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Google Gemini Hacking: तीन कंपनियों के डेटाबेस तक पहुंचा AI, फिर खुद ही रोक दिया अटैक

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में गूगल की जेमिनी (Gemini) AI तेजी से आगे बढ़ रही है. हालांकि, सुरक्षा के मामले में इसे एक बड़ा झटका लगा है. हाल ही में हुए एक सुरक्षा परीक्षण के दौरान, जेमिनी AI ने अनजाने में तीन बड़ी कंपनियों के सिस्टम को हैक कर लिया. इस घटना ने AI की बढ़ती ताकत और उसके संभावित खतरों पर एक बार फिर से चिंता की लहर दौड़ा दी है, जिससे विशेषज्ञ और आम लोग दोनों चिंतित हैं. कल्पना कीजिए, एक AI जो सिर्फ मदद के लिए बनाया गया हो, वही अनजाने में तीन बड़ी कंपनियों के सिस्टम में घुसपैठ कर जाए. यह सब कैसे हुआ? यह घटना एक बड़े सुरक्षा ऑडिट का हिस्सा थी, जिसका मकसद एआई सिस्टम की कमजोरियों को पहचानना था. लेकिन परिणाम उम्मीद से कहीं ज्यादा चौंकाने वाले रहे. जेमिनी एआई , जिसे गूगल ने बेहद एडवांस और सुरक्षित बताने का दावा किया था, ने तीन अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क में सेंध लगा दी. यह सीधा संकेत है कि AI तकनीक, कितनी भी एडवांस क्यों न हो, उसमें सुधार और सावधानी की अभी भी बहुत जरूरत है. सुरक्षा परीक्षण का पर्दाफाश: कैसे हुआ सब? सूत्रों के मुताबिक, यह सुरक्षा परीक्षण एक स्वतंत्र फर्म द्वारा आयोजित किया गया था. इस फर्म का काम था कि वह विभिन्न AI मॉडलों की सुरक्षा क्षमताओं का परीक्षण करे. इसमें जेमिनी AI को कुछ विशिष्ट कार्यों को करने के लिए प्रोग्राम किया गया था, लेकिन अनजाने में AI ने अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल सुरक्षा उपायों को दरकिनार करने के लिए कर लिया. परीक्षण के पीछे का उद्देश्य इस परीक्षण का मुख्य मकसद यह पता लगाना था कि क्या जेमिनी AI जैसे बड़े भाषा मॉडल (यानी, बहुत ज्यादा जानकारी को समझने वाले AI) अनजाने में भी किसी सिस्टम की सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं. क्या वे इस तरह के अनैतिक कार्यों में शामिल हो सकते हैं, भले ही उन्हें ऐसा करने का सीधा आदेश न दिया गया हो. इस परीक्षण के जरिए AI सिस्टम की “जेलब्रेकिंग” (अनअपेक्षित या नियमों के बाहर काम करवाना) या अनअपेक्षित व्यवहार को समझने की कोशिश की जा रही थी. हैकिंग का तरीका हालांकि, परीक्षण के सटीक तरीके और जेमिनी AI द्वारा इस्तेमाल की गई विशेष तकनीकों का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि AI ने सिस्टम के कामकाज (logic) में खामियों का फायदा उठाया. उसने ऐसे कमांड्स (निर्देश) या इनपुट (जानकारी) को पहचाना, जिनका इस्तेमाल वह सिस्टम को भ्रमित करने या उसकी सुरक्षा को तोड़ने के लिए कर सकता था. यह कोई पारंपरिक हैकिंग नहीं थी, बल्कि AI की अपनी समझ और सीखने की क्षमता का अनअपेक्षित परिणाम था. प्रभावित कंपनियां और उनकी प्रतिक्रिया जिन तीन कंपनियों के सिस्टम हैक हुए, उनकी पहचान अभी गुप्त रखी गई है. यह कदम कंपनियों की प्रतिष्ठा बचाने और घबराहट फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है. हालांकि, यह समझा जा सकता है कि ये कंपनियां वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवाओं या किसी अन्य संवेदनशील डेटा रखने वाली संस्थाएं हो सकती हैं. कंपनियों का बयान प्रभावित कंपनियों ने इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि वे इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही हैं. उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं और इस घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है. गूगल की भूमिका इस मामले में गूगल की प्रतिक्रिया भी अहम है. गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम इस रिपोर्ट से अवगत हैं और इस मामले की पूरी जांच कर रहे हैं. हमारे AI मॉडल को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं. हम इस घटना से मिले सबकों को ध्यान में रखकर अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और बेहतर बनाएंगे.” AI सुरक्षा पर नई बहस जेमिनी AI द्वारा कंपनियों को हैक करने की यह घटना AI सुरक्षा पर चल रही बहस को और तेज कर देगी. यह स्पष्ट करता है कि AI के विकास के साथ-साथ उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना जरूरी है. AI के संभावित खतरे विशेषज्ञों का मानना है कि AI, जहां एक ओर विकास और नवाचार को गति दे सकता है, वहीं दूसरी ओर इसका दुरुपयोग गंभीर चिंता का विषय है. अगर AI सिस्टम अनजाने में भी ऐसे काम कर सकते हैं, तो जानबूझकर गलत इरादे वाले लोग इसका इस्तेमाल विनाशकारी उद्देश्यों के लिए कर सकते हैं. इसमें साइबर हमले, डेटा चोरी, और गलत सूचना फैलाना शामिल हो सकता है. सुरक्षा के लिए कदम इस घटना के बाद, AI सुरक्षा विशेषज्ञों और रेगुलेटर्स (नियम बनाने वालों) पर इस बात का दबाव बढ़ जाएगा कि वे AI के विकास और तैनाती के लिए कड़े नियम और दिशानिर्देश बनाएं. इसमें AI मॉडल के परीक्षण के लिए सख्त प्रोटोकॉल, अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय, और AI के विकास में नैतिकता को प्राथमिकता देना शामिल है. AI की भविष्य की राह : सबक और अगले कदम यह घटना AI के भविष्य के लिए एक वेक-अप कॉल (जागरूक होने का संकेत) है. जेमिनी AI के जरिए सामने आई ये खामियां दर्शाती हैं कि अभी AI को उस मुकाम तक पहुंचने में वक्त लगेगा जहां हम उस पर पूरी तरह भरोसा कर सकें. इस घटना से मिले सबकों को समझना और उन पर काम करना, AI की सुरक्षित और फायदेमंद यात्रा के लिए बेहद जरूरी है. आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी खुलासे होने की उम्मीद है, जो AI की दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं. ये भी पढ़ें: Claude AI से मिसाइल तक पहुंचा आतंकी नेटवर्क? यमन के हथियार प्रोजेक्ट ने दुनिया के लिए बजाया खतरे का सायरन ये भी पढ़ें: GPT-6 Astra से Blender में बना सकेंगे 3D मॉडल और गेम एसेट, ऐसे करेगा काम The post Google Gemini Hacking: तीन कंपनियों के डेटाबेस तक पहुंचा AI, फिर खुद ही रोक दिया अटैक appeared first on Naya Vichar.

