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Author name: Vinod Jha

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सिकंदर रजा से श्रेयस अय्यर तक, T20I में सबसे तेज शतक लगाने वाले 5 कप्तान

T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में कप्तानों के सबसे तेज शतकों की लिस्ट में सिकंदर रजा सबसे आगे हैं. जिम्बाब्वे के कप्तान ने 2024 में गाम्बिया के खिलाफ नैरोबी में सिर्फ 33 गेंदों में शतक ठोक दिया था. उनके बाद रोहित शर्मा का नंबर है, जिन्होंने 35 गेंद में सेंचुरी लगाई थी. हैरी ब्रूक और हिंदुस्तान के मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर 42-42 गेंद में शतक लगाकर संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसी ने 46 गेंद में शतक लगाया था. यानी टॉप-5 में चार कप्तान ऐसे हैं, जिन्होंने मिडिल ऑर्डर से आकर यह कारनामा किया. 1. सिकंदर रजा – 33 गेंद में शतक जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं. उन्होंने 2024 में गाम्बिया के खिलाफ नैरोबी में स्पोर्ट्से गए T20I में सिर्फ 33 गेंदों में शतक पूरा किया था. खास बात यह है कि रजा ने यह रिकॉर्ड जिम्बाब्वे में नहीं, बल्कि केन्या की राजधानी नैरोबी में बनाया था. 33 गेंद में शतक के साथ वह फुल-मेंबर टीम के कप्तानों में T20I का सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं. 2. रोहित शर्मा – 35 गेंद में शतक हिंदुस्तानीय कप्तान श्रेयस अय्यर (एक्स) हिंदुस्तान के मौजूदा T20I कप्तान श्रेयस अय्यर ने 6 अक्टूबर 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में 42 गेंदों में अपना पहला T20I शतक पूरा किया. उन्होंने नाबाद 102 रन की पारी स्पोर्ट्सी और हिंदुस्तान ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया. अय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने आए थे. हिंदुस्तान ने 35 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद अय्यर ने पारी संभाली और तेजी से रन बनाते हुए मैच हिंदुस्तान के पक्ष में कर दिया. 42 गेंद का शतक उन्हें हैरी ब्रूक के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर ले आया. 5. फाफ डु प्लेसी – 46 गेंद में शतक दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसी इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर हैं. उन्होंने 2015 में वेस्टइंडीज के खिलाफ जोहानिसबर्ग में 46 गेंदों में T20I शतक लगाया था. उनके नाम का इस लिस्ट में होना इसलिए भी खास है क्योंकि उनके बाद आने वाले कप्तानों ने 42 गेंद या उससे कम में शतक लगाकर इस रिकॉर्ड को और तेज किया. अब फुल-मेंबर टीमों के कप्तानों में सबसे तेज पांच T20I शतकों की सूची में डु प्लेसी पांचवें स्थान पर हैं. टॉप-5 में चार मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज इस लिस्ट की सबसे दिलचस्प बात यह है कि पांच में से चार कप्तान मिडिल ऑर्डर से बल्लेबाजी करने वाले रहे हैं. सिकंदर रजा, हैरी ब्रूक, श्रेयस अय्यर और फाफ डु प्लेसी ने कप्तान के तौर पर मिडिल ऑर्डर से आकर तेज शतक लगाए, जबकि रोहित शर्मा इस सूची में अकेले प्रमुख ओपनर हैं. ये भी पढ़ें: U19 Asia Cup 2026: पाकिस्तान से बदला लेने उतरेगा हिंदुस्तान, जानें कब-कहां होंगे मुकाबले The post सिकंदर रजा से श्रेयस अय्यर तक, T20I में सबसे तेज शतक लगाने वाले 5 कप्तान appeared first on Naya Vichar.

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तीसरी बार टली 72वीं BPSC की PT परीक्षा, क्या है वजह और कब तक आएगी अगली डेट, जानिए सबकुछ

