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Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार को शनि महाराज पर चढ़ाएं ये खास फूल, धार्मिक मान्यता में बताया गया है शुभ

Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार का दिन शनि महाराज को समर्पित है. इस दिन शनि महाराज को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं, जिससे शनि की साढ़ेसाती और शनि की ढैय्या के दौरान प्रभाव कम हो सकता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार शनिवार को शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करने के साथ उनके प्रिय फूल को अर्पित करना चाहिए. आइए जानते हैं कि शनिवार को कौन-सा फूल अर्पित करना शुभ होता है. अपराजिता का फूल करें शनिदेव को अर्पित अपराजिता का फूल शनिदेव को अति प्रिय है. यह नीले रंग का फूल शनिदेव/शनि महाराज को अर्पित किया जाता है. साथ ही भगवान शिव को भी यह फूल चढ़ाने की परंपरा है. शनि जयंती पर अगर कोई जातक 5, 7 या 11 अपराजिता के फूल शनिदेव के चरणों में अर्पित करता है, तो शनिदेव प्रसन्न होकर साढ़ेसाती और पनौती के प्रभाव को कम कर देते हैं. ये भी पढ़ें: जब हनुमान जी ने तोड़ा था शनि देव का घमंड, जानिए अद्भुत पौराणिक कथा ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा बताते हैं कि नीला रंग शनि ग्रह से संबंधित माना जाता है. ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन, न्याय, धैर्य और जिम्मेदारियों का कारक ग्रह माना गया है. हालांकि, फूलों की संख्या या किसी विशेष फूल से साढ़ेसाती का प्रभाव निश्चित रूप से कम होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है; ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं. गुड़हल का फूल है शनिदेव का फेवरेट शनिदेव को गुड़हल का फूल अति प्रिय है, जिसे चढ़ाने से शनि दोष दूर होता है. शनि जयंती या किसी भी शनिवार को अगर गुड़हल का फूल शनिदेव को अर्पित करें, तो इसके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं. गुड़हल का फूल सामान्यतः लाल रंग का होता है और इसे कई देवी-देवताओं की पूजा में प्रयोग किया जाता है. शनिदेव की पूजा में फूल अर्पित करने का उद्देश्य श्रद्धा और भक्ति के साथ ग्रह शांति की कामना करना माना जाता है. शनि से संबंधित उपायों में पूजा के साथ संयम, सेवा, दान और जरूरतमंदों की सहायता को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. शनिदेव को शमी का फूल चढ़ाना शुभ शनिदेव को शमी के फूल चढ़ाना अति शुभ माना गया है. शनिदेव की विधि-विधान से पूजा करें और पूजा के समय ही शमी के पत्ते, शमी के फूल व शमी की जड़ अर्पित करें. शमी के फल चढ़ाने से भी शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है, दुख दूर होते हैं और धन की आवक बढ़ती है. शमी का संबंध शनिदेव से विशेष रूप से माना जाता है. शनिवार को शमी के पेड़ की पूजा करना, उसके पत्ते अर्पित करना और उसके नीचे दीपक जलाना कई परंपराओं में शनि शांति के उपाय के रूप में बताया जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शमी की पूजा से शनि ग्रह से संबंधित नकारात्मक प्रभावों को शांत करने की कामना की जाती है. शनिदेव पर चढ़ाएं आक का फूल मान्यता है कि शनिदेव को आक के फूल बेहद प्रिय हैं. ऐसे में पूजा के समय अगर शनिदेव को आक के फूल अर्पित किए जाएं, तो शनिदेव प्रसन्न होते हैं. आक का पौधा भगवान शिव से भी जुड़ा माना जाता है और कई धार्मिक अनुष्ठानों में इसके फूलों का प्रयोग किया जाता है. शनिदेव की पूजा में आक के फूल अर्पित करने की परंपरा कुछ क्षेत्रों और धार्मिक मान्यताओं में देखने को मिलती है. पूजा में किसी भी फूल को अर्पित करते समय उसकी स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखना चाहिए. The post Shani Maharaj Favorite Flower: शनिवार को शनि महाराज पर चढ़ाएं ये खास फूल, धार्मिक मान्यता में बताया गया है शुभ appeared first on Naya Vichar.

