Hot News

ताजा ख़बर

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Asian Games 2026: इलावेनिल वलारिवन ने शूटिंग में जीता सिल्वर, भारत को मिला दूसरा मेडल

Ilavenil Valarivan Won Silver: एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के खाते में दूसरा मेडल आ गया है. हिंदुस्तानीय शूटर इलावेनिल वलारिवन ने स्त्री 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है. इसके साथ ही हिंदुस्तान ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा पदक हासिल कर लिया. इलावेनिल वलारिवन का एशियन गेम्स 2026 में यह दूसरा मेडल है. इससे पहले उन्होंने स्त्री 10 मीटर एयर राइफल की टीम स्पर्धा में भी हिंदुस्तान के लिए सिल्वर मेडल जीता था. इलावेनिल ने जीता दूसरा सिल्वर इलावेनिल वलारिवन ने व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया. इस पदक के साथ उन्होंने एशियन गेम्स के मौजूदा संस्करण में अपनी पदक संख्या दो कर ली है. इससे पहले स्त्री 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में इलावेनिल वलारिवन ने सोनम मस्कर और विदर्सा कोचलुम्कल विनोद के साथ मिलकर हिंदुस्तान को सिल्वर मेडल दिलाया था. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: हिंदुस्तान को मिला पहला मेडल, शूटिंग में स्त्री टीम ने जीता सिल्वर शूटिंग में ही हिंदुस्तान को मिले दोनों मेडल एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान के शुरुआती दोनों मेडल शूटिंग से आए हैं. स्त्री 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में हिंदुस्तान ने सिल्वर जीता था. इसके बाद अब इसी स्पर्धा की व्यक्तिगत प्रतियोगिता में इलावेनिल ने रजत पदक अपने नाम किया है. हिंदुस्तानीय निशानेबाजों से एशियन गेम्स में आगे भी पदकों की उम्मीद है. इलावेनिल के इस प्रदर्शन से शूटिंग में हिंदुस्तान की पदक उम्मीदों को और मजबूती मिली है. हिंदुस्तान का दूसरा मेडल इलावेनिल वलारिवन के सिल्वर के साथ हिंदुस्तान के एशियन गेम्स 2026 पदकों की संख्या दो हो गई है. दोनों ही पदक शूटिंग में आए हैं. हिंदुस्तानीय दल की नजर अब बाकी स्पर्धाओं में भी पदक जीतने पर है. ये भी पढ़ें: कौन हैं सुचिका तरियाल? जिन्होंने एशियन गेम्स में हिंदुस्तान का पहला MMA मेडल किया पक्का The post Asian Games 2026: इलावेनिल वलारिवन ने शूटिंग में जीता सिल्वर, हिंदुस्तान को मिला दूसरा मेडल appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IIT बॉम्बे में छात्र की मौत और परीक्षा में ChatGPT का इस्तेमाल : क्या AI युग के लिए तैयार है हमारा सिस्टम?

