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Roadies Rebirth: Rannvijay Singha की धमाकेदार वापसी, एक नहीं 2 OTT पर आएगा नया सीजन, जानें कब और कहां देखें

रियलिटी शो ‘रोडीज’ के फैंस के लिए इस बार मुकाबला और भी बड़ा होने वाला है. नए सीजन ‘रोडीज रिबर्थ’ में पुराने और नए चेहरों की टक्कर तो होगी ही, साथ ही शो की वापसी एक खास ट्विस्ट के साथ हो रही है. ‘रोडीज रिबर्थ’ एक नहीं, बल्कि दो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ स्ट्रीम होगा. खास बात यह है कि शो में रणविजय सिंह एक बार फिर होस्ट की कुर्सी संभालते नजर आएंगे. एक नहीं, 2 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आएगा ‘रोडीज रिबर्थ’ इस बार ‘रोडीज’ देखने के लिए दर्शकों को सिर्फ एक प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. ‘रोडीज रिबर्थ’ 16 अक्टूबर 2026 से नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार पर एक साथ स्ट्रीम होगा. शो के नए एपिसोड हर शुक्रवार और शनिवार शाम 7 बजे देखे जा सकेंगे. यह पहली बार है जब ‘रोडीज’ का नया सीजन इन दोनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक साथ उपलब्ध होगा. यानी फैंस को शो देखने के लिए दो विकल्प मिलेंगे. View on Instagram रणविजय सिंह की हुई धमाकेदार वापसी नए सीजन की सबसे बड़ी समाचार रणविजय सिंह की वापसी है. रणविजय ‘रोडीज’ के सबसे पुराने चेहरों में से एक हैं. वह शो के पहले सीजन में कंटेस्टेंट बनकर आए थे और इसके विजेता भी रहे थे. इसके बाद उन्होंने सीजन 2 से सीजन 10 तक शो को होस्ट किया. साल 2015 में जब ‘रोडीज’ का फॉर्मेट बदला और गैंग लीडर्स की शुरुआत हुई, तब रणविजय ने मेंटर और रणनीतिकार की भूमिका निभाई. अब वह एक बार फिर होस्ट के तौर पर शो में लौट रहे हैं. ओजी बनाम न्यूजी, 6 गैंग लीडर्स के बीच होगा मुकाबला ‘रोडीज रिबर्थ’ में इस बार ओजी बनाम न्यूजी का नया फॉर्मेट देखने को मिलेगा. शो में कुल 6 गैंग लीडर्स होंगे. ओजी टीम में निखिल चिनापा, नेहा धूपिया और प्रिंस नरूला नजर आएंगे. वहीं न्यूजी टीम में अभिषेक मल्हान, बानी जे और बसीर अली शामिल हैं. ऐसे में पुराने रोडीज और नए चेहरों की यह भिड़ंत शो में मुकाबले का रोमांच बढ़ा सकती है. View on Instagram ‘रोडीज एक्सएक्स: डबल क्रॉस’ के बाद शुरू होगा नया सफर ‘रोडीज रिबर्थ’ की कहानी पिछले सीजन ‘रोडीज एक्सएक्स: डबल क्रॉस’ के बाद आगे बढ़ेगी. पिछले सीजन में एल्विश यादव की टीम के कुशाल तंवर उर्फ गुल्लू ने ट्रॉफी अपने नाम की थी. फिनाले में हरताज सिंह गिल पहले रनर-अप रहे थे. फाइनल टास्क में गुल्लू ने 1 मिनट 16 सेकंड में चैलेंज पूरा किया था, जबकि हरताज ने 1 मिनट 48 सेकंड का समय लिया था. इसके बाद गुल्लू ने ऋषभ सचदेवा, प्रिया शर्मा और आरडी डेड्हा को पीछे छोड़कर खिताब जीता. अब गुल्लू ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा हैं, जबकि ‘रोडीज’ का नया सीजन एक नए फॉर्मेट, नए गैंग लीडर्स और रणविजय सिंह की वापसी के साथ फिर से तैयार है. ये भी पढ़ें: पैपराजी की हरकत पर अचानक आपा खो बैठे एक्टर रणबीर कपूर… आलिया भट्ट और विकी कौशल के सामने कैमरे पर निकाला गुस्सा The post Roadies Rebirth: Rannvijay Singha की धमाकेदार वापसी, एक नहीं 2 OTT पर आएगा नया सीजन, जानें कब और कहां देखें appeared first on Naya Vichar.

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iPhone को सिखाएं अपना नाम पहचानना, आवाज सुनते ही मिलेगा नोटिफिकेशन, जानें कैसे काम करता है ये फीचर

