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एक बार चार्ज करने पर 153 km की रेंज, 3 घंटे से कम में चार्ज, कीमत ₹1 लाख से भी नीचे, लोगों को खूब पसंद आ रहा है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर

अगर आप इन दिनों बाहर रोड पर निकलेंगे तो आपको कहीं न कहीं Bajaj Chetak जरूर खड़ा दिख जाएगा. पुराने दौर का यह नया स्कूटर अब कंपनी की पहचान बन चुका है. फिलहाल चेतक के C2501, C3001, C3501, C3502 और C3503 मॉडल बाजार में उपलब्ध हैं. कीमत की बात करें तो शुरुआती मॉडल की कीमत ₹95,802 से शुरू हो जाती है, जो टॉप वेरिएंट के लिए ₹1,52,140 तक जाती है. मॉडल्स के आधार पर कीमत और रेंज मॉडल एक्स-शोरूम कीमत रेंज (फुल चार्ज) खासियत Chetak C2501 ₹95,802 113 किमी 2.5 kWh बैटरी, 60 किमी/घंटा टॉप स्पीड, रिवर्स मोड, फ्रंट डिस्क ब्रेक Chetak C3001 ₹1,14,270 131 किमी 3 kWh बैटरी, 70 किमी/घंटा टॉप स्पीड, Bluetooth कनेक्टिविटी, Eco और Sports मोड Chetak C3503 ₹1,24,157 151 किमी 3.5 kWh बैटरी, 70 किमी/घंटा टॉप स्पीड, Bluetooth कनेक्टिविटी Chetak C3502 ₹1,36,939 153 किमी 3.5 kWh बैटरी, 80 किमी/घंटा टॉप स्पीड, फुल ऐप कनेक्टिविटी, 200 mm फ्रंट डिस्क Chetak C3501 ₹1,52,140 153 किमी 3.5 kWh बैटरी, 80 किमी/घंटा टॉप स्पीड, फुल ऐप कनेक्टिविटी, 5-इंच TFT टचस्क्रीन, सीक्वेंशियल ब्लिंकर नोट: यह कंपनी के जरिए बताई गई IDC रेंज है जो वास्तविक रेंज से अलग हो सकती है. वास्तविक रेंज राइडिंग मोड, स्पीड, ट्रैफिक और मौसम जैसी स्थितियों पर निर्भर करती है. ये भी पढ़ें: सिंगल चार्ज में 212 km की रेंज की गारंटी, ₹5,000 तक PM E-DRIVE का फायदा और ₹0.18/किमी की रनिंग कॉस्ट, 2026 में खूब खरीदा गया TVS iQube 24 कलर ऑप्शन चेतक 5 मॉडल में आती है, जिसमें 24 कलर ऑप्शन मिलते हैं. सभी मॉडल्स में सबसे ज्यादा कलर ऑप्शन Chetak C2501 में मिलते हैं. मॉडल उपलब्ध कलर ऑप्शन Chetak C2501 Ocean Teal, Classic White, Racing Red, Misty Yellow, Opalescent Silver, Brooklyn Black Chetak C3001 Brooklyn Black, Racing Red, Azure Blue, Lime Yellow, Cyber White Chetak C3503 Brooklyn Black, Coarse Grey, Indigo Metallic, Classic White Chetak C3502 Brooklyn Black, Coarse Grey, Indigo Metallic, Classic White Chetak C3501 Brooklyn Black, Hazel Nut, Indigo Metallic, Matte Scarlett Red, Pista Green बिक्री में भी मजबूत पकड़ बजाज की FY2025-26 के दौरान घरेलू बिक्री 3,02,674 यूनिट रही, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 16% ज्यादा है. कंपनी की कुल बिक्री 7 लाख यूनिट पार कर चुकी है और FY26 में EV स्कूटर सेगमेंट में इसकी बाजार हिस्सेदारी 