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Author name: Vinod Jha

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10वीं पास के लिए रेलवे में सुनहरा मौका, 11000 से ज्यादा पदों पर निकली वैकेंसी

RRB ALP Vacancy 2026: रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती अभियान के तहत देशभर के विभिन्न रेलवे जोन में कुल 11127 पदों पर भर्ती की जाएगी. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 15 मई 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे. कब तक कर सकेंगे आवेदन? RRB ALP भर्ती 2026 के लिए आवेदन की लास्ट डेट 14 जून 2026 तय की गई है. उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे लास्ट समय का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें. कौन कर सकता है आवेदन? इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है. साथ ही संबंधित ट्रेड में ITI या तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा होना चाहिए. कुछ टेक्निकल डिग्री धारक उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र होंगे. RRB-ALP-NoticeDownload आयु सीमा इस भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए अलग-अलग कैटेगरी के लिए आयु सीमा अलग-अलग है- अनरिजर्व और EWS के लिए न्यूनतम आयु सीमा – 18 साल अधिकतम आयु सीमा – 30 साल OBC के लिए न्यूनतम आयु सीमा – 18 साल अधिकतम आयु सीमा – 33 साल SC/ST के लिए न्यूनतम आयु सीमा – 18 साल अधिकतम आयु सीमा – 35 साल कैसे करें अप्लाई? सबसे पहले कैंडिडेट्स indianrailway.gov.in पर जाएं. यहां ALP Recruitment की लिंक पर क्लिक करें. बेसिक जानकारी देकर रजिस्ट्रेशन करें. रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें. एप्लिकेशन फॉर्म ध्यान से भरें. लास्ट में फीस जमा करके फॉर्म अपलोड कर दें. जोनवाइज वैकेंसी डिटेल रेलवे के विभिन्न जोन में ALP पदों की संख्या अलग-अलग रखी गई है. सबसे ज्यादा वैकेंसी साउथ ईस्टर्न रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे में निकाली गई हैं. प्रमुख जोन की वैकेंसी साउथ ईस्टर्न रेलवे – 1531 पद ईस्ट कोस्ट रेलवे – 1625 पद नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे – 1276 पद सेंट्रल रेलवे – 1400 पद नॉर्दर्न रेलवे – 740 पद ईस्ट सेंट्रल रेलवे – 700 पद साउथ सेंट्रल रेलवे – 674 पद वेस्ट सेंट्रल रेलवे – 541 पद कितनी मिलेगी सैलरी? ALP पद पर चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-2 के अनुसार वेतन मिलेगा. शुरुआती बेसिक सैलरी लगभग 19,900 रुपये होगी. अन्य भत्तों को मिलाकर सैलरी और अधिक हो सकती है. कैसे होगा चयन? भर्ती प्रक्रिया में CBT-1, CBT-2, CBAT (एप्टीट्यूड टेस्ट), डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट शामिल होंगे. अंतिम चयन मेरिट और मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा. यह भी पढ़ें- SBI में ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर के पदों पर निकली भर्ती, जानें कैसे करें अप्लाई The post 10वीं पास के लिए रेलवे में सुनहरा मौका, 11000 से ज्यादा पदों पर निकली वैकेंसी appeared first on Naya Vichar.

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कोयले का प्रोडक्शन बढ़ा मगर नहीं बढ़ी खपत, देखें केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे का स्पेशल इंटरव्यू