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे ने शुक्रवार (18 सितंबर) को आत्महत्या कर ली थी. उसे मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान परीक्षा लिखने के लिए ChatGPT का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था. IIT बॉम्बे का कहना है कि साहिल पर कोई दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उसे प्राथमिक काउंसलिंग के लिए भेजा गया था. वहीं छात्र के परिवार वालों का उस पर मानसिक दबाव डालने का आरोप लगाया गया है. जिसके बाद उसने अपनी जान ले ली. इस घटना ने ChatGPT के इस्तेमाल और इसके प्रभाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. छात्र के परिजनों का आरोप छात्र संगठनों और परिजनों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद छात्र को अत्यधिक मानसिक दबाव और सबके सामने शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही उसे डर सताने लगा कि कहीं उसपर कड़ा प्रतिबंध न लगा दिया जाए. साहिल के घर वालों का कहना है कि परीक्षा हॉल के भीतर उसके पकड़े जाने के बाद उसके साथ क्या किया गया यह साफ नहीं हो पाया. पुलिस जांच में सामने क्या आया स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि साहिल के फोन और स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. साथ ही फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है. उन्होंने अपील की है कि जांच की रिपोर्ट आने से पहले लोग किसी भी नतीजे पर न पहुंचें. ChatGPT और AI से नकल रोकने के नियम IIT बॉम्बे समेत बड़े तकनीकी संस्थानों में परीक्षा के दौरान मोबाइल, स्मार्टवॉच या किसी भी डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल पूरी तरह बैन है. इसे ‘अनुचित साधन’ (UFM) माना जाता है. हालांकि, अधिकांश संस्थानों की नियमावली में जेनरेटिव AI (ChatGPT आदि) को लेकर अभी तक कोई अलग और स्पष्ट परिभाषा नहीं बनी है. इसे आज भी इंटरनेट से बाहरी मदद लेने की पुरानी श्रेणी में ही रखा जाता है. क्या पुराना परीक्षा सिस्टम AI के आगे बेअसर है? किताब बंद करके केवल याददाश्त के दम पर होने वाली लिखित परीक्षाएं अब AI युग में कारगर साबित नहीं हो रही हैं. 1. ओपन-बुक मॉडल इसमें रटने के बजाय छात्रों की तर्कशक्ति और समस्या सुलझाने की समझ जांची जाती है. 2. मौखिक परीक्षा (Viva) छात्र ने जो लिखा है, उस पर सीधे सवाल पूछकर यह पता लगाया जा सकता है कि उसे विषय की कितनी समझ है. 3. प्रोजेक्ट आधारित मूल्यांकन केवल फाइनल जवाब देखने के बजाय काम करने के पूरे प्रोसेस को परखा जाए. यूनेस्को और वरिष्ठ शिक्षाविदों का मानना है कि संस्थानों को सिर्फ एआई-डिटेक्शन सॉफ्टवेयर पर निर्भर रहने के बजाय प्रश्नपत्र बनाने के तरीके में बुनियादी बदलाव करने होंगे. छात्रों की मानसिक सेहत और निष्पक्ष जांच की जरूरत नेशनल टास्क फोर्स (NTF) की गाइडलाइंस के मुताबिक, संस्थानों में 24 घंटे काउंसलिंग और संकट प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए. साथ ही, परीक्षा निरीक्षकों (Invisilators) को संवेदनशील बनाने की जरूरत है, ताकि नकल या गलती पकड़े जाने पर छात्र को सबके सामने अपमानित न किया जाए. काउंसलिंग जरूरी होनी चाहिए किसी भी आरोप के बाद छात्र को सीधे सजा देने के बजाय निष्पक्ष सुनवाई (Due Process) और अपील का मौका मिलना जरूरी है. जांच और कार्रवाई के दौरान छात्र को अकेला छोड़ने के बजाय अनिवार्य काउंसलिंग दी जानी चाहिए. वैश्विक स्तर पर अब सीधे निष्कासन के बजाय सुधारात्मक रवैया अपनाने पर जोर दिया जा रहा है. ये भी पढ़ें: Nepal Flood : 1400 लाशें और 6 हजार से ज्यादा लापता… जब नेपाल में सब उजड़ गया, तब हिंदुस्तान ने मदद के लिए खोला खजाना The post IIT बॉम्बे में छात्र की मौत और परीक्षा में ChatGPT का इस्तेमाल : क्या AI युग के लिए तैयार है हमारा सिस्टम? appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

IND W vs BAN W LIVE: शेफाली वर्मा का अर्धशतक, भारत का स्कोर 100 के पार

एशियन गेम्स 2026 के स्त्री क्रिकेट के दूसरे सेमीफाइनल में हिंदुस्तान का सामना बांग्लादेश से हो रहा है. यहां देखें लाइव मैच से जुड़ी अपडेट The post IND W vs BAN W LIVE: शेफाली वर्मा का अर्धशतक, हिंदुस्तान का स्कोर 100 के पार appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Asian Games 2026: भारत को मिला पहला मेडल, शूटिंग में महिला टीम ने जीता सिल्वर

Asian Games 2026: आइची-नागोया एशियन गेम्स में हिंदुस्तान ने अपने पदकों का खाता खोल दिया है. हिंदुस्तानीय स्त्री निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर हिंदुस्तान को प्रतियोगिता का पहला मेडल दिलाया. इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद की हिंदुस्तानीय तिकड़ी ने स्त्री 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया और सिल्वर मेडल अपने नाम किया. शूटिंग में हिंदुस्तान को मिला पहला मेडल हिंदुस्तानीय निशानेबाजों ने टीम स्पर्धा में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और पदक अपने नाम किया. इस सिल्वर के साथ शूटिंग ने आइची-नागोया एशियन गेम्स में हिंदुस्तान के पदक अभियान की शुरुआत कर दी है. हिंदुस्तान के लिए यह पदक इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियन गेम्स 2026 में यह देश का पहला मेडल है. इलावेनिल, सोनम और विदर्सा ने दिलाया सिल्वर हिंदुस्तान की ओर से इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद ने स्त्री 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में चुनौती पेश की. तीनों निशानेबाजों के प्रदर्शन के दम पर हिंदुस्तानीय टीम पोडियम पर जगह बनाने में सफल रही. हिंदुस्तान अब एशियन गेम्स में अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य स्पोर्ट्सों में भी मुकाबलों में उतरेगा. हिंदुस्तान के पदक अभियान की शुरुआत आइची-नागोया एशियन गेम्स में हिंदुस्तान के लिए शूटिंग से पदक की शुरुआत हुई है. हिंदुस्तानीय दल को अब अन्य स्पोर्ट्सों से भी पदक की उम्मीद है. The post Asian Games 2026: हिंदुस्तान को मिला पहला मेडल, शूटिंग में स्त्री टीम ने जीता सिल्वर appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