20.7% रही. चेतक की सफलता के पीछे इसकी मेटल बॉडी, बड़ा बूट, कई कीमतों में मॉडल, अच्छी रेंज और मजबूत बिक्री नेटवर्क है. कंपनी के पास 500 से ज्यादा एक्सपीरियंस सेंटर और 4,000 से ज्यादा टचपॉइंट हैं. इससे कंपनी को अलग-अलग तरह के ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है. यही वजह है कि चेतक आज बजाज के बड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर ब्रांड के तौर पर अपनी जगह बना चुकी है. अन्य स्पेशिफिकेशंस रेंज, कलर और कीमत के अलावा भी ये स्कूटर फीचर्स की एक पूरी रेंज ऑफर करते हैं. तालिका में जानिए मॉडल के हिसाब से आपको हर चेतक स्कूटर में क्या फीचर्स मिलते हैं: स्पेसिफिकेशन C2501 C3001 C3503 C3502 C3501 बैटरी 2.5 kWh 3.0 kWh 3.5 kWh 3.5 kWh 3.5 kWh टॉप स्पीड 60 किमी/घंटा 70 किमी/घंटा 70 किमी/घंटा 80 किमी/घंटा 80 किमी/घंटा 0-80% चार्जिंग 2 घंटे 25 मिनट 2 घंटे 55 मिनट 3 घंटे 25 मिनट 3 घंटे 25 मिनट 3 घंटे डिस्प्ले LCD कलर LCD कलर LCD 5-इंच TFT 5-इंच TFT टच कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं Bluetooth Bluetooth Full App Connectivity Full App Connectivity फ्रंट ब्रेक डिस्क ड्रम ड्रम 200 mm डिस्क 200 mm डिस्क रियर ब्रेक ड्रम ड्रम ड्रम ड्रम ड्रम रिवर्स मोड हां हां हां हां हां बॉडी स्टील स्टील स्टील स्टील स्टील बूट स्पेस 25 लीटर 35 लीटर 35 लीटर 35 लीटर 35 लीटर कौन-सा मॉडल किसके लिए? बजाज चेतक अभी देश के टॉप सेलिंग स्कूटर्स में शुमार है. इसकी वजह इसमें मिलने वाले वैल्यू फॉर मनी फीचर्स और आफ्टर सेल्स सर्विस है. आइए जानते हैं सभी चेतक मॉडल में से आपको अपने जरूरत के हिसाब से कौन सा वेरिएंट चुनना चाहिए? C2501: यह सबसे कम बजट में आने वाला चेतक स्कूटर है तो बजट फ्रेंडली स्कूटर चाहने वालों के लिए ये परफेक्ट रहेगा. C3001: ये स्कूटर स्टूडेंट या काम पर रोजाना शहर में आने-जाने वालों के लिए अच्छा रहेगा. C3503: यह स्कूटर उनके लिए परफेक्ट रहेगा जो ज्यादा रेंज चाहते हैं. C3502: यह स्कूटर ज्यादा स्पीड और बेहतर फीचर्स चाहने वालों के लिए अच्छा रहेगा. C3501: ये चेतक का ज्यादा फीचर वाला टॉप मॉडल है. तो इसमें रेंज, स्पीड और फीचर्स सब देखने को मिलेंगे. इस गाइड से आपको अपनी जरूरत के हिसाब से आपका पसंदीदा मॉडल चुनने में मदद मिलेगी. ये भी पढ़ें: देश ही नहीं विदेशों में भी इन ‘Made in India’ इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की धूम, एक्सपोर्ट 450% बढ़ा, TVS iQube सबसे आगे The post एक बार चार्ज करने पर 153 km की रेंज, 3 घंटे से कम में चार्ज, कीमत ₹1 लाख से भी नीचे, लोगों को खूब पसंद आ रहा है ये इलेक्ट्रिक स्कूटर appeared first on Naya Vichar.

