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पत्रकार से सेक्सुअल हरासमेंट: CJP ने की FIR दर्ज करने की मांग, कहा- ‘ACP विवेक भगत को क्यों बचाया जा रहा है?’

सौरव दास ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद वह और CJP नेता रत्ना सिंह पुलिस के पास पहुंचे थे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर FIR दर्ज नहीं की गई, तो पत्रकारों और दूसरे प्रदर्शनकारियों का ग्रुप दोबारा पुलिस थाने पहुंचेगा. उन्होंने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने की मांग की. दास ने कहा कि इस मामले को लेकर कई प्रदर्शनकारी और पत्रकार पहले से ही पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. वे लगातार पुलिस से FIR दर्ज करने की मांग कर रहे थे. दास ने आरोप लगाया कि पुलिस FIR दर्ज करने को तैयार नहीं है. उन्होंने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि सार्वजनिक जगह पर सेक्सुअल हरासमेंट (स्त्री को गलत तरीके से छूने का आरोप) के आरोप झेल रहे ACP विवेक भगत के खिलाफ मामला क्यों दर्ज नहीं किया जा रहा है. दास ने कहा कि पुलिस अधिकारी को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है. उन्होंने यह भी पूछा कि विवेक भगत के मामले में ऐसा क्या है, जिसके चलते पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बच रही है. सौरव दास ने कहा, “हमने पुलिस से कहा है कि अगर वीडियो देखने के लिए समय चाहिए तो आप समय ले सकते हैं. लेकिन FIR दर्ज करनी होगी. यदि ऐसा नहीं हुआ तो प्रदर्शनकारी फिर पुलिस थाने के बाहर पहुंचेंगे और FIR की कॉपी लेकर रहेंगे.” सौरव दास ने पूरे मामले पर क्या कहा, यहां सुनिए The post पत्रकार से सेक्सुअल हरासमेंट: CJP ने की FIR दर्ज करने की मांग, कहा- ‘ACP विवेक भगत को क्यों बचाया जा रहा है?’ appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video : ‘चुपकर दलाल कहीं का, दलाल है तू’, किस पुलिस वाले पर फट पड़ीं नेहा बोरा

Watch Video : ‘’गाली किसने नहीं दी…वो आदमी अपना बैच हटाकर घूम रहा है. एसएचओ है शायद…वो जान से मारने की धमकी दे रहा है. ये आदमी दलाली करता है.’’ यदि आप ये लाइन पढ़कर सोचने लगे कि आखिर ये शब्द किसके हैं, तो आइए आपको हम पूरी बात बताते हैं. दरअसल, नेहा बोरा एक वीडियाे सामने आया है जिसमें वो बहुत गुस्से में नजर आ रहीं हैं. वीडियो की शुरुआत में नजर आ रहा है कि नेहा बोरा अपने साथियों के साथ आ रहीं हैं. जैसे ही वो आगे बढ़तीं हैं, उन्हें दिल्ली पुलिस के जवान रोकने लगते हैं. इसके बाद नेहा गुस्से में कहती है, सर…स्त्री प्रोटेस्टर सर…वाट आर यू डूइंग सर…’ इसके बाद धक्का देते हुए प्रोटेस्टर आगे बढ़ते हैं. पुलिस का जवान इस दौरान जोर जोर से सीटी बजाता वीडियो में नजर आ रहा है. स्त्री पुलिस इस दौरान दौड़कर आती है और प्रोटेस्टर को रोकती है. नेहा बोरा और उनके समर्थक नारे लगाते हैं- वोट चोर कहां मिलेंगे..बीजेपी के दफ्तर में…एक दूसरा नारा भी लगने लगता है- सीईसी कहां मिलेंगे…बीजेपी के दफ्तर में…आगे नारा लगता है- मैडम सारे रेपिस्ट कहां मिलेंगे..बीजेपी के दफ्तर में…इसके बाद और भी नारे लगते हैं और स्त्री पुलिस प्रदर्शन करते हुए लोगों को रोकने का प्रयास करती वीडियो में दिख रही है. यही वीडियो हो रहा है वायरल View on Instagram नारे यहीं खत्म नहीं होते. अब वहां मौजूद प्रदर्शनकारी सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगाने लगते हैं. वीडियो में नारे सुनाई दे रहे हैं- ज्ञानेश कुमार को अरेस्ट करो. इस बीच एक स्त्री पुलिस नेहा को समझाती वीडियो में नजर आ रही है. नेहा इस  दौरान भी नहीं रुकीं. वह नारे लगाने लगीं, ‘दिल्ली पुलिस वर्दी उतारो’… आगे नजर आ रहा है कि पुलिस सभी प्रदर्शनकारी को बस में बैठा रही है. इस दौरान कुछ देर के लिए हलचल मच जाती है. पुलिस कुछ लोगों को हटाते नजर आ रही है. इस बीच वीडियो में आवाज आ रही है कि ये है पावर का नशा…आगे का नजारा कुछ अलग ही दिखा. बस के अंदर नेहा बोरा और दूसरे समर्थकों की पुलिस से झड़प होती है. नेहा वीडियो में पुलिस को कहतीं दिख रहीं हैं- चुपकर दलाल कहीं का. एक पत्रकार ने बस में बैठी नेहा से सवाल किया कि आपको गाली किसने दी. इसपर नेहा ने जवाब दिया कि गाली किसने नहीं दी…एक पुलिस वाले की ओर इशारा करते हुए वह कहतीं हैं कि वो आदमी अपना बैच हटाकर घूम रहा है. एसएचओ है शायद…वो जान से मारने की धमकी दे रहा है. ये आदमी दलाली करता है. The post Watch Video : ‘चुपकर दलाल कहीं का, दलाल है तू’, किस पुलिस वाले पर फट पड़ीं नेहा बोरा appeared first on Naya Vichar.