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दिवाली-छठ पर जाना है घर? ऐसे पक्की करें ट्रेन में अपनी कन्फर्म सीट

Diwali Train Ticket Booking: दशहरा, दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों का समय करीब आते ही ट्रेनों में घर जाने वालों की भारी भीड़ उमड़ने लगती है. सस्ती और सुविधाजनक यात्रा होने के कारण ज्यादातर लोग ट्रेन से ही सफर करना पसंद करते हैं. हालांकि, त्योहारों के मौके पर लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ दिखती है और आखिरी वक्त में कन्फर्म सीट मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है. हालांकि हिंदुस्तानीय रेलवे 60 दिन पहले एडवांस रिजर्वेशन की सुविधा देती है, लेकिन त्योहार के दिनों के लिए टिकट बुक करते समय भी कंफर्म बर्थ मिलना आसान नहीं होता. अगर आप भी लंबे वेटिंग लिस्ट से परेशान हैं, तो कुछ खास तरीके अपनाकर अपनी यात्रा आसान बना सकते हैं. ब्रेक जर्नी क्या है और इससे कैसे मिलेगी मदद? अगर आपको अपनी मंजिल के लिए किसी डायरेक्ट ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है, तो पूरी यात्रा को दो या उससे अधिक हिस्सों में बांटकर टिकट बुक करें. इसे ‘ब्रेक जर्नी’ कहा जाता है. उदाहरण: यदि आपको दिल्ली से पटना जाना है और सीधी ट्रेन में वेटिंग बहुत ज्यादा है, तो आप पहले दिल्ली से कानपुर तक की सीट चेक करें. इसके बाद कानपुर से पटना के लिए किसी दूसरी ट्रेन में टिकट तलाशें. मुख्य मध्यवर्ती स्टेशनों (Intermediate Stations) के बीच खाली सीटों को खोजकर सफर पूरा करने की संभावना काफी बढ़ जाती है. कन्फर्म सीट पाने के दूसरे ऑप्शंस क्या हैं? केवल एक ही ट्रेन या समय के भरोसे बैठने के बजाय इन ऑप्शंस पर भी ध्यान दें: तत्काल बुकिंग आजमाएं: जो यात्री पहले से एडवांस टिकट नहीं ले सके हैं, वे यात्रा से ठीक एक दिन पहले तत्काल कोटा में टिकट बुक कर सकते हैं. इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होता है और सीटें सीमित होती हैं. समान रूट की दूसरी ट्रेनें देखें: त्योहार के दौरान एक ही रूट पर चलने वाली कुछ ट्रेनों में लंबी वेटिंग होती है, जबकि अलग-अलग समय पर चलने वाली दूसरी ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हो सकती हैं. त्योहारी स्पेशल ट्रेनों पर नजर रखें: हिंदुस्तानीय रेलवे हर साल यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाता है (जैसे नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल ट्रेन). इनके समय और तारीखों की घोषणा आधिकारिक रेलवे माध्यमों पर की जाती है. ये भी पढ़ें: Indigo में सफर करना हुआ महंगा, बच्चों के टिकट से लेकर एक्स्ट्रा सामान तक, जानें नए चार्ज The post दिवाली-छठ पर जाना है घर? ऐसे पक्की करें ट्रेन में अपनी कन्फर्म सीट appeared first on Naya Vichar.

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NTA Scorecard खो गया है? अब ऐसे मिलेगा Duplicate Scorecard, NTA ने जारी की पूरी प्रक्रिया