BPSC PT Exam Postponed: 72वीं बीपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को तीसरी बार झटका लगा. पीटी की परीक्षा तीसरी बार टाल दी गई. बुधवार को परीक्षा टलने की समाचार सामने आई. सबसे पहले 18 जुलाई 2026 को परीक्षा लेने का अनाउंसमेंट किया गया था. लेकिन उसे टाल दिया गया और नई तारीख 25 अक्टूबर 2026 तय की गई. इसके बाद दूसरी बार तय की गई तारीख को भी टाल दिया गया. लेकिन अब तक नई तारीख तय नहीं की गई है. कितने अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन और पदों की संख्या 72वीं बीपीएससी के लिए लगभग 5 लाख 15 हजार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. 71वीं बीपीएससी की बात करें तो, उसके लिए करीब 4 लाख 71 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. इस तरह से साफ देखा जा सकता है कि इस बार 44 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन दिए हैं. बीपीएससी की ओर से पूरे 1189 पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी. पहले भी कई बार टल चुकीं हैं BPSC की परीक्षाएं यह पहली बार नहीं है जब बीपीएससी की परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया. इससे पहले 71वीं बीपीएससी की परीक्षा को लेकर इसी तरह की स्थिति देखने के लिए मिली थी. पहले परीक्षा की तारीख 10 सितंबर 2025 तय की गई थी लेकिन बाद में इसे बदलकर 13 सितंबर 2025 की गई. इस वक्त पूरे 1298 पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई थी. इसी तरह से 70वीं बीपीएससी की परीक्षा के डेट में भी बदलाव किया गया था. पहली बार 30 सितंबर 2024 को परीक्षा होने वाली थी लेकिन किसी कारण परीक्षा टल गई. इसके बाद नई तारीख का ऐलान किया गया और 17 नवंबर 2024 को परीक्षा लेने का ऐलान किया गया. लेकिन फिर डेट आगे बढ़ी और 13 दिसंबर 2024 को परीक्षा ली गई. इस दौरान पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर गड़बड़ी की समाचार सामने आई थी. अभ्यर्थियों ने परीक्षा कैंसिल कराने के लिए जमकर प्रदर्शन किया था. इसके बाद जिन भी अभ्यर्थियों का सेंटर बापू परीक्षा केंद्र पर था, उनके लिए 4 जनवरी 2025 को री-एग्जाम आयोजित किया गया था. बिहार से जुड़ी अन्य ताजा समाचारों के लिए यहां क्लिक करें 72वीं BPSC PT एग्जाम टलने की क्या हो सकती है वजह? 72वीं बीपीएससी की पीटी की परीक्षा टलने की कई वजहें बताई जा रहीं हैं. जानकारों की माने तो, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई 15 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक छुट्टी पर हैं. बताया गया था कि व्यक्तिगत कारणों की वजह से रवि मनुभाई छुट्टी पर हैं. इस वजह से तारीख आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा हाल ही में बिहार विधान परिषद चुनाव का ऐलान किया गया था. 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर को काउंटिंग होगी. चुनाव की वजह से शिक्षक और स्नातक पास युवा दोनों व्यस्त हैं. इतना ही नहीं, विधान परिषद चुनाव में शिक्षक और स्नातक वोटर्स मुख्य भूमिका में होते हैं. गवर्नमेंट एग्जाम के दौरान कई कर्मियों को ड्यूटी पर लगाया जाता है. चुनाव के बीच में 25 अक्टूबर को परीक्षा होने वाली थी. ऐसे में कर्मियों की व्यस्तता भी परीक्षा टलने की वजह मानी जा रही है. परीक्षा टलने की एक और वजह पर्व-त्योहारों को भी माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि दशहरा, दिवाली और छठ महापर्व के लिए दूसरे राज्यों से लोग बिहार आते हैं. इस वजह से ट्रेनों में भीड़भाड़ की समस्या काफी ज्यादा हो जाती है. बीपीएससी की परीक्षा के लिए अलग-अलग जिलों में कई सेंटर बनाए जाते हैं. कई बार ऐसा देखा जाता है कि ट्रेन लेट होने की वजह से या फिर छूट जाने की वजह से अभ्यर्थियों की परीक्षाएं छूट जातीं हैं. पर्व-त्योहार के दौरान ट्रेनों में भीड़भाड़ की वजह से ऐसी स्थिति हो सकती है कि अभ्यर्थी सेंटर तक आसानी से नहीं पहुंच पाएं. इस तरह से परीक्षा टलने की वजह इन्हीं तीन कारणों को माना जा रहा है. कब तक हो सकती है BPSC PT की परीक्षा? जानकारों की माने तो, नवंबर 2026 से अंतिम सप्ताह या फिर दिसंबर महीने में परीक्षा की तारीख आ सकती है. माना जा रहा है कि 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना होगी. आयोग ने पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके साथ ही छठ महापर्व पूरे बिहार में मनाया जाता है. पर्व के बीच में परीक्षा लेना संभव नहीं है. 16 नवंबर तक छठ महापर्व भी समाप्त हो जाएगा. इसके बाद ही परीक्षा आयोजित की जा सकती है. लेकिन नई तारीख को लेकर बीपीएससी की ओर से ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करते रहें. 2026 में बिहार गवर्नमेंट की कई परीक्षाएं कैंसिल और रद्द बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने 27 मई 2026 को दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा कराई थी. परीक्षा दो पालियों में हुई थी. बाद में आयोग ने इसे रद्द कर दिया. आयोग ने परीक्षा रद्द करने के पीछे अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया था. बिहार लोक सेवा आयोग की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी यानी AEDO परीक्षा भी रद्द की गई. यह परीक्षा 14 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 के बीच हुई थी. परीक्षा कुल 9 पालियों में आयोजित की गई थी. परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई थीं. रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में कई एफआईआर दर्ज हुईं. कुछ अभ्यर्थियों पर भी कार्रवाई हुई. इसके बाद आयोग ने पूरी परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया. BPSC की सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी यानी APSWMO परीक्षा भी रद्द की गई. यह परीक्षा 23 अप्रैल 2026 को हुई थी. BPSC से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद इसे रद्द करने का फैसला लिया गया. बिहार सिविल कोर्ट में चपरासी और अटेंडेंट के 1673 पदों पर भर्ती के लिए 15 मार्च 2026 को प्रारंभिक परीक्षा हुई थी. बाद में इस परीक्षा को भी रद्द कर दिया गया. परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों को नई तारीख

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‘हरे रामा हरे कृष्णा’ में देव आनंद की बहन बनने से कर दिया था इनकार, जाहिदा हुसैन की वो जिद जिसने जीनत अमान को बनाया सुपरस्टार