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पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर UP ATS का बड़ा शिकंजा: 20 ठिकानों पर रेड, 24 से पूछताछ, डिजिटल कनेक्शन खंगाल रही टीम

UP Crime: पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क को लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है. एजेंसी ने शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. शुरुआती रिपोर्टों में 15 जिलों में कार्रवाई की बात सामने आई थी, जबकि बाद के अपडेट में 10 जिलों में करीब 24 लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है. एटीएस की कार्रवाई का फोकस शहजाद भट्टी के कथित नेटवर्क से जुड़े स्थानीय संपर्क, डिजिटल कनेक्शन, आर्थिक लेनदेन और लॉजिस्टिक मदद की पड़ताल पर है. जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्धों में से किन लोगों का नेटवर्क से वास्तविक और लगातार संपर्क था. 24 लोगों से पूछताछ, 18 को चेतावनी के बाद छोड़ा ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 24 लोगों को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की गई. इनमें से 18 लोगों को चेतावनी के बाद छोड़ दिया गया, जबकि छह अन्य के मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जारी है. अधिकारियों के अनुसार पूछताछ का मकसद महज संपर्क होने और नेटवर्क की गतिविधियों में वास्तविक भूमिका के बीच अंतर स्पष्ट करना है. एटीएस संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल रिकॉर्ड और दूसरे डिजिटल संपर्कों की भी जांच कर रही है. एजेंसी यह भी देख रही है कि किसी संदिग्ध ने नेटवर्क के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क, लॉजिस्टिक मदद या अन्य सहयोग तो नहीं किया. पहले पकड़े गए आरोपियों से मिले इनपुट पर बढ़ा जांच का दायरा बताया जा रहा है कि नई कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ और खुफिया इनपुट के आधार पर आगे बढ़ाई गई है. जांच एजेंसी के सामने 150 से अधिक लोगों की गतिविधियों और संपर्कों को लेकर जानकारी आने की बात सामने आई है. इसी आधार पर संदिग्धों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर पड़ताल की जा रही है. जांच का दायरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ इंडो-नेपाल सीमा से लगे इलाकों तक बताया गया है. सामने आई रिपोर्टों में लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ समेत कई जिलों का उल्लेख है. चार महीने में 52 संदिग्धों की गिरफ्तारी का दावा ताजा रिपोर्टों के अनुसार यूपी एटीएस पिछले चार महीनों में शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़ी कथित आतंकी गतिविधियों के मामलों में 52 संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है. अब इन गिरफ्तारियों से मिले इनपुट के आधार पर नेटवर्क की जमीनी कड़ियों को खंगाला जा रहा है. केंद्र ने आतंकी संगठन घोषित किया है नेटवर्क शहजाद भट्टी नेटवर्क को लेकर केंद्र प्रशासन ने भी कार्रवाई की है. गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार 16 सितंबर 2026 को शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन की सूची में शामिल किया गया. जांच एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा है. अब छह संदिग्धों के गैजेट की जांच पर नजर फिलहाल जांच का एक अहम हिस्सा संदिग्धों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल उपकरणों की पड़ताल है. छह लोगों के गैजेट की जांच जारी होने की जानकारी सामने आई है. इनसे मिलने वाले डिजिटल सुराग यह स्पष्ट करने में मदद कर सकते हैं कि कथित नेटवर्क की यूपी में जमीनी पहुंच कितनी थी और कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे. एटीएस की कार्रवाई अभी जांच के स्तर पर है. किसी व्यक्ति का पूछताछ के लिए हिरासत में लिया जाना अपने आप में उसके अपराधी या आतंकी गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है. यह भी पढ़ें: भाजपा जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप: बलिया की स्त्री पदाधिकारी बोली- वीडियो वायरल करने की धमकी देकर किया शोषण The post पाकिस्तान के शहजाद भट्टी नेटवर्क पर UP ATS का बड़ा शिकंजा: 20 ठिकानों पर रेड, 24 से पूछताछ, डिजिटल कनेक्शन खंगाल रही टीम appeared first on Naya Vichar.