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बृजभूषण सिंह की बढ़ीं मुश्किलें: महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट ने फिर भेजा नोटिस

Female Wrestlers Sexual Harassment Case : हिंदुस्तानीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में नया मोड़ सामने आया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की सेशंस कोर्ट ने बृजभूषण सिंह और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है. यह नोटिस मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा उन्हें बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ दायर की गई अपील पर जारी हुआ है. 9 अक्टूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई सेशंस कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तारीख निश्चित की है. स्त्री पहलवानों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें बृजभूषण शरण सिंह को राहत दी गई थी. 3 अगस्त को कोर्ट ने किया था बरी बता दें कि इसी साल 3 अगस्त को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और पूर्व WFI असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को यौन उत्पीड़न के इस मामले में बरी कर दिया था. कोर्ट के इस फैसले से पहलवानों को बड़ा झटका लगा था. कोर्ट के फैसले को सेशंस कोर्ट में दी चुनौती मजिस्ट्रेट कोर्ट से बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ अब स्त्री पहलवानों ने सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. पहलवानों की अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अब बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर से जवाब मांगा है. 9 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में तय होगा कि इस मामले में आगे क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी. ये भी पढ़ें: लैंडिंग के वक्त बंद हो सकता है ऑटोपायलट: बोइंग 737 MAX में आई खराबी, 96 हिंदुस्तानीय विमानों पर पड़ेगा असर! ये भी पढ़ें: Delhi GK-2 : सुलह के बहाने घर में घुसा एक्स-पार्टनर, शारीरिक संबंध बनाने से किया इनकार तो करने लगा मारपीट The post बृजभूषण सिंह की बढ़ीं मुश्किलें: स्त्री पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में कोर्ट ने फिर भेजा नोटिस appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली पार्क गैंगरेप पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘पार्क, सड़क और बसें हाई-रिस्क जोन नहीं बन सकते’

दिल्ली के कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के कथित गैंगरेप मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार ( 28 सितंबर) को स्वतः संज्ञान लिया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक,अदालत ने दिल्ली-NCR में स्त्रीओं और नाबालिगों के खिलाफ हाल में सामने आये यौन अपराधों पर गंभीर चिंता जतायी. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पार्क, सड़क, बस, मेट्रो स्टेशन और सबवे जैसी सार्वजनिक जगहों को खराब पेट्रोलिंग और निगरानी की कमी के कारण ‘हाई-रिस्क जोन’ नहीं बनाया जा सकता. पीठ ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है. क्या 2012 के निर्भया कांड से सबक लिया गया? पीठ ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों के खिलाफ लगातार सामने आ रही यौन हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए 2012 के निर्भया कांड का भी उल्लेख किया. कोर्ट ने कहा कि इन घटनाओं को देखकर यह सवाल उठता है कि क्या उस घटना से जरूरी सबक लिया गया है. पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ हिंसा-मुक्त जीवन के अधिकार को मौलिक गारंटी बताया. आस्था कुंज पार्क मामले में क्या हुआ? दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 17 वर्षीय लड़की अपने एक पुरुष मित्र के साथ कालकाजी मंदिर गयी थी. इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे. आरोप है कि तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका और लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया. पुलिस के मुताबिक, इसके बाद पार्क के एक सुनसान हिस्से में लड़की के साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की गयी. तीनों आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी इनपुट की मदद ली गयी. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चलायी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ. LSR कॉलेज की छात्राओं ने भी उठाये थे सुरक्षा के सवाल आस्था कुंज पार्क के पास स्थित लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं की ओर से पहले भी इलाके में सुरक्षा और कथित यौन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर शिकायतें सामने आने की बात सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में रखी गयी. कोर्ट ने कहा कि ऐसी शिकायतों के बावजूद सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए पर्याप्त निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गयी. पार्क में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल घटना के बाद पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार पार्क के अंदर सीसीटीवी कैमरों की कमी थी और प्रवेश द्वारों पर लगे कई कैमरे काम नहीं कर रहे थे. इससे निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ी है. दिल्ली-NCR की अन्य घटनाओं पर भी कोर्ट की नजर सुप्रीम कोर्ट ने केवल कालकाजी की घटना पर ही नहीं, बल्कि स्वारूप नगर में नाबालिग के कथित गैंगरेप और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आ रही बस में एक अन्य नाबालिग के यौन उत्पीड़न की घटना का भी संज्ञान लिया है. पीठ ने इन घटनाओं को सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े व्यापक सवाल के तौर पर देखा है. अब दिल्ली पुलिस से जवाब तलब सुप्रीम कोर्ट के स्वतः संज्ञान के बाद दिल्ली पुलिस को इन घटनाओं और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब देना होगा. अदालत की टिप्पणी से साफ है कि पार्क, सड़क, सार्वजनिक परिवहन और दूसरे सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा, पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था की भूमिका पर अब न्यायिक स्तर पर भी गंभीरता से विचार हो रहा है. ये भी पढ़ें: राम मंदिर आंदोलन से सामाजिक एकता तक, पीएम मोदी ने अशोक सिंघल को किया याद, बोले- उनका जीवन परमार्थ की मिसाल The post दिल्ली पार्क गैंगरेप पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘पार्क, सड़क और बसें हाई-रिस्क जोन नहीं बन सकते’ appeared first on Naya Vichar.