बेरमो से राकेश वर्मा की रिपोर्ट Special Interview: कोयला उत्पादन में लगातार वृद्धि के बावजूद खपत में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होने से कोल इंडिया के पास भारी मात्रा में कोयले का स्टॉक जमा हो गया है. केंद्रीय कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि वर्तमान में कोल इंडिया के पास 115 मिलियन टन से अधिक कोयला स्टॉक मौजूद है. गुरुवार को बेरमो दौरे के दौरान सीसीएल के कथारा गेस्ट हाउस में नया विचार से विशेष बातचीत में मंत्री ने कहा कि पहले देश में कोयले की कमी के कारण कई पावर प्लांट बंद होने की स्थिति में पहुंच जाते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. पावर प्लांटों के पास भी पर्याप्त कोयला भंडार मौजूद है. बरसात के दिनों में काम आयेगा कोल स्टॉक केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि बरसात के मौसम में कोयला उत्पादन प्रभावित होता है. ऐसे समय में मौजूदा स्टॉक बिजली उत्पादन और उद्योगों की जरूरत पूरी करने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है. विदेशों में भी हिंदुस्तानीय कोयले की मांग बढ़ाने की तैयारी सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि हिंदुस्तान अब अपने उत्पादित कोयले को विदेशों में निर्यात करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रशासन इस बात पर फोकस कर रही है कि हिंदुस्तानीय कोयले की खपत अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़े. उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पूरी दुनिया गैस संकट से जूझ रही है और भविष्य में कोयले की मांग बढ़ सकती है. ऐसे में हिंदुस्तान अभी से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए बाजार तलाशने की रणनीति पर काम कर रहा है. सौर ऊर्जा के साथ कोयले की भी बनी रहेगी भूमिका मंत्री ने कहा कि देश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि भविष्य में ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों का संतुलन जरूरी होगा और कोयला अभी भी देश की ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ बना रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में घरेलू उपयोग में भी कोयले के इस्तेमाल को लेकर नई संभावनाएं तलाश की जा रही हैं. कोकिंग कोल के आयात को कम करने की तैयारी एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रशासन कोकिंग कोल के आयात को कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. देश में नई कोल वाशरियां स्थापित की जा रही हैं और बंद पड़ी वाशरियों को फिर से चालू करने की योजना बन रही है. उन्होंने बताया कि कोल इंडिया बंद कोल वाशरियों को 30 वर्षों के लिए निजी स्टील कंपनियों को देने की तैयारी कर रही है. हालांकि इन कंपनियों को वाश्ड कोल केवल अपने प्लांट के उपयोग के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति होगी. खुले बाजार में बेचने का अधिकार नहीं दिया जाएगा. वाशरियों के चालू होने से देश को होगा फायदा मंत्री ने कहा कि कोकिंग कोयला इस्पात उत्पादन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. कई वाशरियों के फिर से शुरू होने से देश को विदेशों से आयातित वाश्ड कोल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे कोल इंडिया को भी आर्थिक लाभ होगा और देश की विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी. कोल गैसीफिकेशन पर तेजी से काम सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि प्रशासन कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है. इससे रासायनिक उर्वरक और गैस आधारित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोयले के वैकल्पिक उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. चार लेबर कोड का बचाव चार लेबर कोड के विरोध पर मंत्री ने कहा कि यह कानून मजदूरों और खदान कर्मचारियों के हित में बनाया गया है. उन्होंने विपक्ष पर गलतफहमी फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब जीएसटी लागू हुआ था, तब भी अनावश्यक विरोध किया गया था. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह हर प्रशासनी निर्णय का विरोध कर रहा है. कोयला चोरी रोकने पर मंत्रालय स्तर पर मंथन कोलियरियों से कोयला चोरी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि इस समस्या को रोकने के लिए मंत्रालय स्तर पर लगातार मंथन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में इस विषय पर लंबी बैठक हुई और कई ठोस कदमों पर चर्चा की गई. प्रशासन का प्रयास है कि कोयला चोरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाकर राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. 147 बंद भूमिगत खदानों को किया जायेगा फाइनल क्लोजर बेरमो दौरे के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि कोल इंडिया की 147 भूमिगत खदानें लंबे समय से बंद पड़ी हैं. इन्हें फाइनल क्लोजर की प्रक्रिया के तहत बंद किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बंद खदानों के कारण भू-स्खलन और दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रहती हैं. प्रशासन इन जोखिमों को समाप्त करना चाहती है ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. इसे भी पढ़ें: लातेहार के छिपादोहर में स्टेशन हटाने पर भड़के ग्रामीण, धरना-प्रदर्शन कर बंद कराया बाजार झरिया एक्शन प्लान पर तेजी से काम झरिया एक्शन प्लान के संबंध में मंत्री ने कहा कि इस परियोजना पर काफी गतिशील तरीके से काम चल रहा है. लगातार इसकी समीक्षा की जा रही है. उन्होंने बताया कि लोगों के लिए आवास, शुद्ध पेयजल, बिजली, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है. साथ ही पशुओं के लिए भी रैन बसेरा तैयार करने की योजना है. कई परियोजनाओं के टेंडर जारी हो चुके हैं और कई योजनाओं का डीपीआर तैयार कर लिया गया है. मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में झरिया क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. मौके पर भाजपा नेता विक्रम पांडेय भी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें: चतरा पुलिस को बड़ी सफलता, 10 लाख रुपये का अफीम बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार The post कोयले का प्रोडक्शन बढ़ा मगर नहीं बढ़ी खपत, देखें 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Aakhri Sawal: दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने संजय दत्त की फिल्म का किया रिव्यू, बोली- प्रभावशाली कहानी कहने की शैली