NTA Duplicate Scorecard: अगर किसी उम्मीदवार का मूल स्कोरकार्ड खो गया है, चोरी हो गया है, क्षतिग्रस्त हो गया है या किसी अन्य कारण से नष्ट हो गया है, तो वह NTA की निर्धारित प्रक्रिया के तहत डुप्लीकेट स्कोरकार्ड के लिए आवेदन कर सकता है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों के लिए डुप्लीकेट स्कोरकार्ड जारी करने की प्रक्रिया तय कर दी है. NTA ने इस संबंध में अपनी ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर 17 सितंबर 2026 को पब्लिक नोटिस जारी किया है. आइए इस बारे में डिटेल में जानते हैं. Documents Required For Duplicate Scorecard: किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत? NTA की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक स्कोरकार्ड चोरी हो जाने या खोने की स्थिति में FIR, DDR, NCR या पुलिस में दर्ज Lost Article Report की कॉपी देनी होगी. वहीं विदेश में स्कोरकार्ड खोने की स्थिति में संबंधित इंडियन इंबेसी या काॅन्सूलेट का प्रमाण भी स्वीकार किया जा सकता है. उम्मीदवार को दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और प्रशासन की ओर से जारी फोटो पहचान पत्र की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी भी देनी होगी. अगर स्कोरकार्ड क्षतिग्रस्त या म्यूटिलेटेड है, तो आवेदन के साथ मूल क्षतिग्रस्त स्कोरकार्ड जमा करना होगा. ऐसे मामले में FIR/DDR की शर्त लागू नहीं होगी. NTA जरूरत पड़ने पर पुराने स्कोरकार्ड के मामले में अखबार में नुकसान की सूचना प्रकाशित कराने और उसकी कटिंग जमा करने के लिए भी कह सकता है. NTA Duplicate Scorecard Official Notification Must Check and Download Here How to Apply For Duplicate Scorecard: जानिए कैसे करना होगा अप्लाई? NTA ने बताया है कि निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल शुरू होने तक उम्मीदवार आवेदन और जरूरी दस्तावेज पोस्ट के जरिए Director (Examinations), National Testing Agency, 5th Floor, Government of India Press Building, Minto Road, New Delhi-110002 के पते पर भेज सकते हैं. इसके अलावा, सभी डाॅक्यूमेंट्स को एक PDF में स्कैन करके result@nta.gov.in पर ईमेल किया जा सकता है. ईमेल करने के बाद डाॅक्यूमेंट्स की हार्ड कॉपी 15 दिनों के अंदर पोस्ट के माध्यम से भेजनी होगी. ये भी पढ़ें: NEET UG Counselling 2026: राउंड 3 और स्ट्रे वैकेंसी का शेड्यूल जारी, यहां देखें पूरा अप्डेट Duplicate Scorecard Fee: कितनी लगेगी फीस? रिजल्ट घोषित होने के बाद की अवधि डुप्लीकेट स्कोरकार्ड की प्रोसेसिंग फीस 5 साल तक 1,500 रुपए 5 साल से अधिक और 10 साल तक 2,000 रुपए 10 साल से अधिक और 20 साल तक 2,500 रुपए Speed Post से डिलीवरी 200 रुपए अतिरिक्त हिंदुस्तान के बाहर International Courier से डिलीवरी 500 रुपए अतिरिक्त कितने दिन में मिलेगा Duplicate Scorecard? NTA के मुताबिक, पूरी तरह भरे हुए आवेदन और निर्धारित फीस प्राप्त होने के बाद डुप्लीकेट स्कोरकार्ड 15 कार्य दिवसों के अंदर जारी किया जाएगा. अगर आवेदन में कोई कमी या दस्तावेज अधूरे हैं, तो NTA इसकी सूचना 10 कार्य दिवसों के अंदर दे सकता है और सुधार किए गए आवेदन की प्राप्ति के बाद 15 कार्य दिवस की अवधि शुरू होगी. डुप्लीकेट स्कोरकार्ड उम्मीदवार के दिए गए पते पर भेजा जाएगा और इसकी डिजिटल कॉपी रजिस्टर्ड ईमेल पर भी भेजी जाएगी. ये भी पढ़ें: एग्रीकल्चर पढ़ने का बना रहे हैं प्लान? पूसा के इस कॉलेज में लें एडमिशन, टॉप 20 में है शामिल Information In Duplicate Scorecard: स्कोर कार्ड में क्या जानकारियां दी होगी? NTA ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट nta.ac.in पर नाेटिस जारी करके बताया है कि डुप्लीकेट स्कोरकार्ड उम्मीदवार के मूल परीक्षा रिकॉर्ड से सत्यापित होगा. इसमें उम्मीदवार का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, परीक्षा का नाम और वर्ष, एप्लीकेशन/रजिस्ट्रेशन नंबर, रोल नंबर, जहां लागू हो वहां विषयवार अंक, परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक जैसी जानकारी दी जाएगी. इसमें डिजिटल सिग्नेचर, यूनिक वेरिफिकेशन आईडी और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए QR कोड भी होगा. ये भी पढ़ें: BTech Computer Science को मिला 59 LPA, Google में प्लेसमेंट देकर छा गया ये कॉलेज The post NTA Scorecard खो गया है? अब ऐसे मिलेगा Duplicate Scorecard, NTA ने जारी की पूरी प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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वाराणसी में मुठभेड़: UP ATS की कार्रवाई में चतरा का 30 लाख का इनामी TSPC सुप्रीमो बृजेश गंझू ढेर

चतरा. झारखंड में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TSPC के सुप्रीमो बृजेश गंझू को उत्तर प्रदेश ATS की टीम ने मुठभेड़ में मार गिराया है. रविवार तड़के हुई मुठभेड़ में बृजेश गंझू की मौत हो गयी. इसकी पुष्टि चतरा एसपी अभिषेक नैथानी ने भी की है. उन्होंने कहा कि घटना सही है. यूपी पुलिस से बात करने के बाद पूरी जानकारी देने की बात कही है. यह मुठभेड़ वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुई है. बृजेश गंझू पर झारखंड प्रशासन की ओर से 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उस पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा था. इस तरह उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था. लंबे समय से सक्रिय था बृजेश गंझू बृजेश गंझू लंबे अरसे से क्षेत्र में सक्रिय था. TSPC संगठन से जुड़ने से पहले वह माओवादी संगठन में सक्रिय था। वर्ष 2005 में TSPC का गठन किया था. ये भी पढ़ें: SIR में दस्तावेजों को लेकर CEO का निर्देश, नहीं मांगें जायेंगे अतिरिक्त कागजात; उपलब्ध रिकॉर्ड से होगी पात्रता की जांच गुप्त सूचना पर सुबह पांच बजे हुई घेराबंदी ATS के डिप्टी एसपी विपिन राय के मुताबिक, टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि झारखंड का वांटेड उग्रवादी कमांडर बृजेश गंझू तड़के रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान में टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की ओर जाने वाले रास्ते से गुजरने वाला है. सूचना के आधार पर ATS टीम ने सुबह करीब पांच बजे क्षेत्र में कड़ी घेराबंदी की. इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा. ATS टीम ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस टीम पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में शुरू हुई मुठभेड़ उग्रवादी की तरफ से हुई गोलीबारी के बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की. दोनों ओर से हुई इस मुठभेड़ में बृजेश गंझू को गोली लग गयी और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा. इसके बाद ATS की टीम उसे तत्काल घायल अवस्था में नजदीकी अस्पताल ले गयी, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जांच के बाद उसकी पहचान झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र स्थित लूटू गांव निवासी बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के रूप में हुई. ये भी पढ़ें: रोजगार मेले में 143 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, खिले चेहरे; रेलवे में सबसे अधिक नौकरी The post वाराणसी में मुठभेड़: UP ATS की कार्रवाई में चतरा का 30 लाख का इनामी TSPC सुप्रीमो बृजेश गंझू ढेर appeared first on Naya Vichar.