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LPU Protest: आखिर रात में कैंपस में क्या हुआ? छात्रों ने बताया आंखों देखा हाल

LPU Students Experience: बीते दिनों LPU कैंपस में हुई घटना के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत नियमित कक्षाओं को 10 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि Mid-Term Exam को अगली सूचना तक पोस्टपोन किया गया है. साथ ही, जो स्टूडेंट्स इस दौरान अपने घर जाना चाहते हैं, उन्हें इसकी अनुमति दी गई है. ऐसे में घर लौट रहे कई छात्रों ने कैंपस में हुई घटना के दौरान अपने अनुभव साझा किए हैं. आइए जानते हैं, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्या कहा है. LPU Incident Update: मास्क पहने थे कई प्रदर्शनकारी LPU के छात्र विशाल कुमार ने कैंपस से घर जाते समय मीडिया को बताया कि सुबह तक सब नाॅर्मल था, स्टूडेंट्स सड़कों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हालांकि जैसे ही रात हुई, बाहर से बड़ी संख्या में लोग मास्क पहनकर आए और स्थिति हिंसक हो गई. इसके बाद कैंपस में तोड़-फोड़ शुरू हाे गई. वे एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक जा रहे थे और हर चीज को तोड़-फोड़ रहे थे. रात के समय स्थिति काफी गंभीर हो गई थी. घटना के बाद कॉलेज अथॉरिटी ने क्लासेस सस्पेंड कर दी है. ये भी पढ़ें: 2000 छात्र, एक रात और तबाह हुआ पूरा कैंपस, LPU की पूरी इनसाइड स्टोरी LPU Notice For Students: काॅलेज की छात्रा ने बताया आंखों देखा हाल LPU कैंपस में चल रहा प्रोटेस्ट लड़कियों की सेफ्टी को लेकर था, मगर स्थिति ऐसी हो गई है की काॅलेज कैंपस में खुद लड़कियां ही सेफ नहीं हैं. यह बात काॅलेज की एक छात्रा खुशी चतुर्वेदी ने कही है. ANI की ओर से X पर जारी एक वीडियो पोस्ट में छात्रा ने कहा कि जो छात्र घर नहीं जा रहे हैं, वे अपने हॉस्टल के अंदर ही रहें. अगर वे विरोध करना चाहते हैं, तो शांतिपूर्ण तरीके से कर सकते हैं. ये भी पढ़ें: LPU Students Protest: गैंगरेप की अफवाह से LPU में हंगामा, हजारों छात्र जुटे, जमकर की तोड़फोड़ LPU Students Reaction: बिल्डिंग में लगाई आग और किया तोड़-फोड़ काॅलेज के एक स्टूडेंट ने आखों देखा हाल बताया कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि CS बिल्डिंग में आग लगाया गया और एडमिशन ब्लॉक को तोड़ दिया गया. उन्होंने बताया कि हंगामा अब थम गया है और काॅलेज कैंपस में शांति का माहौल है. पुलिस ने कैंपस को सुरक्षित कर लिया है. अभी तो हम सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन हमें पक्का नहीं पता कि 10 दिन बाद सब कुछ सामान्य होगा या नहीं. ऑनलाइन क्लास होंगी या नहीं, क्योंकि कल रात क्लासरूम में काफी तोड़-फोड़ की गई थी. LPU Room No. 504 Girls Comment: क्या कहा हाॅस्टल की छात्राओं ने? LPU ने हाॅस्टल के रूम नंबर 504 की छात्राओं का एक वीडियो जारी करके दावा किया था कि इसमें छात्राएं विवाद के बारे में सीधे तौर पर बात कर रही थीं और यह वीडियो उनकी “साफ मंजूरी” से पब्लिश किया गया था. हालांकि मीडिया में उन्ही लड़कियों के वायरल हो रहे वीडियो में उन्हें आरोप लगाते देखा जा रहा है कि उनके बयानों को एडिट किया गया है. उन्हें बताया गया कि क्या बोलना है और वीडियो उनकी मंजूरी के बिना पब्लिश किया गया. Note: नया विचार इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. ये भी पढ़ें: LPU Classes Suspended: 10 दिन बंद रहेंगी कक्षाएं, Mid-Term Exams भी पोस्टपोन The post LPU Protest: आखिर रात में कैंपस में क्या हुआ? छात्रों ने बताया आंखों देखा हाल appeared first on Naya Vichar.