कई बार ऐसा होता है कि कोई आपको नाम लेकर बुलाता है, लेकिन आप सुन नहीं पाते. खासकर जब कानों में हेडफोन लगे हों, आसपास शोर हो या आपका ध्यान किसी और काम में लगा हो. अब iPhone इस परेशानी को कम कर सकता है. iOS 26 और इसके बाद के वर्जन में Name Recognition फीचर आपके नाम को पहचानकर नोटिफिकेशन भेज सकता है.  इतना ही नहीं, आप अपनी आवाज या किसी दूसरे व्यक्ति की आवाज में अपना नाम रिकॉर्ड करके iPhone को यह भी सिखा सकते हैं कि आपका नाम किस तरह बोला जाता है. अगर आप किसी निकनेम या दूसरे नाम से भी जाने जाते हैं, तो उसे भी फीचर में ऐड किया जा सकता है. आइए जानते हैं iPhone में Name Recognition फीचर को कैसे सेटअप करें. iPhone में Name Recognition कैसे ऑन करें? सबसे पहले अपने iPhone में Settings (सेटिंग्स) खोलें. अब नीचे स्क्रॉल करके Accessibility (ऐक्सेसिबिलिटी) पर टैप करें. इसके बाद Sound & Name Recognition ऑप्शन चुनें. अब Name Recognition पर टैप करें. यहां Set Up Name Recognition पर टैप करें. इसके बाद स्क्रीन पर जो करने के लिए कहा जाए, उसे करते जाएं और सेटअप पूरा कर लें. iPhone में एक से ज्यादा नाम कैसे ऐड करें? अगर लोग आपको एक से ज्यादा नाम या निकनेम से बुलाते हैं, तो आप iPhone के Name Recognition फीचर में सभी नाम ऐड कर सकते हैं. इसके लिए ये स्टेप्स फॉलो करें: सबसे पहले अपने iPhone में Settings खोलें. अब Accessibility > Sound & Name Recognition > Name Recognition पर जाएं. यहां Add Name के ऑप्शन पर टैप करें. इसके बाद स्क्रीन पर जो करने के लिए कहा जाए, उसे करते जाएं और अपना दूसरा नाम ऐड कर दें. इसी तरह जरूरत के हिसाब से आप एक से ज्यादा नाम भी जोड़ सकते हैं. ध्यान में रखें ये बातें Name Recognition फीचर iOS 26 और इसके बाद के वर्जन में उपलब्ध है, लेकिन फिलहाल यह सिर्फ कुछ चुनिंदा भाषाओं को सपोर्ट करता है. Apple का कहना है कि इस फीचर पर पूरी तरह डिपेंड नहीं रहना चाहिए, खासकर ऐसी सिचुएशन में जहां किसी जरूरी नोटिफिकेशन को मिस करने से चोट, नुकसान या इमरजेंसी जैसी सिचुएशन पैदा हो सकती है. ये भी पढ़ें: नया घर लेने से पहले ऐसे चेक करें मोबाइल सिग्नल और इंटरनेट स्पीड, TRAI ने लॉन्च किया नया DCR प्लैटफॉर्म The post iPhone को सिखाएं अपना नाम पहचानना, आवाज सुनते ही मिलेगा नोटिफिकेशन, जानें कैसे काम करता है ये फीचर appeared first on Naya Vichar.

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TVS iQube पर ₹5,000 तक PM E-DRIVE का फायदा, 212 km की रेंज और ₹0.18/किमी की रनिंग कॉस्ट, 2026 में खूब खरीदा गया