लोग मुझसे कहते थे कि देव आनंद जैसे सुपरस्टार का ऑफर ठुकराकर मैंने अपने ही करियर को नुकसान पहुंचाया है. पर मुझे किसी के अहसान या समझौते की बदौलत मिला स्टारडम नहीं चाहिए था. मैं अपनी शर्तों पर जीने वाली औरत हूं और हमेशा रहूंगी. ये बेबाक, तीखे और खुद्दारी से भरे शब्द किसी और के नहीं, बल्कि 70 के दशक की मशहूर अदाकारा जाहिदा हुसैन के हैं. इस बयान में न तो कोई अफसोस था और न ही कोई लाचारी. इसमें दिखती थी तो बस उस औरत की अटूट अकड़ और हिम्मत, जिसने बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों और बड़े-बड़े बैनरों के आगे घुटने टेकने से साफ इनकार कर दिया था. 9 अक्टूबर 1944 को मुंबई के सबसे मखमली और आलीशान माहौल में जन्मी नरगिस की भतीजी जाहिदा हुसैन का फिल्मी सफर भले ही बहुत लंबा न रहा हो, लेकिन उनकी जिंदगी का हर पन्ना किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म जैसा रहा है. देव आनंद की फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ से लाखों दिलों की धड़कन बनने वाली इस एक्ट्रेस की ऑन-स्क्रीन लाइफ जितनी हसीन दिखी, उनके फैसले उतने ही चौंकाने वाले रहे. सुपरहिट फिल्मों को लात मारना, अजीबो-गरीब वजहों से बड़े-बड़े रोल ठुकरा देना और फिर अचानक सफलता के शिखर से गायब हो जाना. मरीन ड्राइव के आलीशान बंगले से लेकर पैसों की तंगी, देव आनंद से बगावत से लेकर एक कुत्ते के खौफ में हेमा मालिनी का करियर संवारने तक. आज 9 अक्टूबर 2026 को जाहिदा हुसैन अपना 81वां जन्मदिन मना रही हैं. उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर आइए जानते हैं बॉलीवुड की इस बेबाक ‘ग्लैमर क्वीन’ की जिंदगी के वो 5 वाकये, जिन्होंने कभी पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था. हीरोइन बनी थी, अब बहन नहीं बनूंगी, जाहिदा का वो एक इनकार और जीनत अमान की रातों-रात चमकी किस्मत यह किस्सा बॉलीवुड की उन सबसे मजेदार बहसों में गिना जाता है जिसने एक नई हीरोइन की तकदीर बदल दी थी. फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ (1970) में देव आनंद और जाहिदा की रोमांटिक जोड़ी को लोगों ने खूब पसंद किया था. इसके बाद जब देव आनंद अपनी नई फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ की तैयारी कर रहे थे, तो उनके दिमाग में अपनी बहन ‘जैनिस’ के रोल के लिए सबसे पहला नाम जाहिदा का ही आया. देव साहब बहुत उम्मीद लेकर जाहिदा के पास पहुंचे थे. लेकिन जाहिदा ने बड़ी बेबाकी से सीधे उनके मुंह पर कह दिया- “देव जी, जब मैं आपकी पिछली फिल्म में हीरोइन बनकर रोमांस कर चुकी हूं, तो अब अचानक आपकी बहन के रोल में आकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी क्यों मारूं? दर्शक मुझे आपकी बहन के रूप में कभी कबूल ही नहीं करेंगे.” देव आनंद ने उन्हें बहुत समझाया कि यह रोल कितना दमदार है, लेकिन जाहिदा अपनी बात से टस से मस नहीं हुईं. इस बात से देव साहब थोड़े नाराज भी हुए और दोनों के बीच दूरियां आ गईं. पर जाहिदा की इसी जिद का फायदा मिला जीनत अमान को. हाथ में चिलम थामकर ‘दम मारो दम’ गाने पर थिरकते ही जीनत अमान रातों-रात पूरे देश की क्रश और बॉलीवुड की नई ग्लैमर क्वीन बन गईं. मरीन ड्राइव की रईसी और फिर अचानक आया किस्मत का भूचाल जाहिदा का बचपन मुंबई के मरीन ड्राइव वाले इलाके में एक बड़े और बहुत अमीर परिवार में बीता था. उनके पिता अख्तर हुसैन नामी फिल्म मेकर थे और बुआ नरगिस उस दौर की सबसे बड़ी स्टार थीं. जब तक नरगिस जी की शादी नहीं हुई थी, पूरे परिवार की जिम्मेदारी वही संभालती थीं और घर में किसी चीज की कोई कमी नहीं थी. जाहिदा का बचपन गाड़ियों और बड़े-बड़े कमरों के बीच बीता. लेकिन वक्त हमेशा एक सा नहीं रहता. पिता की बनाई कुछ फिल्में एक के बाद एक फ्लॉप हो गईं. घाटा इतना बढ़ा कि परिवार को अपना फिल्म स्टूडियो और गाड़ियां तक बेचनी पड़ीं. हालांकि, घर में दिन-रात फिल्मों की ही बातें होती थीं, इसलिए जाहिदा का खिंचाव भी धीरे-धीरे कैमरे और एक्टिंग की तरफ होता चला गया. राज कपूर ब्लैंक चेक लेकर पहुंचे थे, लेकिन बुआ नरगिस ने बीच में अड़ा दी टांग जाहिदा दिखने में इतनी प्यारी और हसीन थीं कि उस जमाने के बड़े-बड़े डायरेक्टर उनके साथ काम करना चाहते थे. बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर तो उन्हें अपने आरके बैनर से बहुत बड़े लेवल पर लॉन्च करने का मन बना चुके थे. कहा तो यह भी जाता है कि राज कपूर ने जाहिदा के पिता के सामने खाली चेक रख दिया था कि जो रकम चाहिए भर लीजिए, बस जाहिदा को हमारी फिल्म से लॉन्च होने दीजिए. जाहिदा खुद इस मौके को लेकर बहुत खुश थीं, लेकिन तभी बीच में आ गईं उनकी बुआ नरगिस. नरगिस ने घर के कुछ नियमों और अपनी सोच की वजह से इस ऑफर के लिए साफ मना कर दिया. और इस तरह बुआ के एक फैसले ने राज कपूर जैसे बड़े बैनर के साथ जाहिदा की शुरुआत होने से रोक दिया. एक कुत्ते के डर से छोड़ दी ‘लाल पत्थर’, बिल्ली की वजह से हाथ से निकल गई दूसरी फिल्म जाहिदा के फैसले कई बार इतने अजीब होते थे कि सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. उन्होंने सुपरहिट फिल्म ‘लाल पत्थर’ में काम करने से मना कर दिया था, जो बाद में हेमा मालिनी को मिली और उनके करियर के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई. जाहिदा ने यह फिल्म किसी पैसे या रोल की खराबी की वजह से नहीं छोड़ी थी, बल्कि एक कुत्ते के डर से छोड़ी थी. सीन यह था कि एक खूंखार अल्सेशियन कुत्ता उन पर झपटेगा और वे डरकर हीरो राज कुमार की बाहों में गिरेंगी. जाहिदा को कुत्तों और बिल्लियों से इतना डर लगता था कि वे इस सीन के बारे में सुनकर ही घबरा गईं और फिल्म छोड़ दी. हद तो तब हो गई जब उन्होंने एक और फिल्म सिर्फ इसलिए ठुकरा दी क्योंकि उसमें गोद में बिल्ली को उठाकर ‘म्याऊं’ कहना था. देव आनंद के लिए बुना था स्वेटर, जो ‘ज्वेल थीफ’ के गाने में स्क्रीन पर दिखा ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ वाली नाराजगी के बावजूद देव आनंद और जाहिदा के बीच का रिश्ता हमेशा बहुत प्यारा और अपनापन भरा रहा. दोनों के