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प्रभात खबर इम्पैक्ट : गोल्ड मेडलिस्ट विनीमा धान के घर जल्द बनेगा शौचालय, विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया

तोरपा/कर्रा(खूंटी). कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ की बेटी विनीमा धान ने जूनियर एशिया कप स्त्री हॉकी प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन किया है. अब उनके घर में जल्द ही शौचालय बनेगा. सम्मान समारोह के दौरान विधायक सुदीप गुड़िया के समक्ष शौचालय की समस्या उठाए जाने और इस संबंध में नया विचार में समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने पहल शुरू कर दी है. अधिकारियों ने घर पहुंचकर लिये जरूरी कागजात शनिवार को स्वच्छ हिंदुस्तान मिशन की कर्रा प्रखंड को-ऑर्डिनेटर एलीन गुड़िया एवं वीबी-जी रामजी के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रेम सुजीत कुजूर सहित अन्य अधिकारी विनीमा धान के घर कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ स्थित बाम्हण टोली पहुंचे. अधिकारियों ने विनीमा के पिता मोगो धान और माता इंपैक्ट अंजनी धान से मुलाकात की तथा शौचालय निर्माण के लिए आवश्यक कागजात प्राप्त किए. पोर्टल पर आज दर्ज होगा लाभुक का विवरण इस संबंध में एलीन गुड़िया ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए संबंधित पोर्टल पर लाभुक का विवरण आज ही दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के भीतर शौचालय निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा. विधायक के समक्ष विनीमा ने रखी थी समस्या गौरतलब है कि शुक्रवार को विधायक सुदीप गुड़िया के आवासीय कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान विनीमा धान ने अपने घर में शौचालय नहीं होने की समस्या रखी थी. उन्होंने विधायक से शौचालय बनवा देने की मांग की थी. विनीमा की इस मांग पर विधायक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के माध्यम से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया था. उपायुक्त ने अधिकारियों को दिया तत्काल प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश खूंटी के उपायुक्त जावेद हुसैन ने इस संबंध में कहा कि विनीमा धान के घर में शौचालय नहीं होने की जानकारी मिली है. उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस विषय पर तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शौचालय बनवाने का निर्देश दिया है. समाचार प्रकाशित होने के बाद शुरू हुई पहल गोल्ड मेडल जीतकर देश और राज्य का नाम रोशन करने वाली विनीमा धान के घर शौचालय की समस्या सामने आने के बाद अब विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. अधिकारियों के घर पहुंचने और कागजात लेने के बाद एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है. ये भी पढ़ें: JSSC CGL: मुख्य आरोपी दिलीप कुमार पासवान तीन दिन की रिमांड पर, आसनसोल होटल कनेक्शन की जांच तेज The post नया विचार इम्पैक्ट : गोल्ड मेडलिस्ट विनीमा धान के घर जल्द बनेगा शौचालय, विभाग ने शुरू की निर्माण की प्रक्रिया appeared first on Naya Vichar.

