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जमुई वायरल वीडियो मामले में 5 पकड़े गये, मुठभेड़ में नंदन यादव घायल, एसपी ने बतायी पूरी कहानी

जमुई. नाबालिग छात्रा से बदसलूकी से जुड़े वायरल वीडियो मामले में जमुई पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक तीन नाबालिगों को पकड़ा है, जबकि दो को गिरफ्तार किया है. मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव को मंगलवार को सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के समीप नदी किनारे से गिरफ्तार किया गया. पुलिस कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि भागने के प्रयास में हरेराम यादव भी घायल हो गया. दोनों को पुलिस अभिरक्षा में जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एसपी विश्वजीत दयाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी एसपी विश्वजीत दयाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 21 सितंबर को नाबालिग छात्रा से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी पुलिस को मिली थी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की गयी. सोमवार को पुलिस ने तीन नाबालिग आरोपितों को गिरफ्तार किया था. उनसे पूछताछ के साथ तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपितों तक पहुंची. हरेराम ने बतायी नंदन के छिपे होने की जानकारी एसपी के अनुसार मंगलवार को पुलिस टीम नंदन यादव की गिरफ्तारी के लिए प्रतापपुर गांव के समीप नदी किनारे पहुंची थी. इसी दौरान पुलिस को देखकर एक युवक भागने लगा. पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया. पूछताछ में उसने अपना नाम हरेराम यादव बताया. पुलिस के अनुसार हरेराम ने बताया कि नंदन यादव भी आसपास ही छिपा हुआ है. भागने के दौरान गिरने से हरेराम के पैर में चोट लगी थी. इसके बाद पुलिस टीम नंदन यादव की तलाश में आगे बढ़ी. पुलिस के अनुसार नंदन ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली एसपी ने बताया कि नंदन यादव को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस की ओर से एक राउंड जवाबी फायरिंग की गयी. इसमें नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी. घायल अवस्था में उसे पुलिस अभिरक्षा में सदर अस्पताल लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. वीडियो वायरल करने के मामले में भी तीन गिरफ्तार एसपी ने बताया कि नाबालिग छात्रा से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में भी कार्रवाई की गयी है. पुलिस के अनुसार रामाशीष चौधरी द्वारा वीडियो वायरल किया गया था और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब वीडियो बनाने, उसे प्रसारित करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. बालू और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े होने की भी जांच पुलिस के अनुसार नंदन यादव और हरेराम यादव के पूर्व में अवैध बालू एवं शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी मिली है. हालांकि, वर्तमान मामले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपितों से संबंध की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. एसपी ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपितों की भूमिका को जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आयेगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी. ये भी पढ़ें : जमुई एनकाउंटर : कुंदर बराज के पास पुलिस पर हमला कर नंदन यादव ने की थी भागने की कोशिश The post जमुई वायरल वीडियो मामले में 5 पकड़े गये, मुठभेड़ में नंदन यादव घायल, एसपी ने बतायी पूरी कहानी appeared first on Naya Vichar.

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Chatra: टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की मौत के बाद चतरा के लूटूं और सोहावन गांव में नहीं मना करमा, तीन दिनों से पसरा है मातम

Chatra: टीएसपीसी के सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोगता की मौत के बाद चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र के दो गांव लूटूं और सोहावन गांव में गम का माहौल बना हुआ है. मंगलवार को दोनों गांवों में करमा पर्व नहीं मनाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से दोनों गांव शोक में डूबे हैं और इस दौरान दो दिनों तक कई घरों में चूल्हा भी नहीं जला. करमा पर्व की खुशियां मातम में बदली ग्रामीणों के अनुसार, हर साल करमा पर्व के दौरान पूरे इलाके में उत्साह का माहौल रहता था, लेकिन इस बार ब्रजेश गंझु की मौत के बाद लोगों ने पर्व नहीं मनाने का फैसला किया. कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने घटना के विरोध में भोजन तक नहीं किया और गांव में शोक का माहौल बना रहा. ग्रामीणों ने बताई अलग पहचान स्थानीय लोगों का कहना है कि भले ही ब्रजेश गंझु टीएसपीसी के सुप्रीमो थे, लेकिन गांव और प्रखंड स्तर पर कई लोग उन्हें एक साधारण व्यक्ति के रूप में जानते थे. ग्रामीणों के मुताबिक इसी वजह से उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है. मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल ब्रजेश गंझु की वृद्ध मां टुकनी देवी और पत्नी उषा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों के मुताबिक दोनों लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं. उषा देवी ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को पुलिस ने पकड़ने के बाद मार दिया. उन्होंने कहा कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगी और न्यायालय के साथ-साथ मानवाधिकार संस्थाओं से भी न्याय की गुहार लगाएंगी. इसे भी पढ़ें: पलामू रितु हत्याकांड: विधायक आलोक चौरसिया बोले – ‘न्याय दिलाने की बजाय कुछ लोग कर रहे नेतृत्व’ एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराने का किया था दावा तीन दिन पहले उत्तर प्रदेश के रामनगर थाना क्षेत्र में एटीएस ने ब्रजेश गंझू को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था. वहीं, इस कार्रवाई को लेकर परिजनों ने अलग आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है. इस घटना के बाद लावालौंग क्षेत्र के इन दोनों गांवों में सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित दिखाई दे रही हैं और लोग अब मामले की आगे की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं. इसे भी पढ़ें: Palamu: कजरी में NH-39 का कट बंद करने गई NHAI टीम, ग्रामीणों ने किया विरोध तो ठेकेदार हो गए चंपत The post Chatra: टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की मौत के बाद चतरा के लूटूं और सोहावन गांव में नहीं मना करमा, तीन दिनों से पसरा है मातम appeared first on Naya Vichar.

