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हिमाचल में मानसून का कहर: दो महीने में 256 लोगों की मौत, 1200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

Himachal Monsoon : हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह तबाह कर दिया है. राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) द्वारा सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा मानसून सीजन में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 256 हो गई है. इसके साथ ही 455 लोग घायल हुए हैं और 3 लोग अब भी लापता हैं. राज्य में आई आपदाओं और हादसों से अब तक 1,202.13 करोड़ रुपये से ज्यादा के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार यह रिपोर्ट 30 जून से 31 अगस्त के बीच की जारी की गई है. 105 मौतें आपदाओं से, 151 लोगों की सड़क हादसों में गई जान कुल 256 मौतों में से 105 मौतें बारिश से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुईं, जबकि 151 लोगों की जान खराब मौसम और दुर्गम रास्तों पर हुए सड़क हादसों में गई. प्राकृतिक आपदाओं में 33 लोगों की मौत ऊंचाई या पेड़ों से फिसलने से, 18 की लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की चपेट में आने से, 13 की डूबने से, 11 की सांप के काटने से और 10 की करंट लगने से हुई. कांगड़ा और शिमला में आपदा के चलते सबसे ज्यादा 16-16 लोगों की मौत दर्ज की गई. वहीं सड़क हादसों में शिमला और सिरमौर में सबसे अधिक 19-19 लोगों ने जान गंवाई. सड़कों, पानी की योजनाओं और मकानों को भारी नुकसान बारिश और बाढ़ से प्रशासनी बुनियादी ढांचे को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है. लोक निर्माण विभाग (PWD) को सबसे अधिक करीब 914.76 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि जल शक्ति विभाग को लगभग 258.61 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है. निजी संपत्ति के तहत 69 मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए और 302 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है, वहीं 391 गोशालाएं भी ढह गईं. 76 सड़कें अब भी बंद, राहत कार्य जारी राज्य में राहत और बहाली का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, लेकिन अभी भी 76 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं. इनमें सबसे अधिक 32 सड़कें मंडी जिले में और 16 सड़कें कुल्लू जिले में बंद हैं, हालांकि किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर रुकावट नहीं है. इसके अलावा 72 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं, जिनमें हमीरपुर की 37 और सिरमौर की 24 योजनाएं शामिल हैं. ये भी पढ़ें: Uttarakhand ka mausam: 1 से 5 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम का हाल, कहां होगी भारी बारिश; IMD ने जारी किया अलर्ट The post हिमाचल में मानसून का कहर: दो महीने में 256 लोगों की मौत, 1200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान appeared first on Naya Vichar.

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आपके फोन का रिमोट कंट्रोल छीन रहे ये खतरनाक ऐप्स, तुरंत सेफ मोड में जाकर करें डिलीट