हिंदुस्तान में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग लगातार बढ़ रही है. कम रनिंग कॉस्ट, पेट्रोल के मुकाबले कम खर्च और शहरों में आसान इस्तेमाल की वजह से इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री में तेजी देखने को मिल रही है. आंकड़े इसकी साफ गवाही दे रहे हैं. इस दौरान बाजार में एक बड़ा ट्रेंड चेंज भी देखने को मिला है- TVS Motor ने Bajaj, Ather और Ola जैसी इलेक्ट्रिक कंपनियों को पछाड़कर देश की टॉप-सेलिंग EV ब्रांड का ताज पहन लिया है. इस शानदार ग्रोथ के पीछे किसका सबसे बड़ा हाथ रहा, आइए जानते हैं. 10 लाख से ज्यादा ग्राहकों का भरोसा TVS iQube की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक 2026 में 10 लाख (One Million) यूनिट्स की बिक्री का माइलस्टोन है. 2020 में लॉन्च हुए इस स्कूटर ने जून 2026 में 10 लाख का आंकड़ा पार कर लिया. इस खुशी में कंपनी ने अगस्त 2026 में ग्राहकों के लिए ‘iQube MillionR Special Edition’ भी बाजार में उतारा है. TVS iQube की कीमत और रनिंग कॉस्ट TVS की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, iQube की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹95,124 है (इसमें PM E-Drive के फायदे शामिल हैं). हालांकि, राज्य, शहर और इंश्योरेंस के हिसाब से ऑन-रोड कीमत में थोड़ा बदलाव हो सकता है. रनिंग कॉस्ट की बात करें तो, कंपनी का दावा है कि इसे चलाने का खर्च मात्र ₹0.18 (18 पैसे) प्रति किलोमीटर आता है. हालांकि, यह बिजली की दरों और आपके चलाने के तरीके पर भी निर्भर करता है. ये भी पढ़ें: पति हो तो ऐसा: Sourav Joshi ने पत्नी अवंतिका को बर्थडे पर गिफ्ट की 1.5 करोड़ की लग्जरी Land Rover Defender TVS iQube: एक नजर स्पेसिफिकेशंस पर ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए TVS इसे 5 बैटरी विकल्पों के साथ पेश करता है: स्पेसिफिकेशन iQube 2.3 kWh iQube 3.1 kWh iQube 3.5 kWh iQube S 4.7 kWh iQube ST 5.3 kWh बैटरी क्षमता 2.3 kWh 3.1 kWh 3.5 kWh 4.7 kWh 5.3 kWh IDC रेंज 114 km 123 km 145 km 175 km 212 km टॉप स्पीड 68 km/h 82 km/h 82 km/h 82 km/h 82 km/h 0-40 km/h 4.7 सेकंड 4.2 सेकंड 4.2 सेकंड 4.3 सेकंड 4.5 सेकंड मोटर BLDC Hub BLDC Hub BLDC Hub BLDC Hub BLDC Hub डिस्प्ले 12.7 cm LCD 12.7 cm TFT 12.7 cm TFT 17.78 cm TFT 17.78 cm TFT Touch चार्जिंग में कितना लगता है समय? घर पर चार्ज करने वालों के लिए TVS ने इसे बेहद आसान बनाया है (0 से 80% चार्जिंग का समय): 2.3 kWh: करीब 2 घंटे 50 मिनट 3.1 kWh: करीब 4 घंटे 3 मिनट 3.5 kWh: करीब 4 घंटे 30 मिनट 4.7 kWh: करीब 4 घंटे 5.3 kWh: करीब 4 घंटे 18 मिनट आखिर क्यों लोगों की पहली पसंद बन रहा है TVS iQube? ढेरों बैटरी विकल्प: शॉर्ट कम्यूट (कम दूरी) के लिए 2.3 kWh से लेकर लंबे सफर के लिए 5.3 kWh तक के बैटरी पैक का विकल्प ग्राहकों को उनकी जरूरत और बजट के हिसाब से चुनाव करने की आजादी देता है. मजबूत सर्विस नेटवर्क: TVS का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उसका नेटवर्क है. कंपनी के पास 3,000 से ज्यादा शहरों में 3,300 से अधिक टचपॉइंट्स हैं, जो ग्राहकों को सर्विसिंग का भरोसा देते हैं. परफेक्ट फैमिली स्कूटर: कंपनी ने इसे ‘फैमिली ईवी’ के तौर पर डिजाइन किया है. इसकी सीट, बूट स्पेस और लुक इसे घर के हर सदस्य के लिए एक बेहतरीन सवारी बनाते हैं. स्मार्ट और कनेक्टेड फीचर्स: नेविगेशन, OTA अपडेट्स, जियोफेंसिंग, हिल-होल्ड और Q-पार्क असिस्ट जैसे 118+ कनेक्टेड फीचर्स इसे एक मॉडर्न स्मार्ट स्कूटर बनाते हैं. बाजार में कड़ी है टक्कर भले ही जनवरी से अगस्त 2026 के आंकड़ों में TVS Motor सबसे आगे रही हो, लेकिन ईवी बाजार का मुकाबला लगातार कड़ा हो रहा है. Vahan पोर्टल के अगस्त 2026 के मॉडल-लेवल आंकड़ों में Bajaj Chetak ने iQube को बिक्री में पीछे छोड़ दिया था. यह साफ दर्शाता है कि हिंदुस्तानीय ग्राहक अब केवल नाम नहीं, बल्कि रेंज, कीमत, फीचर्स और मजबूत सर्विस नेटवर्क को तवज्जो दे रहे हैं. ये भी पढ़ें: ₹2 लाख से ₹5 लाख के बीच ये हैं 10 एडवेंचर टूरर बाइक्स, KTM से BMW तक शामिल, देखें कीमत और फीचर्स The post TVS iQube पर ₹5,000 तक PM E-DRIVE का फायदा, 212 km की रेंज और ₹0.18/किमी की रनिंग कॉस्ट, 2026 में खूब खरीदा गया appeared first on Naya Vichar.

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कुणाल घोष पर फिर हुआ हमला, TMC नेता बोले- बंगाल में ‘जंगलराज’, कोलकाता में मेरी हत्या करना चाहते थे हमलावर