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कैप्टन स्मित ने सुनाई कॉकपिट की खौफनाक कहानी, कहा- नमाज के बहाने उठा को-पायलट और सिर पर कुल्हाड़ी से कर दिया वार

Flydubai Cockpit Attack: फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मछार ने 30 सितंबर को विमान के कॉकपिट में हुई घटना को लेकर नई जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने उड़ान के दौरान नमाज पढ़ने की बात कही और अपनी सीट से उठ गया. कैप्टन स्मित को लगा कि वह उनके पीछे नमाज अदा कर रहा है, इसलिए उन्होंने सम्मान के तौर पर पीछे मुड़कर नहीं देखा. कैप्टन मच्छार ने कहा- मेरे सिर के पीछे हुआ जोरदार हमला कैप्टन मच्छार ने बताया कि करीब चार से पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार किया गया. इसके बाद उन्हें पता चला कि हमला को-पायलट ने किया था. स्मित मछार ने बताया कि हमले में जिस कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया, वह विमान में आपात स्थिति के लिए रखे जाने वाले उपकरणों में शामिल थी. यह एक सामान्य उड़ान थी, और वह प्रार्थना करना चाहता था, जो कोई असामान्य बात नहीं है. जब वह प्रार्थना कर रहा था, तो सम्मान के कारण मैं आगे देख रहा था, पीछे नहीं, और अचानक मेरे सिर के पिछले हिस्से पर ज़ोरदार प्रहार हुआ. मेरा पहला विचार था कि विमान को भारी नुकसान हुआ है और कुछ गड़बड़ है. लेकिन फिर, उसके बाद, प्रहार एक के बाद एक आते रहे- कैप्टन मच्छार लगातार वार के बाद धुंधली हो गई नजर कैप्टन स्मित ने बताया कि उन्होंने हमलावर को रोकने की कोशिश की. शुरुआती वार इतने तेज थे कि उनकी नजर लगभग धुंधली हो गई. इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा. करीब दो मिनट में विमान लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया. इसके बाद हाइजैकिंग से जुड़ा डिस्ट्रेस सिग्नल भी भेजा गया. मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसके शुरुआती वारों के कारण मेरी दृष्टि लगभग धुंधली हो गई थी. सब कुछ पूरी तरह से अस्पष्ट हो गया था. उस समय मुझे जो महसूस हुआ, वह यह था कि विमान तेजी से नीचे गिर रहा था. मेरी याददाश्त अभी भी टुकड़ों में बंटी हुई है, लेकिन उस समय की जो बातें मुझे याद हैं, वे यही हैं- कैप्टन मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की कैप्टन मच्छार ने बताया कि उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन हमलावर ने उसे फिर बंद कर दिया. इसके बाद वह कॉकपिट के फर्श पर गिर गए. उन्हें विमान के तेजी से नीचे जाने की आवाज सुनाई दे रही थी. बाहर से यात्रियों के चीखने की आवाजें भी आ रही थीं. बोले कैप्टन मच्छार- मेरे अंदर एक आखिरी लड़ाई बाकी थी कैप्टन स्मित ने कहा कि उस समय उन्हें लगा कि उनके पास एक आखिरी कोशिश बची है. उन्होंने पूरी ताकत लगाकर एक बार फिर कॉकपिट के दरवाजे तक पहुंचने की कोशिश की. इस बार वह दरवाजा खोलने में सफल रहे. दरवाजा खुलते ही बाहर इंतजार कर रहे लोग कॉकपिट में घुस गए और हमलावर को काबू में कर लिया. मैंने एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन मुझे लगता है कि उसने उसे फिर से बंद कर दिया. और उस समय, मुझे याद है कि मैं कॉकपिट के फर्श पर लेटा हुआ था. मुझे विमान की गड़गड़ाहट, तेज हवा की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं. मुझमें लड़ने की आखिरी ताकत बची थी और तभी मैंने अपनी पूरी ताकत लगा दी, अपनी सारी शक्ति का इस्तेमाल किया और दरवाजे की ओर दौड़ा और दरवाजा खोल दिया- कैप्टन मच्छार यात्रियों और क्रू ने संभाली स्थिति इसके बाद फ्लाइट क्रू और यात्रियों ने हमलावर को पकड़ लिया. विमान में मौजूद दो ऐसे पायलटों ने भी मदद की, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे. उन्होंने विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की. बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंड कराया गया. फ्लाइट में कुल 180 लोग सवार थे. सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने की कैप्टन स्मित की तारीफ घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की. नेतन्याहू ने मुश्किल हालात में उनके साहस और समझदारी की तारीफ की. उन्होंने कैप्टन स्मित को हिंदुस्तान, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया. नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित भी किया. 30 सितंबर को हुई थी घटना यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी. न्यूज एजेंसी एएनआई की जानकारी के मुताबिक ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर हमला किया और विमान को गिराने की कोशिश की. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी. उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद दूसरे लोगों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू में कर लिया. Also Read: पायलट स्मित मच्छार पर अल-हमामी ने किया था कुल्हाड़ी से हमला, जानें ओमान के ‘रेड फ्लैग’ वाले को-पायलट का पूरा करियर ट्रैक The post कैप्टन स्मित ने सुनाई कॉकपिट की खौफनाक कहानी, कहा- नमाज के बहाने उठा को-पायलट और सिर पर कुल्हाड़ी से कर दिया वार appeared first on Naya Vichar.