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Jamui Encounter: कुंदर बराज में कहां छिपा था नंदन यादव? पुलिस को कैसे मिली लोकेशन, फिर हुई मुठभेड़

Jamui Encounter: जमुई में 19 सितंबर की शाम नाबालिग छात्र और छात्रा के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू की. वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस ने कई सुराग जुटाए. जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची और इसके बाद आरोपियों की तलाश तेज हुई. पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई. वीडियो और दूसरी जानकारी के आधार पर कई लोगों की पहचान की गई. नंदन यादव को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया गया और वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था. पुलिस को कुंदर बराज में छिपे होने की सूचना मिली नंदन की तलाश में पुलिस अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी. इसी दौरान मंगलवार तड़के एसआईटी को सूचना मिली कि नंदन यादव कुंदर बराज इलाके में छिपा हुआ है. इसके बाद पुलिस टीम ने कुंदर बराज के आसपास पहुंचकर घेराबंदी शुरू की. घेराबंदी के बाद क्या हुआ? पुलिस के मुताबिक, टीम ने इलाके को घेरा तो नंदन ने वहां से निकलने की कोशिश की. इस दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला किया और भागने लगा. इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की. इसी फायरिंग में नंदन यादव के पैर में गोली लगी. उसके साथ मौजूद हरेराम यादव भी घायल हुआ और उसका पैर टूट गया. दोनों को पुलिस ने पकड़ लिया और इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में दोनों का इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है. नंदन तक पहुंचने में वीडियो बना बड़ा सुराग इस पूरे मामले में वायरल वीडियो जांच की शुरुआत का सबसे अहम सुराग बना. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पहले पीड़ितों को ट्रेस किया, फिर वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान शुरू हुई. इसके बाद नंदन समेत फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी चलती रही. नंदन के कुंदर बराज में होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां ऑपरेशन चलाया. पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन किस व्यक्ति या किस तकनीकी माध्यम से मिली. इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों की ओर से अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. बिहार की ताजा समाचारों के लिए क्लिक करें अब जांच में आगे क्या होगा? मुठभेड़ के बाद पुलिस अब मामले में शामिल बाकी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका थी. पुलिस ने वीडियो और दूसरे सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान की है. इसलिए आगे की जांच में इन सभी कड़ियों को जोड़ा जाएगा. इसे भी पढ़ें : Nandan Yadav Encounter: कौन हैं जमुई केस के मुख्य आरोपी नंदन और हरेराम? जानें बालू ढोने से लेकर पुलिस मुठभेड़ तक की कहानी The post Jamui Encounter: कुंदर बराज में कहां छिपा था नंदन यादव? पुलिस को कैसे मिली लोकेशन, फिर हुई मुठभेड़ appeared first on Naya Vichar.

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दिल्ली में 10 दिन के अंदर रेप के 3 मामले, AAP बोली- गुंडों पर लगाम नहीं तो ऐसे ही होंगे अपराध

दिल्ली में 10 दिन के अंदर रेप के तीन मामले सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने बीजेपी प्रशासन और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा है. AAP के दिल्ली प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि स्त्रीओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की कार्रवाई प्रभावी नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर सड़कों पर घूमने वाले गुंडों पर लगाम नहीं लगाई जाएगी तो इस तरह के अपराध होते रहेंगे. पिछले 10 दिनों के अंदर, दिल्ली के स्वरूप नगर में नाबालिग से गैंगरेप और हत्या, केशवपुरम में एक स्त्री के साथ कथित रेप और कालकाजी में पुलिसकर्मी बनकर 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं. कालकाजी मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. 11 सितंबर: स्वरूप नगर में नाबालिग से गैंगरेप और हत्या दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में 17 वर्षीय लड़की के साथ कथित गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, घटना 11 सितंबर की रात हुई थी. लड़की अपने दोस्त से मिलने गई थी. आरोप है कि वहां उसके दोस्त ने तीन अन्य लोगों को बुलाया और चारों ने उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया. पुलिस के अनुसार, लड़की ने घटना की शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसकी चाकू मारकर हत्या कर दी और शव को एक खुले खेत में फेंक दिया. उसका शव 13 सितंबर को बरामद हुआ. मामले में एक 19 वर्षीय युवक और तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है. 19 सितंबर: केशवपुरम में स्त्री से कथित रेप केशवपुरम इलाके में 32 वर्षीय विकास पर 43 वर्षीय स्त्री को आंखों की जांच कराने के बहाने अपने घर बुलाकर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने स्त्री को अपने घर ले जाने के बाद कथित तौर पर उसे बेहोश किया और फिर उसका यौन उत्पीड़न किया. स्त्री की शिकायत के आधार पर केशवपुरम थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है. 21 सितंबर: कालकाजी में पुलिसकर्मी बनकर 17 वर्षीय लड़की से गैंगरेप दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके में 21 सितंबर की शाम 17 वर्षीय लड़की के साथ तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया. पुलिस के मुताबिक, लड़की अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी. इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे. आरोप है कि पार्क में तीन लोग उनके पास पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया. उन्होंने लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया और उसे सुनसान जगह पर ले गए. पुलिस के अनुसार, आरोपियों में शामिल आसिफ ने लड़की को पिस्तौल और चाकू दिखाकर धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद उसके साथ मौजूद दो अन्य लोगों ने भी कथित तौर पर लड़की से दुष्कर्म किया. घटना की सूचना रात करीब 8:45 बजे PCR को दी गई. पुलिस ने लड़की की चिकित्सीय जांच कराई और मामले में BNS तथा POCSO की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की. पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी आसिफ को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने गिरफ्तारी से पहले पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी. उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. AAP का बीजेपी प्रशासन और दिल्ली पुलिस पर हमला इन घटनाओं को लेकर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था और स्त्रीओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए. उन्होंने जनकपुरी में तीन साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि पुलिस शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं करती. भारद्वाज ने कहा कि अगर किसी लड़की के साथ उसकी कॉलोनी के लड़के छेड़छाड़ करते हैं और वह पुलिस के पास शिकायत लेकर जाती है तो पुलिस को शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में पुलिस तब तक इंतजार करती है, जब तक मामला गंभीर अपराध में तब्दील न हो जाए. AAP नेता ने दिल्ली पुलिस पर नेतृत्वक इस्तेमाल का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पुलिस को स्त्रीओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर घूमने वाले अपराधियों पर लगाम लगानी चाहिए. ये भी पढ़ें: Jamui Encounter News: जमुई में छात्रा से बदसलूकी करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस ने नंदन यादव को मारी गोली The post दिल्ली में 10 दिन के अंदर रेप के 3 मामले, AAP बोली- गुंडों पर लगाम नहीं तो ऐसे ही होंगे अपराध appeared first on Naya Vichar.