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी के करीबी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक कुणाल घोष पर लगातार हमले हो रहे हैं. शनिवार और रविवार को लगातार 2 दिन में 2 बार उनकी कार पर हमले हुए हैं. कुणाल घोष ने रविवार को दावा किया कि शनिवार को उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गये थे. रविवार को कोलकाता में हमलावर उनकी हत्या करना चाहते थे. बेलियाघाटा में हुआ कुणाल घोष की कार पर हमला ममता बनर्जी खेमे से जुड़े तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने रविवार को आरोप लगाया कि पूर्वी कोलकाता के बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में जाते समय उनकी कार पर हमला किया गया. कुणाल घोष ने दावा किया कि नारकेलडांगा इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने हथौड़ों से उनकी कार के आगे का शीशा तोड़ दिया. हमलावरों में एक ने उनके सुरक्षाकर्मियों पर बंदूक तान दी. उत्तरपाड़ा में कार पर फेंके गये थे पत्थर और अंडे पत्रकार से नेता बने कुणाल घोष ने कहा कि शनिवार को हुगली जिले में ममता बनर्जी की एक बैठक में शामिल होने के लिए जाते समय उनकी कार पर पत्थर और अंडे फेंके गये थे. घोष ने पत्रकारों को कांच के टुकड़े दिखाते हुए कहा- कल उत्तरपाड़ा में मुझ पर हमला हुआ था. आज वे मेरी हत्या करना चाहते थे. ये भी पढ़ें: तृणमूल विधायक की कार पर अंडे, पत्थर फेंके गये, ममता बनर्जी बोलीं- कुणाल घोष बुरी तरह चोटिल हुए मुझे पुलिस मुख्यालय में नहीं जाने दिया गया : घोष ममता बनर्जी के करीबी विधायक ने कहा कि उन्होंने यहां एक थाने में शिकायत दर्ज करायी है. उत्तरपाड़ा में कथित हमले के बाद कुणाल घोष अपनी गाड़ी लेकर कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गयी थी. इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज करायी. भाजपा के शासन में पश्चिम बंगाल में ‘जंगल राज’ चल रहा है. यहां तक कि एक निर्वाचित विधायक भी सत्तारूढ़ दल के गुंडों के हमले का शिकार हो रहा है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है. –कुणाल घोष, तृणमूल विधायक भाजपा नेता बोले- नाटक कर रहे हैं कुणाल घोष उत्तरपाड़ा से भाजपा विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने शनिवार को कहा था कि घोष नाटक कर रहे हैं. हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता देवजीत प्रशासन ने कहा- कुणाल घोष प्रचार पाने के लिए तृणमूल कार्यकर्ताओं को उकसाकर अपनी गाड़ी पर हमले करवा रहे हैं. इसमें हमारी पार्टी का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं है. ये भी पढ़ें: Video: ममता बनर्जी के घर से बाहर निकलते ही तृणमूल नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला, वीडियो वायरल The post कुणाल घोष पर फिर हुआ हमला, TMC नेता बोले- बंगाल में ‘जंगलराज’, कोलकाता में मेरी हत्या करना चाहते थे हमलावर appeared first on Naya Vichar.

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जंतर मंतर प्रोटेस्ट: कौन हैं अभिजीत दीपके के मेंटर? वीडियो कॉल में खुला राज, सामने आया CJP आंदोलन का सच!

अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और आजिंक्य शिंदे के बीच हुई वीडियो कॉल में तीनों संगठन से जुड़ी बातें करते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान रांका बताते हैं कि आजिंक्य शिंदे सीजेपी बनने से पहले से ही दीपके के मेंटर रहे हैं और अब संगठन में भी उनके साथ काम कर रहे हैं. इस पर दीपके भी सहमति जताते हैं. तीनों नेताओं का आम आदमी पार्टी से भी पुराना नाता रहा है. जंतर-मंतर आंदोलन में क्या थी शिंदे की भूमिका? वीडियो कॉल के दौरान आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन को व्यवस्थित तरीके से चलाने में आजिंक्य शिंदे ने बड़ी भूमिका निभाई थी. रांका ने कहा कि मंच पर दूसरे नेता मौजूद रहते थे, लेकिन आंदोलन को संभालने और उसे आगे बढ़ाने का काम शिंदे कर रहे थे. अभिजीत दीपके ने भी किया बात का समर्थन अभिजीत दीपके ने भी रांका की बात का समर्थन किया. उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वॉलेंटियर्स की टीम तैयार करने से लेकर भीड़ को संभालने तक कई अहम जिम्मेदारियां शिंदे ने संभाली थीं. दीपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल होने से पहले वह मुख्य रूप से आजिंक्य शिंदे, सौरभ दास और आशुतोष रांका को ही जानते थे. हम लोग तो स्टेज पर जाकर थोड़ा मस्ती कर लेते थे, लेकिन जो मेहनत थी सारी वो आजिंक्य की ही थी. आजिंक्य था जो पूरा मैनेज कर रहा था. सारे वॉलेंटियर्स की टीम बनाना, भीड़ मैनेज करना, आजिंक्य ही वह शख्स थे जिसने जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट को संभाला और चलाया- अभिजीत दीपके जंतर-मंतर पहुंचने के बाद वॉलेंटियर्स की एक बड़ी टीम तैयार हुई, जो बाद में देशभर में काम करने लगी. यही नहीं दीपके ने इस टीम को तैयार करने का श्रेय भी आजिंक्य शिंदे को दिया. बातचीत के दौरान रांका ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि शिंदे दीपके को सोने तक नहीं देते हैं. View on Instagram AAP से भी जुड़े रहे हैं आजिंक्य शिंदे आजिंक्य शिंदे सीजेपी से पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं. महाराष्ट्र में वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे. उन्होंने आम आदमी पार्टी की युवा विंग के संयोजक की जिम्मेदारी संभाली और गोवा के सह प्रभारी भी रहे हैं. सीजेपी के गठन के बाद अब उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है. वह पार्टी में राष्ट्रीय संगठन प्रभारी की भूमिका निभा रहे हैं और संगठन के विस्तार से जुड़े काम देख रहे हैं. पर्दे के पीछे रणनीति पर काम करते हैं शिंदे वीडियो कॉल की बातचीत से यह भी पता चल रहा है कि वह रणनीति बनाने, वॉलेंटियर्स को संगठित करने और योजनाओं को जमीन पर उतारने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं. साथ ही अभिजीत दीपके भी उनसे सलाह लेते हैं. शिंदे आम तौर पर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं और मीडिया में उनकी मौजूदगी अपेक्षाकृत कम रहती है. यही वजह है कि संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के बावजूद आम लोगों के बीच उनकी पहचान दीपके और दूसरे प्रमुख चेहरों की तुलना में कम है. The post जंतर मंतर प्रोटेस्ट: कौन हैं अभिजीत दीपके के मेंटर? वीडियो कॉल में खुला राज, सामने आया CJP आंदोलन का सच! appeared first on Naya Vichar.