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09 अक्टूबर की टॉप 20 खबरें : पंचतत्व में विलीन हुए ‘नाना’ और रूपी सोरेन, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक-CJP का प्रदर्शन

1. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा INDIA ब्लॉक, राजघाट पहुंचकर राहुल-खरगे ने किया प्रदर्शन INDIA ब्लॉक ने तीसरे दिन राजघाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और वोट के अधिकार पर हमले का आरोप लगाया. यहां पढ़ें पूरी समाचार. 2. मां रूपी सोरेन की अंतिम विदाई, नेमरा में फूट-फूटकर रोए CM हेमंत सोरेन, देखें तस्वीरें CM हेमंत सोरेन ने अपनी मां रूपी सोरेन को नम आंखों से अंतिम विदाई दी. नेमरा में पंचतत्व में विलीन हुईं रूपी सोरेन. परिवार और समर्थकों में शोक की लहर. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 3. 42 पूर्व जजों ने लिखा खुला पत्र: बोले- संवैधानिक संस्थाएं किसी प्रशासन की नहीं, SIR का किया बचाव 42 पूर्व न्यायाधीशों ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई है. बोले- संवैधानिक संस्थाएं किसी प्रशासन की नहीं होतीं. जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की पूंजी है. पढ़ें पत्र में और क्या लिखा? पूरी समाचार यहां पढ़ें. 4. पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित घर पर निधन हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था. उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने निधन की पुष्टि की. उनके निधन पर अमिताभ बच्चन, जावेद अख्तर, करण जौहर, हेमा मालिनी समेत कई सितारों ने श्रद्धांजलि दी. नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के डोंजे गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 5. कौन हैं ऐनी कार्सन? जिन्हें मिला 2026 का साहित्य नोबेल, लेखन का अंदाज है सबसे अलग कनाडाई लेखिका ऐनी कार्सन को 2026 का साहित्य नोबेल पुरस्कार मिला है. जानें उनकी अनोखी लेखन शैली और पुरानी कहानियों को नए अंदाज में पेश करने की कला के बारे में. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 6. GST Council: अब 10 हजार से कम टैक्स पर नहीं आएगा नोटिस, नहीं होगी गिरफ्तारी; 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे नए नियम GST काउंसिल की मीटिंग में 10 हजार रुपये से कम टैक्स पर नोटिस नहीं और गिरफ्तारी को खत्म करने का प्रस्ताव जारी किया गया. यह बदलाव 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे. जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 7. अमेरिका में H-1B और Green Card नियमों पर सख्ती, Microsoft-Infosys-Tata-Wipro समेत 7 बड़ी IT कंपनियां प्रभावित अमेरिका ने Microsoft, Infosys, Tata जैसी बड़ी IT कंपनियों को PERM प्रक्रिया से निलंबित कर दिया है. जानें H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड पर इसका क्या असर होगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 8. ‘कानूनन हम ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा नहीं ले सकते, विवेक के आधार पर देना होगा त्यागपत्र’: सलमान खुर्शीद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफा को लेकर संविधान में क्या जिक्र है और क्या ज्ञानेश कुमार से कानूनी तौर पर इस्तीफा मांग सकते हैं. स्टोरी में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद से इस सवाल का जवाब जानते हैं. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 9. मस्क ने पूछा- क्या अंबानी हैं हिंदुस्तान के असली बॉस? राहुल गांधी के जवाब पर एलन ने कहा थैंक्यू स्टारलिंक लाइसेंस विवाद के बीच एलन मस्क ने हिंदुस्तान में लाइसेंस न मिलने पर सवाल उठाते हुए पूछा- क्या अंबानी हिंदुस्तान के असली बॉस हैं? इस पर राहुल गांधी ने भी तंज कसते हुए मस्क को जवाब दिया. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 10. CEC ज्ञानेश कुमार की बढ़ाई गई सुरक्षा, आवास से चुनाव आयोग तक कड़ा पहरा; ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बीच विपक्ष का प्रदर्शन तेज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ाई गई है. विपक्षी दल ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. जानिए पूरा मामला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 11. 10 अक्टूबर को CJP का प्रदर्शन: दिल्ली में 20 हजार से ज्यादा पुलिस- पैरामिलिट्री जवान तैनात, 9-10 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 20 हजार से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है.पूरी समाचार यहां प्ढ़ें. 12. CJP Protest: अभिजीत दीपके की चेतावनी, सड़कों पर उतरेंगे और CEC के इस्तीफे तक जारी रखेंगे आंदोलन CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने PM मोदी और EC पर लोकतंत्र की हत्या और वोट चोरी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 13. झारखंड हाईकोर्ट में JSSC CGL मामले में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित, शुक्रवार को JPSC मामले पर होगी बहस झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. JPSC परीक्षाओं पर सुनवाई जारी है. जानिए आगे क्या होगा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 14. IND vs WI 2nd T20: नेट्स में ईशान का तूफान, वैभव ने भी मचाया शोर रांची में हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज दूसरे टी20 से पहले नेट्स में ईशान किशन का जलवा दिखा. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने भी सबका ध्यान खींचा. जानें क्या है अपडेट. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 15. 3 घंटे में महागठबंधन का प्रोटेस्ट खत्म, तेजस्वी ने सुनाई ‘ज्ञानु-ज्ञानु’ कविता, RJD नेताओं को बैरिकेडिंग से फेंका, जानिए और क्या-क्या हुआ पटना में SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महागठबंधन के नेताओं ने प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन 3 घंटों तक चला. इस प्रोटेस्ट में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी समेत कई नेता शामिल हुए. पूरे 3 घंटे पटना की सड़क पर विपक्ष का जमकर हंगामा देखने के लिए मिला. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 16. लखनऊ में वंदे हिंदुस्तान का एक्सीडेंट: अचानक ट्रैक पर आई गाय, चपेट में आते ही टूट गया इंजन का नोज कोन Vande Bharat Accident: लखनऊ में तेज रफ्तार वंदे हिंदुस्तान एक्सप्रेस के सामने अचानक गाय आ गई. जिससे इंजन के आगे लगा नोज कोन टूट गया. हादसे के बाद ट्रेन को कुछ देर रोकना पड़ा. पूरी समाचार यहां पढ़ें. 17. UGC NET दिसंबर सेशन के लिए आवेदन शुरू, जानें कब होगी परीक्षा यूजीसी नेट परीक्षा की तैयारी कर रहै कैंडिडेट्स का इंतजार खत्म हो गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से यूजीसी नेट दिसंबर सेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया आज यानी 8 दिसंबर 2026

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कब्जे से कनेक्टिविटी तक: वैश्विक राजनीति में चोकपॉइंट्स क्यों बन रहे हैं नई ताकत?