सोशल मीडिया के जरिए फर्जी पोर्नोग्राफिक ऐप्स के नाम पर वित्तीय धोखाधड़ी का एक बड़ा स्पोर्ट्स सामने आया है. गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन कार्यरत ‘हिंदुस्तानीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (I4C) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (NCTAU) ने इसे लेकर देशव्यापी चेतावनी जारी की है. फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापनों का सहारा लेकर साइबर अपराधी यूजर्स को ‘नाईट प्ले’, ‘रीलूप’, ‘किस’, ‘वीमो’, ‘रिवो’, ‘नेक्सो’ और ‘विक्सा’ जैसी खतरनाक ऐप्स डाउनलोड करने के लिए उकसा रहे हैं. कैसे बिछाया जाता है यह डिजिटल जाल? साइबर अपराध इकाई के अनुसार, इस ठगी की शुरुआत सोशल मीडिया विज्ञापनों या लिंक्स से होती है. यूजर जब इन विज्ञापनों पर क्लिक करते हैं, तो उन्हें संदिग्ध अश्लील वेबसाइटों (मुख्य रूप से डॉट लाइव डोमेन) पर भेज दिया जाता है. यहां यूजर्स को गूगल प्ले स्टोर के आधिकारिक सुरक्षा दायरे से बाहर अज्ञात स्रोतों से सीधे ‘एपीके’ (APK) फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित किया जाता है. इसके बाद ऐप ‘अपडेट’ के बहाने सेकेंडरी फाइल लोड करके डिवाइस में अपनी जड़ें जमा लेता है. स्मार्टफोन पर पूरा कब्जा और खातों में सेंधमारी ऐप इंस्टॉल होते ही यह यूजर्स से ‘एक्सेसिबिलिटी रिमोट परमिशन’ जैसी संवेदनशील अनुमतियां मांगता है. इस एक्सेस के जरिए अपराधी फोन का पूरा रिमोट कंट्रोल हासिल कर लेते हैं. ओटीपी और पिन की चोरी: हैकर्स फोन स्क्रीन को आसानी से पढ़कर स्क्रीन पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP), यूपीआई पिन और बैंकिंग क्रेडेंशियल चुरा लेते हैं. गुप्त वीपीएन (VPN) इंस्टॉलेशन: कुछ ऐप्स फोन में अपने सर्वर से जुड़ा वीपीएन इंस्टॉल कर देते हैं, जिससे इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों के लिए किया जा सके. अनइंस्टॉल करने में बाधा: यह वायरस यूजर को सामान्य सेटिंग्स के जरिए ऐप हटाने से रोकता है, जिससे यूजर फोन पर अपना नियंत्रण खो बैठते हैं. बचाव के तरीके और साइबर विशेषज्ञों की सलाह NCTAU ने एंड्रॉयड यूजर्स को केवल गूगल प्ले स्टोर या प्रामाणिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करने की सलाह दी है. इसके साथ ही प्ले प्रोटेक्ट (Google Play Protect) को हमेशा ‘ऑन’ रखें और अनजान ऐप्स को एक्सेसिबिलिटी परमिशन देने से बचें. नियमित रूप से बैंक अकाउंट और यूपीआई ट्रांजैक्शन की निगरानी करते रहना भी जरूरी है. यदि फोन में ऐप इंस्टॉल हो गया हो तो क्या करें? यदि कोई संदिग्ध ऐप फोन में आ गया है और अनइंस्टॉल नहीं हो रहा है, तो फोन को ‘सेफ मोड’ (Safe Mode) में रीस्टार्ट करें. इसके बाद सेटिंग्स में जाकर ऐप की एडमिनिस्ट्रेटर परमिशन और एक्सेसिबिलिटी परमिशन रद्द करें और उसे डिलीट कर दें. यदि समस्या फिर भी बनी रहे, तो डेटा बैकअप लेकर फोन को ‘फैक्टर रीसेट’ (Factory Reset) करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है. किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट दर्ज कराएं. ये भी पढ़ें: मंदिर में खो गई चप्पल, तो बंदे ने एआई से मांगी मदद, चुटकियों में मिल गई लोकेशन! ये भी पढ़ें: AI सर्च ने बिगाड़ा इंटरनेट का स्पोर्ट्स, जानिए सर्च करना क्यों हो रहा है मुश्किल? {“type”:”faq”,”question”:”ये फर्जी ऐप्स फोन में कैसे इंस्टॉल हो जाते हैं?”,”answer”:”ये ऐप्स मुख्य रूप से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों के जरिए प्रमोट किए जाते हैं. यूजर्स जब अश्लील सामग्री देखने के लालच में थर्ड-पार्टी लिंक्स पर क्लिक करते हैं, तो प्ले स्टोर के बाहर से एपीके (APK) फाइल डाउनलोड हो जाती है.”}{“type”:”faq”,”question”:”2. अगर संदिग्ध ऐप अनइंस्टॉल न हो तो क्या करना चाहिए?”,”answer”:”अपने फोन को ‘सेफ मोड’ में रीस्टार्ट करें. इसके बाद डिवाइस सेटिंग्स में जाकर संदिग्ध ऐप की डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर और एक्सेसिबिलिटी परमिशन बंद करें और उसे अनइंस्टॉल कर दें.”}{“type”:”faq”,”question”:”3. साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत कहां शिकायत दर्ज कराएं?”,”answer”:”यदि आपके साथ कोई वित्तीय साइबर ठगी हुई है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं.”} The post आपके फोन का रिमोट कंट्रोल छीन रहे ये खतरनाक ऐप्स, तुरंत सेफ मोड में जाकर करें डिलीट appeared first on Naya Vichar.