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Surya Shani Yog: सूर्य-शनि के इस खास योग से चमकेगी 5 राशि वालों की किस्मत, जानें किसे मिलेगा धन लाभ

Surya Shani Pratiyuti Yog 2026: वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा, जबकि शनि को छाया ग्रह माना जाता है. सूर्य और शनि में पिता-पुत्र का संबंध है. ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, ग्रहों की चाल से कई बार खास योग बनते हैं. सूर्य और शनि 4 अक्टूबर को एक-दूसरे से 180 डिग्री पर मौजूद रहेंगे. दोनों ग्रहों की इस स्थिति से प्रतियुति दृष्टि योग का निर्माण होगा. सूर्य-शनि का यह प्रतियुति दृष्टि योग कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ होने के साथ-साथ लाभकारी भी है. ज्योतिषाचार्य पं. धनंजय पांडेय ने बताया कि प्रतियुति योग किन 5 राशि के जातकों के लिए लाभकारी है. मेष राशि: व्यापार में आर्थिक तरक्की सूर्य ग्रह की अनुकूलता से कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा. प्रशासनी नौकरी करने वाले जातकों को विशेष उपहार मिल सकता है. नेतृत्व से जुड़े लोग समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे. सोना-चांदी का व्यापार करने वाले जातकों की आर्थिक तरक्की हो सकती है. पाचन शक्ति से जुड़ी परेशानी कम हो सकती है. सिंह राशि: पैतृक संपत्ति से लाभ कारोबार में आर्थिक विस्तार का योग बनेगा. नौकरी से जुड़ा जरूरी काम बनेगा. प्रशासनी नौकरी की तैयारी करने वाले जातकों को खुशसमाचारी मिलेगी. कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर होंगी. पिता का सहयोग मिलेगा. पैतृक संपत्ति से भी लाभ हो सकता है. शत्रु शांत होंगे. समाज में नेतृत्व करने का अवसर मिलेगा. सेहत अच्छी रहेगी. ये भी पढ़ें: Ketu Transit 2026: मघा नक्षत्र में केतु के प्रवेश से इन 5 राशि वालों का होगा भाग्योदय, बढेंगे सुख-साधन धनु राशि: जमीन से जुड़े कार्यों में उन्नति कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान मिलेगा. पैतृक संपत्ति से धन लाभ का योग है. जमीन से जुड़े कार्यों में आर्थिक उन्नति होगी. नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी. ज्ञान में वृद्धि होगी. शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की होगी. उच्च शिक्षा की प्राप्ति का योग बनेगा. आत्मबल मजबूत होगा. भाई की मदद से आर्थिक लाभ होगा. मकर राशि: कानूनी कार्यों में सफलता कार्य में आ रही बाधा दूर होगी. जिन कार्यों में रुकावटें आ रही थीं, उनमें सफलता मिलेगी. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई अटका काम पूरा होगा. कानूनी कार्यों में सफलता मिलेगी. व्यापार करने वाले जातकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी. संतान की तरफ से लाभ होगा या कोई खुशसमाचारी मिलेगी. मेहनत के अनुकूल फल मिलेगा. प्रशासनी नौकरी करने वाले लोगों को इस योग से तरक्की होगी. कुंभ राशि: परेशानियां दूर होंगी नौकरीपेशा जातकों की उन्नति होगी. पिता से संपत्ति का लाभ मिल सकता है. आमदनी में इजाफा होगा. व्यापार में धन से संबंधित अटके हुए काम बनेंगे. कार्यों में आ रही परेशानियां दूर होंगी. शनि ग्रह की अनुकूल स्थिति से जीवन के कष्ट कम होंगे. नौकरी की तलाश करने वाले लोगों को मेहनत का फल मिलेगा. दांपत्य जीवन में जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, जिससे मन खुश रहेगा. ये भी पढ़ें: Kendra Drishti Yog: बुध-मंगल के ‘केंद्र दृष्टि योग’ से चमकेगी इन 5 राशि वालों की किस्मत, मिलेगा लाभ The post Surya Shani Yog: सूर्य-शनि के इस खास योग से चमकेगी 5 राशि वालों की किस्मत, जानें किसे मिलेगा धन लाभ appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video: मंत्री प्रवेश वर्मा ने खोया आपा, कैमरा चला रहे शख्स को जड़ा थप्पड़

