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समस्तीपुर

समस्तीपुर, हादसा

दो बाइक की ट”क्क’र में दोनों सवारों की मौ”त दो बाइक की टक्कर में दोनों सवारों की मौ”त

मुसरीघरारी में एनएच-28 पर हादसा, पेट्रोल पंप से लौट रहे युवक की बाइक से हुई टक्कर नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में दलसिंहसराय रोड स्थित एनएच-28 पर सागर शर्मा होटल के निकट बुधवार की दोपहर दो बाइकों की टक्कर में दोनों बाइक सवारों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुसरीघरारी नगर पंचायत के वार्ड संख्या-7 निवासी मोहम्मद कलीम के पुत्र मोहम्मद रईस (18) तथा सरायरंजन थाना क्षेत्र के झखड़ा गांव के वार्ड संख्या-13 निवासी स्वर्गीय बैद्यनाथ राम के पुत्र रामचंद्र राम (55) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रामचंद्र राम अपने पुत्र को मुसरीघरारी बस स्टैंड छोड़ने आए थे। उनका पुत्र ट्रेन से बाहर जाने वाला था। पुत्र को बस स्टैंड में छोड़ने के बाद रामचंद्र बाइक से अपने घर झखड़ा लौट रहे थे। इसी दौरान मोहम्मद रईस भी बाइक से पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने के लिए आया था। रईस मुसरीघरारी में स्थित एक गैराज में काम करता था। बताया गया है कि दोनों बाइक सवार एनएच-28 पर पूरब से पश्चिम की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोहम्मद रईस की बाइक ने आगे चल रहे रामचंद्र राम की बाइक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना मुसरीघरारी थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही प्रभारी थानाध्यक्ष नेहा निधि पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेजा। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को जब्त कर लिया है। घटना की जानकारी दोनों मृतकों के परिजनों को दी गई। सूचना मिलने के बाद परिजन सदर अस्पताल पहुंच गए। पुलिस की देखरेख में दोनों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

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आरओबी निर्माण के लिए 12 दिन रहेगा ट्रैफिक-पावर ब्लॉक, तीन ट्रेनों का परिचालन प्रभावित, कोपरिया-सिमरी बख्तियारपुर रेलखंड पर 18 सितंबर से 14 अक्टूबर तक होगा गर्डर लॉन्चिंग का काम