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The Vvaan Box Office Day 1: छठी मईया की कृपा से ‘द वन’ ने उड़ाया गर्दा, पहले ही दिन धूल चाट गईं ये धाकड़ फिल्में

The Vvaan Box Office Day 1: छठी मईया की असीम कृपा और बिहार की ठेठ मिट्टी से जुड़ी कहानी जब सिल्वर स्क्रीन पर उतरती है, तो तहलका मचना लाजमी है. सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की नई फिल्म ‘द वन’ (The Vvaan) ने बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले ही दिन इसी बात का पक्का सबूत दिया है. शहर से आए एक नास्तिक नौजवान की अपने गांव वापसी और खौफ से भरे देवांचल जंगल का गहरा सस्पेंस, यह कॉम्बिनेशन दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है. ओपनिंग डे पर द वन ने कमाए इतने करोड़ sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक द वन ने ओपनिंग डे पर 6,746 शोज से 8 करोड़ की नेट की कमाई की. इसके साथ ही हिंदुस्तान में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 9.60 करोड़ और नेट कलेक्शन 8 करोड़ तक पहुंच गया है. फिल्म ने पहले दिन सनी देओल और प्रीति जिंटा की बंटवारा 1947 (5.75 करोड़) के रिकॉर्ड को चकनाचूर कर दिया. सैफ अली खान की हैवान भी पीछे छूट गई है. View on Instagram द वन में ये स्टार्स मचा रहे हैं धमाल द वन- फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया लीड रोल में नजर आ रहे हैं. इनके साथ सुनील ग्रोवर, श्वेता तिवारी, अनुप सोनी, मनीष पॉल, अवतार गिल, मिलिंद गुनाजी, सुलभा आर्या, दुर्गेश कुमार, संदीप वेद और अक्षान सेहरावत भी अहम किरदारों में हैं. View on Instagram क्या है द वन की कहानी कहानी की बात करें तो, फिल्म एक ऐसे शहरी शख्स की है, जो अपने पुश्तैनी गांव के उस जंगल में कदम रख देता है, जहां जाना सख्त मना है. उसे अंदाजा भी नहीं होता कि उसका ये कदम एक दिव्य शक्ति को जगा देगा. इसके बाद शुरू होता है रहस्य, अलौकिक शक्तियों और एक ऐसी जंग का सिलसिला, जहां उसे अपने लोगों को विनाश से बचाने के लिए खुद आगे आना पड़ता है. फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का हिस्सा है, टीवीएफ और 11.11 प्रोडक्शन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसे शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने प्रोड्यूस किया है. ये भी पढ़ें: The Vvaan X Review: बिहार की छठ पूजा बनी लाइमलाइट, ‘द वन’ का टिकट खरीदने से पहले पढ़ें रिव्यू The post The Vvaan Box Office Day 1: छठी मईया की कृपा से ‘द वन’ ने उड़ाया गर्दा, पहले ही दिन धूल चाट गईं ये धाकड़ फिल्में appeared first on Naya Vichar.

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UNGA में पाकिस्तान को भारत ने किया बेनकाब, आतंकवाद और PoK पर दिया करारा जवाब