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Janmashtami 2026 Tulsi Rules: जन्माष्टमी के दिन तुलसी तोड़ना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र-पुराण

Janmashtami 2026 Tulsi Rules: जन्माष्टमी के दिन प्रत्येक सनातन परिवार में भगवान श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप की पूजा की जाती है. पंचांग के अनुसार, इस साल जन्माष्टमी का व्रत शुक्रवार, 4 सितंबर को रखा जाएगा और इसी दिन पूजन भी किया जाएगा. जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी को अनिवार्य माना गया है. मान्यता है कि तुलसी के पत्ते के बिना लड्डू गोपाल की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त नहीं होता. मान्यतानुसार, जन्माष्टमी के दिन तुलसी अर्पित करने से लड्डू गोपाल की विशेष कृपा प्राप्त होती है. जन्माष्टमी को लेकर लोगों के मन में यह सवाल होगा कि क्या उस दिन तुलसी तोड़नी चाहिए. आइए, जानते हैं कि इसको लेकर शास्त्र-पुराण क्या कहते हैं. जन्माष्टमी के दिन तुलसी तोड़ना चाहिए या नहीं? ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए. मान्यतानुसार, इस दिन तुलसी का पत्ता तोड़ना अशुभ है. ऐसे में जन्माष्टमी के दिन भगवान की पूजा के लिए तुलसी के पत्ते पहले तोड़कर रख लेने चाहिए. तोड़े हुए तुलसी के पत्ते 11 दिनों तक बासी या अशुद्ध नहीं माने जाते. पूजन के दौरान इन्हें धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है. ये भी पढ़ें: Janmashtami Vrat: जन्माष्टमी व्रत रखने से पहले जान लें 10 खास नियम, श्रीकृष्ण पूरी करेंगे मनोकामना कब-कब नहीं तोड़नी चाहिए तुलसी? धर्मशास्त्र के अनुसार, तुलसी का पत्ता एकादशी, अमावस्या, द्वादशी, चतुर्दशी, सप्तमी और रविवार को नहीं तोड़ना चाहिए. इसके अलावा, बिना स्नान किए तुलसी का पत्ता तोड़ने से बचना चाहिए. सूर्यास्त के बाद भी तुलसी का पत्ता तोड़ने से बचना चाहिए. तुलसी तोड़ते समय कौन-सा मंत्र बोलें? “मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोऽस्तुते” मंत्र का भावार्थ- शास्त्रों के अनुसार, तुलसी का पत्ता तोड़ते वक्त इस मंत्र को बोलना चाहिए. इस स्तुति मंत्र का अर्थ है- हे! माता तुलसी, आप भगवान गोविंद (श्रीकृष्ण, विष्णु) की प्रिया हैं. मैं नारायण की पूजा के लिए आपको तोड़ रहा हूं या रही हूं. आपको मेरा नमस्कार है. इसके अलावा, ॐ सुभद्राय नमः या ॐ सुप्रभाय नमः मंत्र को बोलते हुए भी तुलसी को तोड़ा जा सकता है. ये भी पढ़ें: Janmashtami 2026: बिहार-झारखंड में कब मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी? जानें सही तारीख और व्रत नियम कैसे तोड़नी चाहिए तुलसी? मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पत्ते को कभी भी नाखून लगाकर नहीं तोड़ना चाहिए. तुलसी को हमेशा हल्के से तोड़ना चाहिए. इस दौरान इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि तुलसी के पौधे को नुकसान न पहुंचे. The post Janmashtami 2026 Tulsi Rules: जन्माष्टमी के दिन तुलसी तोड़ना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र-पुराण appeared first on Naya Vichar.

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9 बैंक खाते और 72 करोड़ का साइबर फ्रॉड, 7 गिरफ्तार, नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश

बांकुड़ा से प्रणव बैरागी की रिपोर्ट Cyber Crime News: साइबर अपराध के खिलाफ पश्चिम बंगाल की बांकुड़ा जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फ्रॉड में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि ये लोग 9 बैंक खातों की मदद से रुपए का लेन-देन करते थे. देशभर में दर्ज 121 साइबर अपराध की शिकायतों का इन बैंक अकाउंट्स से कनेक्शन सामने आया है. पुलिस ने बताया है कि इन शिकायतों में करीब 72 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का पता चला है. एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर देते थे रुपए बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वीजीएस पासुमार्थी ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार किये गये लोग साइबर ठगी के नेटवर्क में विशेष भूमिका निभाते थे. किसी एक बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम आने के बाद उसे दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर दिया जाता था. इसके बाद संबंधित लोग उस रकम को निकाल लेते थे. जामताड़ा का अब तक नहीं आया कोई कनेक्शन एसपी ने बताया कि शुरुआती जांच में इस नेटवर्क का जामताड़ा से कोई संपर्क नहीं मिला है. हालांकि, इस दिशा में भी पुलिस जांच कर रही है. एसपी ने कहा कि आरोपी कब से अपराध को अंजाम दे रहे थे, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस को पता चला है कि पूरा काम काफी व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा था. नेटवर्क में शामिल आरोपियों को अलग-अलग काम दिये गये थे. ये भी पढ़ें: 600 करोड़ के साइबर स्कैम में उद्योगपति पवन रुईया कोलकाता से गिरफ्तार मास्टरमाइंड का पता लगाने में जुटी बंगाल पुलिस पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के पीछे कोई मास्टरमाइंड है. गिरफ्तार किये गये आरोपियों से उसके बारे में जानकारी जुटाने में पुलिस लगी है. आरोपियों के पास से बैंकिंग दस्तावेज और कई उपकरण मिले हैं. 34 बैंक पासबुक 13 एटीएम कार्ड 9 चेकबुक 6 आधार कार्ड 2 पैन कार्ड 4 ड्राइविंग लाइसेंस 1 ई-श्रम कार्ड 1 वोटर कार्ड 8 मोबाइल फोन 1 टैब 3 यूपीआई स्कैनर 42 सिम कार्ड 15 फ्लैश स्टांप इन लोगों की हुई गिरफ्तारी पिंटू मांडी अरशाल सोरेन देवब्रत पाल शोभन सोरेन दिव्येंदु मल्लिक अविनाश मांडी दीपक सरदार ये भी पढ़ें: Cyber Crime in Bengal: देशभर में करोड़ों की ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधी अरेस्ट, ऐसे देते थे लालच गिरफ्तार आरोपियों में एक ओडिशा के बालेश्वर का गिरफ्तार किये गये आरोपियों में अधिकतर बांकुड़ा जिले के रानीबांध और हिरबांध थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. एक आरोपी ओडिशा के बालेश्वर का बताया गया है. पुलिस ने पीड़ितों के एक करोड़ से अधिक रुपए वापस कराये बांकुड़ा जिला पुलिस ने बताया है कि अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को कुल 1 करोड़ 3 लाख 48 हजार रुपए की राशि वापस कराने में उन्हें सफलता मिली है. बांकुड़ा साइबर क्राइम थाना क्षेत्र के एक मामले में एक करोड़ रुपए, गंगाजलघाटी में 1.80 लाख रुपए, कोतुलपुर में 1.18 लाख रुपए और बांकुड़ा थाना क्षेत्र में 50 हजार रुपए वापस कराये गये हैं. ये भी पढ़ें: पुलिस का साइबर सुरक्षा व बाल विवाह रोकथाम अभियान, छात्राओं को किया जागरूक 7 आरोपियों को कोर्ट ने 7 दिन की हिरासत में भेजा साइबर क्राइम में पुलिस को मिली इस सफलता के बारे में बताने के लिए आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (हेडक्वार्टर) कृषाणु राय व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. पुलिस ने कहा है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साइबर अपराध के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास जारी है. आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. The post 9 बैंक खाते और 72 करोड़ का साइबर फ्रॉड, 7 गिरफ्तार, नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश appeared first on Naya Vichar.

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Gold-Silver Rate: सोना 2,045 रुपये और चांदी 1,955 रुपये सस्ती, खरीदारी का आया मौका!

Gold And Silver Rate : सोमवार 31 अगस्त को सोने की कीमत 2,045 रुपये की गिरावट के साथ 1,54,236 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गयी. वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में सोना 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,432.51 डॉलर प्रति औंस रह गया. सोने की कीमत में क्यों हुई गिरावट? पीटीआई ने बाजार विश्लेषकों के हवाले से बताया, ने कहा कि हाजिर बाजार में कमजोरी के रुख के कारण सोना वायदा कीमतों में गिरावट आई. चांदी की कीमतों में गिरावट सोमवार को चांदी की कीमत 1,955 रुपये की गिरावट के साथ 2,40,489 रुपये प्रति किग्रा रह गया. वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में चांदी की कीमत 1.04 प्रतिशत की हानि के साथ 68.22 डॉलर प्रति औंस रह गयी. देश के प्रमुख शहरों में सोने और चांदी की कीमत (bullions के अनुसार) रांची सोना – 154,200 रुपये प्रति 10 ग्राम चांदी – 239,400 रुपये प्रति किलोग्राम दिल्ली सोना – 154,000रुपये प्रति 10 ग्राम चांदी – 238,840 रुपये प्रति किलोग्राम मुंबई सोना – 154,260 रुपये प्रति 10 ग्राम चांदी – 239,260 रुपये प्रति किलोग्राम पटना सोना – 154,180 रुपये प्रति 10 ग्राम चांदी – 239,130 रुपये प्रति किलोग्राम कोलकाता सोना – 154,060 रुपये प्रति 10 ग्राम चांदी – 238,940 रुपये प्रति किलोग्राम ये भी पढ़ें: GDP Growth: 7.8% पर पहुंची हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति, पीएम मोदी बोले- निराशावादी गलत साबित हुए The post Gold-Silver Rate: सोना 2,045 रुपये और चांदी 1,955 रुपये सस्ती, खरीदारी का आया मौका! appeared first on Naya Vichar.