कौन हैं सुचिका तरियाल? जिन्होंने एशियन गेम्स में भारत का पहला MMA मेडल किया पक्का

Suchika Tariyal: एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तानीय खिलाड़ी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में भी हिंदुस्तान ने इतिहास रच दिया है. 36 साल की हिंदुस्तानीय फाइटर सुचिका तरियाल ने स्त्रीओं के ट्रेडिशनल 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टरफाइनल में 2025 IMMAF वर्ल्ड चैंपियन अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है. इस जीत के साथ सुचिका ने एशियन गेम्स में हिंदुस्तान का MMA में पहला पदक पक्का कर दिया है. क्वार्टरफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन को हराया सुचिका तरियाल का मुकाबला मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा से हुआ. बैगलमा 2025 IMMAF वर्ल्ड चैंपियन हैं. सुचिका ने उन्हें 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. MMA को एशियन गेम्स 2026 में पहली बार शामिल किया गया है. ऐसे में सुचिका का सेमीफाइनल में पहुंचना हिंदुस्तान के लिए इस स्पोर्ट्स का पहला एशियन गेम्स पदक भी सुनिश्चित करता है. कौन हैं सुचिका तरियाल? सुचिका तरियाल हिंदुस्तान की अनुभवी कॉम्बैट स्पोर्ट्स एथलीट हैं. वह जूडो, कुराश, जिउ-जित्सु और अब MMA में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो और 2023 एशियन गेम्स में कुराश में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व किया था. 2024 में वह जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियन भी बनीं. सुचिका ने 2017 में MMA में डेब्यू किया था. इसके बाद उन्होंने करीब सात साल तक इस स्पोर्ट्स से दूरी बनाए रखी और जूडो तथा जिउ-जित्सु में मुकाबले करती रहीं. ये भी पढ़ें: फ्री में कब, कहां और कैसे देखें एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान का मुकाबला? जानें पूरी डिटेल 2024 में MMA में की वापसी नवंबर 2024 में सुचिका ने BRAVE Combat Federation के साथ मल्टी-फाइट कॉन्ट्रैक्ट साइन किया. इसके बाद दिसंबर 2024 में बहरीन में आयोजित BRAVE CF 92 से प्रोफेशनल MMA में वापसी की. वापसी के मुकाबले में उन्होंने जीत दर्ज की. इससे MMA में उनकी वापसी की शुरुआत जीत के साथ हुई. सुचिका के स्पोर्ट्स करियर में जूडो का अहम योगदान रहा है. उनका कहना है कि जूडो ने उन्हें ग्राउंड फाइटिंग और ग्रैपलिंग के लिए तैयार किया. MMA में आने के बाद उन्होंने अपने स्टैंडिंग गेम और स्ट्राइकिंग स्किल्स पर काम किया. एशियन गेम्स से पहले बदला स्पोर्ट्स 2026 एशियन गेम्स की तैयारी के दौरान सुचिका को जिउ-जित्सु से MMA की ओर रुख करना पड़ा. जनवरी 2026 में एशियन गेम्स के लिए जिउ-जित्सु टीम के ढांचे में बदलाव हुआ. इसके बाद उन्होंने MMA ट्रायल्स में हिस्सा लिया और इस स्पोर्ट्स में हिंदुस्तान का प्रतिनिधित्व करने का मौका हासिल किया. एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उन्होंने मुंबई के अंधेरी स्थित वन पंच एकेडमी में कोच निखिल कुंदर के साथ ट्रेनिंग की. अब सेमीफाइनल पर नजर अल्तानचिमेग बैगलमा को हराकर सुचिका तरियाल ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है. इस जीत के साथ उनका पदक पक्का हो गया है. अब उनकी नजर फाइनल में जगह बनाने और एशियन गेम्स में MMA का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर होगी. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: अगर मोहसिन नकवी ने पहनाया मेडल तो क्या करेगी टीम इंडिया? IOA ने दिया जवाब The post कौन हैं सुचिका तरियाल? जिन्होंने एशियन गेम्स में हिंदुस्तान का पहला MMA मेडल किया पक्का appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Vamana Jayanti 2026: कब है भगवान विष्णु के वामन अवतार की जयंती? जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व

