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Author name: Vinod Jha

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PBKS vs MI: पंजाब किंग्स की लगातार पांचवीं हार, मुंबई ने 6 विकेट से जीता मुकाबला

PBKS vs MI:आईपीएल 2026 का 58वां मुकाबला पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच स्पोर्ट्सा गया. जिसमें मुंबई इंडियंस ने 6 विकेट से जीत हासिल की. यह पंजाब किंग्स की लगातार पांचवीं हार है. इस जीत के साथ मुंबई ने पंजाब किंग्स का स्पोर्ट्स खराब कर दिया. हालांकि, मुंबई की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है. हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, धर्मशाला में मुंबई इंडियंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब की शुरुआत अच्छी रही. प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह के बीच पहले विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी हुई. प्रियांश 22 रन बनाकर आउट हो गए. प्रभसिमरन की अर्धशतकीय पारी वहीं एक छोर पर प्रभसिमरन ने मोर्चा संभाला रखा. लेकिन 32 गेंदों में 57 रन बनाकर आउट हो गए. जबकि कूपर कोनोली 21 रन बनाकर चलते बने. यहां से मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजी तोड़ी लडखड़ा गई. लेकिन अंत में अजमतउल्लाह उमरजई ने 17 गेंदों पर 38 रनों की पारी स्पोर्ट्सकर पंजाब को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. विष्णु विनोद 15 और जेवियर बार्टलेट ने 18 रन बनाए. इसके बदौलत पंजाब की टीम 8 विकेट के नुकसान पर 200 रन बनाए. मुंबई के लिए शार्दुल ठाकुर ने 4 और दीपक चाहर ने 2 विकेट चटकाए. मुंबई की अच्छी शुरुआत जवाब में इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत भी अच्छी रही. रयान रिकल्टन और रोहित शर्मा के बीच पहले विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी की. रिकल्टन 48 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद नमन धीर 9 और रोहित शर्मा 25 रन बनाकर चलते बने. मुंबई ने 88 के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिया. तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारी उसके बाद तिलक वर्मा और शेरफेन रदरफोर्ड के बीच चौथे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई. 20 रन बनाकर रदरफोर्ड आउट हो गए. तिलक वर्मा ने लड़ाई जारी रखी और अपना अर्धशतक पूरा किया. उशके बाद तिलक ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखी और विल जैक्स के साथ मिलकर टीम को जीत दिला दी. तिलक वर्मा ने नाबाद 75 और विल जैक्स ने नाबाद 25 रनों की पारी स्पोर्ट्सी. मुंबई इंडियंस ने यह मुकाबला 19.5 ओवर में जीता. पंजाब के लिए अजमतउल्लाह उमरजई ने 2 विकेट चटकाए. यह भी पढ़ें: श्रीलंका दौरा: हिंदुस्तानीय A टीम का ऐलान, वैभव सूर्यवंशी और झारखंड के कुशाग्र की एंट्री, तिलक वर्मा को कमान The post PBKS vs MI: पंजाब किंग्स की लगातार पांचवीं हार, मुंबई ने 6 विकेट से जीता मुकाबला appeared first on Naya Vichar.

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युवराज के पिता योगराज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज, महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का आरोप

Yograj Singh Controversial Dialogue: पुलिस के अनुसार, योगराज सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर 36 पुलिस स्टेशन में हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की धारा 79 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 62A के तहत FIR दर्ज की गई है. एडवोकेट उज्ज्वल भसीन की शिकायत पर योगराज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज पूर्व क्रिकेटर और अभिनेता योगराज सिंह की वेब-सीरीज ‘लुख्खे’ में बोले गए एक डायलॉग पर एडवोकेट उज्ज्वल भसीन ने कहा, मैंने युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह के खिलाफ SSP चंडीगढ़ को एक शिकायत सौंपी है. उनका एक वीडियो ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहा है जिसमें उन्होंने स्त्रीओं के लिए इतनी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है कि मैं उसे दोहरा भी नहीं सकता. अगर कोई उस बयान को सुने, तो वह शर्म से डूब जाएगा. उन्होंने वेब-सीरीज में इतनी खराब भाषा का इस्तेमाल किया है, जिसे शायद सोशल मीडिया पर लाखों बार देखा गया है. मैंने अपनी शिकायत में यह जिक्र किया है कि SSP चंडीगढ़ यह सुनिश्चित करें कि योगराज सिंह के खिलाफ केस दर्ज हो, और डायरेक्टरों तथा प्रोड्यूसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. #WATCH | Mohali, Punjab | On former cricketer and actor Yograj Singh’s dialogue in web-series ‘Lukkhe’, Advocate Ujjval Bhasin says, “I have submitted a complaint to SSP Chandigarh against Yograj Singh, father of Yuvraj Singh… A video of his is circulating online in which he… pic.twitter.com/SB87JNft5Z — ANI (@ANI) May 13, 2026 पंजाब स्त्री आयोग ने भी लिया एक्शन योगराज सिंह के खिलाफ पंजाब स्त्री आयोग ने भी स्वत: संज्ञान लिया है. पंजाब राज्य स्त्री आयोग की चेयरपर्सन ने डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को पत्र लिखा और वरिष्ठ अधिकारी से जांच करवाते हुए वेब-सीरीज के अभिनेता, लेखक, निर्देशक, निर्माता और अन्य संबंधितों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. स्त्री आयोग ने एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी है. वीडियो वायरल होने के बाद योगराज सिंह के खिलाफ कार्रवाई की हुई मांग योगराज सिंह के खिलाफ मामला तब दर्ज किया गया जब वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. स्त्रीओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर योगराज सिंह की जमकर आलोचना हुई और कार्रवाई की मांग उठने लगी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है. The post युवराज के पिता योगराज सिंह के खिलाफ मामला दर्ज, स्त्रीओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का आरोप appeared first on Naya Vichar.