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बोलपुर में बड़ा कैश कांड : नाका चेकिंग में लग्जरी कार में मिला देशी-विदेशी नोटों से भरा बक्सा, 2 लोग हिरासत में

बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट पश्चिम बंगाल में एक बार फिर बड़ा कैश कांड सामने आया है. बीरभूम जिले के बोलपुर में नाका चेकिंग के दौरान एक लग्जरी कार में देशी-विदेशी नोटों से भरा बक्शा मिला. पुलिस ने संतोष शेख समेत 2 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. टुलू मंडल कनेक्शन की भी जांच की जा रही है. कार में नोटों से भरा बक्सा मिलने की समाचार सुनकर देखने पहुंचे स्थानीय लोग. किसके हैं पैसे, कहां से आये? जांच में जुटी पुलिस पुलिस को पहले से कुछ इनपुट मिला था. इसी के आधार पर महिदापुर इलाके में नाका चेकिंग शुरू की गयी थी. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी रकम किसकी है? इसे कहां से लाया जा रहा था और कहां ले जाया जा रहा था? हिरासत में लिये गये दोनों लोगों के मोबाइल फोन, उनके कांटैक्ट्स, यात्रा के रूट और कार से जुड़ी तमाम जानकारियां जुटायी जा रही है. कार की डिग्गी में रखा बक्सा. उस पर रखे नोट और मोबाइल फोन. ये भी पढ़ें: बंगाल के बीरभूम में पत्थर व्यापारी के घर छापा, संदूक से मिले करोड़ों रुपये और सोने के ढेर टुलू मंडल कनेक्शन ने बढ़ाया रहस्य देशी-विदेशी मुद्रा का बीरभूम के बालू माफिया टुलू मंडल से कोई कनेक्शन है या नहीं, इसकी जांच पुलिस कर रही है. समाचार है कि पुलिस ने कार से बक्सा बरामद करने के बाद कई ठिकानों पर छापेमारी की है. हालांकि, इसका पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है. ये भी पढ़ें: बीरभूम का पत्थर माफिया टुलू मंडल निकला नं-1 आयकरदाता, जानें कितना कमाया और कितना भरा टैक्स The post बोलपुर में बड़ा कैश कांड : नाका चेकिंग में लग्जरी कार में मिला देशी-विदेशी नोटों से भरा बक्सा, 2 लोग हिरासत में appeared first on Naya Vichar.

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शिवलिंग का चमत्कार या इंजीनियरिंग का कमाल? नेपाल की तबाही में कैसे बच गया हरे रंग का दो मंजिला घर

