दिखाई दी, इसके करीब दो घंटे बाद एक अन्य फुटेज में बलराज बोरी लेकर जाता नजर आया. इसके बाद परिवार के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. बलराज बच्ची के चाचा के घर में किराए पर रहता था और परिवार से परिचित था. बोरी में मिला मासूम का शव पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपराध कबूल किया. उसकी निशानदेही पर गांव से करीब दो किलोमीटर दूर खेत में बोरी के अंदर बच्ची का शव बरामद किया गया. परिवार का आरोप है कि परिचित होने के कारण बलराज बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी. पुलिस ने घटनास्थल की जांच के लिए FSL टीम को भी बुलाया और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज पुलिस के मुताबिक बच्ची के शव का डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमॉर्टम कराया है. रिपोर्ट से उसकी मौत की वजह और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है. पुलिस दुष्कर्म समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है. DCP शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, बच्ची की तलाश के लिए पांच टीमें लगाई गई थीं और CCTV समेत अन्य माध्यमों से लगातार छानबीन की जा रही थी. परिजन बोले- बच्ची को इंसाफ चाहिए बच्ची के चाचा ने बताया कि बलराज उनके यहां किराए पर रहता था और परिवार के लोग उसे जानते थे. उन्होंने कहा कि CCTV में आरोपी को बच्ची को बोरी में ले जाते देखा गया, जिसके बाद उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया. परिवार ने प्रशासन और पुलिस से बच्ची को इंसाफ दिलाने की मांग की है. मासूम की मौत ने परिवार के साथ पूरे इलाके को झकझोर दिया है. यह भी पढ़ें: UP का अगला मुख्यमंत्री कौन? पूर्व IG का सनसनीखेज दावा, योगी और अखिलेश में किसका पलड़ा भारी The post ग्रेटर नोएडा में बच्ची की हत्या के आरोपी का एनकाउंटर, 24 घंटे में पुलिस ने किया ढेर, CCTV में दिखा था पूरा सच appeared first on Naya Vichar.

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रेलवे ट्रैक पर रील बनाने और स्टंट करनेवालों पर सख्ती, 3 महीने में 6608 लोगों पर जुर्माना, 853 अरेस्ट