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जस्टिस काटजू ने TMC की महिला सांसदों को बताया ‘मैकबेथ की चुड़ैल’, महुआ मोईत्रा ने किया करारा पलटवार

खास बातें काटजू का विवादित पोस्ट- फेयर इज फाउल एंड फाउल इज फेयर पहले भी विवादों में रहे हैं जस्टिस काटजू महुआ मोईत्रा का फायरब्रांड जवाब- इलाज की जरूरत है काटजू का बयान बंगाल की नारी शक्ति का अपमान : महुआ सोशल मीडिया पर छिड़ा महासंग्राम व्यक्तिगत नहीं रहा मार्कंडेय और महुआ का वाकयुद्ध Justice Katju Controversy TMC MPs: अपनी बेबाक और अक्सर विवादित टिप्पणियों के लिए मशहूर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू फिर चर्चा में हैं. इस बार उनके निशाने पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) की स्त्री सांसद हैं. काटजू ने सोशल मीडिया पर टीएमसी की स्त्री सांसदों की तुलना शेक्सपियर के नाटक ‘मैकबेथ’ की 3 चुड़ैलों (Witches of Macbeth) से कर दी है. टीएमसी सांसद महुआ मोईत्रा ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए काटजू को अपनी ‘मानसिक स्थिति’ पर ध्यान देने की सलाह दी है. काटजू का विवादित पोस्ट- फेयर इज फाउल एंड फाउल इज फेयर जस्टिस काटजू ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर टीएमसी की स्त्री ब्रिगेड पर तंज कसते हुए ‘मैकबेथ’ नाटक की पंक्तियों का सहारा लिया. काटजू ने टीएमसी की स्त्री सांसदों की एक तस्वीर साझा करते हुए उनकी तुलना उन 3 चुड़ैलों से की, जो मैकबेथ के पतन की भविष्यवाणी करती हैं. उन्होंने लिखा कि ये ‘चुड़ैलें’ बंगाल की नेतृत्व में अराजकता और भ्रम पैदा कर रही हैं. पहले भी विवादों में रहे हैं जस्टिस काटजू जस्टिस काटजू इससे पहले भी बंगाल की नेतृत्व और वहां के नेताओं पर अपनी तीखी टिप्पणियों के लिए विवादों में रहे हैं, लेकिन स्त्री सांसदों के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल पहली बार हुआ है. इसे भी पढ़ें : मार्कंडेय काट्जू का दावा- बीजेपी में शामिल हो सकती हैं महुआ मोईत्रा, सागरिका और सायोनी घोष महुआ मोईत्रा का फायरब्रांड जवाब- इलाज की जरूरत है हमेशा आक्रामक रहने वाली महुआ मोईत्रा ने काटजू की इस टिप्पणी को ‘स्त्री विरोधी’ और ‘घटिया’ करार दिया है. महुआ ने कहा कि जस्टिस काटजू शायद अपनी उम्र और अकेलेपन के कारण अपनी सुध-बुध खो बैठे हैं. उन्होंने कहा- बेहतर होगा कि आप एक अच्छे मनोवैज्ञानिक से अपने दिमाग का इलाज कराएं. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें काटजू का बयान बंगाल की नारी शक्ति का अपमान : महुआ महुआ मोईत्रा ने याद दिलाया कि एक पूर्व न्यायाधीश से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती. यह केवल टीएमसी की स्त्री सांसदों का नहीं, बल्कि बंगाल की नारी शक्ति का अपमान है. टीएमसी का कहना है कि काटजू जैसे लोग अब केवल सुर्खियों में रहने के लिए ऐसी ओछी बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं. Justice Katju Controversy TMC MPs: सोशल मीडिया पर छिड़ा महासंग्राम काटजू के इस बयान के बाद नेटिजंस दो गुटों में बंट गये हैं. कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आजादी और ‘साहित्यिक व्यंग्य’ बता रहे हैं. वहीं स्त्रीओं का एक बड़ा वर्ग काटजू के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है. टीएमसी समर्थकों ने इसे भाजपा की ‘बी-टीम’ का हमला करार दिया है. इसे भी पढ़ें : ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार व्यक्तिगत नहीं रहा मार्कंडेय और महुआ का वाकयुद्ध मार्कंडेय काटजू और महुआ मोईत्रा के बीच यह वाकयुद्ध अब केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि इसने बंगाल की अस्मिता और स्त्री सम्मान के मुद्दे को फिर से गरमा दिया है. अब देखना है कि क्या बार काउंसिल या कोई अन्य संस्था काटजू की इन टिप्पणियों पर संज्ञान लेती है. इसे भी पढ़ें ममता बनर्जी बोलीं- इस्तीफा नहीं दूंगी, दीदी के बयान पर बंगाल के अधिकारी ले रहे मजे- हमें 2-2 सीएम मिलेंगे बंगाल में भाजपा की जीत से ढाका में हड़कंप, बांग्लादेशी मीडिया ने बताया ‘बड़ा संकट’, सांसद को डराने लगा शरणार्थी संकट Video : फ्लाइट में महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, TMC सांसद ने दर्ज कराई शिकायत बंगाल में एसआईआर के मुद्दे पर महुआ मोईत्रा ने फिर चुनाव आयोग पर बोला हमला The post जस्टिस काटजू ने TMC की स्त्री सांसदों को बताया ‘मैकबेथ की चुड़ैल’, महुआ मोईत्रा ने किया करारा पलटवार appeared first on Naya Vichar.