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दवा नहीं सांसों का सौदा: झारखंड में ब्रांडेड के चक्कर में जेब हो रही खाली, जनऔषधि में 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं

रांची : कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में लगने वाले भारी-भरकम खर्च के बीच मरीजों के लिए बड़ी राहत का विकल्प मौजूद है, लेकिन जागरूकता की कमी और प्रशासनिक लचर व्यवस्था के कारण मरीज इसका पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. ‘नया विचार’ की खास पड़ताल में यह बात सामने आई है कि ‘प्रधानमंत्री हिंदुस्तानीय जनऔषधि परियोजना’ के तहत कैंसर की दवाएं नामी ब्रांडेड कंपनियों की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती मिलती हैं. हालांकि, झारखंड के रिम्स (RIMS) समेत तमाम जनऔषधि केंद्रों पर इन दवाओं की नियमित सप्लाई न होने से मजबूरन मरीजों की जेब पर डाका पड़ रहा है. कीमतों में जमीन-आसमान का अंतर नया विचार द्वारा की गई पड़ताल के अनुसार, कैंसर की दवाओं की कीमतों में चौंकाने वाला अंतर देखा गया है. ब्रेन ट्यूमर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक प्रमुख दवा की कीमत ब्रांडेड कंपनियों में जहां 20,693 रुपये है, वहीं जनऔषधि केंद्र पर यह दवा मात्र 2,517.19 रुपये में उपलब्ध है. इसी प्रकार स्तन कैंसर (Breast Cancer) के इलाज में प्रयुक्त होने वाली लेस्ट्रोजोल (Letrozole 2.5mg) की 10 गोलियों की कीमत ब्रांडेड बाजार में 313 रुपये से अधिक है, जबकि जनऔषधि केंद्र पर यह महज 31.88 रुपये में मिल जाती है. इसके बावजूद केंद्रों पर स्टॉक न होने से गरीब मरीज महंगे दामों पर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं. ये भी पढ़ें: Jharkhand Weather: 4 अक्टूबर को 24 जिलों में कैसा रहेगा मौसम, रांची समेत जानें अपने जिले का हाल रिम्स जनऔषधि केंद्र पर सप्लाई ठप, स्टॉकिस्ट ने बयां किया दर्द राजधानी रांची स्थित रिम्स (RIMS) के जनऔषधि केंद्र के स्टॉकिस्ट का कहना है कि काफी समय पहले कैंसर की एकाध दवाएं आई थीं, जिसके बाद से उनकी नियमित उपलब्धता बंद हो गई. सप्लाई नहीं मिलने के कारण कैंसर मरीजों और उनके परिजनों ने केंद्र का चक्कर काटना ही छोड़ दिया है. राज्य भर में लगभग 110 जनऔषधि केंद्र संचालित हैं, लेकिन मांग के अनुरूप लाइफ-सेविंग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं का कोटा नहीं मिलने से इस महत्वाकांक्षी प्रशासनी योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है. डॉक्टरों पर ब्रांडेड दवा लिखने का दबाव दवाओं की अनुपलब्धता के अलावा एक बड़ी समस्या डॉक्टरों की मानसिकता भी है. मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि जब वे डॉक्टरों से जेनेरिक या जनऔषधि की दवाएं लिखने का अनुरोध करते हैं, तो डॉक्टर भड़क जाते हैं. परिजनों के अनुसार, कई डॉक्टर यह कहकर डरा देते हैं कि “जनऔषधि में कैंसर की गुणवत्तापूर्ण दवाएं नहीं मिलतीं, सस्ते के चक्कर में न पड़ें, यदि मरीज की स्थिति बिगड़ी तो पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी.” इस तरह के दबाव के कारण मरीज महंगे ब्रांडेड सॉल्ट खरीदने को मजबूर हो जाते हैं. विशेषज्ञों की राय: केंद्रों की संख्या और नियमित कोटा बढ़ाना जरूरी स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि जब तक झारखंड में जनऔषधि केंद्रों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी और सीधे केंद्र प्रशासन के फार्मास्युटिकल विभाग से कैंसर दवाओं का नियमित कोटा निर्धारित नहीं होगा, तब तक इस समस्या का स्थाई समाधान संभव नहीं है. यदि रिम्स, एमजीएम और अन्य बड़े मेडिकल कॉलेजों के जनऔषधि केंद्रों पर कैंसर की दवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, तो राज्य के लाखों गरीब व मध्यमवर्गीय कैंसर पीड़ितों को हर महीने हजारों रुपये की सीधी बचत हो सकती है. ये भी पढ़ें: नया विचार स्टिंग ऑपरेशन : झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में कैंसर मरीजों से लूट, दवाइयों पर 4 गुना वसूली The post दवा नहीं सांसों का सौदा: झारखंड में ब्रांडेड के चक्कर में जेब हो रही खाली, जनऔषधि में 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाएं appeared first on Naya Vichar.