किसी समय दुनिया की ताकत का सीधा मतलब था—कितनी जमीन आपके नियंत्रण में है, कितनी सीमाएं आपके पक्ष में हैं और कितने बंदरगाहों या उपनिवेशों पर आपका कब्जा है. लेकिन 21वीं सदी की वैश्विक वित्तीय स्थिति ने शक्ति के इस पुराने नक्शे पर एक और परत जोड़ दी है. यह परत है कनेक्टिविटी की. आज किसी देश को कमजोर करने के लिए जरूरी नहीं कि उसकी सीमा में सेना भेजी जाए या उसके किसी इलाके पर कब्जा किया जाए. कभी-कभी उसके व्यापार, ऊर्जा या तकनीक के रास्ते को बाधित करना ही पर्याप्त हो सकता है. यहीं से सामने आता है—चोकपॉइंट्स की भू-नेतृत्व. Read more: The post कब्जे से कनेक्टिविटी तक: वैश्विक नेतृत्व में चोकपॉइंट्स क्यों बन रहे हैं नई ताकत? appeared first on Naya Vichar.

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CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगी ममता बनर्जी? एयरपोर्ट पर कहा- अभी फैसला बाकी, लेकिन गैरमौजूदगी सही संदेश नहीं देगी

Mamata Banerjee CJP Protest: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के संकेत दिये हैं. यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित किया जा रहा है. हालांकि, ममता ने कहा है कि उनकी भागीदारी पर अंतिम फैसला बाद में लिया जायेगा. CJP के मंच पर पहुंच सकती हैं ममता नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दिल्ली रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने कहा कि वह 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं. लेकिन अभी कुछ भी निश्चित नहीं है. उन्होंने कहा कि CJP के साथ उनके संबंध रहे हैं और उनकी पार्टी ने आंदोलन को अपना समर्थन भी दिया है. INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के साथ CJP आंदोलन पर भी नजर ममता बनर्जी दिल्ली में INDIA ब्लॉक के चल रहे विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए रवाना हुई हैं. इसी बीच उनका CJP के प्रदर्शन में शामिल होने का संकेत नेतृत्वक रूप से अहम माना जा रहा है. CJP और कई छात्र संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर संयुक्त प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसमें CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी सुधारों की मांग की जायेगी. ये भी पढ़ें: ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक से पहले बोलीं ममता बनर्जी- चुनाव आयोग के खिलाफ उठाऊंगी आवाज महत्वपूर्ण मुद्दे पर साथ खड़ा होना जरूरी : बनर्जी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है. लोग पूजा में व्यस्त हैं, लेकिन जब किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर लोग आवाज उठा रहे हों, तो उनके साथ खड़ा होना जरूरी है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में उनकी गैरमौजूदगी सही संदेश नहीं देगी. पहले नहीं जाना चाहती थीं, बाद में बदला फैसला ममता दीदी के मुताबिक, शुरुआत में उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का फैसला किया था. बाद में आयोजकों ने उनका नाम कार्यक्रम में शामिल किया और व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का अनुरोध किया. इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने पर विचार किया. ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर हमला, कोलकाता से दिल्ली तक गुस्से में टीएमसी, ममता बनर्जी ने दी भाजपा नेताओं के घेराव की चेतावनी SIR के मुद्दे पर ECI और BJP की आलोचना दिल्ली रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए निर्वाचन आयोग और भाजपा की आलोचना की. उन्होंने मतदाता सूची से लाखों नाम अनुचित तरीके से हटाये जाने का आरोप दोहराते हए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के आरोप लगाये. ‘चुनाव से पहले सीटों की घोषणा कैसे?’ टीएमसी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि बंगाल में जिस तरह चुनाव कराया गया, वैसा पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने चुनाव से पहले सीटों को लेकर किये गये दावों पर सवाल उठाये. इसे कथित योजनाबद्ध मतदान, फर्जी मतदान, धांधली और वोट चोरी से जोड़ा. निर्वाचन आयोग और हिंदुस्तानीय जनता पार्टी (भाजपा) ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के इन आरोपों से असहमति जता चुके हैं. ये भी पढ़ें: होर्डिंग विवाद मामले में अभिषेक बनर्जी से 6 घंटे तक चली पूछताछ, सांसद ने कहा- ये ‘नेतृत्व बदले की कार्रवाई’ राहुल-प्रियंका के समर्थन में भी बोलीं ममता ममता बनर्जी ने 6 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ दिल्ली पुलिस के कथित व्यवहार पर आपत्ति जतायी. कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं. सभी को आंदोलन में शामिल होने का अधिकार है. राष्ट्रपति से मिलेंगी ममता बनर्जी ममता बनर्जी ने कहा कि वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी. इसके साथ ही उन्होंने देशभर के अलग-अलग नेतृत्वक दलों के नेताओं से हस्ताक्षर और समर्थन लेने की कोशिश करने की बात भी कही. ये भी पढ़ें: टीएमसी सुप्रीमो पर शुभेंदु अधिकारी का वार- ममता बनर्जी के ‘एक हाथ में जमात, दूसरे में दिमागी नक्सल’ दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में देरी पर कुणाल घोष का सवाल तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने ममता बनर्जी की दिल्ली जाने वाली उड़ान में संभावित ‘जान-बूझकर देरी’ का आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उड़ान के समय में पहले 3:45 बजे और फिर 4:30 बजे तक की देरी की जानकारी दी गयी. हालांकि, फ्लाइट में देरी के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. The post CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगी ममता बनर्जी? एयरपोर्ट पर कहा- अभी फैसला बाकी, लेकिन गैरमौजूदगी सही संदेश नहीं देगी appeared first on Naya Vichar.