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर। पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल अंतर्गत मानसी-सहरसा रेलखंड में कोपरिया एवं सिमरी बख्तियारपुर स्टेशनों के बीच समपार फाटक संख्या-14/सी पर रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) के निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग का तकनीकी कार्य किया जाएगा। यह कार्य स्टेट हाईवे-95 के मानसी-सिमरी बख्तियारपुर खंड पर प्रस्तावित है। निर्माण कार्य को सुरक्षित एवं निर्धारित समय में पूरा करने के लिए सितंबर और अक्टूबर 2026 में कुल 12 दिनों तक ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान इस रेलखंड से गुजरने वाली तीन ट्रेनों का परिचालन नियंत्रित अथवा पुनर्निर्धारित रहेगा। सुबह 7:45 से 9:45 बजे तक रहेगा ब्लॉक रेलवे के अनुसार, निर्धारित तिथियों पर सुबह 7:45 बजे से 9:45 बजे तक 120 मिनट यानी दो घंटे का ट्रैफिक एवं पावर ब्लॉक रहेगा। सितंबर में 18, 19, 22, 24, 26, 27 और 28 सितंबर को ब्लॉक लिया जाएगा। वहीं अक्टूबर में 6, 8, 10, 12 और 14 अक्टूबर को निर्माण कार्य के लिए ब्लॉक रहेगा। तीन ट्रेनों के परिचालन में बदलाव ब्लॉक के कारण गाड़ी संख्या 14617 पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस का परिचालन निर्धारित तिथियों में प्रभावित रहेगा। 18, 19, 22, 24, 26, 27 और 28 सितंबर तथा 14 अक्टूबर को यह ट्रेन सहरसा से सिमरी बख्तियारपुर के बीच 45 मिनट नियंत्रित कर चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 63343 सहरसा-समस्तीपुर मेमू पैसेंजर को ब्लॉक की सभी 12 तिथियों पर उसके प्रारंभिक स्टेशन सहरसा से 90 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलाया जाएगा। इसी तरह गाड़ी संख्या 55566 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर को भी ब्लॉक की सभी 12 तिथियों पर हसनपुर रोड से मानसी के बीच 60 मिनट नियंत्रित कर चलाया जाएगा। आरओबी बनने से जाम से मिलेगी राहत रेलवे के अनुसार, समपार फाटक संख्या-14/सी पर ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से स्टेट हाईवे-95 पर वाहनों की कतार लग जाती है। आरओबी के निर्माण के बाद सड़क यातायात को रेलवे फाटक पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे मानसी-सिमरी बख्तियारपुर मार्ग पर आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। आरओबी बनने से दैनिक यात्रियों, स्कूली बच्चों, व्यापारियों और आपातकालीन सेवाओं को भी सुविधा मिलेगी। फाटक पर वाहनों के रुकने से होने वाली समय और ईंधन की बर्बादी कम होगी। साथ ही रेलवे क्रॉसिंग पर सड़क वाहनों और ट्रेनों के बीच होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। क्षेत्रीय आवागमन को मिलेगा लाभ स्टेट हाईवे-95 पर आरओबी निर्माण से मानसी और सिमरी बख्तियारपुर के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। रेलवे के अनुसार, बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और आवागमन को भी सुविधा मिलेगी। रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ब्लॉक की निर्धारित तिथियों में यात्रा करने से पहले संबंधित ट्रेनों के परिचालन समय की पुष्टि कर लें। निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

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पीकअप की ठो’कर से श्री राम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय गार्ड की मौ”त, एक गार्ड ज’ख्मी

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन : घटहो थाना क्षेत्र के खजूरी गांव में बुधवार की सुबह एसएच-88 पीकअप की ठोकर से बाइक सवार एक व्यक्ति की घटनास्थल पर मौत हो गई। दूसरा गंभीर रुप से घायल हो गया है। मृतक की पहचान घटहो थाना क्षेत्र के खेदरपुर निवासी महेंद्र प्रसाद राय के पुत्र बबलू कुमार राय (46) के रूप में की गई है। वहीं घायल की पहचान भी एक ही गांव उदय शंकर राय के पुत्र संजय कुमार राय के रूप में की गई है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि शिवा कंपनी के द्वारा मेडिकल कॉलेज में बबलू कुमार राय गार्ड के पद पर कार्यरत था। वहीं दूसरा सामता कंपनी में गार्ड के पद पर अस्पताल में कार्यरत था। बुधवार की सुबह दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर घर से ड्यूटी के लिए निकला था। खजूरी चौक पार करने के दौरान वरुण की तरफ से मिर्ची लोडेड पिकअप तेज रफ्तार से दलसिंहसराय की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाइक में जोरदार टक्कर मार दिया। उसके बाद बाइक सवार दोनों लोग सड़क पर गिर गए। पीछे बैठे बबलू कुमार राय के सर पर पिकअप का चक्का चढ़ गया था। जिससे उनकी मौत घटनास्थल पर हो गई। वहीं बाइक चालक गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। घटना के बाद पिकअप चालक पिकअप लेकर घटनास्थल पर से फरार बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई। उसके बाद ग्रामीणों द्वारा स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। जानकारी मिलते ही ग्रामीणों के सहयोग से घायल संजय कुमार राय को इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया। लेकिन हालत चिंताजनक रहने के कारण प्राथमिक उपचार करने के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। वहीं घटना की छानबीन करते हुए पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया था। घटना की सूचना पर सरायरंजन बीडीओ सुनील कुमार एवं को निशांत कुमार मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजन को शोक संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासनी स्तर से मिलने वाली मुआवजा दिलाने का भी आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों ने बीडीओ एवं सीओ से खजूरी चौक पर ब्रेकर निर्माण करने की मांग की है। जिस पर बीडीओ एवं सीओ ने अविलंब ब्रेकर निर्माण करने का आश्वासन दिया है। स्थानीय लोगों ने श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रबंधक से भी मृतक के परिजन को उचित मुआवजा की मांग की है। जिस पर कॉलेज प्रशासन द्वारा हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। वही श्री राम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रधान लिपिक राकेश रौशन द्वारा सभी गर्डों को 6:00 बजे के बजाय 8:00 बजे सिफ्ट चेंज करने का आश्वासन दिया है। वहीं मृतक की पत्नी झून्नु देवी, बेटी तनु कुमारी (22) रुचि कुमारी (20) जूही कुमारी (18) एवं बेटा रोहित कुमार (24) करो रो कर बुरा हाल है।