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Asian Games: भारत ने जीता पहला गोल्ड, श्रीलंका को रौंदकर महिला क्रिकेट टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन

IND W vs SL W Asian Games Result: हिंदुस्तानीय स्त्री क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में हिंदुस्तान को पहला गोल्ड मेडल दिला दिया है. कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में स्पोर्ट्से गए फाइनल में हिंदुस्तान ने श्रीलंका को 147 रन से रौंदकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय टीम ने एशियन गेम्स में स्त्री क्रिकेट का खिताब लगातार दूसरी बार जीत लिया. हिंदुस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 3 विकेट पर 216 रन बनाए. यह एशियन गेम्स में स्त्री क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर रहा. जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 69 रन पर सिमट गई और हिंदुस्तान ने मुकाबला एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया. स्मृति-शेफाली ने दी तूफानी शुरुआत टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी हिंदुस्तानीय टीम को स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई. दोनों ने पहले विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी की. शेफाली वर्मा 48 रन बनाकर आउट हुईं. इसके बाद हरमनप्रीत कौर ने पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन वह 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं. दूसरे छोर पर स्मृति मंधाना तेजी से रन बनाती रहीं. उन्होंने 79 रन की शानदार पारी स्पोर्ट्सी. मंधाना के आउट होने के बाद ऋचा घोष ने मोर्चा संभाल लिया. ऋचा घोष ने आखिरी ओवरों में मचाई तबाही ऋचा घोष ने आते ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 49 रन की नाबाद पारी स्पोर्ट्सी. ऋचा की इस तूफानी पारी की बदौलत हिंदुस्तान ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन जोड़े और स्कोर को 216 रन तक पहुंचा दिया. श्रीलंका की ओर से सुंगधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चामुडी ने एक-एक विकेट लिया. 80 रन पर ढेर हुई श्रीलंका 216 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही. हिंदुस्तानीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. श्रीलंका की ओर से सबसे ज्यादा रन चमारी अट्टापट्टू ने बनाए. वह 29 रन की पारी स्पोर्ट्सकर आउट हुईं. उनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं स्पोर्ट्स सकी. पूरी श्रीलंकाई टीम 80 रन पर ऑलआउट हो गई. हिंदुस्तान की ओर से दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट चटकाए, जबकि शेफाली वर्मा और श्री चरणी को 2-2 विकेट मिले. हिंदुस्तान ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड श्रीलंका को 147 रन से हराने के साथ हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने एशियन गेम्स में अपना दबदबा कायम रखा. हिंदुस्तान ने इससे पहले 2010 के बाद 2026 में स्त्री क्रिकेट में अपना दूसरा एशियन गेम्स गोल्ड जीता है. इस जीत के साथ हिंदुस्तानीय स्त्री टीम ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मंच पर वह दबाव के बीच भी शानदार प्रदर्शन कर सकती है. पहले बल्ले से 216 रन का रिकॉर्ड स्कोर, फिर गेंद से श्रीलंका को सिर्फ 80 रन पर समेटना- हिंदुस्तान ने फाइनल को पूरी तरह एकतरफा बनाकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया. The post Asian Games: हिंदुस्तान ने जीता पहला गोल्ड, श्रीलंका को रौंदकर स्त्री क्रिकेट टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन appeared first on Naya Vichar.