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मुश्किल हालातों में भी क्यों कुछ लोग कभी नहीं घबराते? आचार्य चाणक्य से जानें शांत रहने वाले लोगों की 5 सबसे बड़ी ताकत

Chanakya Niti: आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. वे सिर्फ एक महान शिक्षक ही नहीं थे, बल्कि उन्हें मानव स्वभाव की भी काफी गहरी समझ थी. अपनी नीतियों में उन्होंने कई तरह की बातें बताई हैं जो आज के समय में भी हमें एक सही रास्ता दिखा रहे हैं. अपनी इन्हीं नीतियों में आचार्य चाणक्य ने कुछ खास लोगों का भी जिक्र किया है जो किसी भी हालात में खुद को शांत रखना जानते हैं. आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में सुख और दुख दोनों ही चीजें टेम्पररी हैं. अगर कोई भी इस बात को अच्छे से समझ लेता है तो वह किसी भी हालात में खुद को शांत रखना सीख जाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी वजह से कोई भी व्यक्ति खुद को कठिन से कठिन हालात में भी शांत रख पाता है. हालात को गहराई से समझने की आदत आचार्य चाणक्य के अनुसार जो भी लोग कठिन से कठिन हालात में भी खुद को शांत रख पाते हैं, वे किसी भी हालात को सिर्फ ऊपर-ऊपर से नहीं देखते हैं. उनके अंदर किसी भी हालात को गहराई से समझने की ताकत होती है और वे इसके लिए कोशिश भी करते हैं. वे किसी भी बात पर तुरंत रिएक्ट करने से पहले सोचते हैं कि प्रॉब्लम की जड़ क्या है और इसके पीछे असली कारण क्या हो सकता है. इस तरह के जो लोग होते हैं वे कभी भी जल्दबाजी में आकर कोई भी कदम नहीं उठाते हैं. वे पहले हर एक पहलू को अच्छे से समझ लेते हैं, फिर आगे बढ़ते हैं. इस आदत की वजह से उनका दिमाग हमेशा शांत रहता है. यह भी पढ़ें: कमाई बढ़ाने से पहले बदलें अपनी ये 4 आदतें, जान लें वरना हाथ में कभी नहीं टिकेगा पैसा सेल्फ-कंट्रोल की ताकत जो लोग भी खुद को किसी भी हालात में शांत रखना जानते हैं, उनके अंदर सेल्फ कंट्रोल काफी ज्यादा स्ट्रॉन्ग हो चुका होता है. वे अपने गुस्से, डर, चिंता और एक्साइटमेंट जैसे इमोशंस पर बहुत ही अच्छे से कंट्रोल रखना जानते हैं. चाणक्य नीति के अनुसार जिस इंसान ने भी अपने दिमाग पर कंट्रोल कर लिया है, वह कभी भी बाहर के हालातों से परेशान नहीं होता है. इन लोगों को इस बात की समझ होती है कि किसी भी प्रॉब्लम में घबरा जाना सोल्यूशन नहीं है, बल्कि खुद पर कंट्रोल रखना ही एक सही रास्ता है. नॉलेज, एक्सपीरियंस