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14वीं JPSC PT धांधली में CID का एक्शन, हजारीबाग से दो सगे भाई गिरफ्तार; रांची लाकर पूछताछ शुरू

रांची. सीआइडी 14वीं JPSC PT में गड़बड़ी के तार खंगाल रही है. शनिवार को हजारीबाग में छापेमारी हुई, जहां दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक राणा और ओमप्रकाश राणा के रूप में हुई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि ये दोनों भाई इस परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क में अहम कड़ी हैं. गलत तरीकों और मिलीभगत के पक्के सबूत जांच में दोनों के गलत तरीकों और मिलीभगत से परीक्षा में सफल होने से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिलने का दावा किया गया है. सीआइडी अब इन सबूतों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. टेक्निकल सुरागों से हुई भाइयों की पहचान टेक्निकल सबूतों और दस्तावेजों की जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर सीआइडी टीम ने दोनों को पकड़ा और रांची लाकर पूछताछ शुरू की. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा गड़बड़ी में दोनों की भूमिका क्या थी और उनके संपर्क किन लोगों से थे. दोनों के संपर्कों और गड़बड़ी के नेटवर्क पर फोकस अब जांच का फोकस दोनों के संपर्कों और परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क पर है. सीआइडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों के साथ और कौन लोग जुड़े हैं तथा 14वीं जेपीएससी पीटी में हुई गड़बड़ी की पूरी कड़ी किस तरह काम कर रही थी. रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी सीआइडी दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है. रिमांड के दौरान जांच एजेंसी मामले से जुड़े संपर्कों, सबूतों और परीक्षा गड़बड़ी के नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटा सकती है. ये भी पढ़ें: पलामू के दो स्केटिंग खिलाड़ियों ने मारी बाजी, अब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दिखायेंगे दम The post 14वीं JPSC PT धांधली में CID का एक्शन, हजारीबाग से दो सगे भाई गिरफ्तार; रांची लाकर पूछताछ शुरू appeared first on Naya Vichar.

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सारण में चाकूबाजी से 3 लोगों की मौत, पहले गांव में भिड़े फिर अस्पताल में भी चला चाकू; एक की हालत गंभीर