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अमेरिका में शहबाज और तारिक रहमान की मुलाकात, भारत के पीठ पीछे क्या पका रहे पाकिस्तान-बांग्लादेश?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में मुलाकात करने वाले हैं. यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान होगी. खास बात यह है कि यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब ढाका और इस्लामाबाद के बीच नेतृत्वक, सैन्य और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क बढ़ा है. हिंदुस्तान के लिहाज से यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि तारिक रहमान ने हाल ही ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए हिंदुस्तान दौरे को ना कहा था. न्यूयॉर्क में शहबाज-तारिक की मुलाकात रिपोर्ट की मानें तो बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं. बांग्लादेशी प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 24 सितंबर को उनकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी. यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होगी. 24 सितंबर को ही तारिक रहमान पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित भी करेंगे. तारिक रहमान के भाषण में रोहिंग्या संकट के अलावा लोकतांत्रिक बदलाव, कानून का शासन, शांति और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहने की उम्मीद है. पाकिस्तान से बढ़ रही ढाका की नजदीकी बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों में पिछले कुछ समय से सक्रियता बढ़ी है.अगस्त 2025 में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ढाका का दौरा किया था. यह 2012 के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी की बांग्लादेश यात्रा के लिहाज से अहम दौरा था. दोनों देशों ने व्यापार और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की थी दोनों देश के रिश्ते सिर्फ नेतृत्वक स्तर पर ही नहीं, सुरक्षा और सैन्य संपर्क भी बढ़े हैं. जनवरी 2025 में बांग्लादेश का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान गया था. इसके बाद अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने ढाका का दौरा किया और बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात की थी. ये भी पढ़ें: अमेरिका में कौन करा रहा हिंदुस्तानीयों की जासूसी? एशियन लोगों के खिलाफ बढ़ती नफरत से खतरे में ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिटिक्स पाकिस्तानी अकादमी में बांग्लादेशी अफसरों की ट्रेनिंग दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क का एक और उदाहरण प्रशासनिक प्रशिक्षण है. मई 2026 में 12 वरिष्ठ बांग्लादेशी अधिकारियों को पाकिस्तान में पेशेवर प्रशिक्षण के लिए भेजा गया. बांग्लादेश के प्रशासन मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, इस कार्यक्रम का पूरा खर्च पाकिस्तान प्रशासन ने उठाया. रिपोर्टों के अनुसार, यह 1970 के दशक के बाद दोनों देशों के वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच इस तरह का पहला व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम था. हालांकि, इसे सीधे हिंदुस्तान के खिलाफ किसी रणनीतिक योजना का सबूत मानना जल्दबाजी होगी लेकिन बीते दिनों जिस तरह का बांग्लादेश की विदेश नीति रही है वो हिंदुस्तान के लिए हैरान करने वाला है. हिंदुस्तान से दूरी या सिर्फ अलग कूटनीतिक रणनीति? तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा भी इस बदलती कूटनीतिक दिशा की चर्चा का हिस्सा बनी. प्रधानमंत्री बनने के बाद जून 2026 में उन्होंने पहली विदेश यात्रा मलेशिया और चीन की की थी. इसके बाद हिंदुस्तान ने तारिक रहमान को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के आउटरीच कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया. हिंदुस्तान ने अलग से द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण भी दिया था. हिंदुस्तानीय विदेश मंत्रालय ने बाद में इसकी पुष्टि की. लेकिन तारिक रहमान ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल नहीं हुए फिलहाल हिंदुस्तान और बांग्लादेश के बीच तारिक रहमान की संभावित यात्रा को लेकर बातचीत जारी है. रिपोर्टों के मुताबिक, नवंबर में उनकी हिंदुस्तान यात्रा के लिए तारीखों पर विचार किया जा रहा है. ये भी पढ़ें: Video : रात के अंधेरे में आसमान में दिखी जादुई रोशनी, वायरल वीडियो देख क्यों डर रहे लोग! संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की भी बड़ी भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में एक और तथ्य महत्वपूर्ण है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष हैं. उन्हें जून 2026 में इस पद के लिए चुना गया था. इसलिए न्यूयॉर्क में बांग्लादेश की कूटनीतिक मौजूदगी इस बार ज्यादा महत्वपूर्ण है. ऐसे में शहबाज शरीफ और तारिक रहमान की मुलाकात को पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते संपर्क की कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है. हालांकि आने वाले समय में व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और क्षेत्रीय कूटनीति में दोनों देशों के फैसले ही इस रिश्ते की दिशा को ज्यादा स्पष्ट करेंगे. The post अमेरिका में शहबाज और तारिक रहमान की मुलाकात, हिंदुस्तान के पीठ पीछे क्या पका रहे पाकिस्तान-बांग्लादेश? appeared first on Naya Vichar.

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मन्नत पूरी होने पर चढ़ायी जाती हैं हाथी-घोड़े की प्रतिमाएं, महिलाएं नहीं करती हैं प्रसाद ग्रहण; जानिए झारखंड के हाथीखेदा मंदिर की कहानी