Indian Railways News: सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत, लाइक्स और शेयर्स के चक्कर में रेलवे ट्रैक पर जानलेवा स्टंट करने और रील बनाने वालों पर पूर्व रेलवे ने सख्ती शुरू कर दी है. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले 3 महीने में पश्चिम बंगाल और झारखंड से कम से कम 853 लोगों को अरेस्ट किया है. ये गिरफ्तारियां, हावड़ा, सियालदह, आसनसोल और मालदा रेल मंडलों में हुई हैं. पूर्व रेलवे जोन के चारों मंडलों में 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक आरपीएफ ने स्टंटबाजों के खिलाफ कुल 828 मामले दर्ज किये. इनके खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत केस दर्ज करते हुए 853 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 6,608 मामलों में जुर्माना वसूली की गयी. इससे कुल 33,12,900 रुपए की पेनल्टी और 3,18,220 रुपए का अदालती जुर्माना की वसूली की गयी. सबसे ज्यादा गिरफ्तारी सियालदह और मालदा मंडल में रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा गिरफ्तारी सियालदह और मालदा मंडल में हुई. इन दोनों मंडलों में 300-300 लोगों को गिरफ्तार किया गया. जुर्माना वसूली के मामले में हावड़ा मंडल सबसे आगे रहा. यहां 3,468 आरोपियों से जुर्माना वसूला गया. ये भी पढ़ें: सियालदह स्टेशन पर 7 घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लेगा रेलवे, 5 ट्रेनों को किया गया रद्द, यहां देखें लिस्ट जान खतरे में डाल पटरियों को पार करते हैं लोग : आरपीएफ पूर्व रेलवे का कहना है कि रेलवे पटरियों को अनधिकृत रूप से पार करने की वजह से लोगों की जान को खतरा रहता है. रेलवे ट्रैक ट्रेनों के लिए बने हैं. इसे पैदल पार करने की कोशिश न करें. यह तस्वीरें खींचने और सोशल मीडिया रील बनाने की भी जगह नहीं हैं. पटरियों पर थोड़ी-सी असावधानी या गलत निर्णय अनमोल जीवन को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है. स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश रेलवे सुरक्षा बल, पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिय नंदन सिन्हा ने ट्रेनों या पटरियों पर किसी भी तरह का जोखिम भरा स्टंट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सिन्हा ने कहा है कि रेलवे ट्रैक पर आवाजाही और जोखिम भरे सोशल मीडिया स्टंट करते पाये जाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा रही है. ये भी पढ़ें: हावड़ा में 60 घंटे का मेगा ब्लॉक : आज ही जान लें न्यू कॉम्प्लेक्स से चलने वाली 53 ट्रेनें कहां से चलेंगीं किस तरह के स्टंट किये जा रहे थे? रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के दौरान आरपीएफ ने पाया कि लोग बेहद खतरनाक हरकतें कर रहे थे. चलती ट्रेनों के दरवाजे पर लटककर खतरनाक स्टंट के वीडियो बना रहे थे. रेलवे पटरियों के बीच खड़े होकर या ट्रेन के बेहद नजदीक प्री-वेडिंग फोटो शूट किये जाने जा रहे थे. फुट ओवरब्रिज का इस्तेमाल न करके शॉर्टकट के लिए पटरियां पार करने वालों को भी पकड़ा गया. स्टंटबाजों के खिलाफ मंडलवार कार्रवाई हावड़ा मंडल : 96 मामलों में 97 लोगों की गिरफ्तारी हुई. 3,468 लोगों पर जुर्माना लगाया गया और उनसे 17,33,900 रुपए की वसूली की गयी. अदालत के आदेश पर 51,320 रुपए जुर्माना की वसूली हुई. मालदा मंडल : 298 मामले दर्ज किये गये और 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 1,145 लोगों से 5,78,500 रुपए जुर्माना की वसूली की गयी. कोर्ट के आदेश पर 37,500 रुपए की जुर्माना की वसूली हुई. सियालदह मंडल : 282 मामले दर्ज किये गये और 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया. 1,434 लोगों पर जुर्माना लगाकर उनसे 7,18,500 रुपए वसूले गये. कोर्ट के आदेश से कुल 1,38,500 रुपए जुर्माना वसूला गया. आसनसोल मंडल : 152 मामलों में 156 लोगों की गिरफ्तारी हुई. 561 लोगों पर जुर्माना लगाकर 2,82,000 रुपए की वसूली की गयी. कोर्ट के आदेश से 90,900 रुपए जुर्माने के रूप में वसूले गये. ये भी पढ़ें: रेल यात्रियों के लिए खुशसमाचारी! हावड़ा-पटना वंदे हिंदुस्तान को मिला नया स्टॉपेज, जानें अब कहां-कहां रुकेगी सेमी हाई स्पीड ट्रेन कोई भी रील या शॉर्टकट जान से ज्यादा कीमती नहीं : सीपीआरओ पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) शिबराम माझी ने कहा- कोई भी सोशल मीडिया वीडियो या शॉर्टकट, जान से ज्यादा कीमती नहीं हो सकता. जान है तो जहान है. मेरा लोगों से आग्रह है कि रेल यात्रा के दौरान रील्स में नहीं, असल जिंदगी में जियो. हर व्यक्ति की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है. The post रेलवे ट्रैक पर रील बनाने और स्टंट करनेवालों पर सख्ती, 3 महीने में 6608 लोगों पर जुर्माना, 853 अरेस्ट appeared first on Naya Vichar.