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कपड़े बुनने से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता तक, जानिए Toyota ने कैसे बुना अनोखा इतिहास

सोचिए, एक ऐसी कंपनी जो आज हर साल करोड़ों वाहनों के कारोबार और दुनिया के सबसे बड़े ऑटो बाजारों में अपनी मौजूदगी के लिए जानी जाती है, उसकी शुरुआत कार से हुई ही नहीं थी. यह कहानी है Toyota की, जिसकी जड़ें जापान की एक कपड़ा मिल और वहां चलने वाली टेक्सटाइल मशीनों से जुड़ी हैं. यही बात इस कार कंपनी को बाकियों से अलग बनाती है. आज Toyota दुनिया की सबसे ज्यादा वाहन बेचने वाली ऑटो कंपनियों में है. 2025 में Toyota Group ने करीब 1.13 करोड़ वाहन बेचे और लगातार छठे साल दुनिया की सबसे ज्यादा बिकने वाली ऑटो कंपनी रही. लेकिन, यहां तक पहुंचने का यह सफर इतना आसान नहीं था. करघे से कार तक कैसे पहुंची Toyota? Toyota की जड़ें उद्योगपति और टोयोटा इंडस्ट्रीज के संस्थापक Sakichi Toyoda के ऑटोमैटिक लूम बिजनेस से जुड़ी हैं. उनके बेटे Kiichiro Toyoda ने 1920 और 1930 के दशक में अमेरिका और यूरोप की ऑटो इंडस्ट्री का अध्ययन किया और एक बड़ा फैसला लिया. 1933: अपनी कपड़े बनाने वाली कंपनी  ‘Toyoda Automatic Loom Works’ के अंदर ऑटोमोबाइल डिपार्टमेंट शुरू किया गया. 1936: कंपनी ने पहले G1 Truck और फिर अपनी पहली प्रोडक्शन पैसेंजर कार Toyoda Model AA पेश की. 28 अगस्त 1937: Toyota Motor Co. की स्थापना हुई. नाम क्यों बदला? एक दिलचस्प बदलाव इसी दौर में हुआ. कंपनी का नाम ‘Toyoda’ से बदलकर ‘Toyota’ कर दिया गया. दरअसल, जापानी भाषा में Toyota को लिखने के लिए आठ स्ट्रोक (8-strokes) लगते हैं, जिसे जापानी संस्कृति में शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यानी नाम बदला और कंपनी की किस्मत भी बदलने लगी. असली गेमचेंजर था ‘टोयोटा प्रोडक्शन सिस्टम’ Toyota की सबसे बड़ी सफलता किसी एक कार से नहीं, बल्कि उसकी फैक्ट्री के अंदर बनी रणनीति से आई. यहीं Toyota Production System (TPS) विकसित हुआ. इसकी मुख्य नींव इन चीजों ने रखीं. Just-in-Time (JIT): जितनी जरूरत है, उतना ही उत्पादन और बिल्कुल सही समय पर. Jidoka: अगर कोई गड़बड़ी दिखे तो उत्पादन वहीं रोककर समस्या को तुरंत ठीक करना. Kaizen: लगातार छोटे-छोटे सुधार करते रहना. इस सिस्टम का मकसद था- बेकार खर्च, अतिरिक्त स्टॉक, समय की बर्बादी और खराब उत्पाद को खत्म करना. इसी ‘लीन मैन्युफैक्चरिंग’ मॉडल के दम पर Toyota ने अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ा और कम लागत में बेहतर क्वालिटी देना शुरू किया. शुरुआती संकट और Land Cruiser की एंट्री 1950 के दशक की शुरुआत Toyota के लिए बहुत मुश्किल थी. बिक्री और मुनाफे पर भारी दबाव था, कंपनी में बड़ा श्रमिक विवाद हुआ और 1950 में Kiichiro Toyoda को इस्तीफा तक देना पड़ा. लेकिन, संकट से उबरते हुए कंपनी ने बाउंस बैक किया और फिर आया लैंड क्रूजर. 1951 में यह Toyota BJ के रूप में शुरू हुआ. इसकी खासियत थी- Reliability, Durability और Off-road capability. 2023 तक Land Cruiser परिवार की कुल बिक्री करीब 1.13 करोड़ यूनिट तक पहुंच चुकी थी. यह सिर्फ एक SUV नहीं, बल्कि Toyota को ग्लोबल ब्रांड बनाने वाली कार साबित हुई. Corolla ने Toyota को आम लोगों के घर तक पहुंचाया 1966 में लॉन्च हुई Corolla ने Toyota को बड़े पैमाने पर आम कार खरीदारों तक पहुंचाया. इसके बाद कंपनी ने किसी एक सेगमेंट पर निर्भर रहने के बजाय हर जरूरत के लिए अलग उत्पाद तैयार किए: मॉडल (Model) सेगमेंट (Segment) Corolla फैमिली कार Land Cruiser कठिन रास्तों की SUV Camry प्रीमियम फैमिली सेडान RAV4 SUV और लाइफस्टाइल सेगमेंट Hilux पिकअप Lexus लग्जरी कार अमेरिका से मुकाबला और ग्लोबल विस्तार 1980 के दशक तक आते-आते Toyota सिर्फ जापान की कंपनी नहीं रह गई थी. 1984: General Motors के साथ अमेरिका में NUMMI ज्वाइंट वेंचर के जरिए उत्पादन शुरू. 1988: Kentucky में Toyota का पहला पूरी तरह अपना अमेरिकी प्लांट शुरू हुआ. कंपनी ने एक अचूक रणनीति अपनाई- “जहां कार बिकती है, वहीं कार बनाओ.” इससे आयात लागत और करेंसी रिस्क कम हुए. आज Toyota का उत्पादन नेटवर्क जापान के अलावा उत्तरी अमेरिका, लैटिन अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और एशिया में फैला है. Toyota ने Hybrid पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया? 1990 के दशक में ही Toyota समझ गई थी कि पेट्रोल-डीजल वाली कारों का भविष्य हमेशा सुरक्षित नहीं रहेगा. 1997: Toyota ने Prius लॉन्च की. यह दुनिया की पहली बड़े पैमाने पर उत्पादित हाइब्रिड पैसेंजर कार थी. Prius ने Toyota को पर्यावरण-अनुकूल कारों के बाजार में ऐसी बढ़त दी कि दूसरी कंपनियों को सालों लग गए. यहीं से Toyota की रणनीति Tesla से अलग हो गई. Tesla ने सिर्फ बैटरी ईवी पर फोकस किया, जबकि Toyota ने मल्टी-पॉथवे स्ट्रैटेजी अपनाई- हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड, बैटरी ईवी और हाइड्रोजन फ्यूल सेल, सभी के रास्ते खुले रखे. EV की दौड़ में सवाल और वापसी की तैयारी जब Tesla और BYD जैसी कंपनियां बैटरी ईवी (BEV) पर तेजी से आगे बढ़ीं, तो Toyota की रणनीति पर सवाल उठे. Toyota का तर्क: हर देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली का स्रोत और ग्राहकों की आय अलग है. इसलिए सिर्फ BEV हर बाजार का समाधान नहीं हो सकता. भविष्य का प्लान: Toyota अब BEV को नजरअंदाज नहीं कर रही है. कंपनी का लक्ष्य 2026 से अगली पीढ़ी की BEV तकनीक को आगे बढ़ाना और 2027-28 तक ऑल-सॉलिड-स्टेट बैटरी (Solid-State Battery) लाने का है. Toyota के लिए सबसे बुरा दौर कौन-सा था? कंपनी ने कई गहरे संकट भी झेले: 2008-09 की मंदी: स्थापना के बाद पहली बार कंपनी को करीब 461 अरब येन का भारी ऑपरेटिंग लॉस हुआ. 2009-10: बड़े पैमाने पर गाड़ियों का रिकॉल विवाद. 2011: जापान का विनाशकारी भूकंप-सुनामी संकट, जिससे सप्लाई चेन टूट गई. हालिया विवाद: Daihatsu और Toyota Industries की सर्टिफिकेशन अनियमितताएं. इन घटनाओं ने साबित किया कि बेहतरीन सिस्टम के बावजूद कॉर्पोरेट गवर्नेंस में गलतियां हो सकती हैं. आज Toyota कितनी बड़ी कंपनी है? 31 मार्च 2026 और FY2026 के आंकड़ों के अनुसार: कर्मचारी: 3.90 लाख से ज्यादा रेवेन्यू (Revenue): करीब 50.68 ट्रिलियन येन ऑपरेटिंग इनकम: करीब 3.77 ट्रिलियन येन मार्केट कैप: करीब 34.2 ट्रिलियन येन (लगभग ₹20 लाख करोड़ से अधिक) हिंदुस्तान में Toyota की कहानी: भरोसे का दूसरा नाम हिंदुस्तान में Toyota ने 1997 में Toyota Kirloskar Motor (TKM) के जरिए कदम रखा. कर्नाटक के बिदाड़ी (Bidadi) में दिसंबर 1999 में उत्पादन शुरू हुआ. हिंदुस्तान में Toyota की सफलता का