और सीखने के प्रति झुकाव चाणक्य नीति हमें यह भी सिखाती है कि नॉलेज और एक्सपीरियंस ही किसी भी इंसान को अंदर से स्ट्रॉन्ग बनने में मदद करते हैं. जो भी लोग अपने जीवन में आने वाले हालातों से चीजों को सीखते हैं, वे धीरे-धीरे इस बात को समझ लेते हैं कि हर प्रॉब्लम का कोई न कोई सोल्यूशन तो जरूर होता है. उनका एक्सपीरियंस ही उन्हें यह सिखाता है कि समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता है. यह एक बड़ी वजह है कि वे कठिन से कठिन हालात में भी खुद को शांत रखकर एक सही फैसला ले पाते हैं. यह भी पढ़ें: क्या आपका सीधा स्वभाव ही आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बन रहा है? जानें चाणक्य का क्या कहना है एक्सपेक्टेशन पर कंट्रोल और सैटिस्फैक्शन जो भी लोग शांत रहते हैं उन लोगों में एक ख़ास आदत होती है. यह आदत है अपने एक्सपेक्टेशंस को सीमित करके रखने की. आचार्य चाणक्य के अनुसार जब कोई इंसान हद से ज्यादा उम्मीदें रखने लगता है, तो उसे निराशा भी उतनी ही ज्यादा होती है. वे कहते हैं कि जो भी व्यक्ति अपनी इच्छाओं और एक्सपेक्टेशंस पर कंट्रोल कर लेता है, वह मेंटली भी काफी ज्यादा बैलेंस्ड रहने लग जाता है. इस तरह के लोग अक्सर छोटी-छोटी चीजों में ही सैटिस्फैक्शन खोज लेते हैं और अपने दिमाग को शांत करने रखने लगते हैं. जानते हैं पॉजिटिव थिंकिंग और पेशेंस की वैल्यू आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में पॉजिटिव थिंकिंग को काफी ज्यादा जरूरी बताया है. उनके अनुसार जो भी इंसान हर हालात में एक पॉजिटिव अप्रोच रखना जानता है, वह कठिन से कठिन समय को भी एक मौके की तरह देखता है. उन्हें यह समझ होती है कि यह दौर गुजर जाएगा और इसे कुछ नया सीखने को भी मिल जाएगा. पेशेंस और पॉजिटिव थिंकिंग उन्हें मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाती है और स्ट्रेस को भी बैलेंस करने रखने में मदद करती है. यह भी पढ़ें: बार-बार समाज में क्यों अपमान झेलते हैं आप? चाणक्य की ये बातें खोल देंगी सच्चाई The post मुश्किल हालातों में भी क्यों कुछ लोग कभी नहीं घबराते? आचार्य चाणक्य से जानें शांत रहने वाले लोगों की 5 सबसे बड़ी ताकत appeared first on Naya Vichar.

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कलकत्ता हाईकोर्ट में जबर्दस्त हंगामा, ममता बनर्जी को देख वकीलों ने लगाये ‘चोर-चोर’ के नारे, मुश्किल से बाहर निकलीं दीदी