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA)में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयान पर हिंदुस्तान ने करारा जवाब दिया है. पाकिस्तान के बयान पर ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ के तहत हिंदुस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने आतंकवाद, कश्मीर और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों समेत कई मुद्दों पर पाकिस्तान को घेरा. पेटल गहलोत ने कहा कि इस पूरे मुद्दे के केंद्र में पाकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही सीमा पार आतंकवाद की नीति है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान ने पिछले साल यह दिखाया है कि आतंकवादियों के लिए कहीं भागने या छिपने की जगह नहीं होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा के हिंदुस्तान के अधिकार का इस्तेमाल जारी रहेगा. उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के आतंकवाद के परिणाम होंगे.” गहलोत ने कहा कि बार-बार झूठ दोहराने से वह सच नहीं हो जाता. उन्होंने उम्मीद जताई कि महासभा पाकिस्तान और उसकी नीतियों को उसी रूप में देखेगी, जैसा वे वास्तव में हैं. कश्मीर पर भी पाकिस्तान को जवाब पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर हिंदुस्तानीय प्रतिनिधि ने कहा कि जम्मू-कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और हमेशा रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर की बात करनी ही है, तो पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए. गहलोत ने विशेष रूप से रावलकोट के लोगों का जिक्र करते हुए वहां कथित हत्याओं, हिंसा और बुनियादी अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए. ये भी पढ़ें: UNGA में पाकिस्तान की हरकत देख हिंदुस्तानीय डिप्लोमैट को आई हंसी, शहबाज शरीफ की बातें सुन आप भी मुस्कुरा देंगे धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भी घेरा पाकिस्तान की ओर से धार्मिक असहिष्णुता और मानवाधिकारों से जुड़े आरोपों पर हिंदुस्तान ने भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया. गहलोत ने कहा कि जिस शासन की आलोचना धार्मिक असहिष्णुता के मुद्दे पर की जा रही है, उसके यहां खुद अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को दुनिया जानती है. उन्होंने पाकिस्तान के ब्लासफेमी कानूनों का भी जिक्र किया और कहा कि केवल धार्मिक उपदेश देकर वास्तविकता को छिपाया नहीं जा सकता. ‘आर्मी के शासन’ का आरोप हिंदुस्तान ने पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाया. पेटल गहलोत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सत्ता व्यवस्था में सेना की निर्णायक भूमिका है. उन्होंने कहा कि प्रशासनें बदल सकती हैं, लेकिन उनके अनुसार असली सत्ता किसके हाथ में है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन और कथित आजीवन प्रतिरक्षा का भी उल्लेख किया. ओसामा बिन लादेन का भी किया जिक्र हिंदुस्तान ने अपने जवाब में 9/11 हमले की 25वीं बरसी का भी संदर्भ दिया. गहलोत ने कहा कि दुनिया को यह नहीं भूलना चाहिए कि अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना की प्रमुख अकादमी के पास रह रहा था. उन्होंने पाकिस्तान की मौजूदा प्रशासन को लेकर भी कटाक्ष किया और उसे पाकिस्तान में इस्तेमाल किए जाने वाले ‘Form 47 government’ के संदर्भ से जोड़ा. हिंदुस्तान का यह जवाब शहबाज शरीफ के UNGA संबोधन के बाद आया, जिसमें पाकिस्तान ने कश्मीर समेत हिंदुस्तान से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे. संयुक्त राष्ट्र महासभा का मौजूदा 81वां सत्र सितंबर 2026 में चल रहा है. ये भी पढ़ें: UNGA में फिर शहबाज शरीफ का ‘कश्मीर राग’, हिंदुस्तान पर लगाए आरोप; पानी रोकने पर दी युद्ध की धमकी The post UNGA में पाकिस्तान को हिंदुस्तान ने किया बेनकाब, आतंकवाद और PoK पर दिया करारा जवाब appeared first on Naya Vichar.

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UNGA में पाकिस्तान की हरकत देख भारतीय डिप्लोमैट को आई हंसी, शहबाज शरीफ की बातें सुन आप भी मुस्कुरा देंगे

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया. और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद हिंदुस्तान द्वारा पाकिस्तान पर हुए ऑपरेशन सिंदूर (operation sindoor) को रोकने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया. शहबाज के इस बयान पर वहां मौजूद हिंदुस्तानीय डिप्लोमैट आर. श्रीनिवास हंसी छूट गई. जिसका वीडियो सामने आया है. ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए ट्रंप की चापलूसी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार, 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2025 सत्र को संबोधित किया. करीब 23 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने हिंदुस्तान के साथ हुए सैन्य तनाव का जिक्र किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की. शहबाज ने कहा कि ट्रंप द्वारा समय पर किए गए हस्तक्षेप के कारण दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बच गई. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को उनकी दूरदर्शी सोच और नेतृत्व के लिए धन्यवाद भी दिया. हालांकि शहबाज के इस बयान से इतर, हिंदुस्तान लगातार इस बात से इनकार करता रहा है कि मई 2025 में हिंदुस्तान-पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका थी. ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा था तनाव दरअसल, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके जवाब में हिंदुस्तान ने 6-7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. हिंदुस्तान के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाया गया. इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान दावा किया कि उन्होंने हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में भूमिका निभाई थी. हालांकि, हिंदुस्तान की ओर से किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को लगातार खारिज किया गया है. शहबाज ने फिर उठाया कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया को भविष्य में 2025 जैसी स्थिति से बचाने के लिए कश्मीर मुद्दे का न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान जरूरी है. हालांकि हिंदुस्तान का रुख इस मुद्दे पर बिल्कुल स्पष्ट रहा है. नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी दावों को खारिज करता रहा है. हिंदुस्तान का कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. शहबाज शरीफ के भाषण के दौरान हिंदुस्तानीय डिप्लोमैट आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया भी कैमरे में कैद हुई. शहबाज शरीफ द्वारा वही पूराना कश्मीर राग और ट्रंप की चापलूसी देख श्रीनिवास मुस्कुराते नजर आए. ये भी पढ़ें: आतंकवाद पर बड़बोलापन दिखा रहा था पाकिस्तानी पत्रकार, एस जयशंकर ने दिया ऐसा खरा जवाब, अब जीवन भर रहेगा याद! सिंधु जल संधि पर भी हिंदुस्तान का रुख साफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में हिंदुस्तान के साथ संबंधों और कश्मीर के अलावा सिंधु जल संधि का भी जिक्र किया. सिंधु जल संधि को लेकर भी हिंदुस्तान का रुख स्पष्ट है. हिंदुस्तान ने कहा है कि सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद को समर्थन जारी रहने की स्थिति में संधि को स्थगित रखा जाएगा.  The post UNGA में पाकिस्तान की हरकत देख हिंदुस्तानीय डिप्लोमैट को आई हंसी, शहबाज शरीफ की बातें सुन आप भी मुस्कुरा देंगे appeared first on Naya Vichar.