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21 साल बाद फेसबुक वीडियो ने मिलाया बिछड़े बेटे को, मां बोलीं- ‘ये तो शंकरवा है’

कभी ट्रेन की सवारी का शौक एक किशोर को घर से दूर ले गया था. 21 साल बाद उसी परिवार को एक फेसबुक वीडियो ने फिर से जोड़ दिया. बिहार के मधुबनी जिले के राम शंकर कुशवाहा 15 साल की उम्र में ट्रेन में बैठकर लापता हो गए थे. अब 36 साल की उम्र में वे अपने गांव लौट आए हैं. उनकी मां ने वीडियो देखते ही पहचान लिया और कहा, “ये तो मेरा शंकरवा है.” कैसे हुए थे लापता द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2005 में राम शंकर कुशवाहा मधुबनी के महेशपुरा गांव से ट्रेन में सवार हुए. ट्रेन का शौक उन्हें घर से दूर ले गया. परिवार ने सालों तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. धीरे-धीरे उम्मीदें कम होने लगीं. शंकर ग्वालियर के एक आश्रम में रहने लगे थे, जहां बेसहारा और लापता लोगों को रखा जाता है. फेसबुक वीडियो बना माध्यम ग्वालियर के डीएसपी संतोष पटेल ने आश्रम का दौरा किया और वहां मौजूद लोगों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म फेसबुक पर डाला. वीडियो में शंकर कुशवाहा पारंपरिक पोशाक में नजर आ रहे थे. उन्होंने अपना नाम और बिहार से होने की बात कही. जन्माष्टमी के दिन उनके बड़े भाई ललित की नजर इस वीडियो पर पड़ी. उन्होंने मां को वीडियो दिखाया तो मां तुरंत पहचान गईं. भावुक हुआ परिवार का मिलन परिवार ने डीएसपी से संपर्क किया. पहचान की पुष्टि के बाद 7 सितंबर को शंकर को घर लाया गया. गांव में उनका जोरदार स्वागत हुआ. मां लक्ष्मी देवी ने बेटे को गले लगाया तो आंखें नम हो गईं. परिवार के लिए यह पल दोबारा जन्म जैसा था. सोशल मीडिया की एक छोटी सी कोशिश ने दो दशक का इंतजार खत्म कर दिया. सोशल मीडिया की भूमिका यह घटना दिखाती है कि सही इस्तेमाल होने पर सोशल मीडिया कितना प्रभावी साबित हो सकता है. पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा किए गए वीडियो ने न सिर्फ एक परिवार को जोड़ा, बल्कि कई अन्य लापता लोगों के लिए भी उम्मीद जगाई है. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल सवाल 1: राम शंकर कुशवाहा कितने साल बाद परिवार से मिले? जवाब: वे 21 साल बाद अपने परिवार से मिल सके. सवाल 2: उनकी पहचान कैसे हुई? जवाब: ग्वालियर के डीएसपी संतोष पटेल के फेसबुक वीडियो से परिवार ने उन्हें पहचान लिया. सवाल 3: वे कहां रह रहे थे? जवाब: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित एक आश्रम में रह रहे थे. ये भी पढ़ें: मार्क जकरबर्ग ने दिखाया AI का नया अवतार, जानिए क्या है कीचेन जैसा दिखने वाला Muse Charm The post 21 साल बाद फेसबुक वीडियो ने मिलाया बिछड़े बेटे को, मां बोलीं- ‘ये तो शंकरवा है’ appeared first on Naya Vichar.