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श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर काउंसलिंग की तैयारी पूरी, 18 सितंबर से 50 एमबीबीएस सीटों पर काउंसलिंग, मेडिकल कॉलेज में तैयारी पूरी

केंद्र की 8 और बिहार प्रशासन की 42 सीटों पर होगा नामांकन, एसडीओ ने लिया तैयारियों का जायजा नया विचार न्यूज़ सरायरंजन। प्रखंड क्षेत्र के नरघोघी गांव स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस की 50 सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज हो गई है। आगामी 18 सितंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर सोमवार को सदर एसडीओ राकेश कुमार ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने काउंसलिंग स्थल पर की गई व्यवस्थाओं, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था की तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कॉलेज में काउंसलिंग के लिए कुल 50 एमबीबीएस सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें 8 सीटें केंद्र प्रशासन तथा 42 सीटें बिहार प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर कॉलेज प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन की ओर से भी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज में पहली बार एमबीबीएस की पढ़ाई और नामांकन शुरू होने की जानकारी से सरायरंजन सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह है। एसडीओ ने काउंसलिंग स्थल पर अभ्यर्थियों के लिए बैठने, प्रवेश, निकासी, सुरक्षा, आवश्यक सुविधाओं तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान सरायरंजन के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार, अंचलाधिकारी निशांत कुमार सहित कॉलेज के अधिकारी व कर्मी मौजूद थे। 100 के बजाय 50 सीटों पर मिली मंजूरी श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए यह मंजूरी लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बाद मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की प्रक्रिया और केंद्र प्रशासन के स्तर पर विचार के बाद शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर वार्षिक नामांकन की अनुमति दी गई है। कॉलेज को पहले 100 एमबीबीएस सीटों के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दूसरी अपील पर विचार करने के बाद फिलहाल 50 सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी दी गई है। इससे कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई और नामांकन शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा कॉलेज प्रबंधन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों, स्पष्टीकरण तथा पूर्व में बताई गई कमियों के अनुपालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। कॉलेज प्रबंधन की ओर से आवश्यक दस्तावेज और सहायक साक्ष्य सक्षम पदाधिकारी के विचारार्थ दूसरी अपील के साथ प्रस्तुत किए गए थे। इसके बाद 19 अगस्त 2026 को टीईजी और सीओओ की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत दस्तावेजों और कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी पर विस्तार से विचार किया गया। समिति ने कॉलेज में पूर्व में बताई गई कमियों को दूर करने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि बिहार प्रशासन ने कॉलेज में रिक्त संकाय पदों को जल्द से जल्द भरने का आश्वासन दिया है। राज्य प्रशासन की ओर से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर रेजिडेंट सहित अन्य आवश्यक चिकित्सकीय एवं शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति के लिए कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में संकाय सदस्यों की उपलब्धता में भी सुधार पाया गया। बुनियादी ढांचे से लेकर चिकित्सा सेवाओं में हुआ सुधार समिति ने मेडिकल कॉलेज के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी जायजा लिया। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रमुख आधारभूत संरचना से संबंधित निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। संस्थागत उद्देश्यों के लिए आवश्यक कुछ अंतिम कार्य और आंतरिक संशोधन का काम अभी प्रगति पर है। समिति ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुई प्रगति को संतोषजनक माना। कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं में भी लगातार विस्तार हुआ है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 600 हो गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ अस्पताल में बेड की उपलब्धता और उसके उपयोग की स्थिति में भी सुधार हुआ है। वहीं, अस्पताल में बड़ी सर्जरी की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। निरीक्षण के दौरान संकाय सदस्यों द्वारा प्रतिदिन करीब 10 बड़ी सर्जरी किए जाने की जानकारी सामने आई। समिति ने संकाय की उपलब्धता, आधारभूत संरचना और अस्पताल की नैदानिक सेवाओं में हुई प्रगति के साथ बिहार प्रशासन की ओर से शेष आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा करने के आश्वासन को भी ध्यान में रखा। सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद कॉलेज के पक्ष में निर्णय लिया गया। दूसरी अपील स्वीकार, 50 सीटों की प्रवेश क्षमता केंद्र प्रशासन की ओर से विधिवत विचार और जांच के बाद समस्तीपुर जिले में स्थित श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की दूसरी अपील को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्वीकार कर लिया गया। हालांकि कॉलेज की ओर से 100 एमबीबीएस सीटों का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन फिलहाल 50 एमबीबीएस सीटों की वार्षिक प्रवेश क्षमता के साथ मंजूरी मिली है। इसके बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 50 एमबीबीएस सीटों की क्षमता वाले नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए संतुष्टि जताई है। मंजूरी मिलने की जानकारी के बाद सरायरंजन क्षेत्र के लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों ने मेडिकल कॉलेज को मंजूरी मिलने और क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत का रास्ता साफ होने पर प्रसन्नता जताई है। लोगों ने इसके लिए स्थानीय विधायक सह बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को सरायरंजन में स्थापित कराने और इसके विकास में उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. सुधीर कुमार कर्ण ने भी कॉलेज को मिली मंजूरी और आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित जानकारी दी। अब 18 सितंबर से शुरू होने वाली काउंसलिंग को लेकर कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पहली बार 50 एमबीबीएस सीटों पर नामांकन शुरू होने से न केवल सरायरंजन बल्कि पूरे समस्तीपुर जिले में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर नई उम्मीद जगी है।