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Deep Depression: झारखंड-बिहार समेत 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी-छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश

Deep Depression: देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण आंतरिक ओडिशा के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव से मध्य हिंदुस्तान और पूर्वी हिंदुस्तान के कई राज्यों में बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 26 सितंबर के बाद भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. वहीं छत्तीसगढ़ में 26-28 सितंबर तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने की संभावना है. झारखंड-बिहार में बारिश का दौर जारी बिहार में 26 सितंबर को बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की संभावना है. इस दिन कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बिहार में छिटपुट से बिखरी हुई बारिश का अनुमान है. 26 सितंबर को तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली चमकने की भी संभावना है. झारखंड में 26 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भी कुछ स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 26-27 सितंबर को गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बारिश पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी हिस्सों में 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 26 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भी छिटपुट से बिखरी हुई बारिश का अनुमान है. ओडिशा में 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 26 सितंबर को ओडिशा में गरज, बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को भारी बारिश छत्तीसगढ़ में 25 सितंबर के बाद भी बारिश का असर बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार, 25-28 सितंबर के दौरान यहां काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है. 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. 26 सितंबर को गरज, बिजली और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. इसके बाद 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ में छिटपुट से बिखरी हुई बारिश का अनुमान है. उत्तर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है. इस दिन कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. 27-30 सितंबर के दौरान भी कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है. 27 सितंबर को गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. इस दिन भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं. 27-29 सितंबर तक भी कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. दिल्ली-एनसीआर में 26-27 सितंबर को बारिश हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26-27 सितंबर को काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने की संभावना है. दोनों दिनों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज, बिजली और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके बाद 28-29 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. कहां-कहां होगी भारी से अत्यंत भारी बारिश अत्यंत भारी बारिश पूर्वी उत्तर प्रदेश – 26 सितंबर पश्चिमी उत्तर प्रदेश – 26 सितंबर उत्तराखंड – 26-27 सितंबर बहुत भारी बारिश छत्तीसगढ़ – 26 सितंबर पूर्वी मध्य प्रदेश – 26 सितंबर हिमाचल प्रदेश – 27 सितंबर भारी बारिश बिहार – 26 सितंबर झारखंड – 26 सितंबर ओडिशा – 26 सितंबर उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम – 26 सितंबर हिमाचल प्रदेश – 26 और 28 सितंबर उत्तराखंड – 28 सितंबर पूर्वी उत्तर प्रदेश – 27 सितंबर पंजाब – 27 सितंबर पश्चिमी उत्तर प्रदेश – 26-27 सितंबर हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली – 26-27 सितंबर पश्चिमी मध्य प्रदेश – 27 सितंबर पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में 26-27 सितंबर को गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है. 26 सितंबर को भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है. 28 सितंबर को भी भारी बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में 26-28 सितंबर के दौरान काफी व्यापक से व्यापक बारिश हो सकती है. 26-27 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. 28 सितंबर को भी भारी बारिश हो सकती है. 27 सितंबर को 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके आ सकते हैं. मध्य हिंदुस्तान में बारिश पूर्वी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश की संभावना है. 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके बाद 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक भी कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है. विदर्भ में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण हिंदुस्तान में भी बारिश केरल और माहे, लक्षद्वीप में 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. केरल और माहे में 29 सितंबर को तेज हवाओं के साथ गरज-बिजली की संभावना है. तटीय कर्नाटक में 26-29 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक काफी व्यापक से व्यापक बारिश का अनुमान है. तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 26 सितंबर से 1 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं तेलंगाना में 26 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. ये भी पढ़ें: Rajasthan Weather Today: मानसून की विदाई शुरू, आज इन जिलों में बारिश; पश्चिमी राजस्थान में 40 डिग्री तक चढ़ेगा पारा The post Deep Depression: झारखंड-बिहार समेत 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, यूपी-छत्तीसगढ़ में अति भारी बारिश appeared first on Naya Vichar.