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हूतियों ने सऊदी पर दागी मिसाइलें: रियाद एयरपोर्ट के पास उठा धुएं का गुबार, अरामको को भी बनाया निशाना

Houthis Attack on Saudi Arab : यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शनिवार को सऊदी अरब के बेहद संवेदनशील ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स से जोरदार हमला बोला. इस हमले के कुछ ही देर बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास से आसमान में गहरा काला धुआं उठता देखा गया. रॉयटर्स के वीडियो और तस्वीरों में हवाई अड्डे के फ्यूल टैंकों के पीछे से भीषण आग की लपटें निकलती साफ नजर आईं. हालांकि, हमले की वजह से सीधे कितना नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम ने दावा किया कि उसने रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया. शनिवार तड़के राजधानी रियाद और अल-खर्ज इलाके में लोगों के मोबाइल पर आपातकालीन अलर्ट भेजे गए थे और जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं थीं. अरामको के ठिकानों पर निशाना, हूतियों ने कहा- ‘दोनों ऑपरेशन कामयाब’ हूती विद्रोही सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने दो बड़े सैन्य ऑपरेशन चलाए हैं. पहला हमला राजधानी रियाद के संवेदनशील ठिकानों पर किया गया, जबकि दूसरा निशाना लाल सागर तट पर स्थित सऊदी तेल कंपनी ‘अरामको’ के यानबू प्लांट को बनाया गया. प्रवक्ता का दावा है कि उनके क्रूज मिसाइलों और ड्रोन्स ने सटीक वार किया, जिससे ठिकानों पर भीषण आग लग गई. हूतियों ने इसे यमन पर सऊदी अरब की ओर से की जा रही लगातार बमबारी का बदला बताया है. दूसरी तरफ, सऊदी अरब के सैन्य गठबंधन का कहना है कि उसने यानबू, ताइफ, बैश और फरासन जैसे इलाकों में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया है. सऊदी लड़ाकू विमान F-15 गिराने का भी दावा इस ताजा हमले से ठीक तीन दिन पहले हूतियों ने एक और बड़ा दावा किया था. उनका कहना था कि उन्होंने यमन के मारिब प्रांत के ऊपर अपनी स्वदेशी मिसाइल से सऊदी अरब के सबसे आधुनिक फाइटर जेट F-15 (F-15SA एडवांस्ड ईगल) को मार गिराया है. हूतियों ने इस विमान के मलबे का वीडियो भी जारी किया था. हालांकि सऊदी अरब ने अपने फाइटर जेट के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. ग्लोबल तेल सप्लाई और समुद्री रास्तों पर गहराया संकट हूतियों की यह बढ़ती आक्रामकता दुनिया भर के बाजारों के लिए खतरे की घंटी बन गई है. हाल के दिनों में हूतियों ने लाल सागर के कई अहम तटीय इलाकों और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच होने वाले समुद्री व्यापार का मुख्य केंद्र है. हूतियों ने सऊदी अरब की समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया है, जिससे तेल की वैश्विक आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. इस तनाव के बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा है कि तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते के तहत वे सऊदी अरब को सैन्य मदद देने के लिए तैयार हैं. दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट में पहले से ही जारी तनाव के बीच इस नए मोर्चे ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. ये भी पढ़ें: उज्जैन के पास उफनते नाले में गिरी कार, मां बगलामुखी दर्शन को जा रहे एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत The post हूतियों ने सऊदी पर दागी मिसाइलें: रियाद एयरपोर्ट के पास उठा धुएं का गुबार, अरामको को भी बनाया निशाना appeared first on Naya Vichar.

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‘मैं अपनी बीवी को कॉल करके रोता था…’, एक ओवर में 30 रन पड़ने के बाद डिप्रेशन में चले गए थे इशांत शर्मा