Saran Crime News : सारण के एकमा थाना क्षेत्र के परसा परसागढ़ गांव में आपसी रंजिश को लेकर हुई चाकूबाजी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी. वारदात में घायल एक अन्य युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. विवाद के बाद चाकूबाजी में चार लोग हुए घायल जानकारी के अनुसार, परसा परसागढ़ गांव में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. देखते ही देखते विवाद चाकूबाजी में बदल गया. घटना में छपरा के काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल उर्फ धोनी, एकमा के जिरतपुर पचुआ निवासी मुकेश कुमार, रमेश यादव और विवेक कुमार घायल हो गये. इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे घायलों पर फिर चाकू चलने की बात पहली घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए एकमा स्थित डॉ. एस कुमार के निजी अस्पताल में लाया गया. इसी दौरान अस्पताल परिसर में दोबारा चाकूबाजी होने की बात सामने आयी. इसके बाद पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया. अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच भी अफरातफरी की स्थिति बन गयी. एकमा में अंकुर की मौत, छपरा में मुकेश और रमेश ने तोड़ा दम इलाज के दौरान अंकुर पटेल उर्फ धोनी की मौत एकमा के निजी नर्सिंग होम में हो गयी. वहीं, गंभीर रूप से घायल मुकेश कुमार और रमेश यादव को बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया. मृतकों में अंकुर पटेल उर्फ धोनी, मुकेश कुमार, पिता ध्रुप यादव और रमेश यादव, पिता विजय यादव शामिल हैं. गंभीर घायल विवेक को पटना किया गया रेफर घटना में घायल विवेक कुमार, पिता बिनोद कुमार की हालत गंभीर बतायी जा रही है. प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उसे पटना रेफर कर दिया है. घटना में घायल अन्य लोगों के संबंध में भी पुलिस और अस्पताल स्तर से जानकारी जुटायी जा रही है. मामा के घर आया था अंकुर, इसी दौरान हुआ विवाद बताया जा रहा है कि छपरा के काशी बाजार निवासी अंकुर पटेल उर्फ धोनी अपने मामा के घर परसा परसागढ़ आया हुआ था. इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और मामला चाकूबाजी तक पहुंच गया. हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है. आपसी रंजिश से जुड़ा मामला, जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही एकमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. सदर एसडीपीओ-2 ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना आपसी रंजिश से जुड़ी हुई प्रतीत हो रही है. हालांकि, पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी. चाकूबाजी में शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही पुलिस पुलिस अब विवाद की असली वजह, चाकूबाजी में शामिल लोगों और घटना के पूरे क्रम की जानकारी जुटा रही है. पुलिस अस्पताल में दोबारा हुई चाकूबाजी की बात की भी जांच कर रही है. तीन लोगों की मौत के बाद परसा परसागढ़ और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है. Also Read : सारण में बाढ़ प्रभावित गांवों को घोषित किया जाए बाढ़ग्रस्त, पूर्व विधायक ने DM से मांगी जीआर राशि The post सारण में चाकूबाजी से 3 लोगों की मौत, पहले गांव में भिड़े फिर अस्पताल में भी चला चाकू; एक की हालत गंभीर appeared first on Naya Vichar.

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Rishabh Pant 29th Birthday: हादसे में मरते-मरते बचे थे ऋषभ पंत, डॉक्टर से पूछा था- ‘क्या मैं फिर क्रिकेट खेल पाऊंगा?’