Hathikheda Temple Jharkhand: आस्था दिखाई नहीं देती, लेकिन जब किसी जगह पर सैकड़ों मन्नतों के निशान दिखाई देने लगें, तो उस आस्था को महसूस जरूर किया जा सकता है. झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड में स्थित हाथीखेदा मंदिर भी ऐसी ही आस्था का केंद्र है. यहां हर दिन श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं. कोई पेड़ पर नारियल बांधता है, कोई हाथी-घोड़े की प्रतिमा चढ़ाता है और कोई खुले आसमान के नीचे विराजमान हाथीखेदा देवता के सामने अपनी फरियाद रखता है. यह मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ का स्थान नहीं है. इसके साथ स्थानीय लोककथाएं, परंपराएं और वर्षों से चली आ रही मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंदिर से आसपास के करीब 300 परिवारों की रोजी-रोटी भी किसी न किसी रूप में जुड़ी हुई है. पेड़ों पर बंधे नारियल, हर एक के पीछे एक मन्नत हाथीखेदा मंदिर परिसर में मौजूद पेड़ों पर बंधे नारियल पहली नजर में ही ध्यान खींचते हैं. दूर से ये पेड़ सामान्य दिखाई देते हैं, लेकिन करीब जाने पर इनकी हर डाल पर किसी न किसी श्रद्धालु की उम्मीद बंधी नजर आती है. स्थानीय परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने की उम्मीद में यहां नारियल बांधते हैं. किसी की मन्नत परिवार की खुशहाली से जुड़ी होती है, तो कोई नए काम या जीवन की किसी परेशानी के समाधान की कामना लेकर यहां पहुंचता है. हाथीखेदा मंदिर मन्नत पूरी होने पर चढ़ाए जाते हैं हाथी और घोड़े मंदिर से जुड़ी एक और खास परंपरा हाथी और घोड़े की प्रतिमाएं चढ़ाने की है. यहां मिट्टी से लेकर पीतल, तांबे और दूसरी धातुओं से बनी हाथी और घोड़े की प्रतिमाएं दिखाई देती हैं. श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद इन प्रतिमाओं को आस्था के प्रतीक के रूप में चढ़ाते हैं. मंदिर परिसर में मौजूद इन प्रतिमाओं की संख्या और विविधता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हाथीखेदा देवता के प्रति लोगों की आस्था कितनी पुरानी और गहरी है. हाथीखेदा नाम के पीछे जंगल और हाथियों की लोककथा हाथीखेदा मंदिर से जुड़ी लोककथाओं में यहां के जंगल और जंगली हाथियों का भी जिक्र मिलता है. स्थानीय बुजुर्गों के मुताबिक, एक समय यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ था. जंगली हाथियों के आने से खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचता था. इसी दौर से हाथीखेदा देवता की पूजा और उनसे जुड़ी मान्यताओं के मजबूत होने की बात स्थानीय लोग बताते हैं. स्थानीय विश्वास है कि देवता की पूजा-अर्चना के बाद फसलों की रक्षा होने लगी. यह कहानी ऐतिहासिक प्रमाण है या पीढ़ियों से चली आ रही लोकमान्यता, यह अलग विषय है. लेकिन इस विश्वास ने हाथीखेदा देवता को स्थानीय समाज और खेती-किसानी से गहराई से जोड़ दिया है. शुभ काम से पहले लिया जाता है आशीर्वाद हाथीखेदा मंदिर की परंपरा केवल मन्नत मांगने या पूजा करने तक सीमित नहीं है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कोई शुभ काम शुरू करना हो, पारिवारिक आयोजन हो या किसी नए काम की शुरुआत, कई लोग हाथीखेदा देवता का आशीर्वाद लेना जरूरी मानते हैं. यही वजह है कि यह मंदिर स्थानीय समाज की रोजमर्रा की जिंदगी का भी हिस्सा बन गया है. यहां की आस्था सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं में भी दिखाई देती है. साल में 363 दिन पूजा की मान्यता स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथीखेदा मंदिर में साल के 365 दिनों में 363 दिन पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं. बताया जाता है कि मई के पहले सप्ताह में लावजोड़ा गांव के शिव मंदिर में होने वाली विशेष शिव पूजा के दौरान दो दिनों के लिए यहां पूजा और पशु बलि की परंपरा रोकी जाती है. बाकी समय मंदिर में पूजा और श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. स्थानीय जानकारी के अनुसार, रविवार और बुधवार को यहां श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रहती है. झारखंड के अलावा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आसपास के दूसरे इलाकों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. मंदिर के अंदर जाते श्रद्धालु पीढ़ियों से चली आ रही आस्था हाथीखेदा मंदिर की कहानी को केवल एक धार्मिक स्थल की कहानी के तौर पर देखना इसके पूरे स्वरूप को समझने के लिए पर्याप्त नहीं होगा. यहां पेड़ों पर बंधे नारियल मन्नतों की कहानी कहते हैं, हाथी-घोड़े की प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के विश्वास का प्रतीक बनती हैं और खुले आसमान के नीचे स्थित देवस्थल स्थानीय परंपरा की सादगी को सामने लाता है. किसी के लिए हाथीखेदा देवता मन्नत पूरी करने वाले देवता हैं, किसी के लिए शुभ काम से पहले आशीर्वाद लेने का स्थान और किसी के लिए पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा. यही वजह है कि हाथीखेदा मंदिर स्थानीय समाज में केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि आस्था, लोकपरंपरा, सामाजिक जीवन और स्थानीय वित्तीय स्थिति से जुड़ा एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है. पेड़ों पर बंधे सैकड़ों नारियलों से लेकर खुले आसमान के नीचे मौजूद देवस्थल तक, हाथीखेदा मंदिर में लोगों का विश्वास हर कदम पर दिखाई देता है. यह भी पढ़ें : करम पर्व 2026: करम डाल की छांव में प्रकृति पूजा से भाई-बहन के रिश्ते तक, जानें इस लोकपर्व की खास मान्यताएं The post मन्नत पूरी होने पर चढ़ायी जाती हैं हाथी-घोड़े की प्रतिमाएं, स्त्रीएं नहीं करती हैं प्रसाद ग्रहण; जानिए झारखंड के हाथीखेदा मंदिर की कहानी appeared first on Naya Vichar.

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1 मिनट में 100 km की रेंज और 10 साल की वारंटी, चीन ने पेश की हैरान करने वाली टेक्नोलॉजी