Aakhri Sawal: संजय दत्त स्टारर ‘आखिरी सवाल’ 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बन चुकी है. सिनेमाघरों में रिलीज से पहले, फिल्म निर्माताओं ने दिल्ली में एक ग्रैंड प्रीमियर का आयोजन किया, जिससे माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिरकत की और फिल्म की कास्ट और टीम के साथ फिल्म देखी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आखिरी सवाल का किया रिव्यू ‘आखिरी सवाल’ के प्रीमियर के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्विटर पर मूवी का रिव्यू किया. उन्होंने तारीफ करते हुए कहा कि फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के प्रेरणादायक सफर को खूबसूरती से दर्शाती है और सामाजिक सेवा तथा राष्ट्रवाद को जगाने में इसके योगदान को उजागर करती है. उन्होंने फिल्म की प्रभावशाली कहानी कहने की शैली की भी सराहना की और निर्देशक-कलाकारों के एक्टिंग की जमकर तारीफ की. फिल्म “आख़री सवाल” की स्टारकास्ट और टीम के साथ इस विशेष फिल्म को देखने का अवसर मिला। यह फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा, राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान, सेवा, संगठन और सांस्कृतिक चेतना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। देश के… pic.twitter.com/uNNT6BZLYa — Rekha Gupta (@gupta_rekha) May 14, 2026 रेखा गुप्ता ने आखिरी सवाल के तारीफ में क्या कहा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्वीट किया, “मुझे फिल्म ‘आखिरी सवाल’ की स्टार कास्ट और टीम के साथ यह खास फिल्म देखने का मौका मिला. यह फिल्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 साल के प्रेरणादायक सफर, राष्ट्र निर्माण, सेवा, संगठन और सांस्कृतिक चेतना में इसके योगदान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का प्रयास है. देश के सामाजिक और वैचारिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी गंभीरता से उठाया गया है.” उन्होंने आगे लिखा, “राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग जी, संजय दत्त जी, अमित साध, नमशी चक्रवर्ती, समीरा रेड्डी और पूरी टीम को इस सार्थक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई. @RSSorg @abhijeetwarang1 @duttsanjay #AakhriSawal.” आखिरी सवाल के बारे में आखिरी सवाल का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता अभिजीत मोहन वारंग ने किया है. निखिल नंदा की ओर से प्रस्तुत इस फिल्म का निर्माण निखिल नंदा और संजय दत्त ने किया है, जबकि पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्ज्वल आनंद इसके सह-निर्माता हैं. बॉलीवुड फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. यह भी पढ़ें- Bollywood-South Box Office Clashes: सलमान वर्सेज प्रभास तक, 2026-2027 के बीच इन सुपरस्टार्स की टक्कर से हिल जाएगा बॉक्स ऑफिस The post Aakhri Sawal: दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने संजय दत्त की फिल्म का किया रिव्यू, बोली- प्रभावशाली कहानी कहने की शैली appeared first on Naya Vichar.

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केरल में जनता के हीरो वीडी सतीशन को पार्टी ने दिया सम्मान, 18 मई को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