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समस्तीपुर में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में, 71 गांव प्रभावित; 44 हजार से अधिक लोगों ने सामुदायिक रसोई में किया भोजन

नया विचार न्यूज़ समस्तीपुर | गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिले के मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर और विद्यापतिनगर प्रखंड के 26 ग्राम पंचायतों के 71 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन की ओर से आवागमन, भोजन, स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन के अनुसार बाढ़ से अब तक 2,33,212 लोग, 51,910 परिवार और 7,811 पशु प्रभावित हुए हैं। वहीं करीब 10,709.78 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा के लिए 155 निजी नावों का परिचालन कराया जा रहा है। 25 सामुदायिक रसोई में 44,350 लोगों ने किया भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अब तक 131 सामुदायिक रसोई खोली गई हैं। सोमवार को इनमें से 25 रसोई क्रियाशील रहीं, जहां 44,350 लोगों को भोजन कराया गया। प्रशासन के अनुसार अब तक सामुदायिक रसोई के माध्यम से कुल 7,24,463 भोजन वितरित किए जा चुके हैं। जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 46,490 पॉलीथीन शीट का वितरण किया गया है। 3,858 लोगों का स्वास्थ्य शिविरों में इलाज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक 22 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। सोमवार को शिविरों में 3,858 लोगों का इलाज किया गया, जबकि अब तक कुल 15,086 लोग स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हुए हैं। बीमारियों से बचाव के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सोमवार को 130 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। 3,547 पशुओं का हो चुका है उपचार पशु चिकित्सा विभाग की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सोमवार को 66 पशुओं का उपचार किया गया। अब तक कुल 3,547 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन के अनुसार अब तक किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बुखार, दस्त या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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भूमि दान करने वाले लोग भगवान के स्वरूप, उनके योगदान से पीढ़ियों को मिल रही शिक्षा : विजय चौधरी