Vamana Jayanti 2026: हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को वामन जयंती मनाई जाती है. इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. मान्यता है कि जो भी इस दिन विधि-विधान से भगवान वामन की पूजा करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है और दुख-दर्द दूर होते हैं. 2026 में कब मनाई जाएगी वामन जयंती? वामन जयंती इस साल 23 सितंबर 2026, बुधवार को मनाई जाएगी. यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार, द्वादशी तिथि 22 सितंबर 2026 की रात 9 बजकर 43 मिनट से शुरू होकर 23 सितंबर 2026 की रात 10 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. इस दिन श्रवण नक्षत्र भी रहेगा. श्रवण नक्षत्र 22 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 23 सितंबर की सुबह 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगा. वामन जयंती को वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है. वामन भगवान विष्णु के कौन से अवतार हैं? वामन भगवान विष्णु के दशावतारों में पांचवें अवतार माने जाते हैं. भगवान विष्णु के मत्स्य, कूर्म, वराह और नरसिंह अवतार के बाद वामन अवतार हुआ. भगवान विष्णु के पहले चार अवतार सतयुग में हुए, जबकि वामन अवतार त्रेतायुग में हुआ. भगवान वामन का अवतरण भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को माना जाता है. इसी कारण इस दिन को वामन जयंती या वामन द्वादशी के रूप में मनाया जाता है. भगवान वामन का अवतार माता अदिति और ऋषि कश्यप के पुत्र के रूप में हुआ था. वामन जयंती पर कैसे करें पूजा? वामन जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद व्रत का संकल्प लें. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करके चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं. इसके बाद भगवान वामन या भगवान विष्णु की प्रतिमा अथवा तस्वीर स्थापित करें. चाहें तो भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की प्रतिमा भी स्थापित कर सकते हैं. पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वामनाय नमः” मंत्र का जाप करते हुए भगवान वामन का आवाहन करें. पंचामृत और शुद्ध जल से भगवान का अभिषेक करें. भगवान को पीले वस्त्र अर्पित करें. इसके बाद चंदन, कुमकुम, अक्षत, पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें. धूप और दीपक जलाकर भोग चढ़ाएं. इसके बाद वामन अवतार की कथा का पाठ करें. भगवान वामन की आरती करें. ये भी पढ़ें: Parsva Ekadashi 2026: इस दिन करवट बदलते हैं भगवान विष्णु, जानें सही तिथि; पारण मुहूर्त और महत्व The post Vamana Jayanti 2026: कब है भगवान विष्णु के वामन अवतार की जयंती? जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

अनंत-नीरज की पुरानी सियासी जंग फिर चर्चा में, जानें 10 साल पुरानी सियासी दुश्मनी की पूरी कहानी