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होल्डिंग सेंटर से भागा रोहिंग्या युवक झाड़ियों में छिपा मिला, वन विभाग के खोजी कुत्ते ने ढूंढ़ निकाला

होल्डिंग सेंटर की दीवार फांदकर भागे रोहिंग्या युवक को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया. पुलिस के अनुसार, जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाथी मोड़ इलाके में झाड़ियों के पीछे छिपे युवक का पता गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान के खोजी कुत्ते ‘ऑरलैंडो’ ने लगाया. इसके बाद राजगंज थाने की पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. 19 सितंबर को पकड़ाये थे 4 रोहिंग्या जानकारी के अनुसार, 19 सितंबर को एनजेपी स्टेशन से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने चार रोहिंग्या नागरिकों को पकड़ा था. बाद में उन्हें राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के माध्यम से राजगंज पुलिस को सौंप दिया गया. चारों को राजगंज के फाटापुकुर स्थित होल्डिंग सेंटर में रखा गया था. रविवार सुबह फरार हुआ मोहम्मद सलाम रविवार सुबह पुलिस की नजर से बचकर म्यांमार निवासी रोहिंग्या युवक मोहम्मद सलाम वहां से भाग गया. युवक के भागने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. तलाशी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और वन विभाग के खोजी कुत्ते की भी मदद ली गयी. ये भी पढ़ें: NJP स्टेशन पर त्रिपुर सुंदरी एक्सप्रेस से पकड़े गए 4 संदिग्ध, पूछताछ में खुला म्यांमार से पंजाब तक का कनेक्शन खोजी कुत्ते ने युवक का पता लगाया तलाशी के दौरान गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान के खोजी कुत्ते ‘ऑरलैंडो’ को युवक का सुराग मिला. पुलिस के अनुसार, भागने के बाद मोहम्मद सलाम हाथी मोड़ इलाके में एक झाड़ी के पीछे छिपा हुआ था. आशंका जतायी जा रही है कि वह वहां बस पकड़कर आगे जाने की योजना बना रहा था. ऑरलैंडो की मदद से पुलिस ने झाड़ी से उसे पकड़ लिया. ये भी पढ़ें: बंगाल के हर जिले में बनेगा ‘होल्डिंग सेंटर’, बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर सख्त हुई प्रशासन The post होल्डिंग सेंटर से भागा रोहिंग्या युवक झाड़ियों में छिपा मिला, वन विभाग के खोजी कुत्ते ने ढूंढ़ निकाला appeared first on Naya Vichar.

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Pitru Paksha 2026: तर्पण और श्राद्ध को एक न समझें, जानें दोनों में क्या है अंतर

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का समय है. इस दौरान लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करते हैं. मान्यता है कि इन कर्मों से पितर प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते है. पितृ पक्ष के दौरान तर्पण और श्राद्ध शब्दों का सबसे अधिक इस्तेमाल होता है. कई लोग इन दोनों को एक ही मानते हैं, जबकि धार्मिक परंपराओं में इनके स्वरूप और विधि में अंतर है. तर्पण में मुख्य रूप से जल अर्पित किया जाता है, जबकि श्राद्ध में संकल्प, पिंडदान, भोजन और दान आदि कर्म शामिल हो सकते हैं. आइए जानते हैं तर्पण और श्राद्ध में क्या अंतर है. श्राद्ध क्या होता है? तर्पण करते हुए सांकेतिक तस्वीर (एआई) ‘तर्पण’ का अर्थ तृप्त करना या संतुष्ट करना होता है. तर्पण में पितरों को जल अर्पित किया जाता है. इसमें आमतौर पर जल के साथ काले तिल और कुश का इस्तेमाल किया जाता है. तर्पण करते समय पितरों का ध्यान करके उनकी तृप्ति और शांति की प्रार्थना की जाती है. सरल शब्दों में समझें तो तर्पण में मुख्य रूप से जल अर्पित करके पितरों को याद किया जाता है. ये भी पढ़ें: Pitru Paksha Dwitiya Shradh: आज द्वितीया श्राद्ध पर इस मुहूर्त में करें तर्पण, जानें सही विधि और पंचबलि नियम The post Pitru Paksha 2026: तर्पण और श्राद्ध को एक न समझें, जानें दोनों में क्या है अंतर appeared first on Naya Vichar.

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उज्जैन: शाही मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से पहले पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस; क्यों ढहाई जा रही 100 साल पुरानी इबादतगाह?