26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बीच एक हल्के हरे रंग का दो मंजिला मकान सोशल मीडिया पर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इस मकान के आसपास के घर, वाहन और मलबा तेज बहाव में बहते नजर आए, जबकि यह मकान खड़ा रहा. वीडियो में घर के बालकनी में परिवार के लोग भी दिखाई दिए और बाद में उनके सुरक्षित होने की समाचार सामने आई. यहां जानिए क्या है पूरा मामला वीडियो सामने आने के बाद इसे सोशल मीडिया पर ‘मिरेकल हाउस’ कहा जा रहा है. कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कि मकान में शिवलिंग या फिर शिव मंदिर था. इसलिए भगवान शिव की कृपा से घर और पूरा परिवार बच गया. इसके अलावा कई लोग, मकान का मजबूत ढांचा, कंक्रीट और सरिए से बनी संरचना और मजबूत नींव को भी कारण बता रहे हैं. मतलब की दोनों पक्षों का एक ही सवाल है कि हरे रंग का दो मंजिला मकान बचा कैसे? घर का डिजाइन और इंजीनियरिंग कितनी मजबूत थी वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर एक अहम बात सामने आती है कि बाढ़ का पानी और मलबा मकान के आसपास से तेज रफ्तार में गुजरता दिखाई दे रहा है, लेकिन मुख्य ढांचा अपनी जगह पर बना रहता है. इसको लेकर तकनीकी जानकारों का कहना है कि घर का मजबूत कंक्रीट ढांचा और इसकी बनावट इसे बचाने में मददगार हो सकती है. हालांकि, इस मकान का पूरा नक्शा, नींव किस तरह बनाई गई थी और इसकी संरचना की कोई स्वतंत्र जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है. ऐसे में यह कहना ठीक नहीं होगा कि घर सिर्फ किसी एक तकनीक या वजह से ही बचा. फिर भी इस संरचना को समझना जरूरी है. भूकंप या बाढ़ में किस तरह के घर ज्यादा सुरक्षित रहते हैं? प्राकृतिक आपदा में किसी घर का बचना सिर्फ उसकी दीवारों की मजबूती पर निर्भर नहीं करता. घर का डिजाइन, नींव, निर्माण की गुणवत्ता और वह किस जगह बना है, ये सभी बातें अहम होती हैं. भूकंप के दौरान इमारत को कई दिशाओं से झटके लगते हैं ऐसे में प्रबलित कंक्रीट यानी कंक्रीट और सरिए से बना सही तरीके से डिजाइन किया गया ढांचा ज्यादा मजबूती से झटकों का सामना कर सकता है. इसमें खंभे और बीम आपस में जुड़े होते हैं, जिससे दबाव पूरे ढांचे में बंट जाता है. बाढ़ में सिर्फ मजबूत ढांचा काफी नहीं होता. घर की नींव, उसकी ऊंचाई और आसपास पानी के बहाव का रास्ता भी महत्वपूर्ण होता है. तेज पानी के साथ पत्थर, पेड़ और मलबा आने पर जिस घर पर सीधा दबाव कम पड़ता है, उसके बचने की संभावना बढ़ सकती है. यानी सुरक्षित घर की कोई एक पहचान नहीं है. मजबूत डिजाइन के साथ सही जगह और अच्छी निर्माण गुणवत्ता तीनों मिलकर घर को आपदा के दौरान ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं. फिर शिवलिंग वाले दावे में कितनी सच्चाई है? सोशल मीडिया पर शिवलिंग और दैवीय सुरक्षा से जुड़े दावे जरूर दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्ट में मकान के बचने की वजह के रूप में किसी शिवलिंग की पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए फिलहाल इसे धार्मिक आस्था का दावा माना जा सकता है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कारण नहीं कहा जा सकता. कुल मिलाकर, नेपाल का यह हरा घर वाकई हैरान करने वाला है, लेकिन अभी इसे चमत्कार या घर की मजबूत बनावट, नींव, उसकी जगह और बाढ़ के बहाव जैसे कई कारणों ने इसे बचाया, ऐसा कहना सही नहीं होगा. क्योंकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ये भी पढ़ें: 60 घंटे बाद मलबे से जिंदा निकली 6 साल की बच्ची, माता-पिता से बिछड़े भाई-बहन का वीडियो देख रो पड़ेगा दिल! The post शिवलिंग का चमत्कार या इंजीनियरिंग का कमाल? नेपाल की तबाही में कैसे बच गया हरे रंग का दो मंजिला घर appeared first on Naya Vichar.

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GDP Growth: 7.8% पर पहुंची भारत की अर्थव्यवस्था, पीएम मोदी बोले- निराशावादी गलत साबित हुए