Rishabh Pant Birthday Special: हिंदुस्तानीय क्रिकेट के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत आज अपना 29वां जन्मदिन मना रहे हैं. 4 अक्टूबर 1997 को जन्मे पंत ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली थी. उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता है, विकेटकीपिंग में आत्मविश्वास है और मुश्किल परिस्थितियों से लड़कर वापस लौटने की उनकी कहानी उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है. पंत का 29वां जन्मदिन सिर्फ उनकी क्रिकेट उपलब्धियों को याद करने का मौका नहीं है. यह उस खिलाड़ी की कहानी को भी याद करने का दिन है, जो कुछ साल पहले एक ऐसे सड़क हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें उसकी जान जाने का खतरा था. उस वक्त पंत के सामने सबसे बड़ा सवाल क्रिकेट में वापसी का था. हादसे के बाद डॉक्टर से पूछा- क्या मैं फिर स्पोर्ट्स पाऊंगा? 30 दिसंबर 2022 को दिल्ली से रुड़की जाते समय पंत की कार डिवाइडर से टकरा गई थी. हादसा बेहद खतरनाक था. कार पलट गई और उसमें आग लग गई. पंत को गंभीर चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए मुंबई लाया गया. उनका इलाज करने वाले सर्जन डॉ. दिनशॉ पार्डीवाला ने उस वक्त को याद करते हुए बताया कि अस्पताल पहुंचते ही पंत ने सबसे पहले अपने क्रिकेट करियर के बारे में सवाल किया था. उनका सवाल था- ‘क्या मैं फिर कभी क्रिकेट स्पोर्ट्स पाऊंगा?’ घुटना बुरी तरह चोटिल, पैर बचना भी चुनौती था पंत के दाएं घुटने का डिसलोकेशन हो गया था. इसके अलावा टखने और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें थीं. डॉक्टर के मुताबिक पंत के घुटने के कई लिगामेंट टूट गए थे. 6 जनवरी 2023 को पंत के दाएं घुटने की करीब चार घंटे तक सर्जरी चली. डॉक्टरों ने तीन लिगामेंट का रिकंस्ट्रक्शन किया और टेंडन व मेनिस्कस की भी मरम्मत की. ये भी पढ़ें: IND vs PAK Asian Games 2026 Final Highlights: हिंदुस्तान ने क्रिकेट में जीता गोल्ड मेडल, पाकिस्तान को 19 रन से हराया डॉक्टर ने 18 महीने बताए, पंत ने तेजी से की वापसी डॉक्टर ने पंत को बताया था कि प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी में करीब 18 महीने लग सकते हैं. लेकिन पंत ने रिकवरी के दौरान अपनी मेहनत से सबको प्रभावित किया. वह हर चरण में खुद को आगे बढ़ाते रहे. करीब 635 दिनों की रिकवरी, इलाज और कड़ी मेहनत के बाद पंत ने प्रोफेशनल क्रिकेट में वापसी की. हिंदुस्तान के लिए तीनों फॉर्मेट में स्पोर्ट्स चुके हैं पंत फॉर्मेट मैच पारी रन सर्वोच्च स्कोर औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक छक्के टेस्ट 52 90 3725 159* 43.82 74.15 8 21 102 वनडे 31 27 871 125* 33.50 106.21 1 5 26 टी20 इंटरनेशनल 76 66 1209 65* 23.25 127.26 0 3 44 ऋषभ पंत ने हिंदुस्तान के लिए टेस्ट, वनडे और टी20, तीनों फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया है. यही उनकी प्रतिभा और क्षमता का नतीजा है कि उन्हें लगातार टीम इंडिया में मौके मिले. पंत ने हिंदुस्तान के लिए अब तक 52 टेस्ट मैचों में 43 से अधिक की औसत से 3725 रन बनाए हैं. वहीं, 31 वनडे मैचों में उनके नाम 871 रन हैं. इसके अलावा, 76 टी20 इंटरनेशनल मैचों में पंत ने 1209 रन बनाए हैं. टेस्ट क्रिकेट में पंत फिलहाल ICC रैंकिंग में 7वें स्थान पर हैं. ये भी पढ़ें: IND vs PAK: अभिषेक शर्मा ने की युवराज सिंह की बराबरी, पाकिस्तान के खिलाफ बना डाले ये 5 रिकॉर्ड 29 साल की उम्र में रिकॉर्ड्स की लंबी लिस्ट पंत ने महज 19 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था. टेस्ट क्रिकेट में वह हिंदुस्तान के सबसे सफल विकेटकीपर बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में हिंदुस्तान के किसी विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड है. रिकॉर्ड उपलब्धि रैंक/स्थिति फॉर्मेट एक मैच में सबसे ज्यादा डिसमिसल 11 पहला स्थान टेस्ट एक मैच में सबसे ज्यादा कैच 11 पहला स्थान टेस्ट एक सीरीज में विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा रन 696 दूसरा स्थान टेस्ट एक मैच की दोनों पारियों में शतक दोनों पारियों में शतक रिकॉर्ड टेस्ट करियर में सबसे ज्यादा 90+ स्कोर 7 8वां स्थान टेस्ट करियर में सबसे ज्यादा छक्के 102 तीसरा स्थान टेस्ट एक सीरीज में 300 रन और 15 विकेटकीपिंग डिसमिसल 300+ रन और 15 डिसमिसल रिकॉर्ड टेस्ट इंग्लैंड में भी पंत ने अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई है. वह विदेशी जमीन पर किसी एक देश में 1000 टेस्ट रन बनाने वाले इकलौते विकेटकीपर हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 100 से ज्यादा छक्के भी दर्ज हैं, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की तस्वीर दिखाते हैं. ये भी पढ़ें: Richest Cricket Board: आखिर कौन है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड? देखें टॉप-10 की पूरी लिस्ट The post Rishabh Pant 29th Birthday: हादसे में मरते-मरते बचे थे ऋषभ पंत, डॉक्टर से पूछा था- ‘क्या मैं फिर क्रिकेट स्पोर्ट्स पाऊंगा?’ appeared first on Naya Vichar.

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े 2006 के एक मामले में विजिलेंस जांच का आदेश दिया है. उस समय ज्ञानेश कुमार केरल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव थे. यह मामला मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या से जुड़ा है. वह केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत एमसी रोड के अपग्रेडेशन का काम कर रहे PATI-BEL कंसोर्टियम से जुड़े थे. न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी विजिलेंस जांच की जानकारी बताया गया है कि इंजीनियर के सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम था. आरोप है कि मामले की जांच को बाहरी दबाव डालकर प्रभावित किया गया और असल जांच को भटका दिया गया. गृह मंत्री ने विजिलेंस निदेशक को पूरे मामले की गहराई से जांच करने और निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. The post मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश appeared first on Naya Vichar.

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