EV Ultra Fast Charging: इलेक्ट्रिक कार (EV) खरीदने वालों की सबसे बड़ी टेंशन ‘चार्जिंग में  लगने वाला समय’ होता है. लेकिन अब चीन की कंपनी ने इस क्षेत्र में बड़ा चमत्कार कर दिखाया है. जितना समय आपको पेट्रोल-डीजल भरवाने में लगता है, उतने में आपकी EV फुल चार्ज हो जाएगी. सुनने में भले ही यह बात हैरान करने वाली लगे, लेकिन ये सच है. चीन की बैटरी कंपनी Sunwoda EVB के मुताबिक उसकी नई 15C LFP बैटरी सिर्फ 5 मिनट में 10 से 70% और 9 मिनट में 10 से 97% तक चार्ज हो सकती है. इतना ही नहीं, कंपनी का दावा है कि 1 मिनट की चार्जिंग में करीब 100 किलोमीटर की रेंज मिल सकती है. Sunwoda ने कहां पेश की नई बैटरी? Sunwoda EVB ने यह नई 15C Smart Flash Charging Battery System चीन के शानडोंग प्रांत के झाओझुआंग में आयोजित बैटरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस में पेश की. कंपनी की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य तापमान पर बैटरी की चार्जिंग स्पीड काफी तेज है. चार्जिंग टाइम कितना है? 10 से 70%: सिर्फ 5 मिनट 10 से 97%: करीब 9 मिनट 1 मिनट चार्ज: करीब 100 किमी तक की रेंज का दावा कुल रेंज: 700 किमी से ज्यादा की क्षमता का दावा हालांकि, 700 किमी की रेंज किस टेस्ट साइकिल पर आधारित है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है. इसलिए इसे वास्तविक ड्राइविंग रेंज मानना जल्दबाजी होगी. ये भी पढ़ें: Tata Tigor का किस्सा खत्म, नए नाम Tata Aeris से आएगी सेडान, बदल जाएगा लुक और फीचर्स का पूरा अंदाज 15C LFP बैटरी इतनी खास क्यों है? अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग में सिर्फ चार्जिंग स्पीड बढ़ाना ही चुनौती नहीं है. ज्यादा पावर कम समय में बैटरी में भेजने पर हीट जनरेशन और थर्मल मैनेजमेंट बड़ी समस्या बन जाते हैं. Sunwoda का कहना है कि उसकी नई तकनीक तेज चार्जिंग के दौरान बैटरी के तापमान को नियंत्रित रखने के लिए डिजाइन की गई है. यही वजह है कि कंपनी सिर्फ चार्जिंग स्पीड ही नहीं, बल्कि थर्मल स्टेबिलिटी को भी इस तकनीक की खासियत बता रही है. -20 डिग्री में भी फास्ट चार्जिंग का दावा ठंडे मौसम में इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी की चार्जिंग पर असर पड़ सकता है. Sunwoda का दावा है कि उसकी नई बैटरी -20 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी तेज चार्जिंग कर सकती है. कंपनी के अनुसार: -20°C पर 10 से 97% चार्ज: करीब 15 मिनट इस दौरान 700 किमी तक की रेंज का दावा हालांकि, यहां भी रेंज और चार्जिंग के आंकड़े कंपनी के दावे हैं. क्या इतनी तेज चार्जिंग से बैटरी जल्दी खराब होगी? EV ग्राहकों के बीच यह एक बड़ा सवाल है. आम तौर पर हाई-पावर फास्ट चार्जिंग को बैटरी पर ज्यादा थर्मल और इलेक्ट्रिकल स्ट्रेस से जोड़ा जाता है. Sunwoda ने इस चिंता को दूर करने के लिए नई बैटरी के लिए 10 साल या 3 लाख किलोमीटर की वारंटी आवश्यकता को पूरा करने का दावा किया है. कंपनी के अनुसार, अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग के इस्तेमाल पर कोई अतिरिक्त प्रतिबंध नहीं रखा गया है. Tesla, BMW और Mercedes से कितनी अलग? आज कई प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारें हाई-पावर DC फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती हैं. Tesla V3/V4 Supercharger: 250 kW तक BMW EVs: कुछ मॉडल 250 kW तक की चार्जिंग सपोर्ट करते हैं Mercedes-Benz: कुछ मॉडल 200–330 kW तक की DC फास्ट चार्जिंग क्षमता देते हैं इनके मुकाबले Sunwoda का फोकस सिर्फ ज्यादा kW पर नहीं, बल्कि बहुत कम समय में ज्यादा बैटरी प्रतिशत चार्ज करने पर है. क्या यह बैटरी जल्द कारों में आएगी? फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि Sunwoda ने तकनीक के ये आंकड़े जरूर पेश किए हैं, लेकिन किस प्रोडक्शन कार में यह बैटरी कब इस्तेमाल होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है. यानी अभी इन आंकड़ों को कंपनी के दावे के तौर पर देखना चाहिए. असली दुनिया में चार्जिंग स्पीड पर चार्जर की क्षमता, बैटरी का तापमान, वाहन का बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी असर डालेंगे. Sunwoda कौन सी कंपनी है? Sunwoda चीन की प्रमुख बैटरी कंपनियों में शामिल है. इसकी EV बैटरी यूनिट Sunwoda EVB इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी टेक्नोलॉजी पर काम करती है. कंपनी ने बताया है कि उसका नया सिस्टम भविष्य के मेगावाट-लेवल चार्जिंग इकोसिस्टम के साथ इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक Sunwoda ने 2027 के अंत तक 10,000 मेगावाट चार्जिंग स्टेशन वाले इकोसिस्टम का लक्ष्य भी बताया है. अभी सबसे बड़ा सवाल क्या है? 9 मिनट में 97% चार्ज और 1 मिनट में 100 किमी रेंज जैसे आंकड़े निश्चित रूप से आकर्षक हैं. लेकिन इन दावों का असली असर तभी पता चलेगा जब यह तकनीक प्रोडक्शन कारों और वास्तविक चार्जिंग नेटवर्क में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगी. ये भी पढ़ें: कम कीमत में पैसा वसूल बाइक्स: माइलेज में नंबर-1 और बजट फ्रेंडली, ये हैं हिंदुस्तान की बेस्ट वैल्यू फॉर मनी 2-व्हीलर्स The post 1 मिनट में 100 km की रेंज और 10 साल की वारंटी, चीन ने पेश की हैरान करने वाली टेक्नोलॉजी appeared first on Naya Vichar.

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ईरान की जंग से झुलसी दुनिया, बढ़ते कच्चे तेल के दाम ने बढ़ाई चिंता, क्या ये मंदी की आहट है?