Mamata Banerjee in Calcutta High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट परिसर में बृहस्पतिवार को उस समय अभूतपूर्व अफरा-तफरी मच गयी, जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले में खुद पैरवी करने पहुंचीं ममता बनर्जी जब सुनवाई के बाद अदालत से बाहर निकल रहीं थीं, तभी वकीलों के एक समूह ने उन्हें घेर लिया और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिये. अचानक हुए इस घटनाक्रम से कोर्ट परिसर में तनाव फैल गया. तृणमूल की कानूनी टीम को ममता बनर्जी को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही शुरू हुई नारेबाजी ममता बनर्जी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही कथित हिंसा और पार्टी दफ्तरों पर हमलों के मामले में मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की खंडपीठ के सामने पेश हुईं थीं. जैसे ही सुनवाई खत्म हुई और वे गलियारे में आयीं. वकीलों के एक गुट ने उन्हें देखते ही नारेबाजी शुरू कर दी. नारेबाजी इतनी तेज थी कि सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गये. कल्याण बनर्जी का आरोप और सुरक्षा में चूक टीएमसी नेता और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जतायी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से प्रभावित वकीलों ने पूर्व मुख्यमंत्री को जान-बूझकर परेशान किया. कल्याण बनर्जी ने कहा- अदालत किसी को सार्वजनिक रूप से चोर या डाकू कहने की जगह नहीं है. हमें उन्हें वहां से निकालने में बहुत मुश्किल हुई. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें क्यों कोर्ट पहुंचीं थीं ममता बनर्जी? यह पूरा मामला टीएमसी की ओर से अधिवक्ता शिरशन्या बंद्योपाध्याय द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है. उन्हें घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है. टीएमसी का दावा है कि उनके कई कार्यालयों पर हमले किये गये हैं, जिसकी सुनवाई के लिए ममता बनर्जी खुद वकील के तौर पर दलीलें देने पहुंची थीं. Mamata Banerjee in Calcutta High Court: हाई कोर्ट परिसर में भारी तनाव इस घटना के बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. टीएमसी ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘प्रतिशोध की नेतृत्व’ करार दिया है. विरोधी खेमे के वकीलों का कहना है कि यह जनता का गुस्सा है, जो बाहर आ रहा है. ममता बनर्जी के साथ चंद्रिमा भट्टाचार्य भी थीं. नारेबाजी के दौरान माहौल इतना बिगड़ गया था कि पुलिस को बीच-बचाव कर रास्ता बनाना पड़ा. इसे भी पढ़ें वकील बनकर कोर्ट जाना ममता बनर्जी को पड़ेगा भारी? बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट वकील के गाउन में अदालत पहुंचीं ममता बनर्जी, बंगाल चुनाव 2026 के बाद हिंसा पर प्रशासन को घेरा सुप्रीम कोर्ट में बहस करने वाली पहली मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी TMC में गृहयुद्ध! नेताओं ने I-PAC को ठहराया जिम्मेदार, ममता बनर्जी को संकट की चेतावनी, क्या खतरे में है दीदी की कुर्सी? The post कलकत्ता हाईकोर्ट में जबर्दस्त हंगामा, ममता बनर्जी को देख वकीलों ने लगाये ‘चोर-चोर’ के नारे, मुश्किल से बाहर निकलीं दीदी appeared first on Naya Vichar.

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NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: 14 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, दो आरोपी गिरफ्तार

NEET UG 2026 Paper Leak Case: सीबीआई ने एक आरोपी को पुणे से और दूसरे को अहिल्यानगर, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया. पेपर लीक मामने में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या बढ़कर 7 हो गई है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम धनंजय लोखंडा, अहिल्यानगर (महाराष्ट्र) और मनीषा वाघमारे, पुणे (महाराष्ट्र) है. जयपुर से 3 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी नीट पेपर लीक मामले में बुधवार यानी 13 मई को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. जिनमें 3 को जयपुर से, 1 गुरुग्राम से और 1 नासिक से गिरफ्तार किए गए. Central Bureau of Investigation (CBI) has arrested two more accused persons and conducted searches at 14 locations in the last 24 hours, across the country, in connection with alleged irregularities in paper leak related to NEET-UG 2026 examination. Two more accused persons,… pic.twitter.com/LOrYQoj3gT — ANI (@ANI) May 14, 2026 कोर्ट ने 5 आरोपियों को 7 दिन की हिरासत में भेजा दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 5 आरोपियों को 7 दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया. जिन पांच आरोपियों को हिरासत में भेजा गया, उसमें नासिक (महाराष्ट्र) से शुभम खैरनार, जयपुर (राजस्थान) से मांगीलाल बीवाल, जयपुर (राजस्थान) से विकास बीवाल, जयपुर (राजस्थान) से दिनेश बीवाल और गुरुग्राम (हरियाणा) से यश यादव शामिल है. The post NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: 14 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, दो आरोपी गिरफ्तार appeared first on Naya Vichar.

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बिहार के 6 जिलों में 15 मिनट के लिए छा गया अंधेरा, बजने लगा सायरन, जानें वजह