V D Satheesan : केरल विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के दस दिन बाद केरल में मुख्यमंत्री कौन होगा इसकी घोषणा हो गई है. प्रदेश में कांग्रेस गठबंधन यूडीएफ की जीत से पहले तक वीडी सतीशन विपक्ष के नेता थे और उनकी छवि एक जुझारू, शालीन और जनता के लिए उपलब्ध नेता की रही है. उन्होंने प्रशासन को कई मुद्दों पर घेरा और उनकी नीतियों को लेकर आक्रामक रहे. केरल में कांग्रेस को मजबूती दी वीडी सतीशन केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता थे. वे एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने जनता के मुद्दों को समझा और उनसे जुड़े. वे हमेशा जनता के लिए उपलब्ध रहते थे. उन्होंने पिछले 5 सालों में विधानसभा में केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के खिलाफ आक्रामक रुख रखा और उन्हें भ्रष्टाचार और कई प्रशासनिक मुद्दों पर घेरा. सतीशन ने चुनाव से पहले यह कहा था कि अगर यूडीएफ 100 सीटें नहीं जीतता है, तो वे नेतृत्व छोड़ देंगे. चुनाव परिणाम सतीशन के अनुसार ही आए. ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ता यह मानते हैं कि केरल में यूडीएफ अगर जीता है, तो उसमें प्रमुख योगदान वीडी सतीशन का है. यही वजह है कि केरल के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए सड़क पर भी उतरे थे.उनके संघर्ष की वजह से पार्टी केरल में मजबूत हुई और पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री पद सौंपने का निर्णय लेकर एक तरह से उनके कार्यों का सम्मान किया है. प्रशासन में रहने का अनुभव नहीं होने के बाद भी दिखाई मैच्योरिटी जुझारू नेता वीडी सतीशन वीडी सतीशन 2001 से विधानसभा चुनाव जीत रहे हैं, लेकिन उनके पास प्रशासन में रहकर काम करने का अनुभव नहीं है. इसके बावजूद उन्होंने मुख्यमंत्री बनने से पहले ही यह कहकर अपनी मैच्योरिटी का परिचय दिया कि वह और अन्य नेता एक टीम के रूप में काम करेंगे और नया केरल बनाएंगे. चुनाव अभियान के दौरान ही उन्होंने यह कहा था कि यूडीएफ गठबंधन की जीत होगी, ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे सतीशन को अपनी जीत का अनुमान पहले से ही हो गया था. राहुल गांधी ने 2021 में सतीशन को बनाया था विपक्ष का नेता 2021 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस पार्टी हार गई थी, तब उस कठिन दौर में राहुल गांधी ने सतीशन को विपक्ष का नेता बनाया था. उस वक्त यह फैसला जोखिम भरा लग रहा था, लेकिन आज के समय में उस निर्णय की तारीफ हो रही है. अब पार्टी के भीतर उसे एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है.सतीशन के जमीनी स्तर के काम और स्थानीय मुद्दों पर लगातार ध्यान देने से संगठन और मतदाताओं का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है. छात्र आंदोलन से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे वीडी सतीशन ने छात्र आंदोलन से नेतृत्व की शुरुआत की थी और आज के दौर में वे केरल की सबसे मुखर आवाजों में से एक हैं.वीडी सतीशन ने खुद को रणनीतिक तौर पर कुशल नेता के रूप में स्थापित किया है, जो कानूनी समझ और नेतृत्वक चतुराई का संयोजन करते हुए हाल के वर्षों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा को फिर से मजबूत करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं.एर्नाकुलम जिले के नेट्टूर निवासी सतीशन की नेतृत्व में शुरुआती पकड़ एसएच कॉलेज थेवरा में छात्र नेतृत्व में सक्रियता के जरिये बनी और बाद में उन्होंने महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में छात्र नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं. 1996 में परवूर विधानसभा क्षेत्र से हार के साथ शुरू हुआ नेतृत्वक सफर सतीशन का चुनावी सफर 1996 में परवूर विधानसभा क्षेत्र से एक हार के साथ शुरू हुआ, लेकिन उन्होंने इस असफलता को जल्द ही एक नये अवसर में बदल दिया. अपने अगले प्रयास में उन्होंने शानदार जीत हासिल की और इसके बाद लगातार इस सीट को बरकरार रखते हुए दो दशक से अधिक समय में मजबूत जमीनी पकड़ बनाई.पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण के निष्ठावान समर्थक रहे सतीशन ने परवूर से 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज की. इस प्रकार विधानसभा की नेतृत्व में उनका 25 वर्षों से अधिक का सफर तय हुआ है. ये भी पढ़ें : क्या है पीएम मोदी की 7 अपील का राज, जानिए विदेशी मुद्रा भंडार कब होता है प्रभावित? The post केरल में जनता के हीरो वीडी सतीशन को पार्टी ने दिया सम्मान, 18 मई को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ appeared first on Naya Vichar.