India GDP Growth 7.8 Percent: प्रशासन की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही. एक साल पहले की समान तिमाही में यह दर 6.9 प्रतिशत थी. हालांकि, जनवरी-मार्च तिमाही में दर्ज 8.6 प्रतिशत की वृद्धि दर के मुकाबले जून तिमाही की रफ्तार कम रही है. RBI के अनुमान से भी बेहतर रहा आर्थिक प्रदर्शन पहली तिमाही में GDP की 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर हिंदुस्तानीय रिजर्व बैंक (RBI) के सात प्रतिशत के अनुमान से अधिक रही. पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने, ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच हिंदुस्तान की आर्थिक गतिविधियों का मजबूत बने रहना महत्वपूर्ण माना जा रहा है. RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति की वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि बाहरी झटकों के बावजूद हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति की विकास गति अब तक कायम है. स्थिर कीमतों पर GDP 81.36 लाख करोड़ रुपये सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्थिर कीमतों पर वास्तविक GDP 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये था. मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हिंदुस्तानीय वित्तीय स्थिति ने पहली तिमाही में वृद्धि की गति बनाए रखी है. वहीं, मौजूदा कीमतों पर GDP चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में 88.27 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. एक साल पहले की समान अवधि में यह 80 लाख करोड़ रुपये था. इस तरह मौजूदा कीमतों पर GDP में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वास्तविक GVA में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन (GVA) 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा. मौजूदा कीमतों पर GDP में इस अवधि के दौरान 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई के दबाव और कमजोर मांग की आशंकाओं के बीच मजबूत GDP वृद्धि नीति-निर्माताओं के लिए राहत देने वाली है. हालांकि, भू-नेतृत्वक तनाव और जिंस बाजारों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं. पीएम मोदी बोले- निराशावादी गलत साबित हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की GDP वृद्धि को बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की समस्याओं के बावजूद हिंदुस्तान ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों की सामूहिक ताकत ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है. उन्होंने कहा कि निराशावादी गलत साबित हुए और हिंदुस्तान ने एक बार फिर तरक्की की है. सीतारमण बोलीं- सुधारों और कुशल प्रबंधन का नतीजा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि केंद्र की एनडीए प्रशासन के सुधारों और वित्तीय स्थिति के कुशल प्रबंधन के सकारात्मक परिणाम को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि इस मजबूत प्रदर्शन का श्रेय हिंदुस्तान के लोगों और उनकी मेहनत को जाता है. सीतारमण ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली प्रशासन सभी नागरिकों के लिए आर्थिक अवसरों का और विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है. ये भी पढ़ें: सेंसेक्स 285 अंक नीचे, Nifty भी लाल, क्रूड ऑयल 90 डॉलर के पार पहुंचते ही बाजार पर बढ़ा दबाव The post GDP Growth: 7.8% पर पहुंची हिंदुस्तान की वित्तीय स्थिति, पीएम मोदी बोले- निराशावादी गलत साबित हुए appeared first on Naya Vichar.

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प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर धमाका: एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री जमींदोज, दो बच्चों समेत 7 लोगों की मौत, 22 लोग झुलसे

Prayagraj Blast News: प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया. हादसे में दो बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग झुलसे हैं. धमाके में फैक्ट्री पूरी तरह जमींदोज हो गई. आसपास के 100 मीटर के दायरे में बने आठ मकान भी क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें तीन पूरी तरह ढह गए. पुलिस को मलबे के नीचे कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है. 200 जवान रेस्क्यू में जुटे, 10 बुलडोजर से हटाया जा रहा मलबा हादसा दोपहर करीब 12:30 बजे कौशांबी के मोहम्मदपुर गांव में हुआ. यह इलाका प्रयागराज बॉर्डर पर है और यहां से मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन करीब दो किलोमीटर दूर है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एयरफोर्स के साथ NDRF और SDRF की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं. करीब 200 जवान रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं और मलबा हटाने के लिए 10 बुलडोजर लगाए गए हैं. हादसे के बाद धुएं का गुबार पूरे इलाके में छा गया और पटाखों के कारण लगातार धमाकों की आवाज आती रही. 800 वर्गफीट की फैक्ट्री में 20 मजदूर कर रहे थे काम पुलिस के मुताबिक, हादसे के वक्त फैक्ट्री में 20 मजदूर काम कर रहे थे. यह फैक्ट्री करीब 800 वर्गफीट में बनी एक मंजिला इमारत थी और इसके मालिक का नाम आदिल बताया गया है. फैक्ट्री के बगल में नई बस्ती बस रही थी और आसपास करीब आठ मकान बने हुए थे. धमाका इतना शक्तिशाली था कि एक मकान की तीसरी मंजिल में करीब 8 फीट का छेद हो गया. इसकी आवाज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. ग्रामीण झुलसे लोगों को चारपाई पर लेकर भागते नजर आए. SRN अस्पताल में 2 मृत, 5 घायल पहुंचे; एक वेंटिलेटर पर स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (SRN) के प्राचार्य एके वर्मा के मुताबिक, अस्पताल में सात लोगों को लाया गया था, जिनमें दो मृतक और पांच घायल हैं. घायलों को तत्काल उपचार दिया गया. इनमें एक मरीज की हालत काफी गंभीर है. उसके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है. घायलों में दो शिशु भी शामिल हैं. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल पूरा ध्यान घायलों को बेहतर इलाज देने और उनकी जान बचाने पर है. वहीं, विस्फोट में किस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था, इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने कोई जानकारी होने से इनकार किया है. मलबे में दबे लोगों की आशंका, बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा पुलिस और राहत टीमों की ओर से मलबे की लगातार जांच की जा रही है. अधिकारियों को आशंका है कि कुछ लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज किया गया है. फैक्ट्री में लगातार हो रहे पटाखों के धमाकों और आग के कारण राहत कार्य में भी चुनौती सामने आई. आग और मलबा पूरी तरह साफ होने के बाद ही हादसे में हुए कुल नुकसान और अंदर फंसे लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. Must Read- अस्थियां विसर्जित करने जा रहे थे, रास्ते में ही बिछ गईं 6 लाशें! कासगंज में पिकअप-ट्रक की खौफनाक भिड़ंत The post प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर धमाका: एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री जमींदोज, दो बच्चों समेत 7 लोगों की मौत, 22 लोग झुलसे appeared first on Naya Vichar.