खजुरी हाईस्कूल में दाता सम्मान समारोह आयोजित, उपमुख्यमंत्री ने कहा- भूमि दाताओं का समाज के प्रति गहरा लगाव प्रेरणादायक नया विचार न्यूज़ सरायरंजन | प्रखंड क्षेत्र के पीएमश्री +2 राजकीय हर्षित उच्च विद्यालय अख्तेयारपुर खजुरी में सोमवार को दाता सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का उद्घाटन बिहार प्रशासन के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाले दाताओं को सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विद्यालय के लिए जमीन दान करने वाले लोग भगवान के स्वरूप होते हैं। भूमि दान करने वालों को समाज में सम्मान और भगवान का दर्जा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए जमीन दान करने वाले लोगों का शिक्षा के प्रति गहरा लगाव रहा होगा। ऐसे भूमि दाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय की स्थापना के बाद यहां से हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। स्कूल के लिए जमीन देने वाले ग्रामीणों और विद्यालय का संचालन करने वाली प्रशासन के प्रयासों का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिल रहा है। करीब 60 वर्ष पूर्व जब लोगों ने विद्यालय के लिए जमीन दान की होगी, तब उन्हें यह सोचकर कितनी खुशी हुई होगी कि इस जमीन पर बनने वाले विद्यालय से आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरायरंजन के लोगों ने उन्हें ऊंचाई तक पहुंचाया है और उन्होंने भी सरायरंजन को विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में किसी को निराश नहीं होने दिया जाएगा। विधान पार्षद डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि प्रखंड में एक ही पीएमश्री विद्यालय होना है, जो खजुरी हाईस्कूल को मिला है। उन्होंने इसके लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राध्यापक रामलगन सिंह ने की, जबकि संचालन कुशेश्वर प्रसाद सिंह ने किया। समारोह को विधायक वीरेंद्र कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष शशिधर झा, जयकृष्ण झा, उपप्रमुख संजीव ठाकुर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यनारायण राय, चंद्रकांत चौधरी, मित्र कुमार ठाकुर, जदयू प्रखंड अध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद, अनिल सिंह बाबा, इजहार अशरफ, जयकुमार राय, अमित कुमार सिंह, विशाल कुमार, बबलू झा, सत्यनारायण मिश्र, पूर्व मुखिया नागेश्वर सिंह, बैजनाथ चौधरी, महेंद्र प्रधान, धीरेंद्र कुमार सिंह समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया। इससे पूर्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक सत्यनारायण राय ने आगंतुक अतिथियों को चादर, माला और पाग पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में विद्यालय के सैकड़ों छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षक एवं अन्य लोग मौजूद थे।

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हरतालिका तीज पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, शिव-पार्वती की पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्य 