Watch Video: सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि प्रवेश वर्मा एक युवक को वीडियो बनाने से रोकते हैं. वह बाएं हाथ से युवक का मोबाइल नीचे कर देते हैं. इसके बाद दाएं हाथ से युवक के चेहरे पर थप्पड़ मारते नजर आते हैं. घटना सड़क के निरीक्षण के दौरान की बताई जा रही है. वीडियो में इसके बाद वह युवक नेता से उलझता और हाथापाई करता नजर आता है. इसी दौरान एक सुरक्षा गार्ड दोनों के बीच आ जाता है और उन्हें अलग करता है. आसपास मौजूद लोगों की भीड़ भी पूरी घटना को देखती नजर आती है. ये भी पढ़ें: Parvesh Verma Net Worth: एक अरब से बस इतनी कम है दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा की संपत्ति, जानें नेट वर्थ यह घटना पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर  की बताई जा रही है. सामने आए वीडियो में एक आवाज सुनाई देती है, जिसमें कहा जा रहा है, “ओए, मार कैसे रहा है?” वीडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज भी सुनाई दे रही है. वह कहता है कि युवक को थप्पड़ मारा गया है. वह आगे कहता है कि वीडियो बनाते समय ही युवक को थप्पड़ मारा गया. हालांकि, वीडियो में यह व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एक्स यूजर Jarnail Singh @JarnailSinghAAP ने वीडियो शेयर किया है. उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के PWD मंत्री सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे थे. पोस्ट में आरोप लगाया गया कि निरीक्षण के दौरान कथित गड़बड़ियां सामने आने पर मंत्री ने वीडियो बना रहे उनके साथी के साथ बदसलूकी की. ये भी पढ़ें: Parvesh Verma Education: जानें कितने पढ़े-लिखे हैं दिल्ली के नए डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा? प्रवेश वर्मा पर युवक का आरोप- मोबाइल छीना, गला पकड़ा और जान से मारने की धमकी दी पीड़ित साहेब सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क का निरीक्षण करने के दौरान वह वीडियो बना रहे थे. इसी दौरान प्रवेश वर्मा ने उनका मोबाइल छीन लिया और उन पर हाथ उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री के सुरक्षा कर्मियों ने उनका हाथ और गला पकड़कर उन्हें वहां से खींच लिया. साहेब सिंह के मुताबिक, मौके पर तीन-चार बीजेपी कार्यकर्ता भी मौजूद थे. इन लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की, हाथ उठाया और जान से मारने की धमकी दी. The post Watch Video: मंत्री प्रवेश वर्मा ने खोया आपा, कैमरा चला रहे शख्स को जड़ा थप्पड़ appeared first on Naya Vichar.

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एसआईआर विवाद : ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतरे शुभेंदु अधिकारी, बोले- बंगाल में 27 लाख नाम हटने के लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी हिंदुस्तान के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतर आये हैं. रविवार को शुभेंदु अधिकारी ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर बढ़ते नेतृत्वक विवाद के बीच निर्वाचन आयोग का बचाव किया. राज्य में 27 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाये जाने के लिए बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया . ‘भाजपा या चुनाव आयोग की वजह से नहीं कटे वोटर के नाम’ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इन नामों को हटाये जाने के लिए न तो हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) और न ही निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है. अधिकारी ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी के बीच हुई बैठक और उसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से जारी बयान का भी हवाला दिया. उन्होंने इस आरोप को खारिज किया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर से जुड़े फैसले सीईसी ने एकतरफा तरीके से लिये गये थे. 27 लाख मतदाताओं के नाम कटने की जिम्मेदारी ममता की : शुभेंदु अधिकारी बंगाल के चीफ मिनिस्टर ने कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक से स्पष्ट होता है कि ये फैसले सर्वसम्मति से लिये गये थे. शुभेंदु अधिकारी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा- 27 लाख नाम हटाये जाने की जिम्मेदारी ममता बनर्जी की है, हिंदुस्तानीय जनता पार्टी या निर्वाचन आयोग की नहीं. उनके द्वारा दायर एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद न्यायिक अधिकारियों ने यह फैसला लिया था. ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा, 30 को दिल्ली में हो सकती है ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक : ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने की थी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शुभेंदु अधिकारी का यह बयान ममता बनर्जी द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर अपना हमला तेज किये जाने के एक दिन बाद आया. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि एसआईआर का इस्तेमाल भाजपा को बंगाल पर कब्जा करने में मदद करने के लिए किया गया. ममता ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की थी. तीनों निर्वाचन आयुक्तों की बैठक और उसके बाद जारी बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि एसआईआर से जुड़े फैसले किसी एक व्यक्ति ने नहीं लिये थे. -शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की सफाई – सभी फैसले सर्वसम्मति से लिये गये निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि एसआईआर से संबंधित सभी आदेशों को तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी मिली थी. मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किये गये बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था. आयोग ने यह स्पष्टीकरण निर्वाचन आयोग में फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद और मतदाता सूची से नाम हटाये जाने की चिंताओं के बीच दिया. ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने मांगा ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, तो बोले शमिक- जो कहना है कहें, उन्हें कोई नहीं रोकेगा चुनाव आयोग ने कैबिनेट सचिव को चिट्ठी पर दी सफाई मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्तों के बीच मतभेद होने की समाचारों के बाद हुई अपनी पहली बैठक के बाद आयोग ने एक बयान में कहा कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गये पत्र प्रतिनियुक्ति पर आये एक अधिकारी से संबंधित थे, न कि नीतिगत या सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रभाग से जुड़े मामलों से. विचार-विमर्श के दौरान मतभेद सामान्य बात : आयोग निर्वाचन आयोग की ये टिप्पणियां अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की उस समाचार की पृष्ठभूमि में आया, जिसमें कहा गया था कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर कई मौकों पर आपत्ति जतायी थी. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान मतभेद सामने आना सामान्य है और उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिये गये हैं. ये भी पढ़ें: टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी बोले- सीजेपी ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा सकती है विपक्ष के दावे पर बंगाल के सीएम ने बोला हमला बंगाल के मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग के भीतर सामने आये कथित मतभेदों और आयोग की ओर से सार्वजनिक रूप से दिखायी गयी एकजुटता के बीच अंतर को अपने पक्ष में इस्तेमाल करने की कोशिश की. उन्होंने तर्क दिया कि आयोग की एकजुटता विपक्ष के इस दावे को कमजोर करती है कि एसआईआर की प्रक्रिया केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इशारे पर आगे बढ़ायी गयी. इस मुद्दे के नेतृत्वक मायने काफी महत्वपूर्ण हैं. 27.16 लाख नाम काटे गये, 22 लाख ने फिर से किया आवेदन निर्वाचन आयोग द्वारा उच्चतम न्यायालय में दाखिल आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में एसआईआर के दौरान हटाये गये 27.16 लाख मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने अपने नाम बहाल करने के लिए अपील की है. निर्वाचन आयोग ने कहा है कि मृत, स्थानांतरित और दोहरे नाम जैसी श्रेणियों तथा अन्य विसंगतियों के सत्यापन के बाद ये नाम हटाये गये. शुभेंदु ने पूछा- केरलम में SIR अच्छा, तो बंगाल में खराब क्यों? शुभेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे को मुख्य रूप से वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव के जनादेश को लेकर नेतृत्वक लड़ाई के रूप में पेश किया. उन्होंने कहा- अगर केरलम में एसआईआर अच्छा है, तो पश्चिम बंगाल में यह खराब क्यों है? हमने 208 सीट जीती हैं, जबकि दोनों पक्षों (तृणमूल कांग्रेस और उसके सहयोगियों) के पास 80 सीट हैं. ममता बनर्जी जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं. The post एसआईआर विवाद : ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतरे शुभेंदु अधिकारी, बोले- बंगाल में 27 लाख नाम हटने के लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार appeared first on Naya Vichar.