Ishant Sharma Toughest Phase Story: हिंदुस्तानीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के करियर में कई शानदार पल रहे हैं, लेकिन एक ऐसा दौर भी आया था जब एक मैच ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था. साल 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्पोर्ट्से गए मुकाबले में जेम्स फॉकनर के एक ओवर में 30 रन लुटाने के बाद इशांत शर्मा मानसिक तौर पर बुरी तरह प्रभावित हुए थे. उन्होंने बताया कि वह इस घटना के बाद करीब 15 दिनों तक परेशान रहे और अपनी पत्नी को फोन करके रोते थे. जब हिंदुस्तान जीत के बेहद करीब था 19 अक्टूबर 2013 को मोहाली में हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मुकाबला स्पोर्ट्सा गया था. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महेंद्र सिंह धोनी के शानदार 139 रन की मदद से 303 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया की पारी में एक समय ऐसा आया जब हिंदुस्तानीय टीम जीत की तरफ बढ़ती दिख रही थी. मेहमान टीम को आखिरी तीन ओवर में 44 रन की जरूरत थी. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 48वें ओवर के लिए गेंद इशांत शर्मा को थमाई. सामने ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर जेम्स फॉकनर थे. इसके बाद जो हुआ, वह हिंदुस्तानीय क्रिकेट फैंस शायद ही भूल पाएं. फॉकनर ने एक ओवर में कूट दिए 30 रन इशांत के उस ओवर में फॉकनर ने चौका और छक्कों की बरसात कर दी. उन्होंने ओवर में 4, 6, 6, 2, 6, 6 रन बनाए. यानी एक ही ओवर में 30 रन. ओवर शुरू होने से पहले ऑस्ट्रेलिया को 18 गेंदों में 44 रन चाहिए थे. लेकिन छह गेंदों के बाद समीकरण पूरी तरह बदल चुका था और ऑस्ट्रेलिया को 12 गेंदों में सिर्फ 14 रन चाहिए थे. फॉकनर ने इसके बाद भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 29 गेंदों पर नाबाद 64 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से जीत दिला दी. इशांत के लिए यह सिर्फ एक मैच की हार नहीं थी. उन्हें लग रहा था कि उनकी वजह से हिंदुस्तान मैच हार गया. जिसके बाद वो कुछ दिन से इस सदमे से उबर नहीं पाए. ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: अगर मोहसिन नकवी ने पहनाया मेडल तो क्या करेगी टीम इंडिया? IOA ने दिया जवाब ‘मैं अपनी बीवी को कॉल करके रोता था’ इंशात शर्मा पत्नी प्रतिमा सिंह के साथ (फोटो- सोशल मीडिया) न्यूज18 के खास शो ‘जज्बा’ में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर के बारे में बात करते हुए इशांत शर्मा ने बताया कि वह उस समय मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे. उनके दिमाग में बार-बार वही ओवर और फॉकनर की बल्लेबाजी घूमती रहती थी. इशांत ने बताया कि वह अपनी पत्नी को फोन करके रोया करते थे. उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के बाद करीब 15 दिनों तक वह इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाए. इस घटना के बाद उस समय उनकी मंगेतर और अब पत्नी प्रतिमा सिंह ने उन्हें इस मुश्किल दौर से बाहर निकालने में काफी मदद की. प्रतिमा खुद भी स्पोर्ट्स से जुड़ी रही हैं और स्पोर्ट्स के दबाव को समझती थीं. उन्होंने इंशात को समझाया कि क्रिकेट जिंदगी का सिर्फ एक हिस्सा है. एक मैच या एक खराब प्रदर्शन पूरी जिंदगी तय नहीं कर सकता. उन्होंने अपनी गलतियों पर काम करने और दोबारा मैदान पर लौटने का फैसला किया. जिस ओवर को भूलना चाहते थे, वही बना टर्निंग पॉइंट इशांत ने बाद में बताया कि 2013 की उस घटना के बाद उन्होंने क्रिकेट को और गंभीरता से लेना शुरू किया. उन्होंने अपनी गेंदबाजी में बदलाव किए और अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेना सीखा. इसके बाद इशांत ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई. वह हिंदुस्तान के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाजों में शामिल हुए और 100 से ज्यादा टेस्ट स्पोर्ट्सने वाले हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों में जगह बनाई. ये भी पढ़ें: Shivam Dube MS Dhoni Captain: धोनी या कोहली में शिवम दुबे ने किसे चुना बेस्ट कप्तान? बुमराह, SKY और रोहित शर्मा पर भी दिया जवाब The post ‘मैं अपनी बीवी को कॉल करके रोता था…’, एक ओवर में 30 रन पड़ने के बाद डिप्रेशन में चले गए थे इशांत शर्मा appeared first on Naya Vichar.

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Salman Khan on Paparazzi: पपराजी के ‘गंदे’ कैमरा एंगल पर भड़के सलमान खान, कहा- ‘घूमकर थप्पड़ मारो’