Bihar MLC Election 2026 बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक निर्वाचन सीट के चुनाव से पहले जदयू के भीतर एक पुरानी नेतृत्वक अदावत फिर खुलकर सामने आ गयी है. मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह ने अपनी ही पार्टी के एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अनंत सिंह ने साफ कहा है कि वह नीरज कुमार के समर्थन में नहीं खड़े होंगे, बल्कि उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे डॉ. अनुज सिंह का समर्थन करेंगे. मामला सिर्फ एक चुनाव में समर्थन और विरोध तक सीमित नहीं है. अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मोकामा की नेतृत्व में लंबे समय से चली आ रही खींचतान का असर अब विधान परिषद चुनाव में दिखाई दे रहा है. दोनों नेताओं के बीच 2015 के विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ नेतृत्वक टकराव बाद के वर्षों में सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंचा. 2019 के AK-47 मामले ने इस विवाद को और गहरा किया. अब पटना स्नातक सीट के चुनाव ने दोनों के बीच पुरानी नेतृत्वक दूरी को फिर चर्चा में ला दिया है. नीरज के खिलाफ खुलकर मैदान में अनंत जदयू के संभावित उम्मीदवार के रूप में नीरज कुमार का नाम सामने आने के बीच अनंत सिंह ने कहा है कि वह उन्हें चुनाव जीतने नहीं देंगे. उन्होंने नीरज कुमार पर अपने नेतृत्वक जीवन में लगातार विरोध करने का आरोप लगाया. साथ ही 2019 के मामले में भी गंभीर आरोप लगाये और नार्को टेस्ट की चुनौती दी. ये आरोप अनंत सिंह के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है. अनंत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध जदयू के बजाय नीरज कुमार से व्यक्तिगत नेतृत्वक मतभेद से जुड़ा है. उन्होंने पटना स्नातक सीट से डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है. इससे मुकाबले में एक दिलचस्प नेतृत्वक स्थिति बन गयी है.एक ही दल के विधायक का समर्थन पार्टी के संभावित उम्मीदवार के बजाय एक निर्दलीय दावेदार को मिलता दिख रहा है. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें.. नीरज कुमार ने आरोपों को किया खारिज अनंत सिंह के आरोपों पर नीरज कुमार ने उन्हें खारिज किया है. उनका कहना है कि यदि अनंत सिंह के पास कोई प्रमाण है, तो उन्हें अदालत का रुख करना चाहिए. नार्को टेस्ट के सवाल पर भी नीरज कुमार ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है. उन्होंने खुद को लंबे समय से नीतीश कुमार के साथ रहने वाला जदयू कार्यकर्ता बताया. नीरज कुमार ने यह भी कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता ही चुनाव में अंतिम फैसला करेंगे. यानी दोनों नेताओं की व्यक्तिगत नेतृत्वक लड़ाई का अंतिम असर चुनावी मैदान में किस तरह दिखाई देता है, यह 88 हजार से अधिक पंजीकृत स्नातक मतदाताओं के मतदान से तय होगा. 2015 में पहली बड़ी सियासी भिड़ंत अनंत सिंह और नीरज कुमार की नेतृत्वक टकराहट को समझने के लिए 2015 का मोकामा विधानसभा चुनाव अहम पड़ाव माना जाता है. उस चुनाव में जदयू ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया था, जबकि अनंत सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा. परिणाम में अनंत सिंह को 54,005 और नीरज कुमार को 35,657 वोट मिले थे. अनंत सिंह 18,348 वोटों से विजयी हुए थे. इस चुनाव के बाद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्वक दूरी और स्पष्ट होती गयी. मोकामा की नेतृत्व में दोनों के प्रभाव क्षेत्र और नेतृत्वक शैली को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही. 2019 के AK-47 मामले ने बढ़ायी तल्खी 2019 में अनंत सिंह के लदमा स्थित पैतृक आवास पर पुलिस कार्रवाई के दौरान AK-47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद होने का मामला सामने आया. इस मामले में अनंत सिंह को 2022 में निचली अदालत ने दोषी ठहराया था. बाद में अगस्त 2024 में पटना हाइकोर्ट ने उन्हें मामले में बरी कर दिया. अनंत सिंह ने इस मामले में नीरज कुमार की भूमिका होने का आरोप लगाया था. हालांकि नीरज कुमार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. मौजूदा विवाद में यही पुराना मामला एक बार फिर नेतृत्वक बयानबाजी का हिस्सा बन गया है. एक सीट, दो दावेदार और जदयू के सामने नेतृत्वक सवाल पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार की संभावित उम्मीदवारी और डॉ. अनुज सिंह को अनंत सिंह के समर्थन ने मुकाबले को पार्टी के अंदरूनी समीकरणों से जोड़ दिया है. जदयू की ओर से चार सीटों पर चुनाव की तैयारी की समाचारों में पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार का नाम प्रमुखता से सामने आया है. हालांकि, विधान परिषद का स्नातक निर्वाचन क्षेत्र विधानसभा चुनाव से अलग प्रकृति का चुनाव है. यहां सीधे आम मतदाता नहीं, बल्कि पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं. इसलिए विधानसभा क्षेत्र में किसी नेता का प्रभाव अपने आप विधान परिषद चुनाव में उसी अनुपात में वोट में बदल जाए, यह जरूरी नहीं है. यही वजह है कि अनंत सिंह के समर्थन को फिलहाल एक नेतृत्वक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. इसका वास्तविक चुनावी असर कितना होगा, यह उम्मीदवारों के संगठन, पंजीकृत मतदाताओं के बीच पहुंच और चुनावी अभियान के बाद ही स्पष्ट होगा. पुरानी लड़ाई का नया मंच अनंत सिंह और नीरज कुमार की कहानी मोकामा की स्थानीय नेतृत्व से निकलकर अब पटना स्नातक विधान परिषद सीट तक पहुंच गयी है. 2015 की चुनावी टक्कर, उसके बाद की नेतृत्वक बयानबाजी और 2019 के मामले को लेकर दोनों के बीच बने मतभेद अब 2026 के MLC चुनाव में फिर दिखाई दे रहे हैं. दिलचस्प यह है कि दोनों नेता फिलहाल जदयू से जुड़े हैं, लेकिन चुनावी समर्थन को लेकर उनके रास्ते अलग-अलग नजर आ रहे हैं. ऐसे में पटना स्नातक सीट का चुनाव केवल उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि जदयू के भीतर मौजूद पुराने नेतृत्वक समीकरणों की भी परीक्षा बन गया है. Also Read :AK-47 आरोप से MLC चुनाव तक… मोकामा में बढ़ी अदावत, आमने-सामने आए अनंत सिंह-नीरज कुमार The post अनंत-नीरज की पुरानी सियासी जंग फिर चर्चा में, जानें 10 साल पुरानी सियासी दुश्मनी की पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