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Watch Video: नेपाल में बाढ़ का कहर, चितवन और म्याग्दी में कई इलाकों में घुसा पानी

Watch Video: नेपाल में फिर बाढ़ तबाही मचाता दिख रहा है. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने एक्स पर जारी किया है. वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया कि चितवन और म्याग्दी में बाढ़ का पानी कई इलाकों में फैल गया है. पिछले 72 घंटे में बाढ़ से कई लोगों की मौत की समाचार है. कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई थी. चीनी मीडिया के अनुसार, इस आपदा में तिब्बत में भी 43 लोगों की मौत हुई, जबकि 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1453 हुई नेपाल में पिछले महीने आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब तक 1,451 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हुई. बाढ़ के बाद 5,285 लोग अब भी लापता हैं. राहत और बचाव अभियान के दौरान 13,795 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. इनमें से 1,113 लोग 21 अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं. इनमें नुवाकोट के 187, रसुवा के 805 और धादिंग के 121 लोग शामिल हैं. राहत कार्य अभी भी जारी है. ये भी पढ़ें: Nepal Floods: फीकी पड़ने लगीं लापता लोगों की तस्वीरें, एक महीने बाद भी 5285 का इंतजार शवों की पहचान बनी चुनौती नेपाल में बाढ़ के बाद राहत और इलाज का काम जारी है. एनडीआरआरएमए के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने करीब 11,000 बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता दी है. बाढ़ में घायल लोगों का अभी इलाज चल रहा है. एक महीने बाद भी कई शवों की पहचान नहीं हो सकी है. अब तक मिले 1,453 शवों में से 112 की पहचान कर उन्हें परिवारों को सौंप दिया गया है. The post Watch Video: नेपाल में बाढ़ का कहर, चितवन और म्याग्दी में कई इलाकों में घुसा पानी appeared first on Naya Vichar.

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UAPA में गिरफ्तारी से बेल तक…कौन है मैथ्यू? जिसके अमेरिका लौटने पर घिरी मोदी सरकार