रिपोर्ट – शिवपूजन सिंह मिडिल ईस्ट की जंग की काली छाया से दुनिया हलकान और हैरान है. ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के संग्राम की तपिश से दुनिया झुलस रही है. इतिहास के पन्नों में दर्ज जंग की दास्तान हमेशा यही बताती है कि युद्ध ने बर्बादी और बेकारी ही हर तरफ फैलाई है. इसके दरीचे में खून की छींटे, बेपनाह दर्द, जमींदोज हसरतें, बिछड़ाव और बिखराव ही समेटे हुए हैं. अभी ईरान की जंग से सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि इसकी बारूद की गंध से दुनिया भी परेशान है. खासकर कच्चे तेल का उत्पादन करने वाला यह प्रमुख देश युद्ध के चलते इसकी आपूर्ति करने में अक्षम और असमर्थ है. खासकर हर्मूज-वे से इसकी सप्लाई बाधित हुई है. नतीजा यह है कि कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर के पार चले गए हैं. इसके चलते महंगाई बेकाबू होती जा रही है और हिंदुस्तान भी इसका खामियाजा भुगत रहा है. हिंदुस्तान के लिए तेल का बड़ा महत्व है. यहां तेल महंगा होने से दाल, चावल, सब्जी, किराया सब महंगे हो जाते हैं. सबसे चिंता वाली बात यह है कि अगर ईरान की लड़ाई लंबी चली और तेल की सप्लाई में अड़चन आई तो दुनिया एक ऐसे आर्थिक चक्र में फंस सकती है, जहां महंगाई बढ़ने के साथ आर्थिक विकास भी धीमा पड़ सकता है. वित्तीय स्थिति के लिए धड़कन है कच्चा तेल अगर देखें तो तेल की बुनियाद पर ही बहुत कुछ टिका हुआ है, खासकर परिवहन, विमानन, उद्योग, पेट्रोकेमिकल, प्लास्टिक और कृषि. तकरीबन किसी न किसी रूप में ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल पर ही आसरा रहता है. ईरान का संघर्ष लंबा चलने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. हर्मूज-वे जैसे समुद्री मार्ग नहीं खुलते हैं तो फिर तेल संकट और गहराएगा. यहां बात सिर्फ मौजूदा वक्त की नहीं, बल्कि चिंता यह भी है कि भविष्य के लिए भी बिना परेशानी के आपूर्ति होती रहे. महंगा तेल मतलब महंगी जिंदगी तेल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा और एक कड़ी के माफिक है. सीधे सोचिए, तेल महंगा होगा तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे, किराया बढ़ने के साथ रोजाना की उपभोक्ता वस्तुओं की कीमत में भी बढ़ोतरी होगी. ट्रक से आने वाला सामान महंगा होगा तो लाजिमी है कि आपकी जेब खाली होगी. इसके साथ ही इससे जुड़े उद्योगों पर भी इसका भारी दबाव होगा. क्या महंगा तेल मंदी की दस्तक है? कच्चे तेल की दिक्कत से मंदी दुनिया को जकड़ लेगी, इसे तुरंत सोच और बोल देना जल्दबाजी और उतावलापन ही होगा. दरअसल, सिर्फ कच्चे तेल के ऊंचे दाम से मंदी पांव पसार लेगी, ऐसा नहीं हो सकता. लेकिन हां, अगर लंबे समय तक तेल की कीमत उच्च स्तर पर बनी रहती है तो फिर मंदी और सुस्ती वित्तीय स्थिति में ला सकती है. महंगे तेल के कारण उत्पादन लागत बढ़ती है. कंपनियों का मुनाफा दबाव में आता है. लोगों की जेब में खर्च करने के लिए पैसा कम रहता है. केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों को ऊंची रखती है. लाजिमी है कि फिर इससे कर्ज महंगा होगा. इससे निवेश की रफ्तार धीमी होगी और तमाम आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ने लगेंगी. अगर इसका समाधान नहीं निकला और सिलसिला लंबा चला तो फिर हालात विपरीत और विकट हो सकते हैं. हिंदुस्तान के सामने कितनी बड़ी चुनौती? कच्चा तेल हिंदुस्तान के लिए बेहद अहमियत रखता है. इसका इस्तेमाल और जरूरत तकरीबन हर जगह होती है. इससे कई चीजें जुड़ी रहती हैं. सीधी तौर पर समझें तो अगर तेल महंगा होगा तो हिंदुस्तान को इसे खरीदने के लिए ज्यादा धन खर्च करना होगा. इसके चलते कारोबार घाटे का दबाव बढ़ सकता है. अगर यह अधिक समय तक चलता है तो फिर रुपये पर दबाव बढ़ेगा. फिर आयात की जाने वाली वस्तुएं महंगी होंगी, जिसके लिए बाजार में आम लोगों को ज्यादा पैसा चुकाना होगा. हालांकि, दूसरा पहलू और सुकून देने वाली बात यह है कि हिंदुस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं है, बल्कि अलग-अलग देशों से यह तेल खरीदता है. जंग का समापन ही सबसे बेहतर समाधान युद्ध कभी भी अच्छा नहीं होता, यह सिर्फ नुकसान और नाकामी ही हर चीज में दिखलाता रहा है. अभी रूस-यूक्रेन युद्ध चार सालों से तकरीबन चल ही रहा है. इसकी विभीषिका और भीषण दर्द क्या है, यह तो वहां के बाशिंदे जानते हैं. लिहाजा जंग की आग पर जल्द से जल्द पानी डालना ही एक उपाय है. तभी खुशनुमा वित्तीय स्थिति के लिए रास्ता तैयार हो सकता है. अभी-अभी दुनिया कोरोना महामारी की जद से छूटी है. साथ ही ट्रेड वार, सप्लाई-चेन संकट और महंगाई के दौर से उबरी है. लिहाजा मिडिल-ईस्ट का सुलगा तनाव फिर दुनिया को आगे ले जाने की बजाय पीछे धकेलेगा. बाजार में बहार आने का इंतजार सभी को है. लेकिन यह तब मुमकिन है, जब आपसी अहं खत्म हो और लड़ाई को शांत कर बातचीत की मेज पर इसका समाधान तलाशा जाए. The post ईरान की जंग से झुलसी दुनिया, बढ़ते कच्चे तेल के दाम ने बढ़ाई चिंता, क्या ये मंदी की आहट है? appeared first on Naya Vichar.