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राष्ट्रपति मुर्मू ने पुनर्विचार के लिए क्यों लौटाया बंगाल का ‘गुंडा दमन विधेयक’? जानें मुख्य वजह

कोलकाता से अमर शक्ति प्रसाद की रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य प्रशासन के ‘गुंडा दमन विधेयक’ को पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया है. केंद्र प्रशासन ने प्रस्तावित कानून और नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के बीच संभावित टकराव का मुद्दा उठाया था. इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजे गये विधेयक को पुनर्विचार के लिए राज्य प्रशासन को लौटा दिया गया. मुख्य बातें -राज्य प्रशासन ने 29 जून को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर पारित कराया था विधेयक -एनडीपीएस एक्ट से टकराव के मुद्दे पर केंद्र ने जतायी थी आपत्ति केंद्र प्रशासन ने अपनी टिप्पणी जानकारी के अनुसार, विधेयक लौटाने से पहले केंद्र प्रशासन ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि प्रस्तावित बिल के एक प्रावधान में ‘गुंडा’ की परिभाषा के तहत ऐसे व्यक्ति को भी शामिल किया गया है, जो एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दंडनीय अपराध करता है, करने का प्रयास करता है, उकसाता है, बढ़ावा देता है, उसका वित्तपोषण करता है या उसमें मदद करता है. केंद्र के अनुसार, यह प्रावधान पीआइटीएनडीपीएस एक्ट, 1988 के तहत मौजूद निवारक हिरासत के ढांचे से टकरा सकता है. केंद्रीय कानून से टकराव वाले प्रावधानों में होगा बदलाव राज्य प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय कानून से टकराव या ओवरलैप वाले प्रावधानों में जरूरी बदलाव किये जायेंगे. इसके बाद विधेयक को विधानसभा में फिर से पेश किया जा सकता है. विधानसभा से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए दोबारा भेजा जायेगा. गौरतलब है कि राज्य प्रशासन ने असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से 29 जून को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर ‘पश्चिम बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026’ पारित कराया था. विधेयक को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाये थे. प्रशासन की ओर से कहा गया था कि कानून का इस्तेमाल नेतृत्वक बदले की भावना से नहीं किया जायेगा. क्या है गुंडा दमन विधेयक? विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, यदि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर या राज्य प्रशासन द्वारा अधिकृत डीआइजी रैंक का पुलिस अधिकारी यह मानता है कि कोई ‘गुंडा’ असामाजिक गतिविधियों में शामिल है या उसके शामिल होने की आशंका है, तो उसे ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए आदेश जारी किया जा सकता है. इसके तहत संबंधित व्यक्ति को आदेश में निर्धारित क्षेत्र, जिले या जिलों अथवा उनके किसी हिस्से से बाहर जाने का निर्देश दिया जा सकता है. साथ ही, उसे एक वर्ष से अधिक अवधि के लिए उस क्षेत्र में प्रवेश करने या वापस लौटने से रोका जा सकता है. आदेश के तहत संबंधित व्यक्ति को अपनी गतिविधियों या मौजूदगी की जानकारी निर्धारित तरीके, समय और अधिकारी को देने के लिए भी बाध्य किया जा सकता है. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण समाचारों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें मुख्यमंत्री ने कहा- आपत्तियां दूर कर फिर भेजेंगे विधेयक इस संबंध में संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि विधेयक विधानसभा से पारित होने के बाद से ही गुंडों में डर का माहौल पैदा हुआ है. उन्होंने कहा कि विधेयक के जिन प्रावधानों पर सवाल उठाये गये हैं, उनमें जरूरी सुधार किये जायेंगे और इसे जल्द ही राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए दोबारा भेजा जायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में गुंडों के खिलाफ कार्रवाई के लिए यह कानून हर हाल में लागू किया जायेगा. Also Read: Kolkata Direct Investment: कोलकाता को मिलने वाली है बड़ी सौगात, फ्रांस करेगा सीधा निवेश और शुरू हो सकती है डायरेक्ट फ्लाइट The post राष्ट्रपति मुर्मू ने पुनर्विचार के लिए क्यों लौटाया बंगाल का ‘गुंडा दमन विधेयक’? जानें मुख्य वजह appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games 2026 Day 7 Live Update: शूटिंग में भारत की उम्मीदें कायम, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह

20वें एशियन गेम्स 2026 के सातवें दिन हिंदुस्तान मेडल की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरी है. हिंदुस्तानीय खिलाड़ियों के मुकाबले और प्रदर्शन की पूरी जानकारी के लिए जुड़े हमारे लाइव कवरेज के साथ. The post Asian Games 2026 Day 7 Live Update: शूटिंग में हिंदुस्तान की उम्मीदें कायम, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह appeared first on Naya Vichar.