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बंकिम बाबू के वंशज नैहाटी को बनायेंगे इंटरनेशनल टूरिस्ट हब, दिखेगी ‘आनंदमठ’ की झलक

खास बातें बंकिम बाबू के पैतृक घर की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं ‘वंदे मातरम’ को मिला वास्तविक सम्मान नैहाटी के लिए मास्टर प्लान : झील, रिसोर्ट और डेस्टिनेशन वेडिंग बंकिम म्यूजियम बनाने की है अमित शाह की योजना नैहाटी और चिनसुरा का गहरा नाता बदल रही बंगाल की नेतृत्व Sumitro Chatterjee BJP MLA Naihati: ‘वंदे मातरम’ के रचयिता और महान उपन्यासकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की जन्मस्थली नैहाटी की सूरत अब बदलने वाली है. नैहाटी से हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्वाचित विधायक और बंकिम बाबू के वंशज सुमित्रो चटर्जी ने इस ऐतिहासिक कस्बे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल बनाने का बीड़ा उठाया है. बंकिम बाबू के पैतृक घर की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं विधायक पद की शपथ लेने के बाद सुमित्रो चटर्जी ने स्पष्ट किया कि अब बंकिम बाबू के पैतृक घर की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विजन को साझा करते हुए नैहाटी के काठालपाड़ा गांव को एक नये सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की. ‘वंदे मातरम’ को मिला वास्तविक सम्मान शपथ ग्रहण के बाद सुमित्रो चटर्जी ने पिछली प्रशासनों पर तीखा हमला बोला. चटर्जी ने कहा कि पूर्व की राज्य और केंद्र प्रशासनों ने ‘वंदे मातरम’ को वह स्थान नहीं दिया, जिसका वह हकदार था. प्रशासनी कार्यक्रमों में इसे कभी पूर्ण रूप से नहीं गाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली प्रशासनों ने बंकिम बाबू के आवास को केवल ‘विरासत भवन’ घोषित कर खानापूर्ति की, लेकिन पर्यटकों के लिए वहां कोई बुनियादी सुविधा विकसित नहीं की. इसे भी पढ़ें : बंगाल के स्कूलों में सुबह-सुबह वंदे मातरम गाना अनिवार्य, शुभेंदु अधिकारी प्रशासन ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी करने को कहा नैहाटी के लिए मास्टर प्लान : झील, रिसोर्ट और डेस्टिनेशन वेडिंग विधायक सुमित्रो चटर्जी ने नैहाटी के विकास के लिए कई नायाब सुझाव पेश किये हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में मौजूद एक बड़ी लेकिन बेकार पड़ी झील को साफ कर वहां मत्स्य पालन शुरू किया जायेगा. पर्यटकों के ठहरने के लिए झील के पास एक आधुनिक रिसोर्ट बनाने की योजना है. नैहाटी को ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ स्थल के रूप में प्रमोट करने का भी उनका सपना है. इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बंकिम म्यूजियम बनाने की है अमित शाह की योजना अमित शाह की योजना के अनुसार, यहां बंकिम चंद्र की बहुआयामी प्रतिभा, उनके साहित्य और राष्ट्रवादी विचारधारा को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जायेगा. Sumitro Chatterjee BJP MLA Naihati: नैहाटी और चिनसुरा का गहरा नाता ‘वंदे मातरम’ की रचना 1875-76 के दौरान हुई थी. सुमित्रो चटर्जी ने बताया कि भले ही इसकी रचना स्थल के रूप में हुगली के चिनसुरा का नाम लिया जाता है, लेकिन नैहाटी का इसमें बराबर का योगदान है. हुगली नदी के 2 किनारों पर स्थित ये दोनों शहर बंगाल की राष्ट्रवादी चेतना के प्रतीक हैं. इसे भी पढ़ें : ब्यूटी पार्लर वाली दीदी और RSS की खामोश गूंज, जानें कैसे भाजपा ने ममता के किला को ढाहने के लिए बिछाया माइक्रो-कैंपेन का जाल बदल रही बंगाल की नेतृत्व बंकिम चंद्र के वंशज होने के नाते सुमित्रो चटर्जी का भाजपा की टिकट पर जीतना और अब नैहाटी के कायाकल्प की बात करना, बंगाल की बदलती नेतृत्व में एक बड़ी सांस्कृतिक जीत माना जा रहा है. अब वह दिन दूर नहीं जब दुनिया भर के पर्यटक नैहाटी आकर उस मिट्टी को नमन कर सकेंगे जिसने देश को अपना राष्ट्रगीत दिया. इसे भी पढ़ें 75 साल की तपस्या : श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों से शुभेंदु अधिकारी के राजतिलक तक, जानें कैसे संघ ने खामोशी से बदल दी बंगाल की सत्ता The post बंकिम बाबू के वंशज नैहाटी को बनायेंगे इंटरनेशनल टूरिस्ट हब, दिखेगी ‘आनंदमठ’ की झलक appeared first on Naya Vichar.