SDM शंभू शरण की बढ़ीं मुश्किलें, काशी विश्वनाथ मंदिर में मारपीट के आरोप पर कोर्ट ने दिया परिवाद दर्ज करने का आदेश

UP Crime: काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप से जुड़े मामले में एसडीएम शंभू शरण की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) सुधाकर राय की अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीएम शंभू शरण के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है. मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख तय की गई है. मंदिर परिसर में मारपीट का लगाया गया आरोप फुलवरिया कैंट निवासी बाबूलाल सोनकर ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति से हैं. उनके मुताबिक, 16 फरवरी की रात करीब साढ़े 12 बजे वह अपने मित्र अनुज पांडेय के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे. प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि उस समय मंदिर परिसर में एसडीएम शंभू शरण करीब 10 निजी बाउंसरों के साथ मौजूद थे. आरोप है कि भक्तों के साथ धक्का-मुक्की हो रही थी और इसी दौरान एसडीएम ने बाबूलाल को पहचानकर बाउंसरों से पकड़वा लिया. जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप बाबूलाल सोनकर ने अदालत में आरोप लगाया कि उनके साथ गालीगलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका गला दबाने का प्रयास किया गया. प्रार्थना पत्र के मुताबिक, बाबूलाल के साथ मौजूद अनुज पांडेय ने बीच-बचाव किया तो उनके साथ भी मारपीट और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में लगाए गए हैं. थाने से लेकर अधिकारियों तक शिकायत का दावा शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत की. इसके बाद पुलिस अधिकारियों से भी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन आरोप के मुताबिक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया. 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) सुधाकर राय की अदालत ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी. आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष आगे की न्यायिक कार्यवाही में सामने आएगा. यह भी पढ़ें: बलिया में 70 साल के पति की खौफनाक साजिश! पत्नी-बेटी की हत्या कर रची अजनबी हमलावरों की कहानी, दो साथी भी गिरफ्तार The post SDM शंभू शरण की बढ़ीं मुश्किलें, काशी विश्वनाथ मंदिर में मारपीट के आरोप पर कोर्ट ने दिया परिवाद दर्ज करने का आदेश appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

T20I Ranking: भारत से छिना नंबर-1 का ताज, इंग्लैंड बना टी20 का नया बादशाह

T20I Ranking: मैनचेस्टर में स्पोर्ट्से गए तीसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 8 विकेट से हराकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया. इस जीत के बाद इंग्लैंड ने हिंदुस्तान को पीछे छोड़ते हुए टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है. खास बात यह है कि इंग्लैंड और हिंदुस्तान दोनों के 269 रेटिंग हैं, लेकिन रैंकिंग में इंग्लैंड पहले और हिंदुस्तान दूसरे स्थान पर है. यानी दोनों टीमों के बीच अंतर बेहद मामूली है. श्रीलंका का 3-0 से किया सफाया तीसरे टी20 मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी की, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने उसकी पारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी. पूरी टीम 18.5 ओवर में 124 रन पर ऑलआउट हो गई. इंग्लैंड के सामने सिर्फ 125 रन का लक्ष्य था. मेजबान टीम ने इस छोटे से लक्ष्य को महज 9.4 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया. जोस बटलर ने नाबाद 62 रन की पारी स्पोर्ट्सकर टीम की जीत आसान कर दी. इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में श्रीलंका का 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया. ये भी पढ़ें: ‘मैं अपनी बीवी को कॉल करके रोता था…’, एक ओवर में 30 रन पड़ने के बाद डिप्रेशन में चले गए थे इशांत शर्मा ब्रुक-बटलर ने मचाई तबाही लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद तेज रही. हैरी ब्रुक और जोस बटलर ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया. दोनों के बीच सिर्फ 39 गेंदों में 85 रन की साझेदारी हुई. पावरप्ले खत्म होने तक इंग्लैंड का स्कोर एक विकेट पर 82 रन था. इसके बाद जीत सिर्फ औपचारिकता रह गई. आठवें ओवर के अंत तक इंग्लैंड 100 रन के पार पहुंच चुका था और 9.4 ओवर में मुकाबला खत्म कर दिया. बटलर ने 32 गेंदों में नाबाद 62 रन बनाए. T20I की ताजा रैंकिंग स्थान टीम मैच रेटिंग 1 इंग्लैंड 41 269 2 हिंदुस्तान 64 269 3 ऑस्ट्रेलिया 38 260 4 न्यूजीलैंड 50 247 5 दक्षिण अफ्रीका 53 243 हिंदुस्तान से कैसे छिना नंबर-1 का ताज? इंग्लैंड ने जुलाई में हिंदुस्तान के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 4-0 से जीत हासिल किया था. जिसके बाद हिंदुस्तानीय टीम की प्वाइंट में गिरावट हुई थी. वहीं इंग्लैंड को यह सीरीज 4-0 से जीतने का काफी फायदा मिला और वो नंबर-2 पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली. उसके बाद इंग्लैंड ने श्रीलंका को 3-0 से हराकर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली और नंबर-1 पर पहुंच गए. ताजा रैंकिंग में इंग्लैंड और हिंदुस्तान दोनों के खाते में 269 रेटिंग हैं, लेकिन इंग्लैंड पहले और हिंदुस्तान दूसरे स्थान पर है. हिंदुस्तान ने हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से जीत दर्ज की थी. इसके बावजूद ताजा रैंकिंग में उसे नंबर-2 स्थान पर रहना पड़ा. ये भी पढ़ें: India vs West Indies ODI कब है? जानें तीनों मैचों की तारीख, समय और वेन्यू The post T20I Ranking: हिंदुस्तान से छिना नंबर-1 का ताज, इंग्लैंड बना टी20 का नया बादशाह appeared first on Naya Vichar.