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TVS की किस्मत चमका रहा यह फैमिली स्कूटर, 31 दिनों में बिक गईं 1.47 लाख से ज्यादा गाड़ियां; कीमत मात्र ₹74,125

हिंदुस्तानीय टू-व्हीलर मार्केट में जब भी भरोसेमंद और स्पेसियस फैमिली स्कूटर की बात होती है, तो टीवीएस मोटर (TVS Motor) का नाम सबसे आगे आता है. कंपनी के लिए बीता महीना सेल्स के मामले में बेहद शानदार रहा है. टीवीएस ने अगस्त महीने में कुल मिलाकर 4,33,796 गाड़ियों की घरेलू बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 17.6 प्रतिशत की दमदार बढ़त दर्शाती है. इस जबरदस्त ग्रोथ के पीछे किसी एक मॉडल का सबसे बड़ा हाथ है, तो वह है टीवीएस जूपिटर (TVS Jupiter). इस फैमिली स्कूटर की डिमांड हिंदुस्तानीय ग्राहकों के बीच इस कदर बनी हुई है कि महज 31 दिनों के भीतर इसकी करीब डेढ़ लाख यूनिट्स शोरूम से बाहर निकल गईं. 31 दिनों में बिकीं 1.47 लाख यूनिट्स, कंपनी की सेल्स में 34% हिस्सेदारी अगस्त 2026 में टीवीएस मोटर्स ने अकेले जूपिटर मॉडल की 1,47,450 यूनिट्स बेची हैं. अगर पिछले साल अगस्त से तुलना करें, तो तब कंपनी ने इसकी 1,42,411 यूनिट्स बेची थीं. यानी सालाना आधार पर इस फैमिली स्कूटर की बिक्री में 3.54 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. टीवीएस की कुल घरेलू बिक्री में अकेले जूपिटर की हिस्सेदारी करीब 33.99 प्रतिशत है. इसका मतलब है कि कंपनी जितने भी दोपहिया वाहन बेचती है, उनमें से हर तीसरा वाहन जूपिटर ही होता है. हालांकि, जुलाई 2026 में बिकी 1,48,595 यूनिट्स के मुकाबले अगस्त में इसकी बिक्री में बेहद मामूली गिरावट जरूर देखी गई है. दो पावरफुल इंजन विकल्प और लाजवाब बूट स्पेस का कॉम्बो टीवीएस जूपिटर की इस भारी डिमांड की सबसे बड़ी वजह इसकी प्रैक्टिकैलिटी और परफॉर्मेंस है. कंपनी इसे 110 सीसी और 125 सीसी जैसे दो इंजन विकल्पों में पेश करती है, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से सही मॉडल का चुनाव कर सकते हैं. जहां इसका 110 सीसी वेरिएंट डेली कम्यूट और बेहतर माइलेज के लिए मुफीद माना जाता है, वहीं 125 सीसी वेरिएंट ज्यादा पावर और प्रीमियम फील देता है. इसके अलावा, इस स्कूटर में मिलने वाला अंडर-सीट बूट स्पेस सेगमेंट में सबसे खास माना जाता है, जिसमें दो हेलमेट या घर का राशन आसानी से रखा जा सकता है. टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और कनेक्टिविटी जैसे हाइटेक फीचर्स आज के दौर में राइडर्स केवल माइलेज ही नहीं, बल्कि आधुनिक फीचर्स भी तलाशते हैं. जूपिटर में कंपनी ने स्मार्ट कनेक्टिविटी ऑप्शंस दिए हैं. इसके डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन सपोर्ट मिलता है, जिससे अनजान रास्तों पर भी ड्राइविंग बेहद आसान हो जाती है. इसके अलावा, इसमें ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के जरिए कॉल अलर्ट्स और एसएमएस नोटिफिकेशन सीधे स्पीडोमीटर स्क्रीन पर दिखाई देते हैं. फ्रंट फ्यूल फिलिंग कैप, मोबाइल चार्जिंग पोर्ट और एलईडी हेडलैंप जैसे फीचर्स इसे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहद सुविधाजनक बनाते हैं. किफायती कीमत और मल्टीपल वेरिएंट्स का विकल्प अगर कीमत की बात करें, तो टीवीएस जूपिटर की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 74,125 रुपये से शुरू होती है. कंपनी इसे कई कलर ऑप्शंस और वेरिएंट्स में पेश करती है, जिनमें शीट मेटल व्हील, अलॉय व्हील, डिस्क ब्रेक और स्मार्टकनेक्ट शामिल हैं. किफायती कीमत, बेहतर रीसेल वैल्यू और लो-मेंटेनेंस कॉस्ट के चलते यह स्कूटर हिंदुस्तानीय मध्यमवर्गीय परिवारों की पहली पसंद बना हुआ है. FAQs: टीवीएस जूपिटर से जुड़े आम सवाल 1. टीवीएस जूपिटर की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत कितनी है? टीवीएस जूपिटर की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 74,125 रुपये से शुरू होती है. इसके वेरिएंट और फीचर्स के आधार पर कीमतें अलग-अलग हो सकती हैं. 2. टीवीएस जूपिटर में कौन-कौन से इंजन ऑप्शन मिलते हैं? यह फैमिली स्कूटर 110 सीसी और 125 सीसी के दो इंजन विकल्पों के साथ आता है. 3. अगस्त महीने में टीवीएस जूपिटर की कितनी यूनिट्स बिकी हैं? अगस्त महीने में टीवीएस जूपिटर की कुल 1,47,450 यूनिट्स बिकी हैं, जो कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 34 प्रतिशत हिस्सा है. ये भी पढ़ें: 80kmpl माइलेज, 112kg वजन और ₹59,100 शुरूआती कीमत…TVS Sport के 2 वेरिएंट में क्या है अंतर? The post TVS की किस्मत चमका रहा यह फैमिली स्कूटर, 31 दिनों में बिक गईं 1.47 लाख से ज्यादा गाड़ियां; कीमत मात्र ₹74,125 appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha Rules: पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें? जानें खास नियम