War Mock Drill: बिहार के कई शहर गुरुवार शाम अचानक अंधेरे में डूब गए. शाम 7 बजे सायरन बजते ही पटना समेत 6 जिलों में 15 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया गया. इस दौरान लोगों ने अपने घरों, दुकानों और दफ्तरों की लाइटें बंद कर दीं. पटना के अलावा पूर्णिया, बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज और अररिया में भी बिजली सप्लाई रोकी गई. यह पूरा अभ्यास हिंदुस्तान प्रशासन के निर्देश पर सिविल डिफेंस मॉकड्रिल के तहत किया गया. लोगों से लाइट बंद रखने की अपील प्रशासन ने पहले ही लोगों से अपील की थी कि शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक किसी भी तरह की लाइट न जलाएं. सायरन बजते ही कई इलाकों में सड़कें और इमारतें अंधेरे में नजर आने लगीं. राज्य प्रशासन ने साफ किया कि यह किसी खतरे की स्थिति नहीं थी, बल्कि आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी को जांचने के लिए मॉकड्रिल की गई. पटना में एयर स्ट्राइक से बचाव की मॉक ड्रिल पटना में दोपहर 3 बजे से विशेष मॉक ड्रिल शुरू की गई. यह अभ्यास पटना डीएम ऑफिस और बिस्कोमान भवन में किया गया. करीब 40 से 45 मिनट तक चली इस ड्रिल में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति बनाकर सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी परखी गई. मॉक ड्रिल के दौरान एडीएम आपदा ने वॉकी-टॉकी पर सूचना दी कि डीएम ऑफिस और बिस्कोमान भवन पर एयर स्ट्राइक हुई है और तुरंत मदद भेजने की जरूरत है. मिनटों में पहुंची रेस्क्यू टीमें सूचना मिलते ही महज दो मिनट के भीतर NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं. एंबुलेंस भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तुरंत पहुंची. फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत में लगी आग पर काबू पाया. वहीं ऊपरी मंजिलों में फंसे लोगों को बड़ी क्रेन की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया. IGIMS में भी परखी गई तैयारी मॉक ड्रिल के तहत घायलों को पटना के IGIMS अस्पताल ले जाया गया. वहां अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था और मेडिकल तैयारियों की भी जांच की गई. प्रशासन का कहना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल का मकसद किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों और आम लोगों की तैयारी को मजबूत करना है. Also Read: दरभंगा एयरपोर्ट को मिला हाई सिक्योरिटी कवच, सीएम सम्राट की मौजूदगी में CISF ने संभाली जिम्मेदारी The post बिहार के 6 जिलों में 15 मिनट के लिए छा गया अंधेरा, बजने लगा सायरन, जानें वजह appeared first on Naya Vichar.

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NEET पेपर लीक कांड में राजद नेता गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने खोला फर्जीवाड़े का राज

NEET Paper Scam: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो NEET परीक्षा के क्वेश्चन पेपर और MBBS में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर छात्रों और उनके परिवारों से भारी रकम वसूल रहा था. इस मामले में RJD के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल को कथित मास्टरमाइंड बताया गया है. पुलिस ने उनके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में सामने आया कि तीन मई को हुई NEET UG 2026 परीक्षा से पहले इस गिरोह ने कई छात्रों और उनके परिवारों से संपर्क किया था. मेडिकल कॉलेज में सीट दिलाने और कथित क्वेश्चन पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 छात्रों को इनके चंगुल से बाहर निकाला, जिनमें कई नाबालिग भी शामिल थे. 20 से 30 लाख रुपये तक की मांग आरोपियों ने अभिभावकों से 20 से 30 लाख रुपये तक मांगे. कई परिवारों से एडवांस पैसा, 10वीं-12वीं की मार्कशीट और हस्ताक्षर किए गए खाली चेक भी लिए गए. गिरोह दावा करता था कि वह परीक्षा से पहले क्वेश्चन पेपर और बाद में मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कर देगा. ऐसे तैयार किए जाते थे फर्जी प्रश्न पत्र जांच में पता चला कि कथित प्रश्न पत्र असल में पुराने सालों के पेपर और कोचिंग सामग्री को जोड़कर बनाए गए थे. इन्हें असली बताकर छात्रों और परिवारों को गुमराह किया जाता था. पुलिस ने 149 पन्नों की फर्जी प्रश्न-उत्तर सामग्री बरामद की है. दिल्ली पुलिस को सूरत पुलिस से इस गिरोह की गतिविधियों की सूचना मिली थी. इसके बाद तकनीकी निगरानी के जरिए महिपालपुर और गाजियाबाद में छापेमारी की गई. होटल और फ्लैट से छात्रों को छुड़ाया गया. पुलिस ने डॉक्टर अखलाक आलम, संत प्रताप सिंह और विनोद पटेल को भी गिरफ्तार किया. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें हर आरोपी की तय थी अलग भूमिका पुलिस के मुताबिक संतोष जायसवाल पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था. डॉ. आलम फर्जी प्रश्न पत्र तैयार करता था. संत प्रताप व्यवस्था संभालता था, जबकि विनोद पटेल छात्रों और परिवारों तक पहुंच बनाता था. पुलिस ने हिंदुस्तानीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है. इसे भी पढ़ें: बिहार में 16 मई तक FRS नहीं कराया तो अटक सकती है हजारों शिक्षकों की सैलरी, विभाग ने जारी किया आदेश The post NEET पेपर लीक कांड में राजद नेता गिरफ्तार, दिल्ली पुलिस ने खोला फर्जीवाड़े का राज appeared first on Naya Vichar.