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Kal Ka Rashifal 23 September 2026: कल सिंह को गुस्से से रहना होगा सावधान, कन्या के लिए प्रमोशन के बनेंगे योग, जानें सभी राशियों का हाल

Kal Ka Rashifal 23 September 2026: कल 23 सितंबर 2026, बुधवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आएगा. जानें मेष से मीन तक करियर, कारोबार, धन, परिवार और स्वास्थ्य का राशिफल. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से कल का राशिफल. कल का मेष राशिफल मेष राशि के जातकों के लिए कल बुधवार 23 सितंबर 2026 के दिन कठिन परिश्रम और लगातार प्रयास से महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिल सकती है. लंबे समय से चली आ रही रोग, ऋण या शत्रु संबंधी परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं. परिवार में किसी मांगलिक कार्य के संपन्न होने से खुशी का माहौल रहेगा. कल का वृषभ राशिफल वृषभ राशि वालों के लिए कल 23 सितंबर 2026 का दिन नौकरी और व्यापार के लिहाज से बुधवार का दिन आपके लिए सकारात्मक रह सकता है. किसी प्रभावशाली व्यक्ति के सहयोग से आपका कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है. आय के नए स्रोत मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है. कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. कल का मिथुन राशिफल मिथुन राशि के जातकों के लिए कल बुधवार 23 सितंबर 2026 को आजीविका से जुड़े मामलों में सुधार होने के संकेत हैं. लंबे समय से अटकी हुई रकम वापस मिल सकती है, जिससे आर्थिक राहत महसूस होगी. वस्त्र, आभूषण या किसी कीमती वस्तु की प्राप्ति के योग बन रहे हैं. कामकाज में आपकी सक्रियता बनी रहेगी. कल का कर्क राशिफल कर्क राशि के जातकों को कल 23 सितंबर 2026 को धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में कोई ऐसा काम करने का अवसर मिल सकता है, जिससे आपकी प्रतिष्ठा बढ़े. आपकी कोई महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षा पूरी होने के संकेत हैं. नौकरीपेशा लोगों के लिए बदलाव की संभावना बन सकती है. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है. कल का सिंह राशिफल सिंह राशि के जातकों को बुधवार 23 सितंबर 2026 को क्रोध, जोश और उतावलेपन में वृद्धि हो सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें. छोटी-सी बात विवाद का कारण बन सकती है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों से बातचीत करते समय संयम बरतें. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें, क्योंकि चोट-चपेट की आशंका बनी रह सकती है. कल का कन्या राशिफल कल 23 सितंबर 2026, बुधवार को कन्या राशि वालों के नौकरी में स्थानांतरण या पदोन्नति की संभावना बन सकती है. महत्वपूर्ण काम पूरा होने से मन को संतोष मिलेगा. आर्थिक लाभ के भी संकेत हैं. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और जिम्मेदारी की सराहना हो सकती है. परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा. किसी पुराने परिचित से उपयोगी संपर्क हो सकता है. ये भी पढ़ें: Parivartini Ekadashi 2026 Rashifal Effect: परिवर्तिनी एकादशी पर बदलेंगे भगवान विष्णु करवट, इन 3 राशियों के लिए खास हैं ज्योतिषीय संकेत कल का तुला राशिफल तुला राशि के जातकों को कल बुधवार 23 सितंबर 2026 को परिवार में संतान के विवाह या अन्य मांगलिक कार्य संपन्न होने से खुशी का माहौल रहेगा. स्वजन और मित्रों का सहयोग मिलेगा. नौकरी में बदलाव की संभावना बन सकती है और कोई नया अवसर सामने आ सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा. कल का वृश्चिक राशिफल कल 23 सितंबर 2026 को वृश्चिक राशि के जातकों को संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिल सकता है. व्यवसाय की स्थिति में सुधार होने के संकेत हैं और आर्थिक मामलों में संतोषजनक लाभ मिल सकता है. कारोबार में पुराने प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को भी काम में राहत मिल सकती है. कल का धनु राशिफल कल 23 सितंबर 2026 को धनु राशि वालों को आपका कोई इच्छित कार्य सफल हो सकता है. महत्वपूर्ण समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा. विरोधियों पर विजय मिलने के संकेत हैं और कार्यक्षेत्र में आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. किसी पुराने प्रयास का परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है. परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा. कल का मकर राशिफल मकर राशि के जातकों की कल 23 सितंबर 2026 की आर्थिक स्थिति में सुधार होने के संकेत हैं. रोग, ऋण और शत्रु संबंधी परेशानियों में कमी आ सकती है. घर-गृहस्थी में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा. परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा. नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल हो सकती हैं. कल का कुंभ राशिफल कुंभ राशि के जातकों को कल बुधवार 23 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और मानसिक तनाव महसूस हो सकता है. इष्ट-मित्रों या स्वजनों से मिली कोई बात आपको भावनात्मक रूप से परेशान कर सकती है. ऐसे समय में धैर्य रखना जरूरी होगा. हालांकि, मेहनत और प्रयास से आवश्यक काम पूरा करने में सफलता मिलेगी. कल का मीन राशिफल कल 23 सितंबर 2026 बुधवार को मीन राशि के जातकों को स्वास्थ्य और आरोग्य की स्थिति बेहतर रहने के संकेत हैं. लंबे समय से अटकी हुई रकम मिलने से आर्थिक राहत मिल सकती है. श्रेष्ठजनों और अनुभवी लोगों का सहयोग मिलेगा, जिससे रोजी-रोजगार में उन्नति के अवसर बन सकते हैं. नौकरी और कारोबार में कोई अच्छी समाचार मिल सकती है. The post Kal Ka Rashifal 23 September 2026: कल सिंह को गुस्से से रहना होगा सावधान, कन्या के लिए प्रमोशन के बनेंगे योग, जानें सभी राशियों का हाल appeared first on Naya Vichar.

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