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श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय A टीम का ऐलान, वैभव सूर्यवंशी की एंट्री, तिलक वर्मा को कमान

देखें पूरी हिंदुस्तान ए टीम तिलक वर्मा (कप्तान), प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, रियान पराग (उपकप्तान), आयुष बडोनी, निशांत सिंधु, हर्ष दुबे, सूर्यांश शेडगे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), विप्रज निगम, यश ठाकुर, युद्धवीर सिंह, अंशुल कंबोज, अरशद खान. 🚨 News 🚨 India A squad for ODI tri-series in Sri Lanka announced. The upcoming tri-series is scheduled to be held in June, 2026. More Details ▶️ https://t.co/ZmL2u1boAW pic.twitter.com/7WXzZeeUFq — BCCI (@BCCI) May 14, 2026 The post श्रीलंका दौरे के लिए हिंदुस्तानीय A टीम का ऐलान, वैभव सूर्यवंशी की एंट्री, तिलक वर्मा को कमान appeared first on Naya Vichar.

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जेल से बाहर आने के बाद क्या बोल गए झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, भावुक हुए परिजन और समर्थक

Alamgir Alam, रांची: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब दो साल तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम गुरुवार को जेल से बाहर आ गए हैं. हाल ही में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है. जेल से बाहर निकलने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की. न्यायालय का जताया आभार 2 साल बाद जेल से बाहर आने के सवाल पर आलमगीर आलम ने सबसे पहले न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि एक लंबे समय बाद मैं जेल से बाहर आया हूं. मुझे माननीय न्यायालय से बेल मिली है, इसलिए मैं सबसे पहले न्यायालय का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं.” Also Read: धनबाद में कांग्रेस ने अंचल अधिकारी के खिलाफ खोला मोर्चा, सीओ के खिलाफ थाने में कराया केस दर्ज कार्यकर्ताओं का उमंग देख जताई खुशी दो साल बाद भी समर्थकों के भारी जमावड़े और उत्साह को देखकर आलमगीर आलम भावुक नजर आए. उन्होंने अपने समर्थकों को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया. उन्होंने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि दो साल पहले मैं जो छोड़कर गया था, आज भी वही उमंग और वही उत्साह बरकरार है. जो कार्यकर्ता और सहयोगी पहले मेरे साथ थे, वे आज भी उसी जोश के साथ खड़े हैं. यही मेरी असली पूंजी है. #WATCH | Ranchi: Former Jharkhand minister and senior Congress leader Alamgir Alam released from Birsa Munda Central Jail Ranchi, after he, along with his PS was granted bail by the Supreme Court on Monday. The then rural development minister Alamgir Alam and his PS Sanjeev Lal… pic.twitter.com/EEiybdY8b3 — ANI (@ANI) May 14, 2026 संघर्ष के लिए तैयार: आलमगीर आलम जब आलमगीर आलम से आगे के नेतृत्वक सफर और संघर्ष के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार हैं. हालांकि, समर्थकों की भारी नारेबाजी के बीच उन्होंने अपनी बात पूरी की और संकेत दिया कि आने वाला सफर संघर्षपूर्ण होगा. इससे पहले जैसे ही वह बाहर निकले परिजनों और उनके समर्थकों ने फूल-मालाओं से लाद दिया. उनके बाहर निकलते ही समर्थकों ने ‘ आलमगीर आलम जिंदाबाद’ के नारों से पूरे परिसर को गूंजायमान कर दिया. Also Read: 68 साल के बुजुर्ग पर 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप, पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार The post जेल से बाहर आने के बाद क्या बोल गए झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, भावुक हुए परिजन और समर्थक appeared first on Naya Vichar.