Salman Khan on Paparazzi: बॉलीवुड एक्टर सलमान खान एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर चर्चा में हैं. इस बार उन्होंने पपराजी के उस रवैये पर नाराजगी जाहिर की, जिसमें एक्ट्रेसेस की तस्वीरें खींचते समय उनके शरीर के निजी हिस्सों पर कैमरा फोकस किया जाता है. ‘वीकेंड का वार’ में सलमान ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की और कहा कि हर अभिनेत्री को इस तरह की तस्वीरें पसंद नहीं आतीं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्त्रीएं ऐसे शॉट्स लेने से मना करती हैं, तो इसके बावजूद उनकी तस्वीरें क्यों खींची जाती हैं. गाड़ी से उतरते और बैठते समय कैमरे कहां होते हैं? सलमान खान ने माही से बात करते हुए पपराजी के कैमरा एंगल पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब कोई एक्ट्रेस गाड़ी से उतरती है, तो कैमरे उसकी जांघों की तरफ होते हैं. वहीं, गाड़ी में बैठते समय पीछे से तस्वीरें खींची जाती हैं, ताकि उनके हिप्स या शरीर के दूसरे हिस्सों के शॉट्स मिल सकें. 🚨 Salman Khan SLAMS the so-called paparazzi who invade women’s privacy, take creepy close-up shots and then turn it into “Guess Who?” content. How low can the paps go for views? 🤮 Someone finally called out this disgusting behaviour. 👏🏻🔥 pic.twitter.com/NNQG8UQ9kO — BBTak (@BiggBoss_Tak) September 19, 2026 “> सलमान ने इस तरह की फोटोग्राफी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हर अभिनेत्री को यह सब पसंद नहीं होता. कुछ स्त्रीएं भले ही ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सभी की सहमति मान ली जाए. उन्होंने सवाल किया कि उन अभिनेत्रियों के बारे में कौन सोचेगा, जिन्हें इस तरह की तस्वीरें खिंचवाना बिल्कुल पसंद नहीं है? सई मांजरेकर और नेहा धूपिया का भी किया जिक्र सलमान खान ने बातचीत के दौरान सई मांजरेकर और नेहा धूपिया का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि इन अभिनेत्रियों ने भी पपराजी से इस तरह के पीछे से लिए जाने वाले शॉट्स नहीं लेने की बात कही है. सलमान ने अपनी भतीजी का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने भी ऐसे शॉट्स लेने से मना किया था. अभिनेता ने यह भी सवाल उठाया कि कुछ तस्वीरों के साथ कैप्शन में ‘गेस हू?’ या ‘पहचान कौन?’ लिखकर स्त्रीओं की पहचान को छिपाने की कोशिश की जाती है. उन्होंने इस तरह के रवैये पर आपत्ति जताई. ये भी पढ़ें: Bigg Boss 20: ‘हमें नहीं खरीदा है तुमने’, ट्रोल्स पर क्यों फूटा सलमान का गुस्सा? भाईजान ने उतारी जैकेट और दे दिया करारा जवाब ‘जहां ऐसा हो, घूमकर थप्पड़ मारो’ सलमान खान ने स्त्रीओं से कहा कि अगर कोई इस तरह की तस्वीरें लेने की कोशिश करे, तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए. उन्होंने गुस्से में कहा कि ऐसी हरकत करने वालों को घूमकर थप्पड़ मारो और उन्हें अपने परिवार की स्त्रीओं के बारे में सोचने के लिए कहो. सलमान खान, फोटो- इंस्टाग्राम सलमान ने पपराजी के कामकाज पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि आखिर इन लोगों को किसने बनाया और इन्हें प्रेस कार्ड किसने दिया? उनका कहना था कि कुछ लोगों को ऐसी तस्वीरों की जरूरत नहीं है और उनकी निजी जिंदगी का सम्मान किया जाना चाहिए. परिवार की स्त्रीओं की तस्वीरों का दिया उदाहरण सलमान ने कहा कि जो स्त्रीएं किसी की पत्नी, गर्लफ्रेंड या मां हैं, उनमें से कई को इस तरह की तस्वीरें पसंद नहीं आतीं. इसके बावजूद उनकी तस्वीरें खींची जाती हैं. अभिनेता ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्त्रीओं की पसंद और उनकी सहमति का सम्मान किया जाना चाहिए. सलमान खान की यह टिप्पणी मनोरंजन जगत में पपराजी की फोटोग्राफी और स्त्री कलाकारों की निजता को लेकर चर्चा का विषय बन सकती है. ये भी पढ़ें: ट्रांसप्लांट नहीं करवाया, दोस्त चला गया था… Bigg Boss 20 में गंजे होने की वजह बताते हुए छलका सलमान खान का दर्द, ट्रोलर्स की लगाई क्लास The post Salman Khan on Paparazzi: पपराजी के ‘गंदे’ कैमरा एंगल पर भड़के सलमान खान, कहा- ‘घूमकर थप्पड़ मारो’ appeared first on Naya Vichar.

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DUSU Election Result: 20 राउंड में अध्यक्ष पद की बदलती रही तस्वीर, सिर्फ 2,053 वोट से जीते यश डबास; ऐसे पलटा खेल

DUSU Election Result 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं. अखिल हिंदुस्तानीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने चार में से तीन केंद्रीय पदों पर जीत दर्ज की है. ABVP के यश डबास ने अध्यक्ष, रिया छाबड़ी ने सचिव और लक्ष्य राज सिंह ने संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की. वहीं निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर कब्जा किया. अध्यक्ष पद के मुकाबले में ABVP के यश डबास और कांग्रेस से संबद्ध हिंदुस्तानीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के विजय शंकर मीणा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. 20 राउंड तक चली मतगणना में कई बार बढ़त बदली. आखिरकार यश डबास ने विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हरा दिया. पहले राउंड में डबास आगे, दूसरे में मीणा ने बनाई बढ़त अध्यक्ष पद की मतगणना के पहले राउंड में यश डबास ने बढ़त के साथ शुरुआत की. उन्हें 1,305 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा को 1,191 वोट मिले. यानी पहले राउंड में डबास 114 वोट से आगे थे. हालांकि, दूसरे राउंड में तस्वीर बदल गई. इस राउंड में यश डबास को 2,448 वोट मिले, जबकि विजय शंकर मीणा के खाते में 2,712 वोट आए. इसके साथ ही मीणा ने बढ़त बना ली. चौथे राउंड तक उन्होंने अपनी बढ़त कायम रखी. पांचवें राउंड में यश डबास ने की वापसी पांचवें राउंड में यश डबास ने एक बार फिर मुकाबले में वापसी की. इस राउंड में उन्हें 5,790 वोट मिले और उन्होंने मीणा पर मामूली बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला लगातार करीबी बना रहा. नौवें राउंड में फिर आगे निकले विजय शंकर मीणा मतगणना के नौवें राउंड में NSUI के विजय शंकर मीणा ने एक बार फिर बढ़त बना ली. उन्हें 10,888 वोट मिले और वह यश डबास से सिर्फ एक वोट आगे निकल गए. इसके बाद 14वें राउंड तक मीणा ने अपनी बढ़त बनाए रखी. इस दौरान अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद करीबी बना रहा और हर राउंड के साथ नतीजे को लेकर तस्वीर बदलती रही. 15वें राउंड में डबास ने फिर पलटा मुकाबला 15वें राउंड की मतगणना में यश डबास ने एक बार फिर बढ़त हासिल कर ली. इस राउंड में उनके वोटों की संख्या 17,315 पहुंच गई. वह विजय शंकर मीणा से 200 से भी कम वोटों से आगे थे. इसके बाद डबास की बढ़त धीरे-धीरे बढ़ती गई. 20वें और अंतिम राउंड की गिनती पूरी होने के बाद यश डबास ने 2,053 वोटों के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया. ये भी पढ़ें: DUSU Elections Result 2026: कोई टेनिस खिलाड़ी तो कोई हैंडबॉल स्टार, जानें डूसू के विजेताओं की कहानी DUSU चुनाव में किसे कितने वोट मिले? अध्यक्ष पद अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल किए. उन्होंने NSUI के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से हराया. उपाध्यक्ष पद उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की. उन्हें कुल 30,615 वोट मिले. शौकीन को NSUI से टिकट नहीं मिला था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा. सचिव पद सचिव पद पर ABVP की रिया छाबड़ी विजयी रहीं. उन्हें 21,650 वोट मिले, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले. संयुक्त सचिव पद संयुक्त सचिव पद पर ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की. उन्हें 16,615 वोट मिले. समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 वोट मिले. ये भी पढ़ें: Video : DUSU चुनाव पर घमासान, गड़बड़ी के आरोप के बीच छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस एक्शन पिछले साल कैसा रहा था DUSU का नतीजा? पिछले साल भी ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की थी. वहीं उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था. इस बार उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीता, जबकि ABVP ने तीन केंद्रीय पदों पर अपनी जीत बरकरार रखी. ये भी पढ़ें: DUSU Result: डूसू चुनाव में कांग्रेस पस्त, राहुल गांधी निशाने पर, बोले सीएम धामी- Gen Z ने ‘झूठ की गूंज’ को नकारा The post DUSU Election Result: 20 राउंड में अध्यक्ष पद की बदलती रही तस्वीर, सिर्फ 2,053 वोट से जीते यश डबास; ऐसे पलटा स्पोर्ट्स appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान को मिल गया अमीर होने का फॉर्मुला! विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, 26.79 अरब डॉलर पहुंचा रिजर्व