नया विचार न्यूज़ सरायरंजन |प्रखंड के जितवारपुर कुम्हिरा समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सोमवार को अखंड सौभाग्य और आस्था का महापर्व हरतालिका तीज धार्मिक उल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुहागिन स्त्रीओं ने पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। जितवारपुर कुम्हिरा समेत प्रखंड के दर्जनों गांवों में सुबह से ही घरों में पूजा की तैयारियां शुरू हो गई थीं। व्रती स्त्रीओं ने स्नान के बाद सोलह श्रृंगार किया और भगवान शिव, माता पार्वती एवं प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। कई घरों में मिट्टी और बालू से शिव-पार्वती एवं गणेश की प्रतिमाएं बनाकर विधिवत स्थापित की गईं। पंडित पिंटू झा ने वैदिक विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। शाम को स्त्रीओं ने समूह में पारंपरिक तीज के मंगल गीत गाए और हरतालिका व्रत की कथा सुनी। पूजा में बेलपत्र, धतूरा, मदार, केले का थंब, मौसमी फल समेत विभिन्न पूजन सामग्री अर्पित की गई। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री भी चढ़ाई गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, हरतालिका तीज का संबंध माता पार्वती की कठोर तपस्या से है। भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए माता पार्वती ने अन्न-जल त्यागकर घोर तपस्या की थी। मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल तृतीया के दिन उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। माता पार्वती को उनकी सखियां अपने साथ वन में ले गई थीं, इसी कारण इस व्रत का नाम हरतालिका पड़ा। व्रतियों ने 24 घंटे का निर्जला उपवास रखा। अगले दिन प्रातः हवन, आरती और विधि-विधान से पूजा संपन्न करने के बाद प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद ब्राह्मणों एवं जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा देकर व्रती स्त्रीएं पारण करेंगी। हरतालिका तीज को लेकर पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल और उत्साह बना रहा।

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जलस्तर घटते ही चार सामुदायिक किचन को छोड़ शेष बंद, चार जगह जारी रहेगा भोजन वितरण

नया विचार न्यूज़ प्रतिनिधि मोहिउद्दीननगर—प्रखंड से गुजरने वाली गंगा नदी के जलस्तर में लागतार कमी दर्ज की गई है.मोहनपुर प्रखंड के गंगा के सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने रविवार की शाम बताया कि गंगा का जलस्तर 47.10 मीटर है, को कि खतरे के निशान से 1.60 मीटर ज्यादा है.जलस्तर की प्रवृत्ति घटने की बताई गई है.इधर, लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए प्रशासनी स्तर पर संचालित सामुदायिक किचन को लेकर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है.अंचल कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार मोहिउद्दीननगर प्रखंड क्षेत्र में संचालित सामुदायिक किचन में से चार केंद्रों को छोड़कर शेष सभी किचन को सोमवार की सुबह से बंद करने का निर्देश दिया गया है.पत्र के मुताबिक पशुपालकों के लिए संचालित पशुराम उच्च विद्यालय नंदनी, राजकीय मकतब मस्तलीपुर स्थित स्वामी विवेकानंद आश्रम, कल्याणपुर बस्ती पश्चिम चकसाद तथा उच्च विद्यालय अंदौर-मदुदाबाद में भोजन उपलब्ध कराने के लिए सामुदायिक किचन का संचालन जारी रहेगा. सीओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि गंगा एवं वाया नदियों के जलस्तर में वृद्धि के बाद प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया था.बड़ी संख्या में परिवारों के घरों में पानी प्रवेश करने तथा आवागमन प्रभावित होने के कारण प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक किचन शुरू किया गया था.इन केंद्रों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित परिवारों को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार व मोहनपुर के डॉ.अमित कुमार ने बताया कि गांवों से बाढ़ का बाद उतरते ही स्वास्थ्य विभाग विभिन्न जलजनित रोगों के नियंत्रण के प्रयत्नशील है. स्वास्थ्य विभाग की ओर ब्लीचिंग पाउडर, चूना एवं हैलोजन की गोलियां का वितरण एवं छिड़काव की व्यवस्था की गई है.