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ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमला, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित

Strait of Hormuz: हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज पर बुधवार को हमला हुआ था. हालांकि अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया. विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अस्वीकार्य बताया. हिंदुस्तान ने हमले की निंदा की विदेश मंत्रालय ने कहा- बुधवार को ओमान के तट के पास हिंदुस्तानीय ध्वज वाले एक जहाज पर हुआ हमला अस्वीकार्य है. हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा, जहाज पर सवार हिंदुस्तानीय चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और हम उन्हें बचाने के लिए ओमान के अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं. व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना गलत : विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिंदुस्तान इस बात को दोहराता है कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने और बेगुनाह चालक दल सदस्यों को खतरे में डालने, या किसी और तरह से नौवहन और वाणिज्य की स्वतंत्रता में रुकावट डालने से बचना चाहिए. ये भी पढ़ें: Video : डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे मिलाया शी जिनपिंग से हाथ The post ओमान तट के पास हिंदुस्तानीय ध्वज वाले जहाज पर हमला, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित appeared first on Naya Vichar.

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तमिलनाडु: सरकारी कर्मचारियों को तोहफा, विजय सरकार ने DA में की 2% की वृद्धि

Tamil Nadu DA Hike: इस संशोधन के साथ महंगाई भत्ता (DA) 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा. यह वृद्धि एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी. Tamil Nadu CM Vijay announces that the dearness allowance, currently at 58 per cent for government officials and teachers, will be increased to 60 per cent effective from 01.01.2026 pic.twitter.com/sTuwfx2o4q — ANI (@ANI) May 14, 2026 राज्य प्रशासन पर सालाना 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से राज्य प्रशासन पर सालाना 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. प्रशासन आवश्यक अतिरिक्त धनराशि आवंटित करेगी और प्रशासनी अधिकारियों, शिक्षकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करेगी. विजय कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने और लागू करने पर कर रहे हैं काम विजय ने लोगों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने और उन्हें लागू करने के लिए कदम उठाने का संकल्प लिया है. The post तमिलनाडु: प्रशासनी कर्मचारियों को तोहफा, विजय प्रशासन ने DA में की 2% की वृद्धि appeared first on Naya Vichar.

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शनि जयंती पर सरसों तेल, काले तिल और दीपक का महत्व

Shani Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर शनि जयंती मनाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन दिन न्याय के देवता शनि देव का जन्म हुआ था. इसलिए यह दिन शनि आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं, विधि-विधान से शनि पूजा करते हैं और जीवन के कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शनि पूजा से बाधाएं कम होती हैं, रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. शनि जयंती 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त इस वर्ष शनि जयंती की तिथि को लेकर पंचांग अनुसार थोड़ा असमंजस देखा जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 05 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर 17 मई 2026 को देर रात 01 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगी. हिंदू परंपरा में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी. यह संयोग और भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव का दिन है. शनि पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्रियों का महत्व शनि पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री केवल अनुष्ठानिक वस्तुएं नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक अर्थों से जुड़ी होती हैं. सरसों का तेल, काले तिल और दीपक शनि आराधना के प्रमुख अंग माने जाते हैं. बिहार, झारखंड और अन्य क्षेत्रों में इनका प्रयोग विशेष श्रद्धा के साथ किया जाता है. सरसों तेल: नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक सरसों का तेल शनि देव को अत्यंत प्रिय माना जाता है. इसे अर्पित करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और ग्रह दोष शांत होते हैं. भक्त तेल का दीपक जलाकर या प्रतिमा पर अर्पित करके शनि कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं. काले तिल: कर्म और शुद्धि का प्रतीक काले तिल शनि देव से गहराई से जुड़े माने जाते हैं. इन्हें अर्पित करने से पापों के प्रभाव कम होने और मानसिक शांति मिलने की मान्यता है. कई श्रद्धालु इस दिन तिल का दान भी करते हैं, जिसे अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. दीपक: अंधकार से प्रकाश की ओर यात्रा शनि मंदिरों या पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाना आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है. यह अज्ञान, भय और बाधाओं से मुक्ति का संदेश देता है. माना जाता है कि दीपक की लौ शनि देव की कृपा को आकर्षित करती है और जीवन में स्थिरता तथा अनुशासन लाती है. The post शनि जयंती पर सरसों तेल, काले तिल और दीपक का महत्व appeared first on Naya Vichar.

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