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शाही मस्जिद को लेकर विवाद सोमवार को और बढ़ गया. सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के कुछ हिस्से को हटाने की प्रशासन की योजना का विरोध कर रहे लोगों और पुलिस के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है. मौके पर जुटी भीड़ की ओर से पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहा है मस्जिद का हिस्सा विवाद उज्जैन के गोपाल मंदिर क्षेत्र की शाही मस्जिद से जुड़ा है. सिंहस्थ-2028 को देखते हुए कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है. प्रशासन का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य आने वाले समय में यातायात और भीड़ प्रबंधन को बेहतर करना है. इस प्रस्तावित सड़क के हिस्से में कई धार्मिक स्थल आ रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, इनमें से कई जगहों पर कार्रवाई या बदलाव आपसी सहमति से किए जा चुके हैं. लेकिन शाही मस्जिद के उस हिस्से को लेकर विवाद बना हुआ है, जो प्रस्तावित सड़क की सीमा में आ रहा है. रविवार रात से ही जुटने लगे थे लोग मस्जिद को हटाए जाने की आशंका के बीच रविवार रात बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मुस्लिम समाज के लोग वहां जुट गए थे. पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की. पुलिस का कहना है कि फिलहाल बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही थी और तत्काल तोड़फोड़ आगे नहीं बढ़ाई गई थी. सोमवार सुबह भी बड़ी संख्या में लोग इलाके में जमा रहे. हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव भी हुआ. 100 साल पुरानी है उज्जैन की शाही मस्जिद मस्जिद की ऐतिहासिकता को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं. मस्जिद के इमाम ने इसे करीब 636 साल पुराना बताते हुए 1390 से जुड़ा होने का दावा किया है. वहीं हाल की अदालती रिपोर्टों में इसे करीब 100 साल पुरानी संरचना के रूप में भी दर्ज किया गया है. The post उज्जैन: शाही मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से पहले पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस; क्यों ढहाई जा रही 100 साल पुरानी इबादतगाह? appeared first on Naya Vichar.

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LPU Protests: 10 दिन क्लास सस्पेंड, इंटरनेट बंद; CM मान बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

LPU Protests: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के प्रदर्शन के कारण 15 घंटे से अधिक समय तक बाधित रहा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर यातायात बहाल कर दिया गया है. पुलिस के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. तनावपूर्ण हालात के बीच इंटरनेट सेवाएं भी बंद की गई हैं. LPU के छात्रों ने रविवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से कथित दुष्कर्म किए जाने के दावे को लेकर प्रदर्शन किया था. इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में तोड़फोड़ हुई और छात्रों ने परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को भी जाम कर दिया. CM भगवंत मान ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश मामले को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री ने मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही पंजाब के DGP गौरव यादव को खुद LPU पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने को कहा है. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, DGP को मौके पर जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने और स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है. रात में बहाल हुआ NH-44 पर ट्रैफिक जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया. उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है. सोमवार सुबह भी LPU के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही. सुरक्षा व्यवस्था के बीच कई छात्र विश्वविद्यालय से अपने घरों के लिए रवाना होते दिखाई दिए. इंटरनेट सेवा भी बंद प्रदर्शन और तनावपूर्ण स्थिति के बीच इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद की गई हैं. सोशल मीडिया पर अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. 10 दिन तक कक्षाएं बंद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार से नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी हैं. इसके अलावा मिड-टर्म परीक्षाओं को भी अगले आदेश तक टाल दिया गया है. LPU ने छात्रों को इस अवधि में अपने माता-पिता या अभिभावकों से सलाह लेकर घर जाने की अनुमति दी है. वहीं, परिसर में रहने वाले छात्रों को हॉस्टल या अपने आवास में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है. पुलिस से झड़प और पथराव के बाद बिगड़े हालात अधिकारियों के मुताबिक, रविवार शाम पुलिस ने NH-44 से प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की. प्रदर्शनकारी सुबह करीब आठ बजे से सड़क पर बैठे थे. पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकीं. इसके बाद झड़प हुई और पुलिस ने लाठीचार्ज किया. छात्र परिसर की ओर चले गए, लेकिन अधिकारियों के अनुसार वहां पहुंचने के बाद कुछ छात्रों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचा. इसके बाद ADGP एम. एफ. फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी देर रात विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे. वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च भी किया. ये भी पढ़ें: पंजाब: दुष्कर्म के दावे पर LPU में बवाल, FIR दर्ज; SIT करेगी पूरे मामले की जांच 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात ADGP के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 2,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. दुष्कर्म के दावे की SIT कर रही जांच पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है. मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में ऐसी घटना होने के दावे को अफवाह बताया है. पुलिस ने भी अभी कथित घटना की पुष्टि नहीं की है और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच जारी है. सोशल मीडिया वीडियो में तोड़फोड़ और आगजनी घटना से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. इनमें प्रदर्शनकारी परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में ‘हम न्याय चाहते हैं’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. चितकारा यूनिवर्सिटी की घटना के एक दिन बाद LPU में बवाल LPU में हिंसा की घटना से एक दिन पहले पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय में भी अपुष्ट समाचारों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था. वहां प्रदर्शनकारियों द्वारा एक पुलिस वाहन में आग लगाए जाने की घटना सामने आई थी. फिलहाल LPU परिसर और आसपास पुलिस की भारी तैनाती है. NH-44 पर यातायात बहाल हो चुका है और पुलिस के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है. वहीं, SIT की जांच के बाद ही कथित दुष्कर्म मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी. The post LPU Protests: 10 दिन क्लास सस्पेंड, इंटरनेट बंद; CM मान बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई appeared first on Naya Vichar.