समस्तीपुर

मोहनपुर के दर्जन भर गांवों का सिर्फ कागज पर रह गया अस्तित्व 

नया विचार न्यूज़ मोहिउद्दीनगर। —मोहनपुर प्रखंड के एक दर्जन से ऊपर गांवों के अब सिर्फ नाम रह गये हैं.कभी घनी आबादी वाले इन गांवों को गंगा नदी ऐसे लील गयी कि बित्ते भर जमीन नहीं बची. सिर्फ पानी ही पानी,बालू ही बालू.ऐसे गांवों में धरनी पट्टी पश्चिमी पंचायत के बरुआ, जहींगरा, मकनपुर,सरसावा,धरनी पट्टी पूर्वी पंचायत के पचासा, हरिदासपुर,बघड़ा पंचायत के बरियारपुर, कुतुबपुर और डुमरी दक्षिणी पंचायत के शाह आलमपुर जैसे गांवों के नाम शामिल हैं.इन गांवों की आबादी उत्तरवर्ती क्षेत्रों की ओर बढ़ती गयी और नये क्षेत्र आबाद होते गये.पूर्णतः खेती-बाड़ी पर आश्रित रहे यहां के लोगों ने जीविका के लिए नये साधन तलाशे,तब भी अपनी जमीन से मोह बना रहा.गरमी में कुछ जमीन के रकबे गंगा नदी छोड़ कर सिमट जाती है,तब उसमें बालू पर उगनेवाली फसलें उपजा ली जाती हैं.कड़ी मेहनत और हर मौसम में स्वयं को उपयुक्त सिद्ध करने वाले किसानों के इस हौसले की सिर्फ इतनी कीमत मिल पाती है कि उनका जीवन चल जाता है. बरसात में उन जमीनों पर पानी का कब्ज़ा रहता है.बाढ़ और कटाव का दुःख झेलनेवाले यहां के हजारों परिवारों को दशकों बाद भी विस्थापन का दर्द साल रहा है.उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी.इस बार की बाढ़ में गंगा नदी का इन जमीनों पर जबरदस्त कब्जा रहा. लोगों ने उत्तर की ओर जो घर बनाये थे, गंगा वहां तक पहुंच गयी. घरों से पानी तो निकल रहा है, लेकिन जमीन पर कई महीनों तक जल जमाव कायम रहेगा.ऐसे में कृषि भूमि पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. कड़ी मेहनत करने वाले ये भूमिपुत्र जब जब बाढ़ आती है तो विस्थापन का दर्द इन्हें सालता रहता है. दर्जनों परिवारों को सिर्फ पुनर्वास का आश्वासन दिया गया. लाचारी के सिवा इनके जीवन में कुछ बचा ही नहीं. अंतहीन पीड़ा का अपने सीने में छिपाये लोग आखिकार जिंदगी की जद्दोजहद झेलने को विवश हैं. दशकों से उद्धारक की तलाश में इनको आंखें पथरा गई हैं.

समस्तीपुर, हादसा

मालपुर में वाहन की ठोकर से युवक की मौ”त 

नया विचार न्यूज़ (प्रो. अवधेश कुमार झा) मोरवा : हलई थाना क्षेत्र के मालपुर में एक वाहन की ठोकर से एक युवक की मौत हो गई है। मुझे सुबह की पहचान स्थानीय अमरीश बिहार के 22 वर्षीय पुत्र आनंद मोहन के रूप में की गई है। घर जाने के दौरान सड़क पार करते हुए अज्ञात बाहर की ठोकर से युवक की मौत हो गई है। इस घटना से आक्रोशित होकर स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दोषी को गिरफ्तार करने एवं मुआवजा की मांग के लिए अड़े हैं। पुलिस द्वारा समझाने बुझाने का प्रयास किया जा रहा है, बावजूद लोगों का आक्रोश नहीं थम रहा है। हलई पुलिस के द्वारा समझाने बुझाने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेजा गया है। थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार एवं थाना के मुंशी उपदेश कुमार के अनुसार पुलिस द्वारा अनुसंधानात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। दोषी को गिरफ्तार करना है एवं हर संभव सहायता दिलाने के आश्वासन के बाद सड़क जाम हटाया गया। लिखित शिकायत प्राप्त होते ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी शीघ्र शुरू की जाएगी।

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