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ममता बनर्जी के करीबी डीसीपी शांतनु विश्वास पर ईडी का शिकंजा, लुकआउट नोटिस के बाद पूछताछ के लिए हुए पेश

खास बातें लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद हाजिर हुए शांतनु बचने के सारे रास्ते बंद, तब पहुंचे ED दफ्तर ईडी ने सुरक्षा निदेशालय से मांगा था विश्वास का लोकेशन ‘सोना पप्पू’ और जय कामदार कनेक्शन जय कामदार की गिरफ्तारी कालीघाट कनेक्शन की भी होगी जांच? Kolkata Police DCP Land Grabbing Case: पश्चिम बंगाल की नेतृत्व और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (DCP) शांतनु सिन्हा विश्वास बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचे. जबरन वसूली और जमीन हड़पने जैसे संगीन मामलों में फंसे विश्वास लंबे समय से केंद्रीय एजेंसी के समन को नजरअंदाज कर रहे थे. लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद हाजिर हुए शांतनु ईडी की बढ़ती सख्ती और लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद आखिरकार उन्हें जांच अधिकारियों के सामने पेश होना पड़ा. कालीघाट थाने के पूर्व प्रभारी रहे शांतनु विश्वास को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बेहद भरोसेमंद अधिकारी माना जाता रहा है. बचने के सारे रास्ते बंद, तब पहुंचे ED दफ्तर शांतनु विश्वास ने पूछताछ से बचने की काफी कोशिश की, लेकिन ईडी ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था. बार-बार समन भेजने के बावजूद जब डीसीपी पेश नहीं हुए, तो ईडी ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया. इसकी जानकारी सभी हवाई अड्डों और बीएसएफ को दे दी गयी थी, ताकि वे देश छोड़कर न भाग सकें. इसे भी पढ़ें : विदेश भागने की फिराक में डीसीपी शांतनु सिन्हा? ईडी ने जारी किया लुकआउट नोटिस, 5 समन के बाद भी हैं लापता ईडी ने सुरक्षा निदेशालय से मांगा था विश्वास का लोकेशन बुधवार को ईडी ने सुरक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर विश्वास के लोकेशन की जानकारी मांगी थी. इस कड़े रुख को भांपते हुए वे बृहस्पतिवार को खुद पूछताछ के लिए पेश हुए. इससे पहले 28 अप्रैल को भी उन्हें तलब किया गया था, लेकिन वह हाजिर नहीं हुए थे. ‘सोना पप्पू’ और जय कामदार कनेक्शन ईडी की जांच में डीसीपी विश्वास का नाम अचानक नहीं आया है. जांच की आंच दो बड़े व्यापारियों के जरिए उन तक पहुंची है. गोलपार्क इलाके के व्यवसायी ‘सोना पप्पू’ पर जमीन हड़पने और जबरन वसूली के आरोप हैं. इस मामले की जांच के दौरान पुलिस अधिकारी शांतनु विश्वास की कथित संलिप्तता के सबूत मिले. बंगाल की समाचारें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें Kolkata Police DCP Land Grabbing Case: जय कामदार की गिरफ्तारी बेहाला के व्यवसायी जय कामदार को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उससे हुई पूछताछ में डीसीपी की भूमिका के बारे में कई अतिरिक्त जानकारियां सामने आयीं. इसे भी पढ़ें : ईडी के रेडार पर आये I-PAC के एक और निदेशक, ऋषिराज सिंह को भी एजेंसी ने किया तलब कालीघाट कनेक्शन की भी होगी जांच? शांतनु विश्वास लंबे समय तक कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी रहे हैं. कालीघाट इलाका पूर्व मुख्यमंत्री का निवास स्थान है, इसलिए उनकी निकटता के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं. ईडी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन भ्रष्टाचार के मामलों में मिली रकम का इस्तेमाल प्रभावशाली लोगों के हितों के लिए किया गया था. इसे भी पढ़ें कोलकाता पुलिस के DC शांतनु सिन्हा विश्वास के घर ED की दबिश, ‘सोना पप्पू’ से कनेक्शन की जांच पश्चिम बंगाल में ईडी का पांच जगहों पर रेड, ‘सन ग्रुप’ के प्रबंध निदेशक के घर दूसरी बार छापा कोयला घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, I-PAC डायरेक्टर दिल्ली से गिरफ्तार, अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोला शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में बढ़ी पार्थ चटर्जी की मुश्किलें, ED ने कोलकाता आवास पर मारा छापा The post ममता बनर्जी के करीबी डीसीपी शांतनु विश्वास पर ईडी का शिकंजा, लुकआउट नोटिस के बाद पूछताछ के लिए हुए पेश appeared first on Naya Vichar.