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मस्क ने पूछा- क्या अंबानी हैं भारत के असली बॉस? राहुल गांधी के जवाब पर एलन ने कहा थैंक्यू

हिंदुस्तान में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की लॉन्चिंग और लाइसेंस को लेकर चल रही बहस के बीच Elon Musk के एक बयान ने नई चर्चा छेड़ दी है. मस्क ने हिंदुस्तान में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी पर सवाल उठाया और उद्योगपति मुकेश अंबानी को लेकर एक सवाल सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. मस्क के बयान पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तंज कसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. स्टारलिंक के लाइसेंस पर एलन मस्क ने क्या कहा? विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई. एक यूजर ने हिंदुस्तान प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन आम नागरिकों के हितों के बजाय कुछ चुनिंदा बड़े कारोबारियों के हितों को ज्यादा महत्व देती है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए मस्क ने स्टारलिंक के लाइसेंस का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि Starlink को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस मिल चुका है और कंपनी पिछले पांच वर्षों से हिंदुस्तान प्रशासन के नियमों और कानूनों का पालन करने की कोशिश कर रही है. मस्क ने सवाल किया कि इसके बावजूद हिंदुस्तान में Starlink को अभी तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला है.क्या अंबानी हिंदुस्तान के असली बॉस हैं? राहुल गांधी ने क्या प्रतिक्रिया दी मस्क के इस सवाल पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने तंज करते हुए कहा, हिंदुस्तान में आपका स्वागत है, एलन. तब तक इंतजार करें जब तक आप दूसरे व्यक्ति को नहीं खोज लेते.” इसके बाद मस्क ने राहुल गांधी के पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा,“धन्यवाद राहुल, यह वाकई परेशान करने वाला है.” राहुल गांधी की यह टिप्पणी हिंदुस्तान में कारोबार और प्रशासन के रिश्तों को लेकर कांग्रेस की पुरानी आलोचना से जुड़ी हुई मानी जा रही है. प्रशासन पर चुनिंदा कारोबारियों को फायदा देने का आरोप हिंदुस्तान में विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस लंबे समय से केंद्र प्रशासन पर देश के कुछ बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाते रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों को प्रशासन खारिज करती रही है. प्रशासन का कहना है कि हिंदुस्तान में कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए नियम और कानून तय हैं और सभी कंपनियों को उन्हीं नियमों का पालन करना होता है. ये भी पढ़ें: इंडिया ब्लॉक के सांसदों का राजघाट पर मौन विरोध प्रदर्शन, तस्वीरों में देखिए क्या-क्या हुआ Starlink के लिए क्यों महत्वपूर्ण है हिंदुस्तान? हिंदुस्तान दुनिया के सबसे बड़े टेलीकॉम बाजारों में से एक है. देश के कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में तेज इंटरनेट की पहुंच अभी भी एक चुनौती है. Starlink जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस का दावा है कि वह उन इलाकों में भी इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकती है, जहां पारंपरिक फाइबर या मोबाइल नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है. The post मस्क ने पूछा- क्या अंबानी हैं हिंदुस्तान के असली बॉस? राहुल गांधी के जवाब पर एलन ने कहा थैंक्यू appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में H-1B और Green Card नियमों पर सख्ती, Microsoft-Infosys-Tata-Wipro समेत 7 बड़ी IT कंपनियां प्रभावित