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स्टार स्पोर्ट्स और जियो हॉटस्टार पर नहीं देख पाएंगे एशिया कप के मैच, जानें कहां होगी भारत के मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग

Women’s Asia Cup 2026 Live Streaming: स्त्री एशिया कप 2026 का आगाज हो चुका है और हिंदुस्तानीय स्त्री टीम भी अपने अभियान के लिए तैयार है. टूर्नामेंट में हिंदुस्तान के मुकाबलों को लेकर फैंस के बीच खासा उत्साह है. खासकर 5 सितंबर को होने वाले हिंदुस्तान-पाकिस्तान मुकाबले का इंतजार क्रिकेट प्रेमियों को बेसब्री से है. यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि दो देशों की क्रिकेट भावनाओं का संगम है. ऐसे में अगर आप भी टीम इंडिया के मैच लाइव देखना चाहते हैं तो पहले जान लें कि हिंदुस्तान में इन मुकाबलों का लाइव प्रसारण और स्ट्रीमिंग कहां होगी. स्त्री एशिया कप में हिंदुस्तान का पहला मुकाबला हिंदुस्तान और थाईलैंड के बीच स्पोर्ट्सा जाएगा. उसके बाद 3 सितंबर को हिंदुस्तान का सामना हांगकांग से होगा. वहीं इस टूर्नामेंट का सबसे अहम मुकाबला 5 सितंबर 2026 को पाकिस्तान के साथ होगा. वहीं इस टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. हिंदुस्तान का स्त्री एशिया कप 2026 शेड्यूल तारीख मुकाबला समय 30 अगस्त 2026 हिंदुस्तान vs थाईलैंड रात 8:00 बजे 3 सितंबर 2026 हिंदुस्तान vs हांगकांग (चीन) रात 8:00 बजे 5 सितंबर 2026 हिंदुस्तान vs पाकिस्तान रात 8:00 बजे यहां देख पाएंगे हिंदुस्तान के मैच स्त्री एशिया कप 2026 के मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर की जा रही है. सोनी लिव की आधिकारिक वेबसाइट पर टूर्नामेंट के मैच और वीडियो कंटेंट उपलब्ध हैं. यानी मोबाइल, लैपटॉप या अन्य सपोर्टेड डिवाइस पर फैंस सोनी लिव के जरिए हिंदुस्तान के मुकाबले लाइव देख सकते हैं. सोनी लिव पर स्त्री एशिया कप के मैचों के साथ लाइव अपडेट, हाइलाइट्स और अन्य वीडियो कंटेंट भी उपलब्ध हैं. ये भी पढ़ें: जो रूट ने तोड़ा रिकी पोंटिंग का महारिकॉर्ड, घर पर सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले खिलाड़ी बने टीवी पर कहां देख सकते हैं? अगर आप मोबाइल या लैपटॉप के बजाय टीवी पर मैच देखना पसंद करते हैं तो स्त्री एशिया कप 2026 का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जा रहा है. सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क और सोनी लिव ने टूर्नामेंट के लिए विशेषज्ञ पैनल और मल्टीलिंगुअल कमेंट्री की भी घोषणा की है. इसलिए फैंस को हिंदुस्तान के मुकाबले देखने के लिए स्टार स्पोर्ट्स या जियोहॉटस्टार की तलाश करने की जरूरत नहीं है. 5 सितंबर को हिंदुस्तान-पाकिस्तान का महामुकाबला हिंदुस्तानीय स्त्री टीम अपने अभियान की शुरुआत 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ करेगी. इसके बाद हिंदुस्तान का मुकाबला हांगकांग, चाइना से होगा. लेकिन टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को स्पोर्ट्सा जाएगा. यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होगा और हिंदुस्तानीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा. हिंदुस्तान की टीम इस टूर्नामेंट में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में उतरेगी. टीम की नजरें स्त्री एशिया कप का खिताब जीतने और अपना अभियान शानदार तरीके से आगे बढ़ाने पर होंगी. ये भी पढ़ें: इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू पर पाक टीम ने मैच छोड़ने की दी थी धमकी, अब कोच ने किया ऐसा खुलासा The post स्टार स्पोर्ट्स और जियो हॉटस्टार पर नहीं देख पाएंगे एशिया कप के मैच, जानें कहां होगी हिंदुस्तान के मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग appeared first on Naya Vichar.

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