करीब छह महीने पहले 13 मार्च को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक अमेरिकी नागरिक पकड़ा गया था. नाम था मैथ्यू वैनडाइक. एयरपोर्ट से गिरफ्तारियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी एयरपोर्ट से छह विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई. फर्क सिर्फ इतना था कि ये छह लोग अमेरिका नहीं, यूक्रेन से थे. सभी गिरफ्तारियां राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने एंटी टेरर ऑपरेशन के तहत की थीं. सातों विदेशी नागरिकों पर पूर्वोत्तर के मिजोरम में उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने, बगैर जरूरी परमिट के संवेदनशील इलाकों में जाने का आरोप लगा.आतंकवाद निरोधक कानून के तहत केस दर्ज हुआ. चार्जशीट भी पेश हो चुका था. अब यह समाचार पिछले चार दिनों से सुर्खियों में है. इसकी वजह है कभी आतंकवाद के खिलाफ सबसे सख्त कानून के तहत गिरफ्तार किए गए, देश के सबसे सुरक्षित और सबसे बड़े जेल में शुमार तिहाड़ में बंद किए गए ये सातों आरोपी अब रिहा हो चुके हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू की एनआईए कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ सभी आरोपियों को एक महीने के लिए अपने घर, अपने देश जाने की अनुमति दे दी. कोर्ट का फैसला 18 सितंबर को आया और इसके करीब हफ्तेभर बाद 24 सितंबर को मैथ्यू वैनडाइक और अन्य छह को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया. मैथ्यू वेड और अन्य छह विदेशी कौन हैं मैथ्यू आरोन वैनडाइक अमेरिका के बाल्टीमोर के रहने वाले हैं. मीडिया रिकॉर्ड के मुताबिक उनका जन्म 11 जून 1979 को हुआ था. मैथ्यू खुद को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ, फिल्ममेकर और युद्ध क्षेत्रों में काम करने वाला व्यक्ति बताता है . उसके अनुसार वो एक मर्सिनरी है. मर्सिनरी का मतलब होता है भाड़े का सैनिक, यानी तो जो पैसों के बदले किसी भी देश या संगठन के लिए लड़ाई लड़े. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2011 में, लीबिया के गृहयुद्ध में मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ विद्रोही गुट के साथ लड़ते हुए गद्दाफी की सेना ने मैथ्यू को पकड़ लिया था. हालांकि बाद में वे जेल से भाग निकला. मैथ्यू की एक वेबसाइट है, जिसके मुताबिक उन्होंने 2007 से 2010 के बीच मोटरसाइकिल से अरब देशों की यात्रा की और इराक-अफगानिस्तान में युद्ध संवाददाता (जंग कवर करने वाला पत्रकार) और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर के तौर पर भी काम किया है. वेबसाइट के अनुसार, 2014 में पत्रकार जेम्स फोली और स्टीवन सोटलॉफ की ISIS द्वारा हत्या के बाद, वैनडाइक ने Sons of Liberty International (SOLI) नाम की प्राइवेट मिलिट्री का फाउंडर स्थापना की. वैनडाइक के अपने रिकॉर्ड के मुताबिक, वे दोनों पत्रकार उनके दोस्त थे. SOLI के जरिए वो जरूरतमंद संगठन और लोगों को सैन्य प्रशिक्षण व सलाह देता है. SOLI खुद को एक गैर-लाभकारी संगठन बताता है. संगठन के अनुसार उसने इराक में ISIS से लड़ने वाले ईसाई सुरक्षा बलों को सैन्य प्रशिक्षण और सलाह दी. संगठन द्वारा यूक्रेन में भी प्रशिक्षण और सैन्य सहायता देने का दावा किया गया है. 6 यूक्रेनी नागरिक कौन हैं? हुर्बा पेट्रो (Hurba Petro) स्लिवियाक तारास (Slyviak Taras) इवान सुखमानोव्स्की (Ivan Sukmanovskyi) स्टेफानकिव मारियन (Stefankiv Marian) होंचारुक मैक्सिम (Honcharuk Maksim) 7 कामिन्स्की विक्टर (Viktor Kaminskyi) रिहा हुए विदेशी नागरिकों पर क्या आरोप हैं 13 मार्च 2026 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया. इनकी गिरफ्तारी काउंटर-टेरर ऑपरेशन के तहत हुई. NIA के मुताबिक आरोपियों ने हिंदुस्तान में प्रवेश किया और पूर्वोत्तर क्षेत्र के रास्ते म्यांमार तक पहुंचने की कोशिश की. मामले में वैनडाइक पर यूएपीए की धारा 18 लगाई गई थी. कांग्रेस और अन्य पार्टियों का रुख क्या यूएपीए के तहत पकड़ा गया मैथ्यू अब अमेरिका पहुंच चुका है. इसे लेकर विपक्षी कांग्रेस, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम और अन्य विपक्षी दलों ने प्रशासन और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस ने मैथ्यू की रिहाई के पीछे अमेरिका के दबाव को वजह बताते हुए प्रशासन को घेरा है. जयराम रमेश ने कहा है कि मैथ्यू की रिहाई के बदले हिंदुस्तान को क्या मिला, संदिग्ध था तो उसे वीजा कैसे मिला, हिंदुस्तान के रास्ते म्यांमार जाने की अनुमति किसने दी. यह प्रशासन को बताना चाहिए. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि यूएपीए के तहत किसके खिलाफ चार्जशीट दायर होगी और किसके खिलाफ नहीं, इसका फैसला सर्जियो गोर करते हैं. हिंदुस्तान का एक आम नागरिक यूएपीए का केस दर्ज हो जाए तो नौ से 10 साल जेल में रहता है. क्योंकि हिंदुस्तानीय नागरिकों के पास सर्जियो गोर नहीं हैं. दरअसल, असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान एनआईए की ओर से कोर्ट में दायर की गई चार्जशीट को लेकर है, जिसमें आरोपियों पर शुरुआती एफआईआर में लगाई गई यूएपीए की धारा का कोई जिक्र नहीं है. The post UAPA में गिरफ्तारी से बेल तक…कौन है मैथ्यू? जिसके अमेरिका लौटने पर घिरी मोदी प्रशासन appeared first on Naya Vichar.

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