H-1B Green Card : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने विदेशी कर्मचारियों से जुड़े इमिग्रेशन प्रोग्राम पर बड़ी कार्रवाई की है. अमेरिका ने Microsoft, Adobe समेत कई बड़ी IT और आउटसोर्सिंग कंपनियों को Permanent Labour Certification Programme (PERM) से निलंबित कर दिया है. PERM प्रक्रिया अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम है. इस सूची में हिंदुस्तानीय IT सेक्टर की बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं. इनमें Infosys, Tata, Wipro, HCL, Cognizant और Capgemini के नाम हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने कंपनियों पर वीजा कार्यक्रम के कथित दुरुपयोग और अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरियों को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं. जेडी वेंस ने Microsoft पर लगाए आरोप अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट के लिए PERM प्रोग्राम को सस्पेंड किए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि यह फैसला चल रही जांच के कारण लिया गया है. उन्होंने कहा कि अब माइक्रोसॉफ्ट H-1B वीजा धारकों के लिए अमेरिका में स्थायी निवासी का दर्जा हासिल करने के लिए PERM प्रक्रिया के जरिए आवेदन नहीं कर पाएगी. जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट और दूसरी विदेशी एवं अमेरिकी कंपनियों को संदेश देते हुए कहा कि अमेरिका चाहता है कि कंपनियां देश में निवेश करें और आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देना चाहता है और कंपनियों के विकास का समर्थन करेगा. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि कंपनियों को अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी देनी होगी. Vance ने कहा, “हम चाहते हैं कि आप आगे बढ़ें और बहुत से लोगों को नौकरी दें, लेकिन हम चाहते हैं कि आप अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी दें.” उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट से कहा कि वह अमेरिकी कंपनी है और उसे बेहतरीन अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी पर रखना चाहिए. Vance ने आरोप लगाया कि कंपनियां अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह विदेशी कर्मचारियों को नहीं रख सकतीं. क्या है PERM प्रोग्राम? PERM यानी Permanent Labour Certification अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके तहत नियोक्ता को यह प्रमाणित करना होता है कि संबंधित नौकरी के लिए कोई योग्य, इच्छुक और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारी नहीं है. PERM प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कई रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड मामलों में आगे की प्रक्रिया शुरू होती है. इसलिए इस पर रोक का सीधा असर उन विदेशी कर्मचारियों पर पड़ सकता है जो H-1B वीजा के जरिए अमेरिका में काम कर रहे हैं और स्थायी निवास की ओर बढ़ना चाहते हैं. H-1B वीजा पर सीधी रोक नहीं अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले को H-1B वीजा के सीधे निलंबन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. कार्रवाई PERM कार्यक्रम में कंपनियों की भागीदारी पर है. हालांकि, H-1B वीजा पर काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों के लिए इसका असर महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि PERM रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है. हिंदुस्तानीय IT कर्मचारियों पर क्यों पड़ेगा असर? Infosys, TCS, Wipro, HCL और Cognizant जैसी हिंदुस्तानीय IT कंपनियां अमेरिकी बाजार में बड़ी मौजूदगी रखती हैं. इन कंपनियों को PERM कार्यक्रम से निलंबित किए जाने से उन विदेशी कर्मचारियों की स्थायी निवास प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिनके मामले इन कंपनियों के जरिए आगे बढ़ाए जा रहे हैं. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका लक्ष्य अमेरिकी कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसरों को प्राथमिकता देना और वीजा कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग पर कार्रवाई करना है. कई विश्वविद्यालय भी जांच के दायरे में अमेरिकी प्रशासन ने कुछ विश्वविद्यालयों के खिलाफ भी जांच की घोषणा की है. इनमें Harvard, Yale और Stanford जैसे संस्थानों के नाम शामिल हैं. अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि कुछ विश्वविद्यालय विदेशी छात्रों से जुड़े कार्यक्रमों का इस्तेमाल अमेरिकी मजदूरी और रोजगार को प्रभावित करने के लिए कर सकते हैं. अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय ने कहा है कि इस मामले में जांच और समन की कार्रवाई की जा रही है. अमेरिकी प्रशासन की यह कार्रवाई विदेशी कर्मचारियों और इमिग्रेशन कार्यक्रमों पर उसकी व्यापक सख्ती का हिस्सा मानी जा रही है. इससे खास तौर पर उन हिंदुस्तानीय IT पेशेवरों पर असर पड़ सकता है, जो H-1B के बाद अमेरिका में स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया में हैं. ये भी पढ़ें: ईरान युद्ध में अमेरिका को 3.3 अरब डॉलर का नुकसान, 24 MQ-9 ड्रोन समेत 81 विमान तबाह The post अमेरिका में H-1B और Green Card नियमों पर सख्ती, Microsoft-Infosys-Tata-Wipro समेत 7 बड़ी IT कंपनियां प्रभावित appeared first on Naya Vichar.

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Photos: किस लड़की की फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर रांची में घूम रहे हैं श्रेयस अय्यर?

हिंदुस्तान-वेस्टइंडीज दूसरे टी20 से पहले श्रेयस अय्यर टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ मॉल ऑफ रांची पहुंचे. इस दौरान लड़की की तस्वीर वाली टी-शर्ट ने सबका ध्यान खींचा. The post Photos: किस लड़की की फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर रांची में घूम रहे हैं श्रेयस अय्यर? appeared first on Naya Vichar.

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