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झारखंङ : कोडरमा में मिड-डे मील खा रहे थे बच्चे, अचानक ढहा 16 साल पुराना स्कूल भवन, बाल-बाल बचे 37 मासूम

कोडरमा : कोडरमा जिला के चंदवारा प्रखंड स्थित बेंदी पंचायत में बड़ा हादसा होने से टल गया. हुआ ये कि नवसृजित प्राथमिक विद्यालय वीरगढ़ा में सोमवार को तेज बारिश के दौरान अर्धनिर्मित दो मंजिला भवन का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभरा कर जमींदोज हो गया. भवन का ऊपरी हिस्सा गिरने से नीचे की ओर भी मलबा फैल गया. जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय विद्यालय के शिशु मिड-डे मील खा रहे थे. अचानक मलबा गिरने से विद्यालय में अफरा-तफरी मच गयी. हालांकि, शिशु समय रहते सुरक्षित स्थान पर चले गये और बाल-बाल बच गये. शिशु भवन के नीचे होते तो हो सकता था बड़ा हादसा बताया जाता है कि विद्यालय का दो मंजिला भवन करीब वर्ष 2010 में अधूरा बना था. भवन का ऊपरी हिस्सा लंबे समय से इसी तरह अधूरा पड़ा हुआ था. सोमवार को तेज बारिश के बीच अचानक भवन का ऊपरी हिस्सा ढह गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि हादसे के समय शिशु भवन के नीचे या उसके समीप होते तो बड़ी घटना हो सकती थी. विद्यालय में करीब 37 शिशु नामांकित हैं. विद्यालय में फिलहाल मात्र एक शिक्षक पिंटू कुमार कार्यरत हैं. ये भी पढ़ें: सड़क नहीं तो एंबुलेंस कैसे आए; गुमला में गर्भवती को गेंड़ुआ भार पर ढोकर 2 KM ले गए परिजन, 80 साल बाद भी भगवान भरोसे गांव विद्यालय के सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल शिक्षक पिंटू कुमार ने बताया कि हादसे के समय शिशु मिड-डे मील खा रहे थे. भवन का हिस्सा गिरते ही बच्चों को सुरक्षित किया गया. उन्होंने बताया कि सभी शिशु सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. अर्धनिर्मित भवन का हिस्सा गिरने के बाद विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. अभिभावकों ने कहा कि लंबे समय से अधूरा पड़ा भवन बारिश के दौरान कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. लोगों ने प्रशासन से विद्यालय भवन की तत्काल जांच कराने तथा जर्जर और अर्धनिर्मित हिस्से को सुरक्षित कराने की मांग की है. ये भी पढ़ें: झारखंड के 6722 बूथों पर नहीं जुड़ा एक भी नया वोटर, रांची सबसे पीछे – CEO ने जताई नाराजगी The post झारखंङ : कोडरमा में मिड-डे मील खा रहे थे शिशु, अचानक ढहा 16 साल पुराना स्कूल भवन, बाल-बाल बचे 37 मासूम appeared first on Naya Vichar.

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