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रांची की गलियों में मिलता है स्वाद और सुकून, अगर घूमने आए हैं तो जरूर ट्राय करें ये ट्रेडिशनल पकवान

Ranchi Lifestyle: झारखंड की राजधानी रांची को सिर्फ खूबसूरत वादियों, झरनों, घाटियों और खूबसूरत मौसम के लिए भी जाना जाता है. इसे देसी और ट्रेडिशनल खाने के लिए भी जाना जाता है. जब आप यहां की कोई भी ट्रेडिशनल डिश ट्राय करते हैं तो आपको एक अलग ही सादगी का एहसास होता है. यह स्वाद दिल में इतनी गहराई तक अपनी जगह बना लेता है कि आप इसे बार-बार याद करते हैं. अगर आप रांची से हैं या फिर रांची आ रहे हैं घूमने के लिए , तो आपको रांची की गलियों में मिलने वाले इन ट्रेडिशनल और देसी डिशेज को जरूर ट्राय करना चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको रांची में मिलने वाले ही कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको एक बार ट्राय करके जरूर देखना चाहिए. ट्राय करें धुस्का और आलू चना की सब्जी अगर रांची के सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड की बात करें तो धुस्का का नाम सबसे पहले नंबर पर आएगा. इसे चावल और दाल के घोल से तैयार किया जाता है. जब यह अच्छे से तैयार हो जाता है तो खाने में यह काफी ज्यादा क्रिस्पी लगने लगता है. इसे ज्यादातर जगहों पर गर्मागर्म आलू और चना की सब्जी के साथ सर्व किया जाता है. जब आप रांची की गलियों में सुबह या फिर शाम के समय टहलने निकलते हैं तो आपको यह डिश काफी आसानी से सड़क के किनारे या फिर छोटे-छोटे दुकानों में देखने को मिल जाता है. इन दुकानों के बाहर की भीड़ को देखकर आप इसके स्वाद का अंदाजा काफी आसानी से लगा सकते हैं. लिट्टी-चोखा का देसी तड़का हालांकि आप लिट्टी-चोखा को बिहार के नाम से ज्यादा जानते होंगे, लेकिन झारखंड में भी इसे काफी ज्यादा पसंद किया जाता है. अगर आप रांची में इसे ट्राय करते हैं तो आपको इसका स्वाद बाकी जगहों से काफी ज्यादा अलग देखने को मिलता है. सत्तू से भरी हुई लिट्टी को कोयले के चूल्हे में पकाया जाता है और फिर इसे देसी घी में डुबोकर सर्व किया जाता है. इसके साथ आपको एक दोने में बैंगन, आलू और टमाटर का चोखा भी दिया जाता है. कई जगहों पर कच्चा प्याज और हरी मिर्च के साथ भी लोग इसे खाना पसंद करते हैं. पीठा का ट्रेडिशनल स्वाद भी है खास जब बात आती है रांची के ट्रेडिशनल डिशेज की तो इसमें पीठा का नाम जरूर आता है. इसे अक्सर त्योहारों या फिर स्पेशल मौकों पर बनाया जाता है. चावल के आटे से बने इस डिश में गुड़, नारियल या फिर दाल की फिलिंग भरी जाती है. कई जगहों पर तो आपको नमकीन पीठा खाने का भी मौका मिल सकता है. जब आप इसे खाते हैं तो इसका स्वाद आपको काफी हल्का, सिंपल लेकिन बहुत ही ज्यादा टेस्टी लगता है. अगर आप ट्रेडिशनल खाने का स्वाद रांची आकर लेना चाहते हैं, तो आपको इस डिश को एक बार जरूर ट्राय करके देखना चाहिए. यहां की मिठाईयां भी हैं बहुत खास रांची की मिठाईयां आपको काफी आसानी से आपको अपना फैन बना सकती हैं. इनका स्वाद इतना जबरदस्त होता है कि आप एक पीस खाकर कभी खुद को रोक ही नहीं पाएंगे. रांची में मिलने वाला ठेकुआ, तिलकुट और गुड़ से बनी मिठाईयां काफी ज्यादा फेमस होती हैं. खासकर जब आप सर्दियों के दिनों में तिलकुट खाते हैं, तो इसके स्वाद को कभी भूल नहीं पाते हैं. लोकल बाजारों में मिलता है रांची का असली स्वाद अगर आप रांची में मिलने वाली खाने की चीजों का असली एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं, तो आपको बड़े रेस्टोरेंट्स में जाकर नहीं, बल्कि लोकल बाजारों या फिर सड़क के किनारे लगे दुकानों में जाकर कुछ ट्राय करना चाहिए. यहां आपके पैसे भी ज्यादा खर्च नहीं होते हैं और स्वाद का एक्सपीरियंस भी कमाल का मिल जाता है. शाम के समय मेन रोड, अपर बाजार और आसपास की गलियों में आपको ऐसी दुकानें काफी आसानी से मिल जाएंगी जो सालों से अपने ट्रेडिशल स्वाद के लोगों को अट्रैक्ट करते आ रहे हैं. ये भी पढ़ें: रांची की ये 5 जगहें आपकी बोरिंग शाम को बना देंगी मजेदार, दोस्तों के साथ चिल करने के लिए परफेक्ट स्पॉट The post रांची की गलियों में मिलता है स्वाद और सुकून, अगर घूमने आए हैं तो जरूर ट्राय करें ये ट्रेडिशनल पकवान appeared first on Naya Vichar.

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