Pitru Paksha Rules 2026: पितृ पक्ष 26 सितंबर, यानी आज से शुरू हो रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रों की मान्यता के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा पर ऋषि तर्पण किया जाता है. साथ ही इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हुई. इसके बाद आश्विन कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) किया जाता है. पंचांग के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को है. ऐसे में इसी तारीख को पितृ पक्ष का समापन होगा. पितृ पक्ष में कुछ कार्यों को करना अच्छा माना गया है, जबकि कुछ कामों को न करने की सलाह दी जाती है. इसलिए पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें, जानिए. पितृ पक्ष में क्या करें कर्मकांड और धर्मशास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष में सात्विक भोजन करना चाहिए. कहा जाता है कि पितृ पक्ष में सात्विक भोजन करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. पितृ पक्ष में ब्रह्मचर्य के नियमों का भी पालन करना जरूरी माना गया है. पितृ पक्ष के दौरान पिंडदान के समय सफेद वस्त्र पहनने की परंपरा है. साथ ही दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके पितृ कर्म करना चाहिए. पूर्वजों का तर्पण काले तिल, जल और कुश से किया जाता है. शास्त्रों के अनुसार गयाजी, पुष्कर, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे तीर्थों स्थलों पर श्राद्ध कर्म करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है. पितृ पक्ष में पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध (तर्पण, पिंडदान) के बाद दान करने की परंपरा है. दान क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए. पितृ पक्ष में घी, अन्न, गुड़, तिल, कपड़ा, चांदी और भूमि (जमीन) का दान करना अच्छा माना गया है. पितृ पक्ष में गाय, कुत्ता, चींटी, कौआ और देवता को भोजन देने की परंपरा है. भोजन का एक हिस्सा इस सभी से लिए निकाल दिया जाता है, उसके बाद घर के लोग भोजन करते हैं. मान्यता है कि पितृ पक्ष में पांच रूपों में पितृ देव धरती पर पधारते हैं. शास्त्रों में इसे पंचबलि कहा गया है. पितृ पक्ष में प्रतिदिन शाम के समय पूर्वजों के निमित्त दीपक जलाने की परंपरा है. दीपक को घर के द्वार पर दक्षिण दिशा में जलाया जाता है. मान्यता है कि पितृ पक्ष में रोज यह काम करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है. पितृ पक्ष में क्या न करें पितृ पक्ष की अवधि में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य (गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ, शादी, सगाई आदि) नहीं किए जाते. इसलिए इस दौरान मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए. मांसाहार और नशीले पदार्थ (शराब, मांस, मछली, अंडा, लहसुन-प्याज आदि) का सेवन करने से बचना चाहिए. इस दौरान दूसरी नशीले पदार्थों का सेवन भी नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि पितृ पक्ष में ऐसा करने से पूर्वजों की कृपा प्राप्त नहीं होती. पितृ पक्ष के दौरान आचरण अच्छा रखना चाहिए. इस दौरान क्रोध करने, गाली देने, अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह दी जाती है. घर-परिवार या कहीं किसी भी स्थान पर बड़े-बुजुर्गों, स्त्रीओं का अपमान नहीं करना चाहिए. शास्त्रों में पितृ पक्ष के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करने की सलाह दी गई है. इसलिए इस दौरान शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए. पितृ पक्ष में नई चीजों की खरीदारी नहीं की जाती है. मान्यतानुसार, इस दौरान नया वाहन, घर, प्रॉपर्टी, सोने-चांदी के गहने आदि नहीं खरीदे जाते हैं. पितृ पक्ष में क्या करें पितृ पक्ष में क्या न करें सात्विक भोजन करें मांसाहार का सेवन न करें ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें शारीरिक संबंध बनाने से बचें पिंडदान के समय सफेद वस्त्र पहनें शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितृ कर्म करें लहसुन-प्याज आदि का सेवन करने से बचें काले तिल, जल और कुश से तर्पण करें मांगलिक कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश, मुंडन आदि न करें श्राद्ध और तर्पण के बाद क्षमता के अनुसार दान करें नई गाड़ी, घर, प्रॉपर्टी और गहने खरीदने से बचें घी, अन्न, गुड़, तिल, कपड़े, चांदी आदि का दान करें क्रोध, गाली-गलौज और अनावश्यक विवाद न करें गाय, कुत्ता, चींटी, कौआ और देवता के लिए भोजन निकालें बड़े-बुजुर्गों और स्त्रीओं का अपमान न करें शाम को पूर्वजों के निमित्त दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं अनुचित आचरण और नकारात्मक व्यवहार से बचें गयाजी, पुष्कर, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे तीर्थों पर श्राद्ध कर्म कर सकते हैं पितृ पक्ष में अशुभ या अनावश्यक कार्यों से बचें The post Pitru Paksha Rules: पितृ पक्ष में क्या करें और क्या न करें? जानें खास नियम appeared first on Naya Vichar.

