कथावाचिका राधा किशोरी ने सुनाई भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा, श्रद्धालुओं ने किया पुष्पवर्षा से स्वागत
नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | प्रखंड क्षेत्र के बरूणा पुल चौक पर शुक्रवार की शाम से भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के लिए पहुंचीं कथावाचिका राधा किशोरी का श्रद्धालुओं ने फूलों से स्वागत किया। इसके बाद कथा स्थल पर पूजा-अर्चना कर भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। पहले दिन कथावाचिका ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया। कृष्ण जन्म की कथा सुनकर कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथावाचिका राधा किशोरी ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ने लगा और अधर्म का प्रभाव बढ़ गया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की स्थापना और प्राणियों के कल्याण के लिए अवतार लिया। उन्होंने बताया कि मथुरा के कारागार में देवकी और वसुदेव के यहां भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। जन्म के समय कारागार में दिव्य वातावरण बन गया। वसुदेव भगवान श्रीकृष्ण को लेकर गोकुल पहुंचे, जहां उन्होंने नंद बाबा और माता यशोदा के घर उनका पालन-पोषण कराया।
कथावाचिका ने कहा कि श्रीकृष्ण का बाल जीवन भी उनकी लीलाओं से भरा रहा। उन्होंने कंस के अत्याचार से लोगों को मुक्ति दिलाई और समय-समय पर असुरों का संहार कर धर्म की रक्षा की। श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को प्रेम, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार केवल एक युग की घटना नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश है।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। कथा स्थल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं की टोली सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।