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VIDEO: इंद्रावती की बाढ़ में कच्चे मकान की छत पर फंसे थे 12 लोग, गरुड़ कमांडो ने ऐसे किया खतरनाक रेस्क्यू

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी में आई बाढ़ के बीच कच्चे मकान की छत पर फंसे 12 लोगों को हिंदुस्तानीय वायुसेना ने सुरक्षित बाहर निकाला. इनमें स्त्रीएं और शिशु भी शामिल थे. जानकारी मिलने के बाद हिंदुस्तानीय वायुसेना के सेंट्रल एयर कमांड की एक टीम ने डोंगाघाट गांव के पास इंद्रावती नदी के उत्तरी तट पर फंसे लोगों की तलाश शुरू की. बताया गया था कि इलाके में 10 से 12 लोग कच्ची झोपड़ियों में फंसे हुए हैं. छत पर फंसे थे लोग इलाके की गहन तलाशी के दौरान वायुसेना के दल को सभी लोग एक कच्चे मकान की छत पर नजर आए. बाढ़ का पानी तेज बहाव के साथ बढ़ रहा था और जिस मकान की छत पर लोग खड़े थे, उसके किसी भी वक्त ढहने का खतरा था. रेस्क्यू से जुड़ी अहम बातें इंद्रावती नदी के उत्तरी तट पर लोग फंसे थे सभी लोग कच्चे मकान की छत पर जमा थे तेज बहाव के कारण मकान के ढहने का खतरा था रेस्क्यू के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई छत पर उतारा गया गरुड़ कमांडो हालात को देखते हुए वायुसेना ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. हेलीकॉप्टर को हवा में स्थिर रखते हुए एक गरुड़ कमांडो को रस्सी के जरिए कमजोर छत पर उतारा गया. कमांडो ने वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद की. इसके बाद सभी लोगों को एक-एक कर हेलीकॉप्टर में विन्च के जरिए ऊपर खींचकर सुरक्षित बाहर निकाला गया. ऑपरेशन में 12 लोगों की जान बचाई गई कुल 12 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया इनमें स्त्रीएं और शिशु भी शामिल थे लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाके से बाहर निकाला गया वायुसेना के इस अभियान के दौरान समय बेहद सीमित था, क्योंकि तेज बहाव के कारण कच्चे मकान के ढहने का खतरा लगातार बना हुआ था. ऐसे में टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी 12 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया. ये भी पढ़ें: गंडक ने बढ़ाई बिहार की टेंशन, बराज से छोड़ा गया 5.43 लाख क्यूसेक पानी, चंपारण के गांवों में घुसा पानी The post VIDEO: इंद्रावती की बाढ़ में कच्चे मकान की छत पर फंसे थे 12 लोग, गरुड़ कमांडो ने ऐसे किया खतरनाक रेस्क्यू appeared first on Naya Vichar.

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