पाकिस्तान ने विदेशी मुद्रा भंडार में नया रिकॉर्ड बनाया है.11 सितंबर को देश का कुल विदेशी मुद्रा रिजर्व बढ़कर 26.79 अरब डॉलर हो गया. इसमें स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास 21.39 अरब डॉलर और वाणिज्यिक बैंकों के पास 5.40 अरब डॉलर हैं. हालांकि, रिजर्व में हुई यह तेज बढ़ोतरी सिर्फ निर्यात या देश की अपनी कमाई के कारण नहीं हुई है. रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में हुई इस बढ़ोतरी में, यूरोबॉन्ड से मिली रकम और दूसरे बाहरी वित्तीय स्रोतों की भी बड़ी भूमिका है. तीन साल में 3 अरब डॉलर से 26 अरब डॉलर की छलांग पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए जनवरी 2023 पर नजर डालना जरूरी है. उस समय स्टेट बैंक (SBP) के पास विदेशी मुद्रा रिजर्व करीब 3.2 अरब डॉलर था, जबकि शुद्ध रिजर्व करीब 3.1 अरब डॉलर के आसपास रहा था. इसके बाद पाकिस्तान ने बाहरी वित्तीय सहायता, रेमिटेंस और विदेशी मुद्रा प्रवाह के जरिए अपने रिजर्व को धीरे-धीरे मजबूत किया. स्टेट बैंक ने भी 2023 में बताया था कि जनवरी के निचले स्तर से रिजर्व में सुधार हुआ था और इसमें गैर-कर्ज वाले विदेशी प्रवाह की भूमिका रही थी. 11 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में स्टेट बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार में 3.061 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई. पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 18.328 अरब डॉलर से बढ़कर 21.389 अरब डॉलर हो गया. स्टेट बैंक के मुताबिक, इस उछाल की मुख्य वजह पाकिस्तान को यूरोबॉन्ड से मिली रकम थी. इसका सीधा मतलब है कि एक हफ्ते में रिजर्व का 3 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ना पाकिस्तान की इतनी नई विदेशी कमाई नहीं है. इसमें उधार के जरिए जुटाई गई रकम भी शामिल है. 11 सितंबर 2026 तक पाकिस्तान का कुल लिक्विड विदेशी मुद्रा रिजर्व 26.791 अरब डॉलर था. इसमें 21.389 अरब डॉलर स्टेट बैंक के पास और 5.402 अरब डॉलर वाणिज्यिक बैंकों के पास थे. एक हफ्ते पहले देश का कुल रिजर्व 23.716 अरब डॉलर था. ये भी पढ़ें: Video : US के पूर्व NSA ने कहा-धोखेबाज है पाकिस्तान…पैसे के लिए कुछ भी कर सकता है! रेमिटेंस से भी मिल रहा है डॉलर का सहारा पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा खाते को मजबूत करने में विदेशों में काम करने वाले पाकिस्तानियों की भेजी रकम यानी रेमिटेंस की भी अहम भूमिका है. स्टेट बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में पाकिस्तान को 3.66 अरब डॉलर की रेमिटेंस मिली. जुलाई में यह आंकड़ा करीब 3.63 अरब डॉलर था. यानी लगातार दूसरे महीने विदेशों से आने वाली रकम 3.6 अरब डॉलर से ऊपर रही. लेकिन पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ रिजर्व बढ़ने के बावजूद पाकिस्तान के सामने एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. अगस्त 2026 में देश का चालू खाते का घाटा 9.8 करोड़ डॉलर रहा. जुलाई में यह घाटा 44.5 करोड़ डॉलर था. यानी बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार पाकिस्तान के लिए राहत जरूर है, लेकिन इसे वित्तीय स्थिति की सभी समस्याओं का समाधान नहीं माना जा सकता. रिजर्व को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखने के लिए निर्यात बढ़ाना, रेमिटेंस का प्रवाह बनाए रखना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और बाहरी कर्ज की जरूरत को संभालना जरूरी होगा. ये भी पढ़ें: सऊदी अरब पर हमले के लिए कौन दे रहा हूतियों को पैसा और हथियार? विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने से पाकिस्तान को क्या फायदा? विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने का सीधा फायदा यह है कि पाकिस्तान जरूरत पड़ने पर इन पैसों से तेल, मशीनरी, कच्चा माल और दूसरी जरूरी चीजें विदेशों से खरीद सकता है. इसके अलावा पाकिस्तान को अपने विदेशी कर्ज की किस्त और ब्याज चुकाने के लिए भी डॉलर की जरूरत होती है. ज्यादा रिजर्व होने से इन भुगतानों को पूरा करने में कुछ राहत मिलती है. पाकिस्तान का मौजूदा विदेशी मुद्रा भंडार करीब तीन महीने के आयात खर्च के बराबर बताया जा रहा है.जिसका एक मतलब ये है पाकिस्तान अगले तीन महीने तक बिना कोई नया डॉलर कमाए आराम से काम चला सकता है. हालांकि यह पूरा सच नहीं है क्योंकि इसमें से बड़ा हिस्सा विदेशी देनदारियों और बाहरी ऋण से बंधा हुआ है.जिसे बाद में उसे चुकाना होगा. The post पाकिस्तान को मिल गया अमीर होने का फॉर्मुला! विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, 26.79 अरब डॉलर पहुंचा रिजर्व appeared first on Naya Vichar.