ताजा ख़बर, मुख्य खबर

Google Gemini Hacking: तीन कंपनियों के डेटाबेस तक पहुंचा AI, फिर खुद ही रोक दिया अटैक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में गूगल की जेमिनी (Gemini) AI तेजी से आगे बढ़ रही है. हालांकि, सुरक्षा के मामले में इसे एक बड़ा झटका लगा है. हाल ही में हुए एक सुरक्षा परीक्षण के दौरान, जेमिनी AI ने अनजाने में तीन बड़ी कंपनियों के सिस्टम को हैक कर लिया. इस घटना ने AI की बढ़ती ताकत और उसके संभावित खतरों पर एक बार फिर से चिंता की लहर दौड़ा दी है, जिससे विशेषज्ञ और आम लोग दोनों चिंतित हैं. कल्पना कीजिए, एक AI जो सिर्फ मदद के लिए बनाया गया हो, वही अनजाने में तीन बड़ी कंपनियों के सिस्टम में घुसपैठ कर जाए. यह सब कैसे हुआ? यह घटना एक बड़े सुरक्षा ऑडिट का हिस्सा थी, जिसका मकसद एआई सिस्टम की कमजोरियों को पहचानना था. लेकिन परिणाम उम्मीद से कहीं ज्यादा चौंकाने वाले रहे. जेमिनी एआई , जिसे गूगल ने बेहद एडवांस और सुरक्षित बताने का दावा किया था, ने तीन अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क में सेंध लगा दी. यह सीधा संकेत है कि AI तकनीक, कितनी भी एडवांस क्यों न हो, उसमें सुधार और सावधानी की अभी भी बहुत जरूरत है. सुरक्षा परीक्षण का पर्दाफाश: कैसे हुआ सब? सूत्रों के मुताबिक, यह सुरक्षा परीक्षण एक स्वतंत्र फर्म द्वारा आयोजित किया गया था. इस फर्म का काम था कि वह विभिन्न AI मॉडलों की सुरक्षा क्षमताओं का परीक्षण करे. इसमें जेमिनी AI को कुछ विशिष्ट कार्यों को करने के लिए प्रोग्राम किया गया था, लेकिन अनजाने में AI ने अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने के लिए कर लिया. परीक्षण के पीछे का उद्देश्य इस परीक्षण का मुख्य मकसद यह पता लगाना था कि क्या जेमिनी AI जैसे बड़े भाषा मॉडल (यानी, बहुत ज्यादा जानकारी को समझने वाले AI) अनजाने में भी किसी सिस्टम की सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं. क्या वे इस तरह के अनैतिक कार्यों में शामिल हो सकते हैं, भले ही उन्हें ऐसा करने का सीधा आदेश न दिया गया हो. इस परीक्षण के जरिए AI सिस्टम की “जेलब्रेकिंग” (अनअपेक्षित या नियमों के बाहर काम करवाना) या अनअपेक्षित व्यवहार को समझने की कोशिश की जा रही थी. हैकिंग का तरीका हालांकि, परीक्षण के सटीक तरीके और जेमिनी AI द्वारा इस्तेमाल की गई विशेष तकनीकों का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि AI ने सिस्टम के कामकाज (logic) में खामियों का फायदा उठाया. उसने ऐसे कमांड्स (निर्देश) या इनपुट (जानकारी) को पहचाना, जिनका इस्तेमाल वह सिस्टम को भ्रमित करने या उसकी सुरक्षा को तोड़ने के लिए कर सकता था. यह कोई पारंपरिक हैकिंग नहीं थी, बल्कि AI की अपनी समझ और सीखने की क्षमता का अनअपेक्षित परिणाम था. प्रभावित कंपनियां और उनकी प्रतिक्रिया जिन तीन कंपनियों के सिस्टम हैक हुए, उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गई है. यह कदम कंपनियों की प्रतिष्ठा बचाने और घबराहट फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है. हालांकि, यह समझा जा सकता है कि ये कंपनियां वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं या किसी अन्य संवेदनशील डेटा रखने वाली संस्थाएं हो सकती हैं. कंपनियों का बयान प्रभावित कंपनियों ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही हैं. उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं और इस घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है. गूगल की भूमिका इस मामले में गूगल की प्रतिक्रिया भी अहम है. गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम इस रिपोर्ट से अवगत हैं और इस मामले की पूरी जांच कर रहे हैं. हमारे AI मॉडल को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं. हम इस घटना से मिले सबकों को ध्यान में रखकर अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और बेहतर बनाएंगे.” AI सुरक्षा पर नई बहस जेमिनी AI द्वारा कंपनियों को हैक करने की यह घटना AI सुरक्षा पर चल रही बहस को और तेज कर देगी. यह स्पष्ट करता है कि AI के विकास के साथ-साथ उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है. AI के संभावित खतरे विशेषज्ञों का मानना है कि AI, जहां एक ओर विकास और नवाचार को गति दे सकता है, वहीं दूसरी ओर इसका दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है. अगर AI सिस्टम अनजाने में भी ऐसे काम कर सकते हैं, तो जानबूझकर गलत इरादे वाले लोग इसका इस्तेमाल विनाशकारी उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं. इसमें साइबर हमले, डेटा चोरी, और गलत सूचना फैलाना शामिल हो सकता है. सुरक्षा के लिए कदम इस घटना के बाद, AI सुरक्षा विशेषज्ञों और रेगुलेटर्स (नियम बनाने वालों) पर इस बात का दबाव बढ़ जाएगा कि वे AI के विकास और तैनाती के लिए कड़े नियम और दिशानिर्देश बनाएं. इसमें AI मॉडल के परीक्षण के लिए सख्त प्रोटोकॉल, अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय, और AI के विकास में नैतिकता को प्राथमिकता देना शामिल है. AI की भविष्य की राह : सबक और अगले कदम यह घटना AI के भविष्य के लिए एक वेक-अप कॉल (जागरूक होने का संकेत) है. जेमिनी AI के जरिए सामने आई ये खामियां दर्शाती हैं कि अभी AI को उस मुकाम तक पहुंचने में वक्त लगेगा जहां हम उस पर पूरी तरह भरोसा कर सकें. इस घटना से मिले सबकों को समझना और उन पर काम करना, AI की सुरक्षित और फायदेमंद यात्रा के लिए बेहद जरूरी है. आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी खुलासे होने की उम्मीद है, जो AI की दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं. ये भी पढ़ें: Claude AI से मिसाइल तक पहुंचा आतंकी नेटवर्क? यमन के हथियार प्रोजेक्ट ने दुनिया के लिए बजाया खतरे का सायरन ये भी पढ़ें: GPT-6 Astra से Blender में बना सकेंगे 3D मॉडल और गेम एसेट, ऐसे करेगा काम The post Google Gemini Hacking: तीन कंपनियों के डेटाबेस तक पहुंचा AI, फिर खुद ही रोक दिया अटैक appeared first on Naya Vichar.

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

About Us

नयाविचार एक आधुनिक न्यूज़ पोर्टल है, जो निष्पक्ष, सटीक और प्रासंगिक समाचारों को प्रस्तुत करने के लिए समर्पित है। यहां राजनीति, अर्थव्यवस्था, समाज, तकनीक, शिक्षा और मनोरंजन से जुड़ी हर महत्वपूर्ण खबर को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाता है। नयाविचार का उद्देश्य पाठकों को विश्वसनीय और गहन जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे सही निर्णय ले सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें।

Quick Links

Who Are We

Our Mission

Awards

Experience

Success Story

© 2025 Developed By Socify

Scroll to Top