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चौंकिए मत, जनाब! यह तालाब नहीं गोपालगंज की सड़क है; 30 मीटर में करीब 50 गड्ढे

Gopalganj Road Potholes : चौकिये मत, जनाब ! यह कोई तालाब नहीं, बल्कि गोपालगंज के बथुआ बाजार की मुख्य सड़क है. सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर गया है. हालात ऐसे हैं कि सड़क और तालाब में फर्क करना मुश्किल हो गया है. भागीपट्टी-समउर-मीरगंज मुख्य पथ पर स्थित बथुआ बाजार की बदहाल सड़क राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बन गयी है. गड्ढों की गहराई का पता नहीं चलता, गिरकर घायल हो रहे लोग सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी जमा होने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में बाइक सवार और पैदल यात्री आये दिन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं. रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है. बाजार में आने-जाने वाले लोगों को हर दिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बथुआ बाजार की मुख्य सड़क पर बाढ़ जैसी स्थिति सड़क और नाले के निर्माण को लेकर कई बार शिकायत व्यवसायियों के अनुसार, दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली इस मुख्य सड़क और नाले के निर्माण को लेकर वरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी गयी. इसके बावजूद समस्या बनी हुई है. व्यवसायियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण और मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे. इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. सड़क निर्माण को लेकर पानी में प्रदर्शन करते स्थानीय, बथुआ बाजार की जर्जर सड़क पर पलटा टेंपो Also Read : गोपालगंज के 22 नंबर ढाला पर जाम से राहत की उम्मीद, मिट्टी जांच पूरी; लैब रिपोर्ट के बाद जल्द बनेगा ओवरब्रिज The post चौंकिए मत, जनाब! यह तालाब नहीं गोपालगंज की सड़क है; 30 मीटर में करीब 50 गड्ढे appeared first on Naya Vichar.

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