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SIR में दस्तावेजों को लेकर CEO का निर्देश, नहीं मांगें जायेंगे अतिरिक्त कागजात; उपलब्ध रिकॉर्ड से होगी पात्रता की जांच

रांची. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चल रही सुनवाई में मतदाताओं से कोई खास या अतिरिक्त दस्तावेज़ नहीं माँगा जाएगा. पहले से मौजूद दस्तावेज़ों के आधार पर उनकी पात्रता की जांच करके नियमानुसार स्पीकिंग ऑर्डर दिया जा सकता है. यह निर्देश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रविकुमार ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आयोजित समीक्षा और शंका निवारण सत्र में सभी ERO और ARO को दिया. एक भी पात्र हिंदुस्तानीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न रहे CEO ने कहा कि SIR का मकसद ये पक्का करना है कि कोई भी योग्य हिंदुस्तानीय नागरिक वोटर लिस्ट से बाहर न रहे और कोई अयोग्य या विदेशी नागरिक लिस्ट में शामिल न हो. उन्होंने फॉर्म-6 के ज़रिए मिले नए और युवा योग्य हिंदुस्तानीय नागरिकों के आवेदनों को समय पर डिजिटाइज करने का भी निर्देश दिया. मुखिया से जारी वंशावली मान्य नहीं CEO ने साफ किया कि सिर्फ सक्षम अधिकारी या अंचल अधिकारी के स्तर से जारी वंशावली या पारिवारिक सूची ही मानी जाएगी. मुखिया के स्तर पर मतदाताओं द्वारा दी जा रही वंशावली को मान्य दस्तावेज़ नहीं माना जाएगा. मतदान केंद्रों का फिर होगा स्थल निरीक्षण CEO ने नजरी नक्शे के आधार पर बने मतदान केंद्रों की दोबारा जाँच और साइट पर जाकर निरीक्षण करने का निर्देश दिया. इसके बाद मतदान केंद्रों का फाइनल ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. सभी ERO और AERO को BLO के कामों की रोज़ाना समीक्षा करने और उन्हें ज़रूरी मदद देने को कहा गया, ताकि पुनरीक्षण का काम तय समय-सीमा में अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा हो सके. ये भी पढ़ें: माध्यमिक आचार्य नियुक्ति में 102 अभ्यर्थियों की डिग्री जांच के घेरे में, 2 निजी विश्वविद्यालयों से PG-BEd करने वालों पर उठे सवाल स्त्री मतदाताओं के लिए माता-पिता से मैपिंग मान्य समीक्षा के दौरान स्त्री मतदाताओं से जुड़े एक सवाल पर CEO ने साफ किया कि ससुराल में रह रही स्त्री मतदाता के वेरिफिकेशन के लिए माता-पिता से मैपिंग मान्य होगी. अगर ऐसी स्त्री योग्य हिंदुस्तानीय नागरिक है और उसके पास अपने दस्तावेज़ नहीं हैं, तो उसके माता-पिता या भाई-बहन द्वारा वोटर लिस्ट में दिए जा रहे मान्य दस्तावेज़ों को जमा करके उसका नाम जोड़ा जा सकता है. 1934 में जन्मे बुजुर्गों के लिए रिवर्स पैरेंटल लिंकेज वहीं, 1934 में जन्मे ऐसे बड़े वोटर, जिनके पास खुद का कोई दस्तावेज़ नहीं है, उनके मामले में योग्य हिंदुस्तानीय नागरिक बच्चों या नाती-पोतों से रिवर्स पैरेंटल लिंकेज के ज़रिए वेरिफिकेशन करके वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया अपनाने को कहा गया. ये भी पढ़ें: वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में झारखंड ने उठाया खनन सेस का मुद्दा, राज्यों को फिर मिले अधिकार; केंद्र के सामने रखीं 3 मांगें The post SIR में दस्तावेजों को लेकर CEO का निर्देश, नहीं मांगें जायेंगे अतिरिक्त कागजात; उपलब्ध रिकॉर्ड से होगी पात्रता की जांच appeared first on Naya Vichar.

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